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राजधानी दिल्ली में पहले ‘चीनी फिल्म महोत्सव 2026’ का भव्य समापन; ‘द कंपोज़र’ बनी बेस्ट फिल्म, जल्द ही बीजिंग में सजेगा ‘इंडियन फिल्म फेस्टिवल’ का मंच

राजधानी दिल्ली में पहले ‘चीनी फिल्म महोत्सव 2026’ का भव्य समापन; ‘द कंपोज़र’ बनी बेस्ट फिल्म, जल्द ही बीजिंग में सजेगा ‘इंडियन फिल्म फेस्टिवल’ का मंच • सिनेमा बना भारत-चीन के बीच ऐतिहासिक सांस्कृतिक पुल; फिल्म डिवीजन ऑडिटोरियम में दो दिवसीय सिनेमाई मेले का सफल समापन • अगले संस्करण की बड़ी घोषणा: दिल्ली में जल्द होगा ‘2nd चीनी फिल्म महोत्सव’ और इसी तर्ज पर चीन के बीजिंग में आयोजित होगा ‘इंडियन फिल्म फेस्टिवल’ • बीजिंग में होने वाले इस ऐतिहासिक भारतीय फिल्म महोत्सव का आयोजन इंडियन एंबेसी (भारतीय दूतावास) और दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (DIFF) के विशेष सहयोग से किया जाएगा • चीनी दूतावास के मिनिस्टर काउंसलर ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD), संस्कृति मंत्रालय और सूचना व प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry) के बेमिसाल सहयोग के लिए जताया विशेष आभार • सभी श्रेणियों के विजेताओं और उत्कृष्ट प्रतिभाओं को आधिकारिक ट्रॉफी के साथ स्वर्ण पदक (Gold Medal) और प्रमाण पत्र (Certificate) देकर किया गया सम्मानित नई दिल्ली, सिनेमा, रंगमंच और कला के माध्यम से भारत और चीन के द्विपक्षीय व सांस्कृतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देते हुए, देश की राजधानी में आयोजित दो दिवसीय “1st Delhi International Film Festival चीनी फिल्म महोत्सव 2026” का आज पुरस्कार वितरण समारोह और भविष्य की दो बड़ी ऐतिहासिक घोषणाओं के साथ भव्य समापन हो गया। द एंबेसी ऑफ द पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना, दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (DIFF) और संस्कृति मंत्रालय की स्वायत्त संस्था नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) के विशेष सहयोग से आयोजित यह महोत्सव महादेव रोड स्थित फिल्म्स डिवीजन ऑडिटोरियम (FDA) में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सूचना और प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry) द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के तहत आयोजित इस फेस्टिवल में दोनों देशों की 10 से ज्यादा बेहतरीन फ़िल्में दिखाई गईं, जिन्हें दर्शकों और कला प्रेमियों का भरपूर प्यार मिला। इस भव्य आयोजन को सुचारू रूप से प्रबंधित करने में ‘बीट लाइफ एंटरटेनमेंट’ की मुख्य भूमिका रही, जिसके कर्ता-धर्ता पीयूष सागर ने बतौर संयोजक और ऑपरेशनल हेड अपनी शानदार प्रतिभा का परिचय दिया। भविष्य के सिनेमाई सफर की दो बड़ी घोषणाएं: इस महोत्सव की सबसे बड़ी उपलब्धि इसके समापन पर सामने आई, जहां भारत और चीन के सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं: 1. राजधानी दिल्ली में जल्द ही “2nd चीनी फिल्म महोत्सव” (2nd Chinese Film Festival) की तारीखों की घोषणा की जाएगी। 