Hot News

Author name: shinedelhiz@gmail.com

Cultural Journeys

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर केवीआईसी ने ‘सेवा संकल्प, खादी महोत्सव-2026’ का भव्य शुभारंभ किया

केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज गोयल और दिल्ली के पूर्व मेयर श्री जयप्रकाश ने किया शुभारंभ; 17 अक्टूबर तक देशभर में मनाया जाएगा ‘सेवा संकल्प, खादी महोत्सव-2026’. प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर केवीआईसी अध्यक्ष ने 3,366 पीएमईजीपी लाभार्थियों के बैंक खातों में 289 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी का संवितरण किया। कार्यक्रम के दौरान E-Commerce Portal, PMEGP Online EDP Portal, Mobile App, हिन्दी वैभव पोर्टल और KVIC Digital 0 का शुभारंभ किया गया। कारीगरों ने #AshirwadKaDiya के साथ केक काटकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सेवा, सुशासन और जनभागीदारी की यात्रा के प्रतीक स्वरूप ‘संकल्प से सिद्धि’ के 25 दीप प्रज्वलित किए।। अध्यक्ष, केवीआईसी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा और सुशासन के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ाएगा ‘सेवा संकल्प, खादी महोत्सव-2026’ खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर गुरुवार को राजघाट स्थित गांधी दर्शन के केवीआईसी परिसर से ‘सेवा संकल्प, खादी महोत्सव 2026’ का भव्य शुभारंभ किया गया। यह महोत्सव 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक देशभर में जनभागीदारी के साथ मनाया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि केवीआईसी के अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने किया। इस अवसर पर दिल्ली के पूर्व मेयर श्री जयप्रकाश खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि, कारीगर, पीएमईजीपी लाभार्थी, प्रशिक्षु, केवीआईसी के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा देशभर से ऑनलाइन जुड़े कारीगर और अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे। इस दौरान कारीगरों ने #AshirwadKaDiya के साथ केक काटकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सेवा, सुशासन और जनभागीदारी की यात्रा के प्रतीक स्वरूप ‘संकल्प से सिद्धि’ के 25 दीप प्रज्वलित किए। श्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की यात्रा में सेवा, सुशासन और जनभागीदारी महत्वपूर्ण भाव रहे हैं। इसी भावना से प्रेरित होकर केवीआईसी द्वारा ‘सेवा संकल्प, खादी महोत्सव-2026’ के माध्यम से खादी, स्वदेशी, रोजगार और आत्मनिर्भरता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वदेशी का प्रतीक है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ जैसे अभियानों ने स्थानीय उत्पादों और ग्रामीण उद्यमिता को नई पहचान दी है। कार्यक्रम के दौरान दिल्ली और पूर्वोत्तर राज्यों के कारीगरों को मशीनरी एवं टूलकिट वितरित किए गए। श्री गोयल ने कहा कि ये केवल उपकरण नहीं, बल्कि कारीगरों के लिए रोजगार, आत्मनिर्भरता और सम्मान के नए अवसर हैं। कार्यक्रम में PMEGP के अंतर्गत 289 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी भी संवितरण की गई। इससे देशभर में 3,366 नई परियोजनाएं स्थापित होंगी और लगभग 37,026 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इन परियोजनाओं के लिए बैंकों द्वारा लगभग 873 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है। कार्यक्रम में पीएमईजीपी की 5000 नई इकाइयों का ऑनलाइन माध्यम से शुभारंभ किया गया। श्री गोयल ने कहा कि PMEGP का उद्देश्य युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को रोजगार मांगने वाले से रोजगार देने वाला बनाना है। कार्यक्रम में KVIC की डिजिटल सेवाओं को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से E-Commerce Portal, PMEGP Online EDP Portal, PMEGP Online EDP Mobile App, हिन्दी वैभव पोर्टल और KVIC Digital 2.0 का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही, देशभर में ऑनलाइन माध्यम से 760 व्यक्तिगत एवं ग्रुप वर्कशेड तथा नवीनीकृत भंडारों का शुभारंभ और खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम स्थल पर सेल्फी प्वाइंट का उद्घाटन, चरखा कताई का सजीव प्रदर्शन और ‘स्वदेशी संकल्प’ जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गईं। विभिन्न कौशल विकास पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। वहीं, गांधी दर्शन स्थित केवीआईसी कार्यालय परिसर में स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया गया तथा अध्यक्ष, केवीआईसी श्री मनोज गोयल ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिसर का संदेश दिया। ‘सेवा संकल्प, खादी महोत्सव 2026’ के अंतर्गत 17 अक्टूबर तक देशभर में स्वच्छता अभियान, पौधारोपण, खादी यात्रा, स्वदेशी संकल्प शपथ, जागरूकता कार्यक्रम, कारीगर संवाद और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्कूलों, गांवों, गली-मोहल्लों और खादी संस्थाओं को इन गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। श्री गोयल ने कहा कि केवीआईसी का प्रयास है कि यह महोत्सव केवल एक विभागीय कार्यक्रम न रहकर जन-जन का अभियान और जनभागीदारी का उत्सव बने। उन्होंने कहा कि हर स्कूल में खादी की बात हो, हर गांव में ग्रामोद्योग की बात हो, हर बाजार में स्वदेशी की बात हो। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के साथ भी सेवा संकल्प, खादी महोत्सव को जोड़ा जाएगा। इस वर्ष स्वच्छता ही सेवा अभियान की थीम ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ है। श्री गोयल ने कहा कि “स्वच्छता भी सेवा है, स्वदेशी भी सेवा है, रोजगार देना भी सेवा है और कारीगर का सम्मान भी सेवा है। उन्होंने देशभर के कारीगरों, खादी संस्थाओं, PMEGP लाभार्थियों, युवाओं और KVIC परिवार से ‘सेवा संकल्प, खादी महोत्सव 2026’ में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। इस अवसर पर श्री मनोज गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में खादी ने एक नया आयाम प्राप्त किया है। आज खादी आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल, लोकल टू ग्लोबल तथा विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने का सशक्त माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि करोड़ों कारीगरों और बुनकरों की आजीविका, भारत की सांस्कृतिक विरासत और सतत विकास का प्रतीक है। श्री गोयल ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और नीतियों के परिणामस्वरूप खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने भी अभूतपूर्व प्रगति की है। वित्त वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र का कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जबकि इस क्षेत्र के माध्यम से 2.04 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में यह क्षेत्र 2.51 लाख करोड़ रुपये के कारोबार के लक्ष्य को भी प्राप्त करेगा।

