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IITF 2026: भारत मंडपम में सजेगा कारोबार, संस्कृति और तकनीक का सबसे बड़ा उत्सव

13 से 27 नवंबर तक चलेगा इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर नई दिल्ली : भारत की सबसे प्रतिष्ठित व्यापार प्रदर्शनियों में से एक इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (IITF) 2026 का आयोजन 13 से 27 नवंबर तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में किया जाएगा। इस वर्ष मेले की थीम “विकास और विरासत“ रखी गई है, जो भारत की आधुनिक प्रगति और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगी। आईआईटीएफ 2026 में भारत और विदेशों से 3500 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा लेंगे, जबकि देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंडप आकर्षण का केंद्र होंगे। बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश को पार्टनर स्टेट बनाया गया है, वहीं असम, दिल्ली, झारखंड और पश्चिम बंगाल फोकस स्टेट के रूप में शामिल होंगे। मेले में 10 देशों की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी भी देखने को मिलेगी, जिनमें थाईलैंड, ईरान, नेपाल, चीन, श्रीलंका और बांग्लादेश प्रमुख हैं। इसके अलावा 51 केंद्रीय मंत्रालय, सरकारी विभाग, पीएसयू और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भी अपनी उपलब्धियों और योजनाओं का प्रदर्शन करेंगे। इस बार आगंतुकों के लिए हॉल ऑफ इंस्पिरेशन, ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) पवेलियन, इमर्सिव डिजिटल जोन और 90 से अधिक फूड आउटलेट्स विशेष आकर्षण रहेंगे। वहीं सूफी संगीत, ओडिसी नृत्य, कव्वाली, लाइव कॉन्सर्ट और लोक कला कार्यक्रम मेले को और रंगीन बनाएंगे। व्यावसायिक आगंतुकों के लिए 14 से 18 नवंबर तक विशेष B2B दिवस निर्धारित किए गए हैं, जबकि आम जनता के लिए मेला 19 से 27 नवंबर तक खुला रहेगा। IITF 2026 केवल एक व्यापार मेला नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक शक्ति, नवाचार, संस्कृति और उद्यमिता का भव्य उत्सव बनने जा रहा है। IITF 2026 में आगंतुकों और प्रदर्शकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए कई उन्नत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मेले के परिसर में आवागमन को आसान बनाने के लिए शटल सेवा और गोल्फ कार्ट की व्यवस्था होगी। आगंतुकों के लिए पर्याप्त पार्किंग, ऐप-आधारित कैब सेवाओं के लिए विशेष पिक-अप एवं ड्रॉप प्वाइंट, चिकित्सा सहायता और आपातकालीन स्थितियों के लिए एंबुलेंस सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता एवं सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। पूरे आयोजन स्थल पर 24 घंटे निगरानी सहित मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, खोया-पाया केंद्र, विजिटर सहायता काउंटर, पोर्टर और कंसीयर्ज सेवाएं, क्लोक रूम सुविधाएं तथा पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए ग्रीन मोबिलिटी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। आगंतुकों को आवश्यक जानकारी, प्रदर्शनी से जुड़े अपडेट और प्रचार सामग्री उपलब्ध कराने के लिए पूरे परिसर में डिजिटल डिस्प्ले और एलईडी मस्त लगाए जाएंगे। IITF 2026 में आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रवेश और टिकट व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाया गया है। सामान्य आगंतुकों के लिए भैरों रोड स्थित गेट नंबर 3 और 4 तथा मथुरा रोड स्थित गेट नंबर 6 और 10 से प्रवेश की सुविधा उपलब्ध होगी। प्रोटोकॉल श्रेणी के आगंतुक गेट नंबर 1, 5A, 7 और 10 का उपयोग कर सकेंगे, जबकि मालवाहक वाहनों के लिए गेट नंबर 1, 3 और 5B निर्धारित किए गए हैं। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को देखते हुए प्रवेश मार्गों में आवश्यकतानुसार बदलाव किया जा सकता है, इसलिए आगंतुकों को ITPO और ट्रैफिक विभाग की नवीनतम सलाह का पालन करने की सलाह दी गई है। टिकट दरों की बात करें तो बिजनेस डेज़ के दौरान वयस्कों के लिए प्रवेश शुल्क 500 रुपये निर्धारित किया गया है। सामान्य दिनों में सप्ताहांत और राजपत्रित अवकाश पर वयस्कों के लिए टिकट 200 रुपये तथा बच्चों के लिए 100 रुपये रहेगा। वरिष्ठ नागरिकों के लिए सामान्य दिनों में केवल 50 रुपये का टिकट रखा गया है, जबकि 19 से 27 नवंबर के बीच वैध सरकारी पहचान पत्र दिखाने पर वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजन को निःशुल्क प्रवेश मिलेगा। इसके अलावा, सीजन टिकट, प्रदर्शक पास और विभिन्न श्रेणियों के विशेष टिकट भी उपलब्ध रहेंगे। आगंतुक ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए booking.indiatradefair.com वेबसाइट का उपयोग कर सकते हैं, जिससे मेले में प्रवेश प्रक्रिया और भी आसान एवं सुविधाजनक हो जाएगी।

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वर्ल्ड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने नई दिल्ली में आयोजित किया कॉर्पोरेट गवर्नेस एक्सीलेंस समिट एंड अवॉर्डस 2026

