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दिल्ली की विरासत को नई पहचान : नाबार्ड ने छह नए उत्पादों के जीआई आवेदन में दी सहायता

नाबार्ड, नई दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा “विरासत का संरक्षण एवं आजीविका का संवर्धन” विषय के साथ भौगोलिक संकेतक (GI) दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ कारीगरों एवं उत्पादक समुदायों के लिए सतत आजीविका के अवसर सृजित करने में GI की भूमिका को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) उन्नत पी. पंडित, नियंत्रक-जनरल, पेटेंट, डिज़ाइन एवं ट्रेड मार्क्स, DPIIT, भारत सरकार ने की। कार्यक्रम में श्री पुष्पास पांडे, प्रबंध निदेशक, NABCONS; पद्म पुरस्कार से सम्मानित डॉ. रजनीकांत, महासचिव, ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन; श्री टी.डी. शिवकुमार, मुख्य महाप्रबंधक, EXIM बैंक; श्री डी. साहू, महाप्रबंधक एवं संयोजक, SLBC; श्री नटराजन रामचंद्रन, महाप्रबंधक, SIDBI; RBI, बैंकों एवं विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ कारीगरों एवं अन्य हितधारकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान “नव सृजन” शीर्षक से एक लघु फिल्म का शुभारंभ किया गया, जिसमें GI मान्यता के लिए आगे बढ़ाए जा रहे दिल्ली के छह पारंपरिक शिल्पों को प्रदर्शित किया गया। साथ ही, नाबार्ड की GI यात्रा को संकलित करने वाली कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत नाबार्ड, नई दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय में GI बाज़ार का भी आयोजन किया गया, जिसमें दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कारीगरों द्वारा GI एवं पारंपरिक उत्पादों के प्रदर्शन एवं विपणन के लिए 22 स्टॉल लगाए गए हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री नबीन कुमार रॉय, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, नई दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय ने दिल्ली में नाबार्ड की GI पहल के विस्तार को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष चिन्हित तीन उत्पादों से बढ़कर अब नौ उत्पादों को GI मान्यता के लिए आगे बढ़ाया जा रहा है, जिनके आवेदन ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन के सहयोग से सुगम बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि GI प्रमाणन केवल शुरुआत है और संस्थागत वित्त, कौशल उन्नयन, ब्रांडिंग एवं बाजार तक पहुंच सहित एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना आवश्यक है। नाबार्ड के हेरिटेज फाइनेंसिंग पर जोर देते हुए उन्होंने आर्टिजन क्रेडिट कार्ड एवं PM विश्वकर्मा जैसी वित्तीय सुविधाओं को जमीनी स्तर पर कारीगरों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बेहतर बाजार, उचित मूल्य एवं सतत आजीविका सुनिश्चित करने के लिए कारीगरों के बीच परस्पर सीख तथा बैंकों एवं अन्य संस्थाओं के साथ सहयोग के महत्व को भी रेखांकित किया। पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित डॉ. रजनीकांत, महासचिव, ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन और लोकप्रिय रूप से “GI मैन ऑफ इंडिया” के नाम से विख्यात, भी GI दिवस समारोह का हिस्सा रहे। नाबार्ड के साथ लंबे समय से GI पहलों को सुगम बनाने में सहयोग कर रहे डॉ. रजनीकांत ने देश में GI आंदोलन की बढ़ती गति तथा भारत के पारंपरिक शिल्पों और सांस्कृतिक विरासत के दस्तावेजीकरण, संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने दिल्ली की GI यात्रा में नाबार्ड के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि निरंतर संस्थागत सहयोग से दिल्ली के GI उत्पादों के दायरे को और विस्तारित किया जा सकता है तथा पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान हुई चर्चाओं में इस बात पर जोर दिया गया कि GI पंजीकरण केवल शुरुआत है और इसके बाद अधिकृत उपयोगकर्ता के रूप में पंजीकरण, गुणवत्ता सुधार, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, डिजिटल मार्केटिंग, लॉजिस्टिक्स एवं बाजार संपर्क जैसी गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाना आवश्यक है। स्थानीय बाजारों से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों तक GI उत्पादों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नाबार्ड, बैंकों, SIDBI, EXIM बैंक, सरकारी एजेंसियों एवं उत्पादक समुदायों के बीच बेहतर समन्वय को महत्वपूर्ण बताया गया। उत्पादों की ट्रेसबिलिटी एवं QR-आधारित प्रमाणीकरण से उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ाने तथा GI उत्पादों के मूल्य को बेहतर करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

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QNET ने लॉन्च किया BeYouTe Argan Pure – बालों और त्वचा के लिए प्रीमियम आर्गन ऑयल