Cultural Journeys

लव कुश रामलीला कमेटी के लालकिला मैदान में दिव्यांगजनों के लिए विशेष मेगा हेल्थ कैंप संपन्न

नई दिल्ली : लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष श्री अर्जुन कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 77वें जन्मदिवस के अवसर पर आज 17 सितंबर 2026 को लालकिला मैदान में दिव्यांगजनों एवं जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर, तारा संस्थान तथा एलप्स आयोजित इस विशेष शिविर में बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों ने स्वास्थ्य जांच एवं सहायक उपकरणों की सुविधाओं का लाभ उठाया। शिविर के दौरान विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांगजनों को अत्याधुनिक जापानी तकनीक से निर्मित 3डी प्रिंटेड मॉड्यूलर कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स, ट्राईसाइकिल तथा अन्य आवश्यक सहायक उपकरण भी वितरित किए गए। लव कुश रामलीला कमेटी के प्रेसिडेंट श्री अर्जुन कुमार ने कहा कि दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सुगम, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक बनाने की दिशा में ऐसे शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, भारत सरकार के अध्यक्ष श्री किशोर मकवाना तथा चांदनी चौक के सांसद श्री प्रवीण खंडेलवाल ने विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं अन्य आवश्यक सहायक उपकरण वितरित किए। डॉ वीरेंद्र कुमार केंद्रीय मंत्री सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार ने बताया कि सामाजिक अधिकारिता दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को सशक्त बनाने तथा उन्हें उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने देशभर में 76 स्थानों पर ‘सामाजिक अधिकारिता शिविरों’ का आयोजन किया। इन राष्ट्रव्यापी शिविरों के माध्यम से 58 हजार से अधिक दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिक लाभार्थियों को 68 करोड़ की लागत के विभिन्न श्रेणियों के सहायक उपकरण निशुल्क प्रदान किए गए| श्री प्रवीण खंडेलवाल सांसद ने कहा कि मेरे चांदनी चौक संसदीय क्षेत्र में 458 दिव्यांगों को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा सहायता उपकरण प्रदान किए गए इसके लिए मैं डॉ वीरेंद्र कुमार मंत्री भारत सरकार का हार्दिक धन्यवाद करता हूं| कमेटी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्री सत्यभूषण जैन ने बताया कि शिविर में तारा संस्थान की ओर से निःशुल्क नेत्र जांच की विशेष व्यवस्था की गई। जरूरतमंद लोगों को चश्मे वितरित किए गए तथा मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों को ऑपरेशन एवं आवश्यक उपचार के लिए अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गई। लव कुश रामलीला कमेटी के महासचिव श्री सुभाष गोयल ने बताया कि एलप्स संस्थान की ओर से जरूरतमंद लोगों को श्रवण यंत्र (कानों की मशीन) वितरित किए गए। इसके अलावा दिव्यांगजनों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए ट्राईसाइकिल एवं अन्य सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए |

Business Buzz

दिल्ली की विरासत को नई पहचान : नाबार्ड ने छह नए उत्पादों के जीआई आवेदन में दी सहायता