नई दिल्लीः वर्ल्ड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने 30 अक्टूबर को नई दिल्ली में कॉर्पोरेट गवर्नेस एक्सीलेंस समिट एंड अवॉर्ड्स 2026 का आयोजन किया। सम्मेलन का उद्देश्य कॉर्पोरेट प्रशासन, जिम्मेदार नेतृत्व और बोर्डरूम मानकों को मजबूत करना था। वर्ल्ड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन डायरेक्टर्स इंस्टीट्यूट वर्ल्ड काउंसिल ऑफ डायरेक्टर्स के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में वर्ल्ड एसोसिएशन फॉर स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (WASME) ने सहयोग किया। सम्मेलन की थीम विश्वसनीय वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जिम्मेदार बोर्डों का निर्माण’ रही। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण 100 भावी निदेशकों को ‘सर्टिफाइड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर’ और ‘सर्टिफाइड इंटरनेशनल कॉर्पोरेट डायरेक्टर’ की उपाधियां प्रदान करना रहा। इन प्रतिभागियों ने संस्थान का निर्धारित प्रशिक्षण और मूल्यांकन कार्यक्रम पूरा किया। इस अवसर पर अनुभवी निदेशकों और कार्यक्रम के स्नातकों को भी सम्मानित किया गया। वर्ल्ड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ श्री ज़ीशान पठान ने कहा, “विश्वास, पूंजी से भी तेज गति से आगे बढ़ता है। हम एक-एक तैयार बोर्डरूम के माध्यम से इस विश्वास का निर्माण कर रहे हैं और यूनेस्को में इसे दुनिया के सामने प्रस्तुत करेंगे।” डायरेक्टर्स इंस्टीट्यूट वर्ल्ड काउंसिल ऑफ डायरेक्टर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ डॉ. हेवल मेहता ने कहा, “बेहतरीन निदेशक बनने की तैयारी बोर्डरूम में पहुंचने से बहुत पहले शुरू होती है। हम उन्हें वर्षों का प्रशिक्षण देते हैं, ताकि जिम्मेदारी मिलने पर वे उसे निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हों।” वर्ल्ड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के सीएफओ एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, गवर्नेस एंड ऑपरेशंस स्ट्रैटेजी श्री अयूब शेख ने कहा, “किसी उपाधि का महत्व उसके पीछे निर्धारित मानकों से तय होता है। हम अपने मानकों की सावधानीपूर्वक रक्षा करते हैं, क्योंकि यही मानक प्रमाणन को विश्वसनीयता प्रदान करते हैं।” सम्मेलन में कॉर्पोरेट गवर्नेस और पर्यावरण, सामाजिक एवं प्रशासनिक (ESG) नेतृत्व पर चर्चा हुई। संस्थान के अनुसार, उसने भारत और मध्य पूर्व में 7,000 से अधिक निदेशकों एवं वरिष्ठ अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है। वर्ष 2025 के आयोजन के बाद आयोजित यह सम्मेलन कॉर्पोरेट गवर्नेस और जिम्मेदार नेतृत्व के लिए एक वार्षिक मंच विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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पीएनबी के राजभाषा समारोह में हिंदी का गौरव, उत्कृष्ट विभागों व अंचल कार्यालयों को मिला सम्मान

विभागों तथा अंचल कार्यालयों को लाला लाजपतराय राजभाषा शील्ड योजना के अंतर्गत पुरस्कृत किया  पंजाब नैशनल बैंक, प्रधान कार्यालय, द्वारका, नई दिल्ली में आयोजित मुख्य राजभाषा पुरस्कार वितरण समारोह एवं काव्य संध्या में बैंक की पत्रिका, “पीएनबी प्रवाह” का अपने कर कमलों से विमोचन करते हुए श्री अशोक चंद्र, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, श्री अमित कुमार श्रीवास्तव, कार्यपालक निदेशक, श्री राघवेन्द्र कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ), श्री विशेष कुमार श्रीवास्तव, मुख्य महाप्रबंधक,  श्री आशीष करमरकर, महाप्रबंधक और डॉ अनिल कुमार शर्मा, सहायक महाप्रबंधक (राजभाषा)। नई दिल्ली  : देश के दूसरे सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, पंजाब नैशनल बैंक के द्वारका, नई दिल्ली स्थित प्रधान कार्यालय में हिंदी माह के उपलक्ष्य में राजभाषा समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री अशोक चंद्र, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, श्री अमित कुमार श्रीवास्तव, कार्यपालक निदेशक, श्री राघवेन्द्र कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) एवं अन्य मुख्य महाप्रबंधकगण, महाप्रबंधकगण व विभिन्न अंचलों से पधारे पुरस्कार विजेता अंचल प्रबंधक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ एमडी एवं सीईओ महोदय एवं शीर्ष कार्यपालकों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। माननीय प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं कार्यपालक निदेशकगणों द्वारा लाला लाजपत राय राजभाषा शील्ड प्रतियोगिताओं के विजेताओं को शील्ड प्रदान की गई। इस अवसर पर बैंक की गृह पत्रिका “पीएनबी प्रतिभा”, “राजभाषा चित्रकथा” और “डिजिटल लाइब्रेरी” का लोकार्पण किया गया। प्रख्यात कवि डॉ. प्रवीण शुक्ल और कवयित्री श्रीमती पद्मिनी शर्मा ने अपनी काव्य और ऊर्जावान प्रस्तुति से राजभाषा समारोह की काव्य संध्या में चार-चांद लगाए। बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी महोदय ने सर्वप्रथम छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में पंजाब नैशनल बैंक की गृह पत्रिका पीएनबी प्रतिभा और दिल्ली (बैंक) नराकास को 02 ‘राजभाषा कीर्ति’ प्रथम पुरस्‍कार’ प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए समस्त स्टाफ सदस्यों को हार्दिक बधाई दी तथा कहा कि पीएनबी राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है तथा बैंक द्वारा ग्राहकों को डिजिटल सुविधाएं हिंदी एवं क्षेत्रीय भाषाओं में दी जा रही हैं। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (राजभाषा), श्री विशेष कुमार श्रीवास्तव ने अपने स्वागत संबोधन से समारोह की शुरुआत की तथा  बैंक के कार्यपालक निदेशक महोदय श्री अमित कुमार श्रीवास्तव ने सभी स्टाफ सदस्यों को राजभाषा में कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किया। डॉ अनिल कुमार शर्मा, सहायक महाप्रबंधक-राजभाषा ने अपने सम्बोधन में राजभाषा के क्षेत्र में बैंक की उपलब्धियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा करी।

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अंतरराष्ट्रीय संपर्क सम्मेलन में खनन, महत्वपूर्ण खनिजों और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश-स्तरीय भागीदारी, निवेश के अवसरों और सहयोग पर चर्चा की गई।