बालों, त्वचा और नाखूनों की रोज़ाना बहुउपयोगी देखभाल के लिए तैयार किया गया 100% कोल्ड-प्रेस्ड मोरक्कन आर्गन ऑयल दुनिया की प्रमुख डायरेक्ट-सेलिंग कंपनियों में से एक QNET ने BeYouTe Argan Pure के लॉन्च की घोषणा की है। यह 100% कोल्ड-प्रेस्ड मोरक्कन आर्गन ऑयल है, जिसे मोरक्को की सदियों पुरानी सौंदर्य परंपरा को रोज़मर्रा की सेल्फ़-केयर तक लाने के लिए तैयार किया गया है। ‘मोरक्को का लिक्विड गोल्ड’ कहलाने वाला यह लाइटवेट और बहुउपयोगी ब्यूटी ऑयल बिना किसी चिपचिपाहट के पोषण, हाइड्रेशन और कोमलता देता है। बालों को पोषण देने और नरम बनाने, त्वचा को नमी देने, चेहरे व दाढ़ी की देखभाल करने और नाखूनों व क्यूटिकल्स को सही पोषण देने तक, BeYouTe Argan Pure ये सारे काम एक ही मल्टीफ़ंक्शनल तेल में समेट देता है। BeYouTe Argan Pure की सबसे ख़ास बात है इसका मोरक्कन आर्गन ऑयल, जो आर्गेनिया स्पिनोसा पेड़ से मिलता है और सुंदरता निखारने वाले अपने प्राकृतिक गुणों के लिए सराहा जाता है। इसमें विटामिन E, ओमेगा 6 व 9, प्लांट स्टेरोल्स और पॉलीफेनॉल्स जैसे प्राकृतिक तत्व मौजूद हैं, जो प्रकृति के फ़ायदों को रोज़मर्रा की सुंदरता के आधुनिक तरीक़े से जोड़ते हैं। इसकी हल्की बनावट और चिपचिपाहट रहित फ़िनिश रोज़मर्रा के लग्ज़री ब्यूटी प्रोडक्ट के रूप में इसकी पहचान को और पुख़्ता करती हैं। BeYouTe Argan Pure की क़ीमत सिंगल पैक (100 ml) के लिए 3,450 रुपये और डबल पैक (100 ml x 2) के लिए 6,710 रुपये है। यह एक प्रीमियम एम्बर ग्लास बोतल में आता है, जिसमें तेल आसानी से निकालने के लिए सटीक ड्रॉपर भी दिया गया है। पैराबेन्स, मिनरल ऑयल्स और कठोर रसायनों से मुक्त यह प्रीमियम आर्गन ऑयल पुरुषों और महिलाओं, दोनों के लिए है। यह मोरक्को की शुद्ध सौंदर्य विरासत को बहुउपयोगी रोज़मर्रा देखभाल के साथ एक लग्ज़री बोतल में पिरो देता है। BeYouTe Argan Pure के लॉन्च के साथ QNET अपने लाइफ़स्टाइल और वेलनेस पोर्टफ़ोलियो का विस्तार जारी रखे हुए है, जिसमें ऐसे उत्पाद शामिल हैं जो गुणवत्ता, उपयोगिता और प्रीमियम रोज़मर्रा अनुभव को एक साथ लाते हैं। QNET इंडिया अब बालों, त्वचा और नाखूनों के लिए प्रीमियम 100% कोल्ड-प्रेस्ड मोरक्कन आर्गन ऑयल BeYouTe Argan Pure विशेष रूप से QNET इंडिया ई-स्टोर पर उपलब्ध करा रहा है। अभी ख़रीदें: https://www.qnetindia.co/beyoute-argan-pure/

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NISM और SEBI ने युवाओं में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने के लिए नई दिल्ली में नेशनल फाइनेंशियल लिटरेसी क्विज़

यह पहल वित्तीय बाज़ारों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और समझदारी से निवेश करने को बढ़ावा देती है। नई दिल्ली :  नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ सिक्योरिटीज मार्केट्स (NISM) ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के सहयोग नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित SCOPE कन्वेंशन सेंटर में नेशनल फाइनेंशियल लिटरेसी क्विज़ (NFLQ) 2026 के उत्तर क्षेत्रीय दौर का सफलतापूर्वक आयोजन किया। दो दिनों के कार्यक्रम में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड तथा उत्तर भारत के दूसरे राज्यों से आए अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट छात्र शामिल हुए। छात्रों ने वित्तीय बाज़ार, निवेश के नियमों, निवेशकों की सुरक्षा और ज़िम्मेदार वित्तीय आदतों से जुड़े विषयों पर सवाल-जवाब के स्वरूप में आयोजित प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। मुंबई में 18-19 जुलाई को हुए पश्चिम क्षेत्रीय दौर के बाद, NFLQ 2026 का दूसरा क्षेत्रीय दौर नई दिल्ली में आयोजित किया गया। देश भर में शुरू की गई इस पहल में 4 लाख से ज़्यादा छात्रों ने अपने कॉलेजों और ऑनलाइन क्वालिफाइंग राउंड के ज़रिए हिस्सा लिया। उनके प्रदर्शन के आधार पर बेहतरीन टीमों को चुना गया जिन्होंने भारत के पूर्वी, दक्षिणी, उत्तरी, मध्य, पश्चिमी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में आयोजित होने वाले क्षेत्रीय दौरों में आगे बढ़ीं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ सिक्योरिटीज मार्केट्स (NISM) के डायरेक्टर, श्री सशी कृष्णन ने इसमें भाग लेने वाले सभी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “वित्तीय साक्षरता का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि युवाओं को सही समय पर सूचित, जिम्मेदार और आत्मविश्वासपूर्ण वित्तीय निर्णय लेने में सक्षम बनाना है। । NFLQ वित्तीय साक्षरता को परस्पर बातचीत पर आधारित और एक प्रतिस्पर्धी माहौल में पेश करता है। इससे छात्र अपनी समझ को बेहतर बना पाते हैं, साथ ही उनमें वित्तीय परिवेश के बारे में जानने की इच्छा भी बढ़ती है। इस पहल को मिली ज़बरदस्त प्रतिक्रिया से साफ़ है कि भारत के युवाओं के बीच काम में आने वाली वित्तीय जानकारी पाने की इच्छा बढ़ रही है। NISM एक ऐसा प्लेटफॉर्म्स तैयार करने के अपने इरादे पर अटल है, जो वित्तीय शिक्षा को आसान, मज़ेदार और उपयोगी बनाए। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के CGM और क्षेत्रीय निदेशक, श्री विजयंत कुमार वर्मा ने कहा, “भारत के सिक्योरिटीज मार्केट को लगातार आगे बढ़ाने के लिए आज की युवा पीढ़ी का वित्तीय रूप से जागरूक होना बेहद ज़रूरी है। NFLQ जैसी पहल, छात्रों को शुरुआती दौर में ही सोच-समझकर निवेश करने, निवेशकों के अधिकारों, बाज़ार के नियमों और जोखिम जैसे विषयों की जानकारी देकर, उन्हें वित्तीय व्यवस्था में जिम्मेदारी से भाग लेने के लिए तैयार करती है। SEBI की निवेशक शिक्षा से जुड़ी कोशिशों का मकसद इसी बुनियाद को मज़बूत करना और भारत के युवाओं को ज़्यादा जागरूकता और समझदारी के साथ वित्तीय फ़ैसले लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।”   NFLQ 2026, असल में NISM की ओर से बड़े पैमाने पर शुरू किए गए उस जनसंपर्क कार्यक्रम का हिस्सा है जिसका उद्देश्य सिक्योरिटीज़ मार्केट के बारे में छात्रों की समझ को बेहतर बनाना और उन्हें सोच-समझकर वित्तीय निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस क्विज़ में फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स, बाज़ार के कामकाज के तरीके, निवेशकों के अधिकार, इससे जुड़े नियम और बाज़ार के मध्यस्थों की भूमिका जैसे विषय शामिल हैं, जिससे प्रतिभागियों को भारत के फाइनेंशियल इकोसिस्टम के बारे में उपयोगी जानकारी मिलती है। यह पहल जुलाई से सितंबर 2026 तक चलेगी और इस दौरान मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु, भोपाल, गुवाहाटी और कोलकाता में इसके क्षेत्रीय दौर आयोजित किए जाएंगे। इन सभी दौर में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीमें नवंबर 2026 में होने वाले नेशनल फ़िनाले में पहुंचेंगी, जहां उन्हें महाराष्ट्र के रसायनी, पातालगंगा में स्थित NISM के परिसर में राष्ट्रीय खिताब के लिए मुकाबला करना होगा। महाराष्ट्र के रसायनी, पातालगंगा स्थित NISM के परिसर में आयोजित ग्रैंड फ़िनाले में देश भर की बेहतरीन टीमें राष्ट्रीय खिताब के लिए मुक़ाबला करेंगी। क्षेत्रीय दौर की हर श्रेणी में शीर्ष तीन विजेताओं के लिए इनाम की राशि इस प्रकार है: अंडरग्रेजुएट श्रेणी: • पहला इनाम – 40,000/- रुपये (BFSI विभाग, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी) • दूसरा इनाम – 30,000/- रुपये (कॉमर्स एवं फाइनेंस विभाग, क्वांटम स्कूल ऑफ़ ग्रेजुएट स्टडीज़) • तीसरा इनाम – 20,000/- रुपये (प्रबंधन विभाग, मित्तल स्कूल ऑफ़ बिज़नेस) पोस्टग्रेजुएट श्रेणी: • पहला इनाम – 40,000/- रुपये (प्रबंधन विभाग, लाल बहादुर शास्त्री इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट) • दूसरा इनाम – 30,000/- रुपये (प्रबंधन विभाग, भारतीय प्रबंधन संस्थान, काशीपुर) • तीसरा इनाम –20,000/- रुपये (प्रबंधन विभाग, मित्तल स्कूल ऑफ़ बिज़नेस) इसके अलावा, उत्तरी क्षेत्र के 12 अंडरग्रेजुएट कॉलेजों ने राष्ट्रीय चरणों में आगे बढ़ने के लिए अपनी जगह बनाई। चुने गए संस्थानों की सूची इस प्रकार है:

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Six-Time World Champion M. C. Mary Kom Drives Home the All-New 9th Generation Toyota Hilux in India

New Delhi, August 14, 2026: Six-time World Champion and Olympic medallist Ms. M. C. Mary Kom recently took delivery of the All-New Hilux, marking a special association between the two icons who define strength, resilience and an unwavering spirit to go beyond limits. Celebrating the occasion of Independence Day, the new vehicle was formally delivered to Ms. M.C. Mary Kom at Toyota outlet in New Delhi NCR. The Fighter meets the Fearless: Six-time World Champion and Olympic medallist Ms. M. C. Mary Kom drives home the All-New 9th Generation Toyota Hilux in India. The All-New Hilux, launched in India on July 28, 2026, carries forward Toyota’s legacy of a lifestyle pickup known for its legendary toughness, off-road performance and go-anywhere character. The new generation builds on this foundation with a more commanding design, enhanced comfort and technology, and greater versatility for both challenging terrain and everyday journeys. Ms. M. C. Mary Kom’s journey from the boxing ring to becoming one of India’s most celebrated sporting icons reflects many of these qualities, with a career defined by discipline, perseverance and the ability to take on challenges head-on. Her association with the All-New Hilux brings together a celebrated sporting champion and an iconic pickup that share a strong performance-led character.

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नाबार्ड ने दिल्ली के हथकरघा बुनकरों पर खींचा ध्यान