नाबार्ड, नई दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा “विरासत का संरक्षण एवं आजीविका का संवर्धन” विषय के साथ भौगोलिक संकेतक (GI) दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ कारीगरों एवं उत्पादक समुदायों के लिए सतत आजीविका के अवसर सृजित करने में GI की भूमिका को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) उन्नत पी. पंडित, नियंत्रक-जनरल, पेटेंट, डिज़ाइन एवं ट्रेड मार्क्स, DPIIT, भारत सरकार ने की। कार्यक्रम में श्री पुष्पास पांडे, प्रबंध निदेशक, NABCONS; पद्म पुरस्कार से सम्मानित डॉ. रजनीकांत, महासचिव, ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन; श्री टी.डी. शिवकुमार, मुख्य महाप्रबंधक, EXIM बैंक; श्री डी. साहू, महाप्रबंधक एवं संयोजक, SLBC; श्री नटराजन रामचंद्रन, महाप्रबंधक, SIDBI; RBI, बैंकों एवं विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ कारीगरों एवं अन्य हितधारकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान “नव सृजन” शीर्षक से एक लघु फिल्म का शुभारंभ किया गया, जिसमें GI मान्यता के लिए आगे बढ़ाए जा रहे दिल्ली के छह पारंपरिक शिल्पों को प्रदर्शित किया गया। साथ ही, नाबार्ड की GI यात्रा को संकलित करने वाली कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत नाबार्ड, नई दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय में GI बाज़ार का भी आयोजन किया गया, जिसमें दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कारीगरों द्वारा GI एवं पारंपरिक उत्पादों के प्रदर्शन एवं विपणन के लिए 22 स्टॉल लगाए गए हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री नबीन कुमार रॉय, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, नई दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय ने दिल्ली में नाबार्ड की GI पहल के विस्तार को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष चिन्हित तीन उत्पादों से बढ़कर अब नौ उत्पादों को GI मान्यता के लिए आगे बढ़ाया जा रहा है, जिनके आवेदन ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन के सहयोग से सुगम बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि GI प्रमाणन केवल शुरुआत है और संस्थागत वित्त, कौशल उन्नयन, ब्रांडिंग एवं बाजार तक पहुंच सहित एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना आवश्यक है। नाबार्ड के हेरिटेज फाइनेंसिंग पर जोर देते हुए उन्होंने आर्टिजन क्रेडिट कार्ड एवं PM विश्वकर्मा जैसी वित्तीय सुविधाओं को जमीनी स्तर पर कारीगरों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बेहतर बाजार, उचित मूल्य एवं सतत आजीविका सुनिश्चित करने के लिए कारीगरों के बीच परस्पर सीख तथा बैंकों एवं अन्य संस्थाओं के साथ सहयोग के महत्व को भी रेखांकित किया। पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित डॉ. रजनीकांत, महासचिव, ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन और लोकप्रिय रूप से “GI मैन ऑफ इंडिया” के नाम से विख्यात, भी GI दिवस समारोह का हिस्सा रहे। नाबार्ड के साथ लंबे समय से GI पहलों को सुगम बनाने में सहयोग कर रहे डॉ. रजनीकांत ने देश में GI आंदोलन की बढ़ती गति तथा भारत के पारंपरिक शिल्पों और सांस्कृतिक विरासत के दस्तावेजीकरण, संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने दिल्ली की GI यात्रा में नाबार्ड के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि निरंतर संस्थागत सहयोग से दिल्ली के GI उत्पादों के दायरे को और विस्तारित किया जा सकता है तथा पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान हुई चर्चाओं में इस बात पर जोर दिया गया कि GI पंजीकरण केवल शुरुआत है और इसके बाद अधिकृत उपयोगकर्ता के रूप में पंजीकरण, गुणवत्ता सुधार, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, डिजिटल मार्केटिंग, लॉजिस्टिक्स एवं बाजार संपर्क जैसी गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाना आवश्यक है। स्थानीय बाजारों से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों तक GI उत्पादों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नाबार्ड, बैंकों, SIDBI, EXIM बैंक, सरकारी एजेंसियों एवं उत्पादक समुदायों के बीच बेहतर समन्वय को महत्वपूर्ण बताया गया। उत्पादों की ट्रेसबिलिटी एवं QR-आधारित प्रमाणीकरण से उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ाने तथा GI उत्पादों के मूल्य को बेहतर करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

Sports Arena

एक वक्त लगा कि मैंने एथलीट बनने के लिए साइन कर लिया है!” – ‘द रिवोल्यूशनरीज’ की तैयारी पर रोहित सराफ