2. इसी तर्ज पर, चीन की राजधानी बीजिंग (Beijing) में भी बहुत जल्द एक भव्य ‘इंडियन फिल्म फेस्टिवल’ (Indian Film Festival) आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक महोत्सव का आयोजन चीन स्थित इंडियन एंबेसी (भारतीय दूतावास) और दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (DIFF) के विशेष आपसी सहयोग और तालमेल से किया जाएगा, ताकि भारतीय सिनेमा की खुशबू चीनी दर्शकों तक पहुंच सके। पुरस्कार, स्वर्ण पदक और प्रमाण पत्र वितरण (Awards & Honors): समारोह के मुख्य आकर्षण के रूप में जूरी और सिलेक्शन कमेटी द्वारा घोषित किए गए विजेताओं को प्रतिष्ठित ट्रॉफी के साथ-साथ स्वर्ण पदक (Gold Medal) और प्रमाण पत्र (Certificate) वितरित कर सम्मानित किया गया। ‘चीनी फिल्म महोत्सव 2026’ के आधिकारिक पुरस्कारों की सूची: • बेस्ट फीचर फिल्म (Best Feature Film): ‘द कंपोज़र’ (निर्देशक: ज़िएरझाती याहेफू) • सिलेक्शन कमिटी चॉइस अवार्ड (Selection Committee Choice Award): ‘द सिंकिंग ऑफ द लिस्बन मारू’ (निर्देशक: मिंग फैन, लिली गोंग, फैंग ली) • फीचर फिल्म के लिए बेस्ट डायरेक्टर (Best Director – Feature): यिहुई शाओ (फिल्म: ‘हर स्टोरी’) • फीचर फिल्म के लिए बेस्ट एक्टर (Best Actor – Feature): हू जुन (फिल्म: ‘द कंपोज़र’ / निर्देशक: ज़िएरझाती याहेफू) • फीचर फिल्म के लिए बेस्ट एक्ट्रेस (Best Actress – Feature): ‘नाइट रेड’ (एक्सिस ऑफ वॉर: नाइट रेड FF) • बेस्ट शॉर्ट फिल्म (Best Short Film): ‘अ पासिंग क्लाउड्स’ (निर्देशक: पेइयान तांग) • बेस्ट चाइल्ड एक्ट्रेस (Best Child Actress): आराध्या (फिल्म: ‘द गर्ल विद क्लोज लिप्स’ / निर्देशक: रामकिशोर पारचा) भारत-चीन संबंधों और मंत्रालयों के सहयोग पर आधिकारिक विचार (Official Versions): महोत्सव के सफल आयोजन और इसके गहरे प्रभाव पर चीनी दूतावास के प्रतिनिधियों और भारत के कला दिग्गजों ने अपने आधिकारिक विचार साझा किए: चीनी दूतावास के मिनिस्टर काउंसलर श्री वांग शिनमिंग ने भारत-चीन फिल्म जगत के साझा विजन पर प्रकाश डालते हुए और भारतीय मंत्रालयों व संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “सिनेमा एक ऐसा प्रभावशाली और जीवंत माध्यम है जो बिना किसी भौगोलिक सीमा के दो महान सभ्यताओं के लोगों के दिलों को सीधे जोड़ता है। भारत और चीन दोनों की सांस्कृतिक जड़ें बेहद गहरी हैं। हम इस ऐतिहासिक महोत्सव को सफल बनाने के लिए नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD), संस्कृति मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry) के अद्भुत और सुचारू सहयोग के लिए दिल से विशेष आभार (Special Thanks) व्यक्त करते हैं। यह आदान-प्रदान दोनों देशों के बीच आपसी समझ, विश्वास और दोस्ती के स्थायी बंधन को और मजबूत करेगा।” इससे पूर्व, चीनी दूतावास के फर्स्ट सेक्रेटरी डॉ. झांग हाइलिन ने भी सिनेमा की भूमिका की सराहना करते हुए कहा, “यह फिल्म फेस्टिवल हमारी गहरी सांस्कृतिक जड़ों का प्रमाण है। सिनेमा के प्रभावशाली माध्यम से, हम भारत और चीन के लोगों के बीच आपसी समझ को बढ़ावा दे सकते हैं, सांस्कृतिक दूरियों को पाट सकते हैं और दोस्ती के स्थायी बंधन बना सकते हैं।” वहीं इस ऐतिहासिक सांस्कृतिक पहल की सराहना करते हुए महोत्सव के जूरी हेड और प्रख्यात थिएटर डायरेक्टर श्री अरविंद गौड़ ने कहा, “सिनेमा और रंगमंच सीमाओं से परे जाकर संवाद का सबसे मजबूत सेतु तैयार करते हैं। भारत और चीन जैसे दो बड़े पड़ोसियों के बीच ऐसे फिल्म महोत्सवों का होना बहुत जरूरी है, क्योंकि कला ही वो जरिया है जो दोनों देशों के लोगों को एक-दूसरे के इतिहास, जीवनशैली और संवेदनाओं को गहराई से समझने का मौका देती है। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) का इस फेस्टिवल के साथ जुड़ना देश के इतिहास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।” DIFF के संस्थापक अध्यक्ष व फेस्टिवल डायरेक्टर श्री रामकिशोर पारचा ने भी सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और देश के इतिहास में पहली बार नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) के इस फिल्म फेस्टिवल के साथ जुड़ने को ऐतिहासिक करार दिया।