दो दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन, 3 लाख रुपये से अधिक का व्यवसाय बुनाई एवं बुनकरों पर संगोष्ठी में चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा नाबार्ड, नई दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के उपलक्ष्य में 10-11 अगस्त 2026 को प्रदर्शनी-सह-विक्रय एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में हथकरघा क्षेत्र के समक्ष मौजूद प्रमुख चुनौतियों, जैसे सतत विकास, प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि तथा बाजार विस्तार की रणनीतियों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. के. महेश, आईएएस, सचिव, संस्कृति, जीएनसीटीडी तथा प्रबंध निदेशक, दिल्ली खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने हथकरघा क्षेत्र के समग्र विकास हेतु सरकारी एजेंसियों, वित्तीय संस्थानों, कारीगरों और अन्य हितधारकों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। श्री नवीन कुमार राय, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, नई दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय ने हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्र के सतत विकास में नाबार्ड, भारत सरकार, एनएचडीसी तथा अन्य संस्थाओं जैसी पारिस्थितिकी तंत्र समर्थक संस्थाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने वित्तीय एवं विकासात्मक हस्तक्षेपों, क्षमता निर्माण, प्रौद्योगिकी उन्नयन तथा बाजार उपलब्धता में नाबार्ड के योगदान का उल्लेख करते हुए दिल्ली की विशिष्ट हथकरघा पहचान विकसित करने के लिए सभी पक्षों से सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया। श्री चंदन कुमार, मुख्य महाप्रबंधक, भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए ऋण तक पहुंच, प्रौद्योगिकी का अपनाव तथा कौशल विकास अत्यंत आवश्यक हैं। श्री राजीव अशोक, प्रबंध निदेशक, एनएचडीसी ने भौगोलिक संकेतक (GI) उत्पादों के संवर्धन तथा बुनकरों की कार्य परिस्थितियों में सुधार के लिए एनएचडीसी की पहलों पर प्रकाश डाला, जबकि श्री टी.डी. शिवकुमार, मुख्य महाप्रबंधक, एक्जिम बैंक ने भारतीय हथकरघा उत्पादों की वैश्विक बाजार पहुंच बढ़ाने में वित्तीय संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। अन्य वक्ताओं एवं बुनकर प्रतिनिधियों ने सभी हितधारकों द्वारा समन्वित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता व्यक्त करते हुए आशा जताई कि नाबार्ड द्वारा इस दिशा में एक सार्थक पहल की गई है। संगोष्ठी की अध्यक्षता डॉ. के. महेश ने की। कार्यक्रम में श्री चंदन कुमार, श्री नवीन कुमार राय, श्री पुष्पास पाण्डेय, कमोडोर राजीव अशोक (सेवानिवृत्त), श्री टी.डी. शिवकुमार, डॉ. शिन्जू महाजन तथा श्री विशेष नौटियाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त दिल्ली राज्य के सभी लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, बुनकर सहकारी समितियाँ, कारीगर समूह तथा नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी-सह-विक्रय में कुल 7 स्टॉल लगाए गए, जिनमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों के हथकरघा उत्पाद प्रदर्शित किए गए। प्रदर्शनी में कांचीपुरम साड़ियाँ, बाटिक प्रिंट, दोहर, धोती, रेडीमेड परिधान, टेबल मैट, दरियाँ तथा अन्य हस्तनिर्मित उत्पादों को प्रदर्शित किया गया, जिन्होंने आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। यह प्रदर्शनी भारत की समृद्ध, विविधतापूर्ण एवं उत्कृष्ट हथकरघा परंपरा का प्रभावी प्रदर्शन रही। सात स्टॉलों वाली इस प्रदर्शनी में दो दिनों में 3 लाख रुपये से अधिक की बिक्री दर्ज की गई, जिसने बुनकरों के हौसले को बढ़ाया ।

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Hon’ble Union Minister Shri Giriraj Singh Inaugurates 10th India International Footwear Fair (IIFF) 2026 at Bharat Mandapam

New Delhi : The 10th India International Footwear Fair (IIFF) 2026, organised by the India Trade Promotion Organisation (ITPO), an organisation under the Ministry of Commerce & Industry, Government of India, in association with the Confederation of Indian Footwear Industries (CIFI), was inaugurated today at Bharat Mandapam, New Delhi, by Shri Giriraj Singh, Hon’ble Union Minister of Textiles. The inaugural ceremony was graced by Amb. Jawed Ashraf, Chairman, ITPO; Shri Premjit Lal, Executive Director, ITPO; Mr. V. Naushad, President, CIFI; and Mr. Raj Kumar Gupta, Chairman, CIFI, along with senior government officials, industry leaders, exhibitors, buyers and international delegates representing the global footwear industry. The three-day B2B exhibition brings together leading footwear manufacturers, exporters, importers, buyers, technology providers and other stakeholders from India and abroad, providing a comprehensive platform to showcase innovations, strengthen business partnerships and explore new opportunities across the global footwear value chain. Welcoming the gathering, Mr. V. Naushad, President, CIFI, highlighted the remarkable growth of India’s footwear industry and underscored the importance of IIFF as a premier B2B platform for fostering innovation, strengthening manufacturing, promoting exports and facilitating business collaborations across the footwear value chain. Addressing the gathering, Amb. Jawed Ashraf, Chairman, ITPO, underscored the immense potential of India’s footwear industry, which provides employment to nearly 4.5 million people and accounts for approximately 12–13% of global footwear production. He observed that despite India’s strong manufacturing base, the country’s share in global footwear exports remains around 2%, and called for a collective effort by the Government, industry and ITPO to increase this share to 10%. He stressed the need to focus on non-leather footwear, attract leading global brands, strengthen India’s presence in global value chains and enhance the international profile of the sector. Highlighting ITPO’s vision for the future, Amb. Ashraf announced plans to transform IIFF into a globally recognised footwear exhibition on the lines of Bharat Tex, with enhanced scale, quality, visitor experience and international participation. He expressed confidence that future editions would witness greater global engagement, creating new opportunities for exports, investment and employment while positioning India as a preferred destination for the global footwear industry. In his keynote address, Shri Giriraj Singh, Hon’ble Union Minister of Textiles, congratulated ITPO and CIFI for organising the landmark edition of IIFF and appreciated the efforts of Amb. Jawed Ashraf, Chairman, ITPO, in strengthening ITPO as a leading trade promotion organisation. He highlighted the growing role of technical textiles in the footwear industry and encouraged manufacturers to leverage Government initiatives, including the Production Linked Incentive (PLI) Scheme, to enhance innovation, manufacturing capabilities and global competitiveness. The Minister also emphasised the need to expand international participation, foster technology partnerships and develop IIFF into a globally recognised platform that attracts buyers, exhibitors and investors from across the world. The Hon’ble Minister further underscored the immense growth potential of India’s footwear industry, particularly in the non-leather segment, and called for greater collaboration among industry stakeholders, technology providers and government agencies. He encouraged the sector to focus on innovation, design excellence, quality manufacturing and value addition to meet evolving global demand. Expressing confidence in India’s manufacturing capabilities, he said the sector is well-positioned to create employment, boost exports and contribute significantly to India’s journey towards becoming a global manufacturing hub. During the inaugural ceremony, the dignitaries released the IIFF 2026 Fair Guide, followed by the formal inauguration of the exhibition through a ribbon-cutting ceremony. The Hon’ble Minister also visited the exhibition halls and interacted with exhibitors, reviewing the latest innovations in footwear, machinery, components, raw materials and manufacturing technologies. The 10th India International Footwear Fair 2026 showcases a comprehensive range of footwear products, components, machinery, chemicals, leather and synthetic materials, manufacturing technologies and allied services. With participation from exhibitors across the footwear value chain and international representation from several countries, the exhibition provides an ideal platform for business networking, sourcing, technology exchange and export promotion. The exhibition will continue until 8 August 2026 at Hall No. 5 and 6, Bharat Mandapam, New Delhi, bringing together manufacturers, exporters, buyers, retailers, distributors and industry professionals from India and abroad to explore new business opportunities and strengthen global trade partnerships.