रोहित सराफ हाल ही में रिलीज हुई पीरियड ड्रामा सीरीज ‘द रिवोल्यूशनरीज’ को लेकर काफी चर्चा में हैं। इस सीरीज का निर्देशन निखिल आडवाणी ने किया है। इस प्रोजेक्ट के साथ रोहित ने अपने अब तक के रोमांटिक और शहरी किरदारों से बिल्कुल अलग अंदाज दिखाया है। इस बार वह स्वतंत्रता सेनानी सचिंद्रनाथ सान्याल की भूमिका में नजर आ रहे हैं। इस किरदार को पर्दे पर जीवंत करने के लिए रोहित को अपनी फिटनेस और शरीर पर काफी मेहनत करनी पड़ी। रोहित बताते हैं, “मुझे बहुत पहले ही समझ आ गया था कि सिर्फ मजबूत दिखना ही सचिन के किरदार को विश्वसनीय नहीं बनाएगा। मुझे अपने शरीर में बदलाव महसूस करना था। मैं उनके अंदर एक खास तरह की मजबूती देखता था। सिर्फ शारीरिक ताकत नहीं, बल्कि ऐसी मजबूती जो मुश्किल हालात को सहने की क्षमता देती है। ये युवा ऐसे समय में जी रहे थे, जहां परिस्थितियां बेहद मुश्किल थीं। वे लगातार सफर कर रहे थे, ट्रेनिंग कर रहे थे, छिप रहे थे, लड़ रहे थे और बहुत कम सुविधाओं के साथ जिंदगी जी रहे थे। फिर भी वे अपने मकसद पर आगे बढ़ते रहे। मैं चाहता था कि उनकी यही मजबूती मेरे अंदर भी स्वाभाविक रूप से आए, न कि मुझे उसे सिर्फ एक्टिंग के जरिए दिखाना पड़े।” रोहित ने अपनी फिजिकल तैयारी के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, कलारीपयट्टू और कंडीशनिंग का सहारा लिया। उनका कहना है कि इस ट्रेनिंग ने उन्हें अपने किरदार को समझने का एक नया नजरिया दिया। वह कहते हैं, “कलारी और एक्शन ट्रेनिंग ने इसमें मेरी बहुत मदद की। धीरे-धीरे ऐसा होने लगा कि मैं अपने शरीर के बारे में सोचना बंद करके उसे एक अलग तरीके से इस्तेमाल करने लगा। सच कहूं तो कुछ समय के लिए मुझे लगा कि मैंने गलती से एथलीट बनने के लिए साइन अप कर लिया है! तेजस के साथ स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग, कलारी, एक्शन रिहर्सल, मूवमेंट ट्रेनिंग, डांस रिहर्सल और भी बहुत कुछ था। और इन सबके बाद मुझे अपना असली काम यानी एक्टिंग भी करनी होती थी।” वह आगे मजाकिया अंदाज में कहते हैं, “सबसे मजेदार बात तब समझ आई जब मुझे एहसास हुआ कि जिम में भारी वजन उठाने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप कलारी भी आसानी से कर सकते हैं। अचानक आप जमीन पर होते हैं और सोच रहे होते हैं कि फिट होने को लेकर आपने अब तक जो भी दावे किए थे, वो सब कहां चले गए!” इस पूरी तैयारी के दौरान रोहित को महसूस हुआ कि हर तरह की ट्रेनिंग ने उनके किरदार में कुछ अलग जोड़ा। वह कहते हैं, “मुझे यह हिस्सा बहुत पसंद आया। हर तरह की ट्रेनिंग मेरे शरीर को कुछ अलग सिखा रही थी। जिम ने मुझे साइज और ताकत दी, कलारी ने फुर्ती और कंट्रोल दिया और एक्शन ट्रेनिंग ने सिखाया कि इन सबका इस्तेमाल कैसे करना है। धीरे-धीरे ऐसा समय आया जब मैं इन चीजों को अलग-अलग नहीं सोच रहा था। यही मैं चाहता भी था।” अपनी डाइट में किए गए बदलावों के बारे में रोहित बताते हैं, “लोग सोचते हैं कि ट्रांसफॉर्मेशन का सबसे मुश्किल हिस्सा कम खाना होता है। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब मुझे इतना ज्यादा खाना पड़ता था कि सच में मेरा अगला खाना देखने का भी मन नहीं करता था। सोचिए, आपका पेट पूरी तरह भरा हुआ है और आपको पता है कि खाने का एक और डिब्बा आपका इंतजार कर रहा है। फिर आपको इतनी मात्रा में खाने की आदत हो जाती है और अचानक कहा जाता है कि अब कैलोरी कम करनी हैं। तो आप कभी खुश नहीं होते।” रोहित के लिए यह फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन खुद एक मोटिवेशन बन गया था। वह कहते हैं, “लेकिन इस ट्रांसफॉर्मेशन को होते हुए देखना काफी दिलचस्प और कहीं न कहीं एडिक्टिव था। हर कुछ हफ्तों में कुछ नया बदलाव नजर आता था। कपड़े अलग तरह से फिट होने लगे थे। कभी सुबह उठकर अपने शरीर पर कोई नई मसल या स्ट्रिएशन नजर आती थी, जिसके बारे में मुझे पहले पता ही नहीं था। ट्रेनिंग की कोई तस्वीर देखता था तो लगता था, ‘ओके, ये सच में हो रहा है और मेहनत काम कर रही है।’ इससे मेरा आत्मविश्वास सिर्फ एक एक्टर के तौर पर नहीं, बल्कि एक इंसान के तौर पर भी बढ़ा। मैं शारीरिक रूप से ऐसी चीजें करने में सक्षम महसूस करने लगा था, जो पहले नहीं कर पाता था। और एक्शन सेट पर उस आत्मविश्वास को लेकर जाना बहुत अच्छा एहसास था।” रोहित बताते हैं कि जैसे-जैसे वह शारीरिक रूप से मजबूत होते गए, वैसे-वैसे उन्होंने सचिन के किरदार को भावनात्मक रूप से समझना भी शुरू किया। वह कहते हैं, “मुझे लगता है कि जैसे-जैसे मैं शारीरिक रूप से मजबूत होता गया, मुझे सचिन को भावनात्मक रूप से बंद दिखाने की जरूरत कम महसूस हुई। यह मेरे लिए एक महत्वपूर्ण समझ थी। शुरुआत में मेरा स्वाभाविक विचार यह हो सकता था कि एक क्रांतिकारी का मतलब आक्रामक या बहुत सख्त इंसान होता है। लेकिन सचिन के बारे में जितना मैंने पढ़ा और जितना हमने उनके किरदार पर काम किया, उतना ही मुझे समझ आया कि वह कितने भावुक इंसान थे।” वह आगे कहते हैं, “उनका विश्वास इसलिए नहीं था क्योंकि उनमें डर, मासूमियत या भावनाएं नहीं थीं। बल्कि ये सारी चीजें उनके विश्वास के साथ मौजूद थीं। किसी विचार पर इतनी गहराई से विश्वास करना कि आप अपनी पूरी जिंदगी उसी के हिसाब से बदल दें, इसमें एक तरह की मासूमियत है। लेकिन उस विश्वास की कीमत बहुत बड़ी थी—जेल, हिंसा, परिवार से दूरी, नुकसान और क्रांति।” रोहित आगे कहते हैं, “उनके किरदार का यही विरोधाभास मुझे सबसे ज्यादा पसंद आया। एक ऐसा इंसान जो बेहद भावुक और कमजोर हो सकता है, लेकिन जब सही और गलत की बात आए तो अपने विश्वास से बिल्कुल पीछे नहीं हटता।” ‘द रिवोल्यूशनरीज’ में बॉय-नेक्स्ट-डोर इमेज से बिल्कुल अलग और इंटेंस सचिंद्रनाथ सान्याल का किरदार निभाने को लेकर रोहित कहते हैं, “ज्यादातर लोगों ने मुझे पहले कुछ खास तरह के किरदारों में देखा है और मैं समझ सकता हूं कि सचिन ऐसा किरदार नहीं था, जिसे लोग मेरे साथ तुरंत जोड़ते। लेकिन यही बात मेरे