भारत के खनन और खनिज क्षेत्र के लिए आयोजित सबसे बड़े सम्मेलन-सह-प्रदर्शनी, इंडिया माइनिंग वीक 2026 ने ‘इंडिया माइनिंग: ग्लोबल कनेक्ट’ की मेजबानी की। इस अंतरराष्ट्रीय संवाद सत्र में 19 देशों के राजनयिक मिशनों के प्रतिनिधि भारत के खनन और खनिज क्षेत्र में अधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी और सहयोग के अवसरों पर चर्चा करने के लिए शामिल हुए। इस संवाद सत्र का आयोजन कोयला मंत्रालय और खान मंत्रालय द्वारा खनन उद्योग के सहयोग से 15-17 नवंबर 2026 को यशोभूमि, नई दिल्ली में आयोजित होने वाले इंडिया माइनिंग वीक 2026 की तैयारियों के हिस्से के रूप में किया गया था। इस संवाद सत्र की मेजबानी कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे और कोयला मंत्रालय की अपर सचिव श्रीमती रुपिंदर बराड़ ने की। इसमें भाग लेने वाले राजनयिक मिशनों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने खनन एवं खनिज इकोसिस्टम के हितधारकों के साथ मिलकर इंडिया माइनिंग वीक 2026 में देश-स्तरीय सहभागिता के अवसरों पर चर्चा की। कोयला और खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने इंडिया माइनिंग वीक 2026 में वैश्विक खनन समुदाय से सक्रिय सहयोग और भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने भागीदार देशों को प्रमुख खनन कंपनियों, बड़े निवेशकों और प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों की भागीदारी को सुगम बनाने के लिए आमंत्रित किया और इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की भागीदारी पारस्परिक रूप से लाभकारी होगी और खनन एवं खनिज क्षेत्र में सहयोग के अवसरों को और मजबूत करेगी। श्री सतीश चंद्र दुबे ने साझेदार देशों के खनन मामलों के मंत्रियों के साथ-साथ प्रमुख निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों की भागीदारी सहित व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहभागिता सुनिश्चित करने में अपनी गहरी रुचि व्यक्त की। उन्होंने सभी गणमान्य व्यक्तियों और हितधारकों को 15 नवंबर को नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में आयोजित होने वाले इंडिया माइनिंग वीक 2026 के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। कोयला मंत्रालय की अपर सचिव श्रीमती रुपिंदर बराड़ ने इस अवसर पर कहा, “वसुधैव कुटुंबकम” के शाश्वत भारतीय आदर्श का आह्वान किया और वैश्विक खनन क्षेत्र के भविष्य को आकार देने वाली साझेदारी और सहयोग की भावना पर प्रकाश डाला। भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में प्रगति कर रहा है, ऐसे में खनन और खनिज क्षेत्र देश के विकास और वैश्विक महत्वाकांक्षाओं को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने नवंबर में आयोजित होने वाले इंडिया माइनिंग वीक 2026 के मद्देनजर, वैश्विक खनन समुदाय को एक साथ आने, विचारों का आदान-प्रदान करने, विशेषज्ञता साझा करने और सहयोग के अवसरों का पता लगाने के लिए आमंत्रित किया। सुश्री बराड़ ने इस बात पर बल दिया कि भारत एक अधिक नवोन्मेषी, टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर जुड़े खनन क्षेत्र को आकार देने के लिए विश्व भर के भागीदारों के विचारों, अनुभवों और समर्थन की प्रतीक्षा कर रहा है। इस संवाद सत्र में मलावी, श्रीलंका, मोज़ाम्बिक, अल्जीरिया, अमेरिका, चिली, भूटान, इंडोनेशिया, इथियोपिया, रूस, इराक, मोरक्को, वेनेजुएला, स्पेन, पोलैंड, मंगोलिया, ज़ाम्बिया, फ्रांस, घाना और यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संवाद सत्र में देश के प्रतिनिधिमंडलों, सरकारी और संस्थागत प्रतिनिधियों, व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडलों, वक्ताओं, तकनीकी विशेषज्ञों, खनन और खनिज कंपनियों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं, उपकरण निर्माताओं, निवेशकों, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग संघों के माध्यम से संभावित भागीदारी पर विचार-विमर्श किया गया। इस संवाद सत्र के दौरान इंडिया माइनिंग वीक 2026 के दायरे और कार्यक्रम को साझा करने और महत्वपूर्ण खनिजों, खनिज अन्वेषण, खनन प्रौद्योगिकी, भारी खनन उपकरण, नवाचार, निवेश, व्यापार और संसाधन विकास जैसे पारस्परिक हित के क्षेत्रों पर चर्चा की गई। इसमें भाग लेने वाले मिशनों को अपने-अपने देशों की संबंधित कंपनियों, सरकारी एजेंसियों, संस्थानों और उद्योग निकायों की भागीदारी को सुगम बनाने के लिए आमंत्रित किया गया था। भारत द्वारा महत्वपूर्ण खनिजों, संसाधन सुरक्षा, अवसंरचना विकास और घरेलू विनिर्माण पर ध्यान केंद्रित करने के साथ, खनन मूल्य श्रृंखला में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है। इंडिया माइनिंग वीक 2026 विभिन्न देशों और कंपनियों को अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने, व्यावसायिक अवसरों का पता लगाने और भारतीय नीति निर्माताओं, खनन कंपनियों, निवेशकों और प्रौद्योगिकी प्रदाताओं के लिए एक मंच प्रदान करेगा। तीन दिवसीय इंडिया माइनिंग वीक 2026 में 25,000 से अधिक उद्योग पेशेवर और निर्णयकर्ता, 500 से अधिक प्रदर्शक और प्रौद्योगिकी प्रदाता, 200 से अधिक वक्ता और उद्योग विशेषज्ञ, 100 से अधिक सम्मेलन सत्र और तकनीकी प्रस्तुतियाँ, 1,000 से अधिक सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के प्रतिनिधि और 300 से अधिक खनन और खनिज कंपनियां एक साथ आएंगी , जिसमें 50 से अधिक देशों की भागीदारी की उम्मीद है । इस आयोजन में एक उच्च स्तरीय सम्मेलन, अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी, तकनीकी सत्र, नेतृत्व संवाद, एक के बाद एक बैठकें, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और उत्पाद शामिल होंगे। इसके साथ ही कोयला, धातु, महत्वपूर्ण खनिज, अन्वेषण, खनन प्रौद्योगिकी, स्वचालन, खान सुरक्षा, स्थिरता, खनिज को शुद्ध रूप में प्राप्त करना और संसाधन दक्षता जैसे विषयों पर चर्चा भी होगी। ‘इंडिया माइनिंग: ग्लोबल कनेक्ट’ संवाद सत्र, इंडिया माइनिंग वीक 2026 से पहले चलाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय पहुंच कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसके तहत नवंबर में होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों, खनन कंपनियों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं, निवेशकों और उद्योग संगठनों के साथ और अधिक जुड़ाव की योजना बनाई गई । इंडिया माइनिंग वीक 2026 के बारे में अधिक जानकारी के लिए, यहां क्लिक करें https://www.indiaminingweek.org/