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Gartex Texprocess India Delhi opens : Presents upcoming garment and textile technologies and denim solutions under one roof

New Delhi : Featuring advancements in textile machinery, technologies and denim fabrics, Gartex Texprocess India, incorporating Denim Show, opens today at Bharat Mandapam, New Delhi, attracting Indian and international buyers to an industry-wide showcase. Bringing together 190+ exhibitors, the expo presents over 700 brands and 1,200 products and feature 100+ new product launches spanning 14,580 gross sqm, becoming a meeting place for garment and textile machinery manufacturers, technology providers, distributors and businesses seeking modern textile opportunities. Gartex Texprocess India incorporating the Denim Show is showcasing a wide range of garment & apparel machinery, textile processing machinery, digital printing technologies, embroidery machines, spare parts, yarn processing machinery, and knitting machines. At the same time, Denim Show presents a different collection of denim mills, finishing & washing machines, dyes & chemicals, raw materials and laundry equipment. The participation of over 40 first-time exhibitors, together with companies from China, Japan, Singapore, Italy, Germany, Taiwan, Turkey and Hong Kong participating either directly or through their distributors/partners, reinforces the exhibition’s role as a strategic marketplace connecting Indian businesses with global manufacturing expertise and innovation. The show was inaugurated by an eminent panel of industry leaders, reflecting the strong support and collaboration of the textile and denim manufacturing ecosystem. The dignitaries included Shri Rajeev Gupta, Joint Managing Director of RSMW Ltd; Mr. Sharad Jaipuria, Chairman of the Denim Manufacturers Association and Chairman & Managing Director of Ginni International Ltd; Mr. Simon Lee, Managing Director of Hyosung Group (Hyosung Corporation India Pvt Ltd & Hyosung India Pvt Ltd); Mr. Abhinav Arya, Managing Director of Fabcare (India) Pvt Ltd; Mr. Murari, Managing Director of Baba Textile Machinery India Pvt Ltd; Mr. Deepak Chaudhary, Managing Director of Aura Technologies; Mr. Eswaran, Country Head of Mehala Machines India Pvt Ltd; Ms. Himani Gulati, Director of MEX Exhibitions Pvt Ltd; Mr. Raj Manek, Executive Director & Board Member of Messe Frankfurt Asia Holdings Ltd; Mr. Gaurav Juneja, Director of MEX Exhibitions Pvt Ltd; Mr. Winston Pereira, Executive Director of Messe Frankfurt Trade Fairs India Pvt Ltd; and Mr. Gagandeep Singh, Secretary General of the Denim Manufacturers Association. Their presence underscored the significance of the event as a premier platform for innovation, collaboration, and business growth in the textile and denim industry. On the occasion, Ms Himani Gulati, Director, MEX Exhibitions Pvt Ltd, shared: “Every edition of Gartex Texprocess India incorporating the Denim Show reflects how rapidly the garment and textile machinery manufacturing industry is evolving alongnwithh the denim secment. By bringing together technology innovators, manufacturers, policymakers and brands under one roof, the exhibition creates an environment where ideas are exchanged, investments are explored, and the future of textile manufacturing is shaped through meaningful industry engagement. Mr Raj Manek, Executive Director & Board Member, Messe Frankfurt Asia Holdings Ltd, expressed his thoughts as: “As India’s textile manufacturing sector continues to modernise, businesses are increasingly looking for technologies that improve efficiency, sustainability and product quality. Gartex Texprocess India incorporating the Denim Show is a focused B2B trade fair that has evolved into a platform where these B2B conversations translate into real business decisions, giving the industry access to innovations that will define the next generation of textile manufacturing. Beyond the exhibition floor, the expo offers a robust knowledge sessions programme under two tracks: Gartex Texprocess Talks: focusing on textile technologies and manufacturing, and Denim Talks covering the around the future of denim the future of the denim industry, activewear, export ambition of India in denims and many more. Selected sessions are developed in collaboration with industry knowledge partners. The event is organised jointly by MEX Exhibitions Pvt Ltd and Messe Frankfurt Trade Fairs India Pvt Ltd.The Denim Show incorporated under, it is organised with the support of the Denim Manufacturers’ Association (DMA).

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बेंगलुरु टेक समिट 2026 की तैयारी शुरू; दिल्ली में ‘ओपन डायलॉग’ के लिए जुटे उद्योग जगत के दिग्गज