Destination Spotlight

लव कुश रामलीला कमेटी के लाल किला ग्राउंड में दिव्यांगों को मिलेंगे कृत्रिम अंग

नई दिल्ली : लालकिला स्थित लव कुश रामलीला कमेटी लाल किला ग्राउंड में आगामी 17 सितंबर 2026 को देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 77वें जन्मदिवस के अवसर पर दिव्यांगजनों के लिए एक विशेष निःशुल्क मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन किया जाएगा। लीला कमेटी के प्रेसिडेंट श्री अर्जुन कुमार के अनुसार इस अवसर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवम् अधिकारिता मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार अलग-अलग श्रेणियों में दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं अन्य आवश्यक सहायक उपकरण वितरित करेंगे। अर्जुन कुमार के अनुसार, भारत सरकार के सामाजिक अधिकारिता मंत्रालय, नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर, तारा संस्थान तथा एलप्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस मेगा हेल्थ कैंप में अत्याधुनिक जापानी तकनीक से निर्मित 3डी प्रिंटेड मॉड्यूलर कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स प्रदान किए जाएंगे| कमेटी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सत्यभूषण जैन ने बताया कि इस अवसर पर तारा संस्थान द्वारा निःशुल्क आंखों की जांच एवं चश्मों का वितरण किया जाएगा। साथ ही मोतियाबिंद से पीड़ित लोगों की आंखों के ऑपरेशन के लिए अस्पताल भेजा जाएगा| लव कुश रामलीला कमेटी के महासचिव सुभाष गोयल के अनुसार, एलप्स संस्थान की ओर से कानों की मशीनों का वितरण किया जाएगा। इसके अलावा जरूरतमंद दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल भी वितरित की जाएंगी। कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने दिल्लीवासियों से अनुरोध किया कि वे इस निःशुल्क मेगा हेल्थ कैंप का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद तक पहुंचाने के लिए अपने परिचितों एवं आसपास के लोगों को इस शिविर में भेजने का कष्ट करें। मेगा हेल्थ कैंप 📅 17 सितंबर 2026 ⏰ प्रातः 9:00 बजे से 📍 लालकिला मैदान, दिल्ली

Cultural Journeys

श्रद्धा, भक्ति और एकता का अद्भुत संगम, शंखनाद से बना विश्व रिकॉर्ड

लाल बाग का राजा, दिल्ली – दशम गणपति महोत्सव 2026 में माननीय राजनाथ सिंह सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने एक साथ शंखनाद कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। दिल्ली ने देखा आस्था और एकता का अद्भुत दृश्य। नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में आयोजित लाल बाग का राजा, दिल्ली – दशम गणपति महोत्सव 2026 के दौरान आस्था, उत्साह और भक्ति का भव्य दृश्य देखने को मिला। इस अवसर पर देश के रक्षा मंत्री माननीय राजनाथ सिंह एवं लाल बाग का राजा महोत्सव के प्रधान राकेश बिंदल ने सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ एक साथ शंखनाद कर एक ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। कार्यक्रम के दौरान पूरे वातावरण में भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संचार देखने को मिला। जैसे ही सैकड़ों लोगों ने एक साथ शंख बजाया, पूरा परिसर गूंज उठा और यह पल एक ऐतिहासिक क्षण बन गया, जिसने दिल्ली में एकता और श्रद्धा की मिसाल पेश की। यह भव्य आयोजन डीडीए ग्राउंड, नेताजी सुभाष प्लेस, पीतमपुरा में हुआ, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणपति भक्त उपस्थित रहे। महोत्सव में धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ सांस्कृतिक उत्साह भी देखने को मिला, जिसने इसे राजधानी के प्रमुख आयोजनों में शामिल कर दिया। लाल बाग का राजा, दिल्ली का यह दशम गणपति महोत्सव न केवल भक्ति का प्रतीक बना, बल्कि इतिहास रचने वाला एक यादगार आयोजन भी साबित हुआ।

Bollywood Beats

रश्मिका मंदाना ने पूरी की ‘राणाबाली’ की शूटिंग, मेकर्स ने शेयर किया प्यारा वीडियो