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डॉ. ब्लॉसम कोचर ने भारत का पहला एरोमाथेरेपी-आधारित प्रोफेशनल मेन्स ग्रूमिंग ब्रांड ‘ERTH’ लॉन्च किया

नई दिल्ली : पुरुषों की ग्रूमिंग आज केवल हेयरकट और शेविंग तक सीमित नहीं रही। आधुनिक उपभोक्ता अब बेहतर त्वचा स्वास्थ्य, रिलैक्सेशन और माइंडफुल सेल्फ-केयर को भी अपने ग्रूमिंग अनुभव का हिस्सा मान रहे हैं। इसी बदलती जरूरत को ध्यान में रखते हुए, प्रसिद्ध एरोमाथेरेपिस्ट डॉ. ब्लॉसम कोचर ने ERTH लॉन्च किया है, भारत का पहला एरोमाथेरेपी-आधारित प्रोफेशनल मेन्स ग्रूमिंग ब्रांड, जिसे विशेष रूप से बारबर्स और प्रोफेशनल सैलून के लिए विकसित किया गया है। ERTH आवश्यक तेलों की शक्ति को विज्ञान-आधारित स्किनकेयर फॉर्म्युलेशन और बायोएक्टिव वनस्पति घटकों के साथ जोड़ता है। इसका उद्देश्य केवल प्रभावी ग्रूमिंग प्रदान करना नहीं, बल्कि हर प्रोफेशनल सेवा को एक अधिक संपूर्ण और संवेदनात्मक अनुभव में बदलना है। _”एरोमाथेरेपी में चार दशकों से अधिक के अनुभव के साथ, डॉ. ब्लॉसम कोचर, संस्थापक एवं मास्टर एरोमाथेरेपिस्ट, ब्लॉसम कोचर ग्रुप ऑफ कंपनीज_ंग सर्विस देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि त्वचा और ग्रूग्रूमिंग में लाना था। ब्लॉसम कोचर, संस्थापक एवं मास्टर एरोमाथेरेपिस्ट, ब्लॉसम कोचर ग्रुप ऑफ कंपनीज ग्रुप ऑफ कंपनीजारा उद्देश्य इस विशेषज्ञता को पुरुषों की प्रोफेशनल ग्रूमिंग में लाना था। हमने ऐसे फॉर्म्युलेशन तैयार किए हैं जो त्वचा की देखभाल के साथ पूरे ग्रूमिंग अनुभव को बेहतर बनाते हैं। हर शेव के बाद व्यक्ति को तरोताजा, आत्मविश्वासी और पुनर्जीवित महसूस होना चाहिए।” — डॉ. ब्लॉसम कोचर, संस्थापक एवं मास्टर एरोमाथेरेपिस्ट, ब्लॉसम कोचर ग्रुप ऑफ कंपनीज_ ERTH का प्रोफेशनल पोर्टफोलियो ग्रूमिंग के हर चरण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें अल्ट्रा क्लींजिंग मिल्क, डिटॉक्सिफाइंग फेस स्क्रब, प्री-शेव ऑयल, शेविंग फोम, फिटकरी जेल, डीप नरिशिंग मसाज क्रीम, स्किन ब्राइटनिंग फेस पैक, आफ्टर शेव लोशन, सूदिंग मॉइस्चराइजिंग बाम और सैंडलवुड एसेंशियल ऑयल शामिल हैं। प्री-शेव ऑयल रेज़र ग्लाइड को बेहतर बनाने में मदद करता है, जबकि आफ्टर-शेव लोशन और फिटकरी जेल शेव के बाद त्वचा को शांत करने के लिए तैयार किए गए हैं। उत्पादों के साथ, ERTH ने तीन सिग्नेचर सर्विस रूटीन—रॉयल शेव, अल्फा शेव और एक्सप्रेस शेव, भी पेश किए हैं, जिन्हें नियमित बारबरिंग अपॉइंटमेंट्स को अधिक प्रीमियम और अनुभव-केंद्रित बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। ब्रांड का फोकस केवल उत्पादों तक सीमित नहीं है। ERTH बारबर्स के लिए प्रोफेशनल शिक्षा और प्रशिक्षण पर भी जोर देता है, ताकि वे बेहतर तकनीक, उत्पाद ज्ञान और वेलनेस-केंद्रित ग्रूमिंग अनुभव प्रदान कर सकें। ERTH के माध्यम से डॉ. ब्लॉसम कोचर पुरुषों की प्रोफेशनल ग्रूमिंग में प्रकृति, विज्ञान और शिल्प कौशल को एक साथ लाने का प्रयास कर रही हैं, एक ऐसा दृष्टिकोण जो आधुनिक बारबरिंग अनुभव को एक नया आयाम देता है।

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एसबीआई कार्ड ने एसबीआई योनो के ज़रिए फिक्स्ड डिपॉज़िट पर आधारित सिक्योर्ड एडवांटेज एसबीआई कार्ड लॉन्च किया