मुख्य बिंदु: • कर्नाटक सरकार द्वारा नई दिल्ली में उद्योग जगत के साथ ओपन डायलॉग का आयोजन • बेंगलुरु टेक समिट 2026 का कर्टेन रेज़र कार्यक्रम • आईटी उद्योग के प्रमुखों ने श्री प्रियांक खड़गे के साथ संवाद किया • स्टार्टअप्स, निवेशक और उद्योग संघों की सक्रिय भागीदारी • नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देने पर फोकस • बीटीएस 2026 में 1800+ प्रदर्शक, 20,000+ प्रतिनिधि और 75+ देशों से 60,000+ आगंतुकों के शामिल होने की उम्मीद नई दिल्ली : एशिया के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड टेक्नोलॉजी इवेंट, ‘बेंगलुरु टेक समिट’ (बीटीएस) 2026 का 29वां संस्करण 17 से 19 नवंबर, 2026 तक बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्ज़िबिशन सेंटर (बीआईईसी) में आयोजित किया जाएगा। इस साल समिट की थीम ‘एआई एंड बियॉन्ड’ रखी गई है। बीटीएस 2026 के ‘कर्टेन रेज़र’ के रूप में, कर्नाटक सरकार ने आज नई दिल्ली के ताज पैलेस में उद्योग जगत के साथ एक ‘ओपन डायलॉग’ का आयोजन किया। इसमें दिल्ली-एनसीआर के टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम के प्रमुख स्टेकहोल्डर्स शामिल हुए। इस कार्यक्रम में आईटी, बायोटेक और ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग के माननीय मंत्री श्री प्रियांक खड़गे मुख्य रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद किया। इस चर्चा में आईटी, डीपटेक, ईएसडीएम और लाइफ साइंसेज क्षेत्रों के उद्योगपति, स्टार्टअप फाउंडर्स, यूनिकॉर्न लीडर्स, निवेशक और आरएंडडी विशेषज्ञ शामिल हुए। साथ ही एसटीपीआई, नैसकॉम, आईईएसए, टीआईई, आईवीसीए और एबीएलई जैसे प्रमुख उद्योग संगठनों ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने भारत के टेक परिदृश्य से जुड़े अवसरों और चुनौतियों पर कर्नाटक सरकार के नेतृत्व के साथ अपने विचार साझा किए। चर्चा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, फिनटेक, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों पर विशेष ध्यान दिया गया। श्री प्रियांक खड़गे ने कर्नाटक को वैश्विक नवाचार केंद्र बताते हुए सभी स्टेकहोल्डर्स को बीटीएस 2026 के माध्यम से तकनीकी बदलाव की अगली लहर का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया। कर्नाटक सरकार की आईटी, बायोटेक और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव डॉ. एन मंजुला (आईएएस) ने राज्य के टेक इकोसिस्टम की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री अतीश कुमार सिंह, बायोकॉन ग्रुप की चेयरपर्सन डॉ. किरण मजूमदार-शॉ, एसटीपीआई के महानिदेशक श्री अरविंद कुमार और नीति आयोग की सुश्री देबजानी घोष ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में कर्नाटक इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी सोसाइटी के प्रबंध निदेशक श्री राहुल संकनूर (आईएएस), कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन के सीईओ श्री संजीव गुप्ता और एमएम एक्टिव साई-टेक कम्युनिकेशंस के कार्यकारी अध्यक्ष जगदीश पटणकर भी उपस्थित रहे। कर्नाटक सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, बायोटेक विभाग द्वारा आयोजित बीटीएस 2026 में 1,800 से अधिक प्रदर्शक, 25,000+ प्रतिनिधि, 1,000+ स्टार्टअप और 75 से अधिक देशों के 60,000+ बिजनेस विजिटर्स के शामिल होने की उम्मीद है। यह तीन दिवसीय समिट 16 अलग-अलग थीम पर आधारित होगी, जिनमें एआई एंड डीपटेक, फिनटेक, हेल्थ व बायोटेक, स्पेसटेक, इंडिया इनोवेशन कॉन्क्लेव और ग्लोबल कोलैबोरेशन जैसे प्रमुख विषय शामिल होंगे। साथ ही डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर, सर्कुलर इकोनॉमी, ऑरेंज इकोनॉमी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे उभरते क्षेत्रों पर भी विशेष फोकस रहेगा। इस बार समिट का एक मुख्य आकर्षण पहली बार आयोजित होने वाला ‘एम्बेडेड वर्ल्ड इंडिया’ होगा। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर से जुड़े विशेष कॉन्फ्रेंस ट्रैक और एग्ज़िबिशन पैवेलियन शामिल होंगे। ‘न्यूर्नबर्गमेस इंडिया’ के सहयोग से आयोजित यह पहल वैश्विक हार्डवेयर इनोवेशन और भारत के तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर व इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम के बीच तालमेल को और मजबूत करेगी। यह समिट एक बड़े स्तर पर ‘मल्टी-पैवेलियन’ प्रदर्शनी की मेजबानी करेगी, जहाँ विभिन्न क्षेत्रों के क्रांतिकारी नवाचारों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही, यहाँ विशेष नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म, निवेशकों से जुड़ने के अवसर और वैश्विक साझेदारियों को बढ़ावा देने वाली पहलें भी देखने को मिलेंगी। कार्यक्रम का एक और बड़ा आकर्षण ‘फ्यूचर मेकर्स’ प्रोग्राम होगा। इसे विशेष रूप से उभरते हुए स्टार्टअप्स को पहचान दिलाने और उन्हें निवेशकों, मेंटर्स व वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए तैयार किया गया है। इस प्रोग्राम में इन्वेस्टर पिचिंग सेशन, वन-ऑन-वन मेंटरिंग क्लिनिक्स, स्केलिंग और फंडरेजिंग पर आधारित चर्चाएं और ‘फ्यूचर मेकर्स कॉन्क्लेव’ शामिल होंगे, जो फाउंडर्स, इनोवेटर्स और बदलाव लाने वाले दिग्गजों को एक मंच पर लाएंगे। अपने विस्तृत स्वरूप और भविष्यवादी एजेंडा के साथ, बीटीएस 2026 नवाचार को गति देने, सहयोग को बढ़ावा देने और व्यापारिक अवसरों को तेज करने वाले एक प्रमुख प्लेटफॉर्म के रूप में अपनी भूमिका जारी रखेगा। यह समिट टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कर्नाटक की वैश्विक स्थिति को और मजबूत करेगी और डिजिटल अर्थव्यवस्था के भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाएगी। नई दिल्ली में आयोजित ‘ओपन डायलॉग फॉर इंडस्ट्री’ बीटीएस 2026 की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इसने उद्योग जगत की भागीदारी को और गहरा करने के लिए आधार तैयार किया है और टेक्नोलॉजी, इनोवेशन व निवेश के वैश्विक केंद्र के रूप में कर्नाटक की पहचान को और पुख्ता किया है।

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Delhi Tourism & Prasar Bharati join hands at Bharat Mandapam during IFFD — paving the way for Delhi to shine as a global hub for media and entertainment!