‘राणाबाली’ इंडियन सिनेमा की सबसे ज्यादा बेसब्री से इंतज़ार की जा रही फिल्मों में से एक है। यह फिल्म खुद में भारत के स्वतंत्रता संग्राम की डरावनी कहानी के साथ एक बड़े अनकहे अध्याय पर रोशनी डालती है। यह फिल्म इस 16 अक्टूबर, 2026 को रिलीज़ के साथ अपने ग्रैंड दशहरा रिलीज़ के लिए तैयार है। यह फिल्म रायलसीमा की संस्कृति, वहां के नज़ारों और एक्सेंट को एक अलग ही लेवल की सच्चाई के साथ पेश करने का वादा करती है। यह सारी चीजें फिल्म को तेलुगु सिनेमा में अब तक देखी गई रायलसीमा के सबसे असल रूप से मिलवाने वाली है! विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना स्टारर फिल्म ‘राणाबाली’ खुद को साल की सबसे बड़ी ही नहीं बल्कि मच अवेटेड फिल्म के रूप में सेट कर चुकी है। फिल्म को माइथ्री मूवी मेकर्स द्वारा बनाया जा रहा है, जिसमें ऑन और ऑफ-स्क्रीन बेहद पसंद की जाने वाली विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की जोड़ी एक कभी न कही गई ऐतिहासिक गाथा पेश करने जा रही है। फिल्म अपनी घोषणा के बाद से ही मेकर्स द्वारा समय-समय पर साझा किए गए दमदार पोस्टर्स, गानों, और खास झलक के ज़रिए उत्सुकता बनाए हुए है। हाल ही में रिलीज़ हुए टीज़र को ज़बरदस्त प्यार मिल रहा है और यह फिलहाल नंबर 1 पर ट्रेंड कर रहा है। बढ़ रही उत्सुकता के बीच फिल्म के मेकर्स ने अपने सोशल मीडिया पर जयम्मा उर्फ रश्मिका मंदाना का एक वीडियो शेयर किया है। बता दें कि रश्मिका ने फ़िल्म के लिए अपना शूटिंग शेड्यूल रैप कर लिया है। सेट पर लिए गए इस वीडियो में रश्मिका सभी को अपना फाइनल गुडबाय कहते हुए नजर आ रही हैं। जबकि विजय देवरकोंडा को उन्हें एक प्यार भरा हग करते हुए देखा जा सकता है, जिससे यह पल सच में दिल छू लेने वाला बन जाता है। एक्ट्रेस को एक वॉर्म फेयरवेल देते हुए, मेकर्स ने यह वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है: “‘जयम्मा’ का सफर पूरा हुआ। हम आपको सेट पर बहुत याद करेंगे, @rashmika_mandanna। लोगों का पसंदीदा #EndhayyaSaami बहुत जल्द रिलीज होगा। #RanabaaliTeaser यूट्यूब पर #1 ट्रेंड कर रहा है। #Ranabaali 16.10.26 को दुनियाभर में ग्रैंड रिलीज होगी। #NeverForget RanabaaliOnOct16th” https://www.instagram.com/reel/DdObf7GyEvr/?stkn=MTBiMDVkdDNwc3RxNA== टीजर जितना शानदार और रोमांच से भरा नजर आ रहा है, उतना ही यह विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की बहुप्रतीक्षित जोड़ी को एक बिल्कुल नई दुनिया में लेकर आता है। पीरियड एपिक ‘राणाबाली’ में दोनों सिर्फ एक पसंदीदा ऑन-स्क्रीन जोड़ी के रूप में वापसी नहीं कर रहे हैं, बल्कि विजय और रश्मिका दर्शकों को ‘राणाबाली’ की दुनिया में गहराई तक ले जाते हैं और अपने किरदारों के साथ उस दौर को भी पर्दे पर जीवंत करते हैं। निर्देशक की बारीकी पर खास पकड़ फिल्म की दुनिया को तैयार करने और उस दौर की संस्कृति को दिखाने में साफ नजर आती है, वहीं फिल्म की कास्टिंग इसे और भी दिलचस्प बनाती है। ‘द ममी’ में इम्होटेप का मशहूर किरदार निभाने वाले अर्नोल्ड वॉस्लू सर थियोडोर हेक्टर की अहम भूमिका में नजर आएंगे। वहीं नेशनल क्रश रश्मिका मंदाना जयम्मा के किरदार में नजर आएंगी और उनकी कास्टिंग एक बार फिर बेहद शानदार साबित होती है। ‘राणाबाली’ अच्छाई और बुराई के बीच की कभी न खत्म होने वाली लड़ाई को दिखाने वाली एक दमदार कहानी है, एक ऐसी थीम जो दशहरा की रूह और अच्छाई की बुराई पर जीत को पेश करती है। मेकर्स ने फ़िल्म को प्री-दशहरा वीकेंड पर रिलीज़ करने का फैसला लिया है, जो दर्शकों के बीच की होली-डे एनर्जी को बढ़ा रहा है। इस तरह से दर्शकों को त्योहार के साथ एक शानदार सिनेमाई अनुभव का जश्न मनाने का मौका मिल रहा है। राणाबाली को राहुल संकृत्यायन के डायरेक्शन में बनाया गया है। बतौर लीड विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की जोड़ी इस फिल्म में एक बार फिर साथ नजर आने वाली है। फिल्म में दोनों बिल्कुल अलग और कभी न देखे गए अवतार में नजर आने वाले हैं, जो कि बिल्कुल नया और ज्यादा रॉ है। बड़े प्रोडक्शन स्केल, इंटेंस कहानी और अजय-अतुल के शानदार म्यूजिक के साथ ‘राणाबाली’ 16 अक्टूबर 2026 में फेस्टिव सीजन की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर बनने के लिए तैयार है।

Bollywood Beats

मास्कापुर! अमूल इंडिया ने एक्सेल एंटरटेनमेंट की ‘मिर्जापुर: द मूवी’ को खास क्रिएटिव के साथ दिया शाउट आउट!

एक्सेल एंटरटेनमेंट और अमेज़न एमजीएम स्टूडियोज़ की फिल्म ‘मिर्जापुर: द मूवी’, जिसमें पंकज त्रिपाठी, दिव्येंदु और अली फ़ज़ल मुख्य भूमिकाओं में हैं, भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित और बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक बनकर उभरी है। यह फिल्म भारत की सबसे बड़ी कल्ट फ्रेंचाइज़ी में से एक ‘मिर्जापुर’ को बड़े पर्दे पर लेकर आई है। फिल्म की घोषणा के बाद से ही दर्शक ‘मिर्जापुर’ की लोकप्रिय दुनिया को बड़े पर्दे पर देखने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे। रितेश सिधवानी की सोच और विज़न ने इस कल्ट फ्रेंचाइज़ी को बड़े स्तर पर सिनेमाघरों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। फिल्म के शानदार थिएट्रिकल रन के बीच अब अमूल इंडिया भी ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के रंग में रंगा नजर आ रहा है। अमूल ने अपने खास क्रिएटिव के जरिए फिल्म को शाउट आउट देते हुए इसे मजेदार अंदाज़ में “मास्कापुर” नाम दिया है। देश के सबसे बड़े डेयरी ब्रांड्स में से एक अमूल इंडिया भी ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के फीवर में शामिल हो गया है। अमूल ने अपने हालिया सोशल मीडिया कवर को खास तौर पर कस्टमाइज़ किया है, जिसमें कालीन भैया हाथ में बन-मस्का लिए बैठे नजर आ रहे हैं। यह क्रिएटिव फिल्म की बढ़ती लोकप्रियता और लोगों के बीच उसके प्रभाव को दर्शाता है। ब्रांड ने इस क्रिएटिव को मजेदार अंदाज़ में “मास्कापुर” नाम दिया है, जबकि कैप्शन में लिखा है: “अमूल टॉपिकल: द मूवी मिर्जापुर ने मचाई धूम!” https://www.instagram.com/p/DdJgqicoDNs/?stkn=ZjBzYXNja3NncGxo फिल्म की स्टारकास्ट में अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौर, श्वेता त्रिपाठी और सोनल एस चौहान भी शामिल हैं। सभी कलाकार ‘मिर्जापुर’ की दुनिया की इस अनकही और शानदार कहानी को बड़े पर्दे पर जीवंत करते नजर आ रहे हैं। अमेज़न एमजीएम स्टूडियोज़ और एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा प्रस्तुत ‘मिर्जापुर: द मूवी’ का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है और इसकी कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। फिल्म का निर्माण एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने किया है। फिल्म के सह-निर्माता कासिम जगमगिया और विशाल रामचंदानी हैं। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ 4 सितंबर 2026 को हिंदी और तेलुगु भाषाओं में सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई।