इसके जरिए ग्राहक अब एसबीआई योनो पर 100% डिजिटल और आसान प्रक्रिया से सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड ले सकते हैं डिजिटल आवेदन प्रक्रिया के ज़रिए बस 10 मिनट में सिक्योर्ड एडवांटेज एसबीआई कार्ड प्राप्त किया जा सकता है नई दिल्ली : भारत में क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली सबसे बड़ी कंपनी, एसबीआई कार्ड ने एसबीआई योनो पर एडवांटेज एसबीआई कार्ड के लॉन्च की घोषणा की, जिससे ग्राहकों को बिना किसी झंझट के डिजिटल तरीके से फिक्स्ड डिपॉज़िट पर आधारित सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड पाने की सुविधा मिलेगी। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के अध्यक्ष, श्री चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी ने इस डिजिटल प्रक्रिया का शुभारंभ किया और इस मौके पर एसबीआई के मैनेजिंग डायरेक्टर, श्री अश्विनी कुमार तिवारी और एसबीआई कार्ड की मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ, श्रीमती सलिला पांडे भी मौजूद थीं। एसबीआई योनो पर शुरू की गई इस पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया से ग्राहकों के लिए क्रेडिट की सुविधा पाना अब और भी आसान हो गया है। ग्राहक एसबीआई योनो के ज़रिए चार अलग-अलग सिक्योर्ड एडवांटेज एसबीआई कार्ड – यानी एसबीआई कार्ड एलीट, एसबीआई कार्ड प्राइम, सिंपलीक्लिक एसबीआई कार्ड और सिंपलीसेव एसबीआई कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस लॉन्च के जरिए एसबीआई कार्ड की क्रेडिट कार्ड विशेषज्ञता और एसबीआई की व्यापक पहुंच के साथ योनो प्लेटफ़ॉर्म की डिजिटल खूबियों को जोड़ा गया है, ताकि ग्राहकों को एक सरल और बेहतर अनुभव मिल सके। एसबीआई में फिक्स्ड डिपॉज़िट रखने वाले ग्राहक अब एसबीआई योनो पर बिना किसी कागजी कार्रवाई के सिक्योर्ड एडवांटेज एसबीआई कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह पहल फिक्स्ड डिपॉज़िट की सुरक्षा को क्रेडिट कार्ड की सुविधा और फ़ायदों के साथ जोड़ती है, जो ग्राहकों के लिए रोज़मर्रा के खर्चों को और भी फ़ायदेमंद बना देती है। एसबीआई कार्ड की मैनेजिंग डायरेक्टर एवं चीफ़ एग्जीक्यूटिव ऑफ़िसर, श्रीमती सलिला पांडे ने कहा, “अब ग्राहक बेहद आसान और सुविधाजनक तरीके से, बिना किसी कागजी कार्रवाई के 100% डिजिटल प्रक्रिया के ज़रिए सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड ले सकते हैं। एसबीआई योनो पर एडवांटेज एसबीआई कार्ड के लिए शुरू की गई इस नई डिजिटल प्रक्रिया से क्रेडिट कार्ड प्राप्त करना अब और भी आसान हो गया है, जिससे ग्राहक कुछ ही मिनटों में अपने फिक्स्ड डिपॉज़िट पर आधारित सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड हासिल कर सकते हैं। एसबीआई योनो पर उपलब्ध एसबीआई क्रेडिट कार्ड्स की बड़ी रेंज ग्राहकों को ज़्यादा विकल्प देती है और वे अपनी ज़रूरतों के हिसाब से अपने लिए सही कार्ड चुन सकते हैं। एसबीआई कार्ड में, हमने ग्राहकों को हमेशा सबसे ज्यादा अहमियत दी है और हम हर कदम पर ग्राहकों के अनुभव को बेहतर और सार्थक बनाने की कोशिश करते रहते हैं।” एसबीआई योनो पर उपलब्ध सिक्योर्ड एडवांटेज एसबीआई कार्ड लोगों के लिए औपचारिक क्रेडिट सिस्टम से जुड़ने का एक आसान माध्यम है, खासकर उन ग्राहकों के लिए जो अपना क्रेडिट प्रोफ़ाइल बनाना या उसे मज़बूत करना चाहते हैं। इस नए कदम से साफ जाहिर है कि एसबीआई कार्ड डिजिटल तरीके से ग्राहकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने की कोशिश के साथ औपचारिक क्रेडिट तक पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रहा है। मौजूदा दौर में ग्राहक फाइनेंस से जुड़ी सेवाएं तुरंत, आसान तरीके से और एक ही जगह पर प्राप्त करने की उम्मीद करते हैं, और एसबीआई कार्ड ने टेक्नोलॉजी पर आधारित ऐसे समाधानों में निवेश करना जारी रखा है जो रोजमर्रा के वित्तीय लेनदेन को और भी ज्यादा आसान बनाते हैं।

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दिल्ली में केसीसी पहुंच को मिली नई दिशा : नाबार्ड की अगुवाई में आयोजित हितधारक बैठक में नवम्बर तक की कार्ययोजना निर्धारित