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शाम-ए-अख्तरी’ में फिर गूंज उठी बेगम अख्तर की रूह, पद्मश्री डॉ. सोमा घोष की गायकी ने किया मंत्रमुग्ध

बेगम अख्तर की 52वीं पुण्यतिथि पर संगीत और सिनेमा का अनूठा संगम, शुभंकर घोष की फिल्म के साथ सोमा घोष ने सुरों में जीवंत की मलिका-ए-ग़ज़ल की दास्तान नई दिल्ली, ग़ज़ल की दुनिया में अपनी मखमली आवाज़ और दर्द भरी गायकी से अमिट छाप छोड़ने वाली पद्म भूषण बेगम अख्तर की 52वीं पुण्यतिथि पर राजधानी दिल्ली में एक यादगार संगीतमय शाम सजी। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के समवेत सभागार में आयोजित विशेष कार्यक्रम ‘शाम-ए-अख्तरी’ में पद्मश्री डॉ. सोमा घोष ने अपनी भावपूर्ण गायकी से सुरों की मल्लिका बेगम अख्तर को ऐसी श्रद्धांजलि दी कि श्रोता भावविभोर हो उठे। इस संगीतमय आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता संगीत और सिनेमा का अनूठा प्रयोग रहा। मधु मूर्च्छना की संस्थापिका डॉ. सोमा घोष एवं प्रो. शुभंकर घोष द्वारा निर्मित फिल्म के माध्यम से बेगम अख्तर के जीवन के अनछुए पहलुओं, संघर्ष, संगीत साधना और उनकी गायकी के बदलते स्वरूप को प्रस्तुत किया गया। पर्दे पर बेगम अख्तर की जिंदगी की कहानी आगे बढ़ती रही और उसके साथ सोमा घोष अपनी आवाज़ से उन भावनाओं को जीवंत करती रहीं। फिल्म और लाइव गायन की इस अद्भुत जुगलबंदी ने दर्शकों को ऐसा अनुभव कराया, मानो बेगम अख्तर एक बार फिर उनके बीच मौजूद हों। उनके जीवन के उतार-चढ़ाव के साथ गायकी में आए बदलावों को सोमा घोष ने बेहद संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया। इस अभिनव प्रयोग को उपस्थित संगीत प्रेमियों ने खूब सराहा। हमारी कोशिश नई पीढ़ी को महान संगीत विभूतियों से जोड़ने की है : सोमा घोष इस अवसर पर पद्मश्री डॉ. सोमा घोष ने कहा, “आज की पीढ़ी धीरे-धीरे भारतीय शास्त्रीय संगीत की महान विभूतियों और उनकी विरासत से दूर होती जा रही है। मेरी हमेशा कोशिश रही है कि उस्ताद बिस्मिल्लाह खान और बेगम अख्तर जैसी महान हस्तियों के जीवन और संगीत को युवाओं के सामने नए अंदाज़ में प्रस्तुत कर सकूं।” उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “आज गायन के दौरान एक पल के लिए मुझे ऐसा महसूस हुआ जैसे बेगम अख्तर स्वयं मेरे सामने आकर खड़ी हो गई हों। मैंने उनके गीतों को केवल गाने के बजाय उनकी जिंदगी की कहानी के साथ जोड़कर प्रस्तुत करने की कोशिश की है। उम्मीद है कि हमारा यह प्रयास सभी के दिलों तक पहुंचा होगा।” दिग्गज हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति इस विशेष अवसर पर प्रख्यात शास्त्रीय नृत्यांगना एवं राज्यसभा की पूर्व सांसद पद्म विभूषण डॉ. सोनल मानसिंह, वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक हेमंत शर्मा तथा संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त सचिव अरविन्द कुमार सहित कला, साहित्य और संस्कृति जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का आयोजन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के कला दर्शन विभाग की अध्यक्ष प्रो. डॉ. ऋचा काम्बोज के नेतृत्व एवं विभाग के सहयोग से किया गया। इन कलाकारों ने सजाई सुरों की महफिल ‘शाम-ए-अख्तरी’ में डॉ. सोमा घोष के साथ कई प्रतिभाशाली कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से शाम को यादगार बनाया। तबले पर नवाज़िश जब्बार हुसैन खान, हारमोनियम पर परमिता मुखर्जी, कीबोर्ड पर उमेश कुमार साहू, सारंगी पर काशिफ निज़ामी तथा साइड रिदम पर पंकज बनई ने संगीत की खूबसूरत संगत की। वहीं सुश्री आस्था गुप्ता एवं आंचल शर्मा ने अपनी नृत्य प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चांद लगाए। कार्यक्रम का संचालन विशाल पांडे ने किया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित संगीत प्रेमियों ने डॉ. सोमा घोष और उनकी पूरी टीम के इस अभिनव प्रयोग की सराहना की। ‘शाम-ए-अख्तरी’ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि महान कलाकार भले ही दुनिया से विदा हो जाएं, लेकिन उनकी आवाज़ और कला सदियों तक लोगों के दिलों में जिंदा रहती है।

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खादी वाली दिवाली’ थीम पर आयोजित ‘खादी फेस्ट-2026’ का उद्घाटन केवीआईसी अध्यक्ष मनोज गोयल ने किया