Star Spotlight

रणवीर सिंह बने BMW के नए ब्रांड एंबेसडर

आज न्यू दिल्ली में एक विशेष और लैंडमार्क लॉन्च किया गया, जो डेडिकेशन को एक ट्रिब्यूट था। इस दौरान दो बड़े आइकॉन्स की मौजूदगी देखी गई जिसमें से एक मॉडर्न लग्जरी तो दूसरे सिनेमैटिक एक्सीलेंस की ऊंचाइयों पर हैं। दरअसल, इस खास मौके पर भारत के अल्टीमेट शोमैन कहे जाने वाले बेहद एनर्जेटिक रणवीर सिंह को देखा गया, जिन्हें इस मौके पर BMW इंडिया के ब्रांड एंबेसडर के तौर पर पेश किया गया। कहना गलत नहीं होगा कि यह कोलैबोरेशन ‘7 सीरीज़’ के दबदबे और उसकी पहचान और समर्पण को एक दमदार और मॉडर्न अंदाज़ देती है। इस ग्रैंड इवेंट में, BMW इंडिया ने देश में अपनी मच अवेटेड नई BMW 7 सीरीज़ रेंज लॉन्च करते हुए, इसका पर्दा ब्रांड एंबेसडर रणवीर सिंह के हाथों उठवाया। इस मौके ने दो अलग फील्ड्स से आने वाले दो लीजेंड्स का एक आइकॉनिक मिलन दर्ज किया। रणवीर सिंह, जो अपने बेमिसाल औरा और मैग्नेटिक प्रेज़ेंस के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने ब्रांड एंबेसडर के तौर पर अपनी एंट्री से इस खास लॉन्च को एक यादगार पल में बदल दिया। इस दौरान उनकी लार्जर-दैन-लाइफ पर्सोना को BMW की फ्लैगशिप 7 सीरीज़ की कमांडिंग प्रेज़ेंस के साथ देखना अपने आप में एक अलग अनुभव देने वाला था। उनकी मौजूदगी ने लॉन्च को सिर्फ शानदार ही नहीं बनाया बल्कि उनकी मिस न की जाने वाली एनर्जी को भी महसूस कराया। इन दो बड़े नामों का साथ आना एक्सीलेंस, एम्बिशन, और एक्स्ट्राऑर्डिनरी करने की चाह का जश्न है। इसके साथ BMW की फ्लैगशिप सेडान पेट्रोल और पूरी तरह इलेक्ट्रिक पावरट्रेन के साथ उपलब्ध होगी। पूरी तरह इलेक्ट्रिक परफॉर्मेंस मॉडल, BMW i7 M70 भी भारत में ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगी, जिससे यह अब तक की सबसे पावरफुल BMW 7 सीरीज़ बन जाएगी। इन कारों की बुकिंग BMW इंडिया की डीलरशिप पर की जा सकती है, जबकि डिलीवरी अक्टूबर 2026 से शुरू होगी।