This initiative will take forward Hon’ble Prime Minister Shri Narendra Modi’s vision of ‘Make in India’ and elevate the creative economy to new heights: Hon’ble Chief Minister Smt. Rekha Gupta Under the leadership of Hon’ble Chief Minister Smt. Rekha Gupta, Delhi will be developed as an attractive destination for investors, producers and creative professionals from across the world Delhi to be developed as a state-of-the-art integrated film, television and media hub New Delhi : In a significant step towards developing Delhi as a major centre for the media and entertainment industry, a key Memorandum of Understanding (MoU) was signed between Delhi Tourism and Transportation Development Corporation Limited and Prasar Bharati at Bharat Mandapam during the International Film Festival of Delhi (IFFD) on Friday. On the occasion, Tourism Minister Shri Kapil Mishra stated that under the leadership of Hon’ble Chief Minister Smt. Rekha Gupta, Delhi will leverage its vast talent pool, technical expertise and creative energy to emerge as a preferred destination for investors, producers and creative professionals from India and across the globe. Under this agreement, Delhi will be developed as a state-of-the-art integrated film, television and media hub. The project will bring together all modern dimensions of media and digital content creation—including film, television, animation, visual effects, gaming and comics (AVGC), on a single platform. Extending her best wishes, Hon’ble Chief Minister Smt. Rekha Gupta stated that this initiative will prove to be a milestone in establishing Delhi as a global media and entertainment hub, while advancing the vision of Hon’ble Prime Minister Shri Narendra Modi’s ‘Make in India’ and strengthening the creative economy. The project will not only develop modern studios, post-production facilities and AVGC hubs, but will also create a robust ecosystem for skill development, training and innovation. It is expected to generate new employment opportunities for the youth and accelerate the growth of Delhi’s creative economy. For effective implementation of the project, a joint coordination committee comprising representatives from both institutions will be constituted to oversee planning, financing and execution.

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एल्टॉस कंप्यूटिंग (एसर ग्रुप की कंपनी) ने भारत के एआई इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए लॉन्च किए ‘मेक-इन-इंडिया’ एआई सर्वर्स