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ के आह्वान को जेन-जी तक पहुंचाने के उद्देश्य से दिल्ली के कनॉट में ‘खादी दिवाली फेस्ट-2026’ का आयोजन. ‘खादी वाली दिवाली’ थीम पर आयोजित ‘खादी फेस्ट-2026’ का उद्घाटन केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने किया. ‘बात खादी की’ पॉडकास्ट के माध्यम से जेन-जी को खादी एवं स्वदेशी आंदोलन से जोड़ने की पहल। अध्यक्ष केवीआईसी ने कहा, “त्योहारों के अवसर पर खादी, स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों की खरीद से मजबूत होगा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ का संकल्प.” प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित एनडीएमसी पालिका पार्क, रीगल सिनेमा के सामने ‘खादी दिवाली फेस्ट-2026’ का आयोजन किया। कार्यक्रम में मीडिया जगत के प्रतिनिधियों के साथ विशेष संवाद एवं दिवाली मिलन आयोजित किया गया। केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज गोयल मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित रहे। ‘खादी वाली दिवाली’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य दीपावली एवं अन्य त्योहारों के अवसर पर देशवासियों को खादी और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के लिए प्रेरित करना, भारतीय कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों के उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाना तथा विशेष रूप से युवा पीढ़ी को स्वदेशी आंदोलन से जोड़ना है। इस अवसर पर केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने खादी को केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि स्वावलंबन, स्वाभिमान और आर्थिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनाया था। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खादी और स्वदेशी आंदोलन को नई ऊर्जा और व्यापक जनभागीदारी मिली है। प्रधानमंत्री जी का ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ का आह्वान केवल स्वदेशी वस्तुओं की खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय उत्पादों के प्रति गर्व की भावना विकसित करने, स्थानीय उत्पादकों को प्रोत्साहित करने और देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का एक व्यापक अभियान है। श्री गोयल ने कहा कि त्योहारों का समय भारतीय अर्थव्यवस्था, स्थानीय बाजारों और कारीगरों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि प्रत्येक परिवार त्योहारों के अवसर पर खादी और अन्य स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देता है, तो इसका सीधा लाभ देश के लाखों कारीगरों, बुनकरों, ग्रामीण उद्यमियों और उनके परिवारों तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों की खरीद केवल एक उपभोक्ता विकल्प नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार को मजबूत करने में नागरिकों की महत्वपूर्ण भागीदारी है। केवीआईसी अध्यक्ष ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी और जेन-जी (Gen-Z) से स्वदेशी अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि आज का युवा फैशन, डिजाइन, तकनीक और नए विचारों के प्रति जागरूक है। खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों को आधुनिक डिजाइन, आकर्षक प्रस्तुतीकरण, बेहतर ब्रांडिंग और समकालीन जीवनशैली से जोड़कर युवाओं के बीच और अधिक लोकप्रिय बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि युवा केवल स्वदेशी उत्पादों के उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि उनके ब्रांड एंबेसडर, डिजाइनर, डिजिटल प्रमोटर और उद्यमी भी बन सकते हैं। श्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल टू ग्लोबल’ के विजन को साकार करने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स, डिजिटल मार्केटिंग और स्टार्टअप के माध्यम से युवा खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी नई पहचान दिला सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत@2047’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के विजन को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए केवीआईसी ने ‘बात खादी की’ पॉडकास्ट की शुरुआत की है। इसके माध्यम से खादी की विरासत, आधुनिक फैशन, नवाचार और युवा उद्यमिता जैसे विषयों पर बातचीत कर जेन-जी को खादी और स्वदेशी आंदोलन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। यह पहल नई पीढ़ी के बीच खादी को लोकप्रिय बनाने और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने में सहायक होगी। मीडिया जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद करते हुए श्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और नीतियों के परिणामस्वरूप खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति की है। वित्त वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र का कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जबकि इस क्षेत्र के माध्यम से 2.04 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में यह क्षेत्र 2.51 लाख करोड़ रुपये के कारोबार के लक्ष्य को भी प्राप्त करेगा। 31 अक्टूबर से शुरु हुए खादी दिवाली फेस्ट-2026 में खादी उत्पादों पर 20 प्रतिशत तथा ग्रामोद्योग उत्पादों पर 10 प्रतिशत की विशेष छूट दी जा रही है। ये महोत्सव इस संदेश को सशक्त करता है कि इस दीपावली हम केवल घरों में दीपक ही नहीं जलाएं, बल्कि खादी और स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर देश के लाखों कारीगरों और ग्रामीण परिवारों के जीवन में भी खुशियों का प्रकाश फैलाएं।

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दिल्ली में पहली बार चीनी फिल्मों का ऐतिहासिक महोत्सव, ट्रॉफी और मेडल का भव्य अनावरण