Bollywood Beats

मूवी रिव्यू : अंधेरे में रोशनी : दृष्टिहीन योद्धा की लड़ाई

फिल्म: हैवान डायरेक्टर: प्रियदर्शन कलाकार: बोमन ईरानी, अक्षय कुमार, सैफ अली खान, श्रिया पिलगांवकर, सैयामी खेर, राजपाल यादव. मोहनलाल, असरानी, शारिब हाशमी रेटिंग: 2.5 स्टार Written by : कौशल कुमार सिनेमा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज और मनुष्य की आत्मा का दर्पण होता है। प्रियदर्शन की फिल्म हैवान इसी दर्पण में हमें झाँकने का अवसर देती है। यह फिल्म हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि असली हैवान कौन है, वह जो अंधेरे जंगलों में घूमता है या वह जो इंसान के भीतर छिपा हुआ है? हैवान की असली ताकत उसकी सतही लड़ाइयों में नहीं, बल्कि उन अदृश्य जंगों में है जो इंसान के मन के भीतर चलती रहती हैं। हैवान की कहानी केवल मुक्कों और हथियारों की नहीं, बल्कि दिमागी चालों और अदृश्य रणनीतियों की भी है। जहां एक नेत्रहीन योद्धा उस दुश्मन से भिड़ता है जिसकी हर अगली चाल धुंध में छिपी होती है। इस संघर्ष में हथियारों से ज्यादा काम आता है सहज प्रवृत्ति, और शारीरिक बल से कहीं अधिक मायने रखता है मानसिक संतुलन। हर कदम पर बढ़ता है अस्तित्व का दबाव, हर सांस के साथ गहराता है जीवन को बचाने का खेल। प्रियदर्शन ने इस कहानी को अक्षय और सैफ के बिल्कुल नए रूपों के साथ परदे पर उतारा है, जिससे ‘हैवान’ एक ऐसी थ्रिलर बन जाती है, जो बॉलीवुड की आम एक्शन फिल्मों से अलग अपनी पहचान गढ़ती है। 162 मिनट की यह यात्रा दर्शकों को भय, साहस और भावनाओं के ऐसे संसार में ले जाती है जहाँ हर दृश्य एक प्रश्न बनकर सामने आता है। कहानी: हैवान की कहानी एक दृष्टिहीन मार्शल आर्ट्स मास्टर श्याम  (सैफ अली ख़ान) की है, जो एक छोटी बच्ची का संरक्षक बनता है। उसकी दुनिया शांत और सरल है, लेकिन अचानक एक मनोरोगी परशुराम (अक्षय कुमार) उस बच्ची को निशाना बनाता है, जिसके पीछे का कारण अक्षय कुमार के परिवार की मौत होती है। यहाँ से शुरू होती है एक जंग, न केवल अच्छाई और बुराई की, बल्कि इंसान की सीमाओं और उसकी ताकत की। ‘दृष्टिहीन नायक (सैफअली ख़ान) अपनी आँखों से नहीं, बल्कि अपनी संवेदनाओं से देखता है। उसकी सुनने की शक्ति, उसकी स्पर्श की अनुभूति और उसकी आत्मा की दृढ़ता उसे एक असाधारण योद्धा बना देती है। अभिनय: फिल्म में सैफ अली ख़ान नेे अपनी दृष्टिहीनता को कमजोरी नहीं, बल्कि शक्ति के रूप में प्रस्तुत किया। उनके अभिनय में संवेदनशीलता और दृढ़ता का अद्भुत संतुलन है। दर्शकों को उनको रूप बेहद दमदार लगेगा। वहीं अक्षय कुमार का एक मनोरोगी खलनायक के रूप में उनका अभिनय भयावह है। उनकी आँखों की चमक और चेहरे की ठंडी मुस्कान दर्शकों को भीतर तक हिला देती है। बोमन ईरानी एक चीफ जस्टीस के रूप में न्याय और नैतिकता का प्रतीक बनकर कहानी को गहराई देते हैं। कहानी में वहीं श्रिया पिलगाँवकर और सैयामी खेर सहायक भूमिकाओं में भावनात्मक स्पर्श जोड़ती हैं। तो अभिनेता राजपाल यादव एक आॅटो वाले ड्राईवर के रूप में सहायक रोल में नजर आते हैं। वैसे ही जैसे हर रोल में उनकी उपस्थिति दर्शकों को लुभाती है। तकनीकी: निर्देशन की बात करें तो प्रियदर्शन ने कहानी को रहस्य और भावनाओं के संतुलन के साथ प्रस्तुत किया है। उन्होंने डर पैदा करने के लिए तकनीक का अति प्रयोग नहीं किया, बल्कि कहानी और अभिनय पर भरोसा किया। लेकिन फिल्म की सुस्त चाल और समय की अधिकता दर्शकों को जरूर बोर करेगी। अनावश्यक फिल्म को खींचा गया है। जबकी यह फिल्म दो घंटों में सिमट सकती थी। सिनेमैटोग्राफी: वाकाई में फिल्म को जो फिल्मांकन किया गया है, जिसमें कैमरे ने अंधेरे गलियों, वीरान घरों और तनावपूर्ण लड़ाइयों को इस तरह कैद किया है कि दर्शक खुद को उसी माहौल में महसूस करते हैं। संगीत और बैकग्राउंड संगीत की बात करें तो, संगीतकार ने हर दृश्य को भावनाओं से भर दिया है। जब बच्ची डरती है, तो सुर भी काँपते हैं, जब नायक लड़ता है, तो ताल भी गूँजती है। फिल्म में दृष्टिहीनता केवल शारीरिक स्थिति नहीं, बल्कि एक रूपक है। इससे हमें यह सीख मिलती है कि इंसान को देखने के लिए आँखों की जरूरत नहीं, बल्कि आत्मा की गहराई चाहिए। वहीं खलनायक का मनोरोगी रूप इंसान के भीतर छिपे अंधकार का प्रतीक है। एक छोटी बच्ची मासूमियत और भविष्य का प्रतीक है। उसकी रक्षा करना केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरी मानवता का कर्तव्य है। असल में फिल्म का मूल संदेश यह है कि साहस और संरक्षकता किसी भी कमजोरी से बड़ी ताकत होती है। यह हमें सिखाती है कि जब इंसान दूसरों की रक्षा के लिए खड़ा होता है, तो वह किसी भी हैवान से बड़ा योद्धा बन जाता है। कहानी का सार : हैवान केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक अनुभव है। यह डराती है, रुलाती है, प्रेरित करती है और अंत में दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है। यह फिल्म हमें यह याद दिलाती है कि असली ताकत शरीर में नहीं, बल्कि मन और आत्मा में होती है। और जब इंसान अपनी आत्मा की शक्ति को पहचान लेता है, तो वह किसी भी हैवान से भिड़ सकता है। रिव्यू तो आपने पढ़ा, लेकिन हैवान में और भी बहुत कुछ है देखने और सुनने के लिए, तो देर किस बात की फिल्म का अनुभव लेने और इसकी कहानी को बड़े पर्दे पर देखने के लिए आप परिवार और दोस्तों के साथ अपनी नजदीकी सिनेमाघर में जाकर हैवान से रू-ब-रू हो सकते हें।

Scroll to Top