दिल्ली में केसीसी तक पहुंच की चुनौतियों के समाधान हेतु नाबार्ड ने बैंकों और सरकारी विभागों को एक मंच पर लाया नाबार्ड : नई दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा 23 सितम्बर 2026 “केसीसी जारी करने में मुद्दे एवं चुनौतियाँ” विषय पर एक हितधारक बैठक आयोजित की। बैठक में श्री नवीन कुमार रॉय, मुख्य महाप्रबन्धक नाबार्ड, श्री डी. साहू, महाप्रबंधक एवं संयोजक, एसएलबीसी; डॉ. एस. शनमुगुवेल, निदेशक, पशुपालन विभाग, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार; डॉ. उबैद खान, उप निदेशक, कृषि विभाग, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार; श्री तुषार जाधव, उप महाप्रबंधक, भारतीय रिजर्व बैंक; डॉ. ऋतु सिंह, विषय विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र, उजवा; बैंकों एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के अधिकारी; एलडीएम, भारतीय रिजर्व बैंक के एलडीओ तथा नाबार्ड के डीडीएम-आर सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अपने मुख्य संबोधन में श्री नवीन कुमार राय, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड द्वारा किसानों की किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) तक पहुंच बढ़ाने को प्राथमिकता बताया गया। उन्होने साथ ही सरकारी विभागों, बैंकों, सहकारी संस्थाओं तथा विकास संस्थानों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर भी बल दिया। पात्र किसानों को समयबद्ध एवं किफायती ऋण उपलब्ध कराने हेतु क्षेत्र स्तर की बाधाओं को सहयोगात्मक एवं नवोन्मेषी उपायों के माध्यम से दूर करने का आह्वान करते हुए मुख्य महाप्रबन्धक नाबार्ड द्वारा सभी से सहयोग की अपेकषा की गई। पशुपालन विभाग के निदेशक ने बैंकों से दिल्ली के पशुपालकों को अधिकाधिक ऋण उपलब्ध कराने का आग्रह किया तथा डेयरी कॉलोनियों का दौरा करने हेतु बैंकों को आमंत्रित किया। वहीं, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक ने बताया कि दिल्ली में लगभग 20,000 भूमिधर किसान हैं, जो लगभग 28,000 हेक्टेयर शुद्ध बोया गया क्षेत्र में खेती करते हैं, जबकि केसीसी के अंतर्गत उनकी कवरेज अपेक्षाकृत बहुत कम है। इस अवसर पर श्री डी. साहू, महाप्रबंधक एवं संयोजक, एसएलबीसी ने आश्वासन दिया कि केसीसी कवरेज से संबंधित मुद्दों को आगामी एसएलबीसी बैठक के एजेंडा में शामिल किया जाएगा ताकि इन विषयों पर संस्थागत स्तर पर निरंतर ध्यान एवं अनुवर्ती कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। विचार-विमर्श के दौरान प्रतिभागियों ने केसीसी जारी करने में आने वाली प्रमुख बाधाओं में अपर्याप्त अथवा अविश्वसनीय गिरदावरी अभिलेख, अस्पष्ट खेती अधिकार, खंडित जोतें, अधूरी नामांतरण प्रक्रियाएँ, भूमि सीमांकन का अभाव तथा मौखिक पट्टा व्यवस्थाओं को चिन्हित किया। बैठक में बटाईदारों, मौखिक पट्टाधारकों, हिस्सेदारी किसानों तथा स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) एवं संयुक्त दायित्व समूहों (जेएलजी) के माध्यम से संगठित किसानों के लिए वैकल्पिक ऋण वितरण मॉडलों पर भी चर्चा की गई। जुलाई 2026 से पशुपालन एवं मत्स्य पालन गतिविधियों के लिए केसीसी प्रावधानों के विस्तार पर भी विचार किया गया। प्रतिभागियों ने जागरूकता बढ़ाने तथा प्रलेखन एवं ऋण सुविधा शिविरों जैसे संस्थागत तंत्रों के माध्यम से इन प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में यह विश्वास व्यक्त किया गया कि सभी हितधारकों के संयुक्त प्रयासों से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए अल्पकालिक ऋण प्रवाह को बढ़ावा देने हेतु एक अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा सकेगा तथा अधिकाधिक किसानों को संस्थागत ऋण व्यवस्था से जोड़ा जा सकेगा।

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दिल्ली की विरासत को नई पहचान : नाबार्ड ने छह नए उत्पादों के जीआई आवेदन में दी सहायता

नाबार्ड, नई दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा “विरासत का संरक्षण एवं आजीविका का संवर्धन” विषय के साथ भौगोलिक संकेतक (GI) दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ कारीगरों एवं उत्पादक समुदायों के लिए सतत आजीविका के अवसर सृजित करने में GI की भूमिका को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) उन्नत पी. पंडित, नियंत्रक-जनरल, पेटेंट, डिज़ाइन एवं ट्रेड मार्क्स, DPIIT, भारत सरकार ने की। कार्यक्रम में श्री पुष्पास पांडे, प्रबंध निदेशक, NABCONS; पद्म पुरस्कार से सम्मानित डॉ. रजनीकांत, महासचिव, ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन; श्री टी.डी. शिवकुमार, मुख्य महाप्रबंधक, EXIM बैंक; श्री डी. साहू, महाप्रबंधक एवं संयोजक, SLBC; श्री नटराजन रामचंद्रन, महाप्रबंधक, SIDBI; RBI, बैंकों एवं विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ कारीगरों एवं अन्य हितधारकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान “नव सृजन” शीर्षक से एक लघु फिल्म का शुभारंभ किया गया, जिसमें GI मान्यता के लिए आगे बढ़ाए जा रहे दिल्ली के छह पारंपरिक शिल्पों को प्रदर्शित किया गया। साथ ही, नाबार्ड की GI यात्रा को संकलित करने वाली कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत नाबार्ड, नई दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय में GI बाज़ार का भी आयोजन किया गया, जिसमें दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कारीगरों द्वारा GI एवं पारंपरिक उत्पादों के प्रदर्शन एवं विपणन के लिए 22 स्टॉल लगाए गए हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री नबीन कुमार रॉय, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, नई दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय ने दिल्ली में नाबार्ड की GI पहल के विस्तार को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष चिन्हित तीन उत्पादों से बढ़कर अब नौ उत्पादों को GI मान्यता के लिए आगे बढ़ाया जा रहा है, जिनके आवेदन ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन के सहयोग से सुगम बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि GI प्रमाणन केवल शुरुआत है और संस्थागत वित्त, कौशल उन्नयन, ब्रांडिंग एवं बाजार तक पहुंच सहित एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना आवश्यक है। नाबार्ड के हेरिटेज फाइनेंसिंग पर जोर देते हुए उन्होंने आर्टिजन क्रेडिट कार्ड एवं PM विश्वकर्मा जैसी वित्तीय सुविधाओं को जमीनी स्तर पर कारीगरों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बेहतर बाजार, उचित मूल्य एवं सतत आजीविका सुनिश्चित करने के लिए कारीगरों के बीच परस्पर सीख तथा बैंकों एवं अन्य संस्थाओं के साथ सहयोग के महत्व को भी रेखांकित किया। पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित डॉ. रजनीकांत, महासचिव, ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन और लोकप्रिय रूप से “GI मैन ऑफ इंडिया” के नाम से विख्यात, भी GI दिवस समारोह का हिस्सा रहे। नाबार्ड के साथ लंबे समय से GI पहलों को सुगम बनाने में सहयोग कर रहे डॉ. रजनीकांत ने देश में GI आंदोलन की बढ़ती गति तथा भारत के पारंपरिक शिल्पों और सांस्कृतिक विरासत के दस्तावेजीकरण, संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने दिल्ली की GI यात्रा में नाबार्ड के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि निरंतर संस्थागत सहयोग से दिल्ली के GI उत्पादों के दायरे को और विस्तारित किया जा सकता है तथा पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान हुई चर्चाओं में इस बात पर जोर दिया गया कि GI पंजीकरण केवल शुरुआत है और इसके बाद अधिकृत उपयोगकर्ता के रूप में पंजीकरण, गुणवत्ता सुधार, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, डिजिटल मार्केटिंग, लॉजिस्टिक्स एवं बाजार संपर्क जैसी गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाना आवश्यक है। स्थानीय बाजारों से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों तक GI उत्पादों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नाबार्ड, बैंकों, SIDBI, EXIM बैंक, सरकारी एजेंसियों एवं उत्पादक समुदायों के बीच बेहतर समन्वय को महत्वपूर्ण बताया गया। उत्पादों की ट्रेसबिलिटी एवं QR-आधारित प्रमाणीकरण से उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ाने तथा GI उत्पादों के मूल्य को बेहतर करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