The Embassy of the People’s Republic of China in New Delhi, नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा और दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की अनूठी सांस्कृतिक जुगलबंदी, 30 और 31 अक्टूबर को फिल्म डिवीजन ऑडिटोरियम में सजेगी महफिल नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में पहली बार आयोजित होने जा रहे “1st Delhi International Film Festival Chinese Film Festival 2026” की आधिकारिक घोषणा बुधवार को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में की गई। यह महोत्सव 30 और 31 अक्टूबर को नई दिल्ली के फिल्म डिवीजन ऑडिटोरियम में आयोजित होगा, जिसमें चीन और भारत की 10 से अधिक चर्चित फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन चीन के दूतावास, दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीन के मिनिस्टर काउंसलर वांग शिनमिंग और फर्स्ट सेक्रेटरी डॉ. झांग हेलिन ने महोत्सव की आकर्षक ट्रॉफी और मेडल का भव्य अनावरण किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि सिनेमा भारत और चीन के बीच सांस्कृतिक संवाद एवं मैत्री को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के संस्थापक एवं फेस्टिवल डायरेक्टर राम किशोर परचा ने इसे दोनों देशों के फिल्म उद्योगों के बीच सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। महोत्सव का उद्घाटन 30 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग करेंगे, जबकि समापन समारोह एवं पुरस्कार वितरण 31 अक्टूबर शाम 6 बजे आयोजित होगा। प्रसिद्ध रंगकर्मी अरविंद गौड़ जूरी प्रमुख की भूमिका निभाएंगे। महोत्सव के दौरान विशेष सिनेमा वर्कशॉप, फिल्म चर्चा सत्र तथा भारत-चीन को-प्रोडक्शन और सहयोग पर विशेष संवाद भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे युवा फिल्मकारों और छात्रों को अंतरराष्ट्रीय सिनेमा को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। महोत्सव की मुख्य कड़ियाँ (Schedule at a Glance): * तारीख: 30 और 31 अक्टूबर 2026 * स्थान (वेन्यू): फिल्म डिवीजन ऑडिटोरियम (FDA), महादेव रोड, नई दिल्ली * भव्य उद्घाटन समारोह: 30 अक्टूबर 2026, सुबह 11:30 बजे (विशिष्ट अतिथि: महामहिम शू फेइहोंग, चीनी राजदूत) * सिनेमा वर्कशॉप (नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा सहयोग): दोनों दिन दोपहर 3:00 बजे * को-प्रोडक्शन और कोलैबोरेशन टॉक: 31 अक्टूबर 2026 * समापन व पुरस्कार वितरण: 31 अक्टूबर 2026, शाम 06:00 बजे

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एटीएस नोबिलिटी (ATS Nobility) में श्रद्धा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक एकता के साथ मनाया गया शरद नवरात्रि महोत्सव 2026

नोएडा: एटीएस नोबिलिटी(ATS Nobility) में 16 से 19 अक्टूबर तक शरद नवरात्रि महोत्सव 2026 का आयोजन किया गया। चार दिनों तक चले इस महोत्सव में निवासियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। एओए (AOA) (अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन) और फैसिलिटी टीम के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में भक्ति, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पारंपरिक उत्सवों का सुंदर संगम देखने को मिला। महोत्सव की शुरुआत 16 अक्टूबर को एटीएस नोबिलिटी (ATS Nobility) के सेंट्रल ग्रीन पार्क में माता की चौकी के साथ हुई। इस दौरान संकल्प पूजा, भजन, झांकी, वैष्णो देवी की प्रस्तुति और आरती का आयोजन किया गया। निवासियों ने मां दुर्गा का आशीर्वाद लिया और भक्ति के माहौल में हिस्सा लिया। इसके बाद 17 से 19 अक्टूबर तक एम्फीथिएटर में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें नव दुर्गा एक्ट, बच्चों की प्रस्तुतियां, मां दुर्गा के नौ रूपों का मंचन, महिलाओं का गरबा और सभी निवासियों के लिए ओपन गरबा सेशन शामिल रहे। इन कार्यक्रमों में हर उम्र के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और उत्सव को खास बनाया। इस महोत्सव ने परिवारों और पड़ोसियों को एक साथ आने, भारतीय संस्कृति और परंपराओं का जश्न मनाने तथा आपसी मेलजोल बढ़ाने का अवसर दिया। धार्मिक कार्यक्रमों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने नवरात्रि की भावना को जीवंत किया और सभी के लिए यादगार पल बनाए। चार दिनों तक भक्ति, संगीत, नृत्य और सामुदायिक भागीदारी से सजा एटीएस नोबिलिटी(ATS Nobility ) का शरद नवरात्रि महोत्सव 2026 खुशी और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन ने मां दुर्गा के आशीर्वाद के साथ एकता, सकारात्मकता और आपसी सद्भाव का संदेश दिया।

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गढ़ी में 18वें दशहरा महोत्सव पर रावण दहन, पिता की परंपरा को बेटे ने आगे बढ़ाया