नई दिल्ली : एल्टॉस कंप्यूटिंग लिमिटेड, जो एसर इंक. ग्रुप की एक कंपनी और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग व एआई इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस की वैश्विक प्रदाता है, ने आज अपने ‘मेक-इन-इंडिया’ एआई सर्वर पोर्टफोलियो के लॉन्च की घोषणा की। यह भारत के संप्रभु एआई और डेटा सेंटर इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह घोषणा नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष लॉन्च इवेंट में की गई। इस अवसर पर सुधीर गोयल, एसर इंडिया के चीफ बिजनेस ऑफिसर; इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव सुशील पाल;विशाल धूपर, प्रबंध निदेशक, एशिया साउथ, एनवीडिया; इंटेल इंडिया के सीनियर डायरेक्टर (ग्लोबल अकाउंट्स – ओईएम और हाइपरस्केलर्स) पी.पी. सुनील आचार्य; एल्टॉस कंप्यूटिंग इंक. के सीईओ जैकी ली और एल्टॉस इंडिया की डायरेक्टर प्रिया कृष्णमूर्ति सहित मीडिया, प्रौद्योगिकी उद्योग के वरिष्ठ प्रतिनिधि और भागीदार उपस्थित थे। इवेंट की मुख्य विशेषता एल्टॉस ब्रेनस्फीयर™ R300 एआई सीरीज सर्वर का अनावरण रहा। यह कंपनी का फ्लैगशिप ‘मेक-इन-इंडिया’ एआई सर्वर है, जिसे उद्यमों, अनुसंधान संस्थानों, सरकारी संगठनों और हाइपरस्केल डेटा सेंटरों में अगली पीढ़ी के एआई वर्कलोड को चलाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और उन्नत एआई मॉडल ट्रेनिंग व इन्फरेंस के लिए निर्मित, R300 सीरीज प्लेटफॉर्म हाई-डेंसिटी जीपीयू एक्सेलेरेशन, स्केलेबल मेमोरी आर्किटेक्चर और उन्नत थर्मल दक्षता का समर्थन करता है। इससे संगठनों को प्रदर्शन, विश्वसनीयता और स्केलेबिलिटी बरकरार रखते हुए कम्प्यूट-इंटेंसिव एआई वर्कलोड को मैनेज करने में मदद मिलती है। लॉन्च के बारे में बात करते हुए एसर इंडिया के प्रेसिडेंट और एमडी हरीश कोहली ने कहा, “भारत आज एक परिवर्तनकारी एआई युग की दहलीज पर खड़ा है, जहां शक्तिशाली कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विभिन्न उद्योगों में नवाचार की रीढ़ बनेगा। एल्टॉस के मेक-इन-इंडिया एआई सर्वर पोर्टफोलियो के लॉन्च के साथ, हम स्थानीय स्तर पर इस डिजिटल रीढ़ को तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। उन्नत एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के विनिर्माण को भारतीय बाजार के करीब लाकर, हम उद्यमों, अनुसंधान संस्थानों और सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों के लिए तेज तैनाती, बेहतर पहुंच और अधिक स्केलेबिलिटी सुनिश्चित कर रहे हैं। एल्टॉस के हाई-परफॉर्मेंस एआई प्लेटफॉर्म और हमारे मजबूत पार्टनर इकोसिस्टम के माध्यम से, हम पूरे भारत में संगठनों को एआई की पूरी क्षमता का लाभ उठाने के लिए सशक्त बनाने के प्रति प्रतिबद्ध हैं।” यह लॉन्च भारत को एआई नवाचार और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का वैश्विक हब बनाने की महत्वाकांक्षा का समर्थन करने की एल्टॉस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्थानीय स्तर पर एआई सर्वरों का निर्माण करके और संगठनों को देश के भीतर शक्तिशाली कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म तैनात करने में सक्षम बनाकर, कंपनी अनुसंधान, विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा और सार्वजनिक सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्केलेबल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की तेजी से बढ़ती मांग को पूरा करने का लक्ष्य रखती है। लॉन्च के दौरान एआई इकोसिस्टम के भीतर आपसी सहयोग के महत्व को भी प्रमुखता से उजागर किया गया। लॉन्च के अवसर पर बोलते हुए, सुधीर गोयल, एसर इंडिया के चीफ बिजनेस ऑफिसर ने कहा, ‘‘भारत अब डिजिटल और एआई से चलने वाले बड़े बदलाव के समय में प्रवेश कर रहा है। इस दौर में देश के अंदर ही मजबूत और तेज कंप्यूटिंग सुविधाएं (जैसे सर्वर आदि) उपलब्ध होना बहुत जरूरी है, क्योंकि ये नए आविष्कार और इनोवेशन को बढ़ावा देंगी। एल्‍टॉस के मेक इन इंडिया वाले एआई सर्वर लॉन्च करना हमारी उस प्रतिबद्धता को दिखाता है कि हम मेक इन इंडिया मुहिम के जरिए भारत में मजबूत घरेलू तकनीकी व्यवस्था बनाना चाहते हैं। अब हम उन्नत एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को भारत में ही बनाकर और यहां के बाजार के करीब लाकर उपलब्ध करा रहे हैं। हमारा मकसद है कि कंपनियां, रिसर्च सेंटर, स्टार्टअप्स और सरकारी संस्थाएं आसानी से अगली पीढ़ी के एआई सॉल्यूशन बना सकें, उन्हें प्रशिक्षित कर सकें और बड़े स्तर पर इस्तेमाल कर सकें। यह सब भारत के विकास के लिए बहुत उपयोगी होगा।’’ इस लॉन्च के रणनीतिक महत्व पर चर्चा करते हुए, एल्टॉस कंप्यूटिंग इंक. के सीईओ जैकी ली ने कहा, “एल्टॉस कंप्यूटिंग में हमारा मिशन हमेशा से संगठनों को हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और एआई की शक्ति के जरिए जटिल चुनौतियों को हल करने में मदद करना रहा है। भारत वैश्विक स्तर पर सबसे गतिशील और तेजी से बढ़ते एआई बाजारों में से एक है, जिसमें उद्यमों, सरकार और शिक्षा जगत में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। हमारे ‘मेक-इन-इंडिया’ एआई सर्वर सॉल्यूशंस की शुरुआत देश में हमारी मौजूदगी को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। अपनी वैश्विक इंजीनियरिंग विशेषज्ञता को स्थानीय विनिर्माण क्षमताओं के साथ जोड़कर, हम शक्तिशाली और स्केलेबल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस प्रदान कर रहे हैं जो भारत की दीर्घकालिक तकनीकी महत्वाकांक्षाओं के अनुरूप हैं।” कार्यक्रम के दौरान, एल्टॉस ने एक इंटरैक्टिव ‘प्रोडक्ट डिस्प्ले एरिना’ के माध्यम से अपने व्यापक एआई और कंप्यूटिंग पोर्टफोलियो को प्रदर्शित किया। नए लॉन्च किए गए R370 एआई सीरीज सर्वर के साथ-साथ, कंपनी ने एल्टॉस R680 एआई सर्वर का भी प्रदर्शन किया। यह एक हाई-डेंसिटी कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म है, जिसे बड़े पैमाने पर एआई मॉडल ट्रेनिंग और उन एंटरप्राइज वर्कलोड के लिए डिज़ाइन किया गया है जिन्हें अत्यधिक कम्प्यूटेशनल पावर की आवश्यकता होती है। इवेंट में एक विशेष ‘एआई वॉल’ लगाई गई थी, जिसमें एल्टॉस इंफ्रास्ट्रक्चर (R370, R680 और R380 प्लेटफॉर्म) द्वारा संचालित वास्तविक दुनिया के ‘एआई यूज़ केसेस’ को हाइलाइट किया गया। इन डेमोन्सट्रेशन्स ने दिखाया कि कैसे ये एआई सर्वर प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, इंटेलिजेंट वीडियो एनालिटिक्स, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग ऑटोमेशन और उन्नत रिसर्च कंप्यूटिंग जैसे एप्लिकेशन्स को संभव बनाते हैं। डिस्प्ले एरिया में एल्टॉस के अन्य सॉल्यूशंस भी दिखाए गए, जिनमें P-सीरीज एज कंप्यूटिंग सिस्टम्स, T-सीरीज प्लेटफॉर्म्स और इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल डिस्प्ले शामिल थे। यह कंपनी के उस व्यापक इकोसिस्टम को दर्शाता है जो एआई इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर एज कंप्यूटिंग और एंटरप्राइज सहयोग तकनीकों तक फैला हुआ है। एल्टॉस इंडिया की डायरेक्टर प्रिया कृष्णमूर्ति ने कहा, “भारत में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि संगठन अब अपने परिचालन और निर्णय लेने की प्रक्रिया को बदलने के लिए ‘डेटा-संचालित इंटेलिजेंस’ पर अधिक निर्भर हो रहे हैं। मेक-इन-इंडिया R370 एआई सीरीज सर्वर के लॉन्च के साथ हमारा पूरा ध्यान यह सुनिश्चित करने पर है कि भारत के उद्यमों और संस्थानों को आधुनिक एआई वर्कलोड के लिए विश्वसनीय और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म उपलब्ध हों। स्थानीय स्तर पर विनिर्माण

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