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QNET ने लॉन्च किया BeYouTe Argan Pure – बालों और त्वचा के लिए प्रीमियम आर्गन ऑयल

बालों, त्वचा और नाखूनों की रोज़ाना बहुउपयोगी देखभाल के लिए तैयार किया गया 100% कोल्ड-प्रेस्ड मोरक्कन आर्गन ऑयल दुनिया की प्रमुख डायरेक्ट-सेलिंग कंपनियों में से एक QNET ने BeYouTe Argan Pure के लॉन्च की घोषणा की है। यह 100% कोल्ड-प्रेस्ड मोरक्कन आर्गन ऑयल है, जिसे मोरक्को की सदियों पुरानी सौंदर्य परंपरा को रोज़मर्रा की सेल्फ़-केयर तक लाने के लिए तैयार किया गया है। ‘मोरक्को का लिक्विड गोल्ड’ कहलाने वाला यह लाइटवेट और बहुउपयोगी ब्यूटी ऑयल बिना किसी चिपचिपाहट के पोषण, हाइड्रेशन और कोमलता देता है। बालों को पोषण देने और नरम बनाने, त्वचा को नमी देने, चेहरे व दाढ़ी की देखभाल करने और नाखूनों व क्यूटिकल्स को सही पोषण देने तक, BeYouTe Argan Pure ये सारे काम एक ही मल्टीफ़ंक्शनल तेल में समेट देता है। BeYouTe Argan Pure की सबसे ख़ास बात है इसका मोरक्कन आर्गन ऑयल, जो आर्गेनिया स्पिनोसा पेड़ से मिलता है और सुंदरता निखारने वाले अपने प्राकृतिक गुणों के लिए सराहा जाता है। इसमें विटामिन E, ओमेगा 6 व 9, प्लांट स्टेरोल्स और पॉलीफेनॉल्स जैसे प्राकृतिक तत्व मौजूद हैं, जो प्रकृति के फ़ायदों को रोज़मर्रा की सुंदरता के आधुनिक तरीक़े से जोड़ते हैं। इसकी हल्की बनावट और चिपचिपाहट रहित फ़िनिश रोज़मर्रा के लग्ज़री ब्यूटी प्रोडक्ट के रूप में इसकी पहचान को और पुख़्ता करती हैं। BeYouTe Argan Pure की क़ीमत सिंगल पैक (100 ml) के लिए 3,450 रुपये और डबल पैक (100 ml x 2) के लिए 6,710 रुपये है। यह एक प्रीमियम एम्बर ग्लास बोतल में आता है, जिसमें तेल आसानी से निकालने के लिए सटीक ड्रॉपर भी दिया गया है। पैराबेन्स, मिनरल ऑयल्स और कठोर रसायनों से मुक्त यह प्रीमियम आर्गन ऑयल पुरुषों और महिलाओं, दोनों के लिए है। यह मोरक्को की शुद्ध सौंदर्य विरासत को बहुउपयोगी रोज़मर्रा देखभाल के साथ एक लग्ज़री बोतल में पिरो देता है। BeYouTe Argan Pure के लॉन्च के साथ QNET अपने लाइफ़स्टाइल और वेलनेस पोर्टफ़ोलियो का विस्तार जारी रखे हुए है, जिसमें ऐसे उत्पाद शामिल हैं जो गुणवत्ता, उपयोगिता और प्रीमियम रोज़मर्रा अनुभव को एक साथ लाते हैं। QNET इंडिया अब बालों, त्वचा और नाखूनों के लिए प्रीमियम 100% कोल्ड-प्रेस्ड मोरक्कन आर्गन ऑयल BeYouTe Argan Pure विशेष रूप से QNET इंडिया ई-स्टोर पर उपलब्ध करा रहा है। अभी ख़रीदें: https://www.qnetindia.co/beyoute-argan-pure/

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NISM और SEBI ने युवाओं में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने के लिए नई दिल्ली में नेशनल फाइनेंशियल लिटरेसी क्विज़