नई दिल्ली :  ईस्ट ऑफ कैलाश, गढ़ी में गोल्डन स्टार क्लब द्वारा लगातार 18वें वर्ष भव्य दशहरा महोत्सव का सफल आयोजन किया गया। दशहरे के पावन पर्व पर आयोजित इस महोत्सव में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की लीला का मंचन और बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में *निगम पार्षद श्री राजपाल सिंह जी* उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्लब के प्रधान *श्री बनवारी लाल शर्मा जी* और चेयरमैन *श्री सुनील वशिष्ठ जी* ने की। *कलाकारों ने बांधा समां* रामलीला में कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। *श्री अनिल जी*, जो पहले ताड़का का किरदार निभाते थे, इस बार *कुंभकर्ण* के किरदार में नजर आए। *करण जी* ने हमेशा की तरह *मेघनाद*, *लकी आनंद जी* ने *रावण* और *नवीन जी* ने हमेशा की तरह *हनुमान जी* का दमदार किरदार निभाया। *पिता की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं बेटे* वहीं अनिल जी से प्रेरणा लेकर उनके बेटे *गोपाल* पिछले कई वर्षों से *अघोरी* का किरदार निभा कर इस पारिवारिक परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसमें अनिल जी के भाई के बेटे मुकेश भी सहयोग कर रहे हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में क्लब के कार्यकर्ताओं *वीरू सहानी, इंद्रयोगी सिंह, भागवत पचौरी, संगीता शर्मा और राकेश पाल, जय देव जग्गी, रॉकी साहनी,दीपक* का विशेष योगदान रहा।

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उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने किया रावण दहन, यामी गौतम और आनंद एल राय ने चलाए बुराई के प्रतीक पुतलों पर तीर

विश्व प्रसिद्ध लव कुश रामलीला में विजयादशमी की धूम, महिला सम्मान और नारी शक्ति के संदेश के साथ मनाया गया दशहरा उत्सव नेशनल अवॉर्ड विजेता अभिनेत्री यामी गौतम ने किया देश की महिलाओं का प्रतिनिधित्व, हजारों दर्शक बने ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में आयोजित विश्व प्रसिद्ध लव कुश रामलीला का दशहरा उत्सव इस बार बेहद भव्य और यादगार रहा। विजयादशमी के पावन अवसर पर भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने बुराई के प्रतीक रावण पर तीर चलाकर उसका दहन किया। वहीं, नेशनल अवॉर्ड विजेता बॉलीवुड अभिनेत्री यामी गौतम धर और प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक आनंद एल राय ने भी तीर चलाकर आसुरी शक्तियों और बुराई के प्रतीक पुतलों का दहन किया। इस भव्य आयोजन के माध्यम से असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया। लाल किला मैदान में आयोजित इस ऐतिहासिक दशहरा उत्सव में हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं और दर्शकों ने जय श्रीराम के जयघोष के साथ अतिथियों का स्वागत किया। रावण दहन के दौरान पूरा मैदान तालियों और जयकारों से गूंज उठा। इस वर्ष लव कुश रामलीला की विशेष थीम ‘महिला सम्मान’ रखी गई थी। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से अभिनेत्री यामी गौतम को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। यामी गौतम ने इस आयोजन में देश की महिलाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए बुराई के प्रतीक पुतले पर विजय का तीर चलाया और नारी शक्ति, साहस एवं महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया। दिलचस्प बात यह रही कि यामी गौतम की हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘नई नवेली’ के एक दृश्य में भी उन्हें रावण का वध करते हुए दिखाया गया है। फिल्मी पर्दे के बाद दिल्ली की ऐतिहासिक लव कुश रामलीला में उनका इस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बनना दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहा। लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने कहा, “हमारे लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि देश के माननीय उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने लाल किला मैदान में रावण दहन कर विजयादशमी के उत्सव की गरिमा बढ़ाई। इस वर्ष हमारी रामलीला की थीम महिला सम्मान रही है। अभिनेत्री यामी गौतम ने देश की महिलाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए यह संदेश दिया कि नारी केवल ममता और त्याग की प्रतिमूर्ति ही नहीं, बल्कि अन्याय और बुराई के विरुद्ध खड़ी होने वाली शक्ति भी है।”   अर्जुन कुमार ने आगे कहा कि रावण केवल एक पौराणिक पात्र नहीं, बल्कि अहंकार, अन्याय और समाज में व्याप्त बुराइयों का प्रतीक भी है। विजयादशमी हमें सिखाती है कि सत्य और धर्म की हमेशा विजय होती है। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, अभिनेत्री यामी गौतम और फिल्म निर्माता आनंद एल राय की सहभागिता ने इस वर्ष के दशहरा उत्सव को और भी विशेष बना दिया। उल्लेखनीय है कि विश्व प्रसिद्ध लव कुश रामलीला के मंच पर इससे पहले भी अक्षय कुमार, अजय देवगन, जॉन अब्राहम, प्रभास, करीना कपूर और फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी सहित फिल्म जगत की अनेक नामचीन हस्तियां रावण दहन की गौरवशाली परंपरा से जुड़ चुकी हैं। लाल किला मैदान में आयोजित इस भव्य दशहरा उत्सव ने एक बार फिर भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और महिला सम्मान का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। रावण और आसुरी शक्तियों के प्रतीक पुतलों के दहन के साथ पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा और विजयादशमी का पर्व सत्य, साहस एवं नारी शक्ति के संदेश के साथ संपन्न हुआ।

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दशहरे पर यामी गौतम करेंगी रावण का वध, विश्व प्रसिद्ध लव कुश रामलीला में महिला शक्ति की गूंज

नेशनल अवॉर्ड विजेता अभिनेत्री यामी गौतम 20 अक्टूबर को लाल किला मैदान में चलाएंगी बुराई के प्रतीक रावण पर तीर इस बार रामलीला की थीम है ‘महिला सम्मान’, देश की महिलाओं का प्रतिनिधित्व करेंगी यामी गौतम : अर्जुन कुमार नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में आयोजित विश्व प्रसिद्ध लव कुश रामलीला का दशहरा उत्सव इस बार बेहद खास होने जा रहा है। आगामी 20 अक्टूबर को नेशनल अवॉर्ड विजेता बॉलीवुड अभिनेत्री यामी गौतम बुराई के प्रतीक रावण पर तीर चलाकर उसका वध करेंगी और अच्छाई की विजय का संदेश देंगी। दिलचस्प बात यह है कि यामी गौतम की हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘नई नवेली’ में भी एक दृश्य में उन्हें रावण का वध करते हुए दिखाया गया है। अब फिल्मी पर्दे के बाद वह दिल्ली की ऐतिहासिक लव कुश रामलीला में हजारों दर्शकों के सामने रावण का वध करती नजर आएंगी। लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया, “इस वर्ष हमारी रामलीला की थीम ‘महिला सम्मान’ है। हमारा मानना है कि नारी केवल शक्ति और ममता का स्वरूप ही नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त बुराइयों के विरुद्ध खड़ी होने का साहस भी रखती है। इसी सोच के साथ हमने इस बार रावण वध के लिए नेशनल अवॉर्ड विजेता अभिनेत्री यामी गौतम को आमंत्रित किया है। वह इस मंच पर दिल्ली सहित पूरे भारत की महिलाओं का प्रतिनिधित्व करेंगी और रावण पर तीर चलाकर यह संदेश देंगी कि बुराई पर अच्छाई की जीत में नारी शक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।” अर्जुन कुमार ने आगे कहा कि रावण केवल एक पौराणिक पात्र नहीं, बल्कि अहंकार, अन्याय और समाज में फैली बुराइयों का प्रतीक भी है। इस बार एक महिला के हाथों रावण का वध कराकर लव कुश रामलीला समाज को महिला सशक्तिकरण और नारी सम्मान का एक सकारात्मक संदेश देना चाहती है। उल्लेखनीय है कि लव कुश रामलीला के मंच पर इससे पहले बॉलीवुड के कई बड़े सितारे रावण वध की परंपरा का हिस्सा बन चुके हैं। इनमें अक्षय कुमार, अजय देवगन, जॉन अब्राहम, प्रभास, करीना कपूर और फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी जैसे चर्चित नाम शामिल हैं। इस वर्ष यामी गौतम का इस गौरवशाली परंपरा से जुड़ना आयोजन को एक नया आयाम देगा। लाल किला मैदान में दशहरे के अवसर पर जब यामी गौतम बुराई के प्रतीक रावण पर विजय का तीर चलाएंगी, तो यह क्षण केवल विजयादशमी का उत्सव नहीं, बल्कि महिला सम्मान, साहस और सशक्तिकरण का संदेश भी बनेगा। लव कुश रामलीला कमेटी ने दिल्लीवासियों से अपील की है कि वे 20 अक्टूबर को अपने परिवार और बच्चों के साथ लाल किला मैदान पहुंचकर इस ऐतिहासिक दशहरा उत्सव के साक्षी बनें।

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लव कुश का रावण देगा दिल्ली वालों को तीन संदेश: अहंकार, ट्रैफिक और प्रदूषण को खत्म कीजिए

नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में आयोजित होने वाली विश्व विख्यात लव कुश रामलीला इस वर्ष सिर्फ भव्यता और आधुनिक तकनीक का ही नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का भी अनूठा संदेश देगी। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि इस बार रामलीला मैदान में 110 फीट ऊंचा रावण, 100 फीट ऊंचा कुंभकर्ण और 90 फीट ऊंचा मेघनाथ आकर्षण का मुख्य केंद्र होंगे। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम के तीर लगते ही रावण के पुतले में अद्भुत दृश्य दिखाई देंगे। रावण की नाभि से अमृत निकलता हुआ दिखाई देगा, उसकी मटकती आंखों से अग्नि की लपटें निकलेंगी और गले में सजी 11 चमकदार मालाएं रंग बदलती नजर आएंगी। अत्याधुनिक तकनीक और विशेष प्रभावों के साथ यह दृश्य दर्शकों के लिए रोमांचकारी अनुभव साबित होगा। इस वर्ष की सबसे खास बात यह है कि रावण केवल दहन का प्रतीक नहीं रहेगा, बल्कि वह दिल्लीवासियों को तीन महत्वपूर्ण संदेश भी देगा। रावण के पुतले से आवाज गूंजेगी, “हर साल मैं तो जल जाता हूं, लेकिन मुझे मेरे अहंकार ने मारा। यदि समाज को आगे बढ़ाना है तो अपने भीतर छिपे अहंकार रूपी रावण का अंत करना होगा।” रावण का दूसरा संदेश दिल्ली की गंभीर ट्रैफिक समस्या से जुड़ा होगा। वह लोगों से अपील करेगा कि वे निजी वाहनों के बजाय अधिक से अधिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें, ताकि सड़कों पर जाम कम हो और दिल्ली की रफ्तार बनी रहे। तीसरा और सबसे अहम संदेश पर्यावरण संरक्षण को लेकर होगा। रावण लोगों को चेतावनी देगा कि बढ़ता प्रदूषण दिल्ली और आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। दूषित हवा न केवल लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है, बल्कि बच्चों के भविष्य पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को अधिक से अधिक पेड़ लगाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की आवश्यकता है। लव कुश रामलीला समिति का मानना है कि दशहरा केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व नहीं है, बल्कि समाज को नई दिशा देने और जनजागरण का भी अवसर है। इस वर्ष रावण दहन के माध्यम से अहंकार, ट्रैफिक और प्रदूषण जैसी तीन बड़ी चुनौतियों के खिलाफ संदेश देकर दिल्लीवासियों को एक नई सोच और सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित किया जाएगा।

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220 फीट की ऊंचाई से संजीवनी बूटी से सजा पूरा पर्वत उठा लाए हनुमान जी

देश विदेश में विख्यात लव कुश रामलीला लालकिला ग्राउंड के अध्यक्ष श्री अर्जुन कुमार ने आज बताया ग्राउंड में लगाई गई विशाल क्रेनों की मदद से आज 220 फीट की ऊंचाई पर आकाश मार्ग से जब हनुमान जी चमकती संजीवनी बूटी विशाल पर्वत के साथ लेकर आकाश मार्ग से आ रहे थे तब ग्राउंड में मौजूद हर कोई अपने अपने मोबाइल कैमरे में इस दुर्लभ मनोहारी दृश्य को कैद करने में लगा था, उस वक्त सारा लीला ग्राउंड मोबाइल की चमकती बैटरियो से चमकता नजर आ रहा था। लीला में सुषेण वैद्य की भूमिका निभा रहे अपोलो हॉस्पिटल के विख्यात डॉक्टर अशोक शर्मा ने जब संजीवनी बूटी द्वारा लक्ष्मण जी को ठीक कर दिया तब सभी राम भक्तों ने जय श्री राम जय, श्री राम का जय घोष किया | वही लीला मंचन के एक अन्य दृश्य में जब अंगद रावण के दरबार में आए और महाबली रावण से तकरार के बाद जब उन्होंने अपना पांव जमीन रखा और सभी योद्धाओं को पांव हटाने का चैलेंज दिया तो दरबार में कोई भी योद्धा अंगद के पैर को हटा नहीं पाया, तो खुद रावण जब पांव हटाने को आया तो अंगद ने रावण से कहां पांव पकडने है, तो प्रभु श्री राम के पांव पकड़ो, इस सीन को 8 ट्रेक साउंड सिस्टम के साथ पेश किया गया और राम भक्त इस दृश्य को टकटकी बांधे देखते रहे। अर्जुन कुमार आगे बताया असम सरकार के स्वास्थ्य मंत्री श्री अशोक सिंघल ने प्रभु श्री राम की लीला का अवलोकन किया और राम जी से आशीर्वाद लिया। आज लीला मंच पर आज लीला मंच पर हनुमान वापसी, विभीषण का श्री राम की शरण में जाना , रामेश्वरम की स्थापना, रावण अंगद संवाद, लक्ष्मण जी का मूर्छित होना , सुषेण वैद्य का आना , और हनुमान जी का संजीवनी बूटी लेकर आना ,अंगद का रावण दरबार में आने और अंगद संवाद तक की लीला का प्रभावशाली मंचन किया गया। यह भी बताया कि दशहरा पर्व समारोह के अवसर पर भारत के उपराष्ट्रपति माननीय श्री सी.पी. राधाकृष्णन जी लीला अवलोकन के लिए मुख्य अतिथि के रूप में रहेंगे| महासचिव सुभाष गोयल ने बताया आसाम के स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल तथा अन्य गणमान्य अतिथियों को कमेटी की ओर से स्मृति चिह्न भेंट भेंट किया गया। इस अवसर पर सर्वश्री पवन गुप्ता, सत्यभूषण जैन, अखिल सिंघल, बृजमोहन गोयल, अंकुर गोयल, गौरव सूरी, संदीप भूटानी सहित कमेटी के अन्य पदाधिकारी एवं अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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