यह पहल वित्तीय बाज़ारों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और समझदारी से निवेश करने को बढ़ावा देती है। नई दिल्ली :  नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ सिक्योरिटीज मार्केट्स (NISM) ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के सहयोग नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित SCOPE कन्वेंशन सेंटर में नेशनल फाइनेंशियल लिटरेसी क्विज़ (NFLQ) 2026 के उत्तर क्षेत्रीय दौर का सफलतापूर्वक आयोजन किया। दो दिनों के कार्यक्रम में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड तथा उत्तर भारत के दूसरे राज्यों से आए अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट छात्र शामिल हुए। छात्रों ने वित्तीय बाज़ार, निवेश के नियमों, निवेशकों की सुरक्षा और ज़िम्मेदार वित्तीय आदतों से जुड़े विषयों पर सवाल-जवाब के स्वरूप में आयोजित प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। मुंबई में 18-19 जुलाई को हुए पश्चिम क्षेत्रीय दौर के बाद, NFLQ 2026 का दूसरा क्षेत्रीय दौर नई दिल्ली में आयोजित किया गया। देश भर में शुरू की गई इस पहल में 4 लाख से ज़्यादा छात्रों ने अपने कॉलेजों और ऑनलाइन क्वालिफाइंग राउंड के ज़रिए हिस्सा लिया। उनके प्रदर्शन के आधार पर बेहतरीन टीमों को चुना गया जिन्होंने भारत के पूर्वी, दक्षिणी, उत्तरी, मध्य, पश्चिमी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में आयोजित होने वाले क्षेत्रीय दौरों में आगे बढ़ीं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ सिक्योरिटीज मार्केट्स (NISM) के डायरेक्टर, श्री सशी कृष्णन ने इसमें भाग लेने वाले सभी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “वित्तीय साक्षरता का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि युवाओं को सही समय पर सूचित, जिम्मेदार और आत्मविश्वासपूर्ण वित्तीय निर्णय लेने में सक्षम बनाना है। । NFLQ वित्तीय साक्षरता को परस्पर बातचीत पर आधारित और एक प्रतिस्पर्धी माहौल में पेश करता है। इससे छात्र अपनी समझ को बेहतर बना पाते हैं, साथ ही उनमें वित्तीय परिवेश के बारे में जानने की इच्छा भी बढ़ती है। इस पहल को मिली ज़बरदस्त प्रतिक्रिया से साफ़ है कि भारत के युवाओं के बीच काम में आने वाली वित्तीय जानकारी पाने की इच्छा बढ़ रही है। NISM एक ऐसा प्लेटफॉर्म्स तैयार करने के अपने इरादे पर अटल है, जो वित्तीय शिक्षा को आसान, मज़ेदार और उपयोगी बनाए। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के CGM और क्षेत्रीय निदेशक, श्री विजयंत कुमार वर्मा ने कहा, “भारत के सिक्योरिटीज मार्केट को लगातार आगे बढ़ाने के लिए आज की युवा पीढ़ी का वित्तीय रूप से जागरूक होना बेहद ज़रूरी है। NFLQ जैसी पहल, छात्रों को शुरुआती दौर में ही सोच-समझकर निवेश करने, निवेशकों के अधिकारों, बाज़ार के नियमों और जोखिम जैसे विषयों की जानकारी देकर, उन्हें वित्तीय व्यवस्था में जिम्मेदारी से भाग लेने के लिए तैयार करती है। SEBI की निवेशक शिक्षा से जुड़ी कोशिशों का मकसद इसी बुनियाद को मज़बूत करना और भारत के युवाओं को ज़्यादा जागरूकता और समझदारी के साथ वित्तीय फ़ैसले लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।”   NFLQ 2026, असल में NISM की ओर से बड़े पैमाने पर शुरू किए गए उस जनसंपर्क कार्यक्रम का हिस्सा है जिसका उद्देश्य सिक्योरिटीज़ मार्केट के बारे में छात्रों की समझ को बेहतर बनाना और उन्हें सोच-समझकर वित्तीय निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस क्विज़ में फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स, बाज़ार के कामकाज के तरीके, निवेशकों के अधिकार, इससे जुड़े नियम और बाज़ार के मध्यस्थों की भूमिका जैसे विषय शामिल हैं, जिससे प्रतिभागियों को भारत के फाइनेंशियल इकोसिस्टम के बारे में उपयोगी जानकारी मिलती है। यह पहल जुलाई से सितंबर 2026 तक चलेगी और इस दौरान मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु, भोपाल, गुवाहाटी और कोलकाता में इसके क्षेत्रीय दौर आयोजित किए जाएंगे। इन सभी दौर में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीमें नवंबर 2026 में होने वाले नेशनल फ़िनाले में पहुंचेंगी, जहां उन्हें महाराष्ट्र के रसायनी, पातालगंगा में स्थित NISM के परिसर में राष्ट्रीय खिताब के लिए मुकाबला करना होगा। महाराष्ट्र के रसायनी, पातालगंगा स्थित NISM के परिसर में आयोजित ग्रैंड फ़िनाले में देश भर की बेहतरीन टीमें राष्ट्रीय खिताब के लिए मुक़ाबला करेंगी। क्षेत्रीय दौर की हर श्रेणी में शीर्ष तीन विजेताओं के लिए इनाम की राशि इस प्रकार है: अंडरग्रेजुएट श्रेणी: • पहला इनाम – 40,000/- रुपये (BFSI विभाग, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी) • दूसरा इनाम – 30,000/- रुपये (कॉमर्स एवं फाइनेंस विभाग, क्वांटम स्कूल ऑफ़ ग्रेजुएट स्टडीज़) • तीसरा इनाम – 20,000/- रुपये (प्रबंधन विभाग, मित्तल स्कूल ऑफ़ बिज़नेस) पोस्टग्रेजुएट श्रेणी: • पहला इनाम – 40,000/- रुपये (प्रबंधन विभाग, लाल बहादुर शास्त्री इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट) • दूसरा इनाम – 30,000/- रुपये (प्रबंधन विभाग, भारतीय प्रबंधन संस्थान, काशीपुर) • तीसरा इनाम –20,000/- रुपये (प्रबंधन विभाग, मित्तल स्कूल ऑफ़ बिज़नेस) इसके अलावा, उत्तरी क्षेत्र के 12 अंडरग्रेजुएट कॉलेजों ने राष्ट्रीय चरणों में आगे बढ़ने के लिए अपनी जगह बनाई। चुने गए संस्थानों की सूची इस प्रकार है:

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