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Deepika Padukone & Ranveer Singh’s Pregnancy Photoshoot Wins Love, Sends Internet Into Meltdown; Fans Call Them “Perfect Family”

Deepika Padukone and Ranveer Singh have once again won the internet’s love with a series of pictures from their pregnancy photoshoot, as the couple is expecting their second child. The photos also come as their daughter Dua turns two, making the family moments even more special. The pictures feature Deepika beautifully flaunting her baby bump as she poses with Ranveer, while the couple also shares adorable moments with Dua. The intimate frames capture their happiness as they embrace this new chapter of their lives together. From Deepika’s radiant pregnancy glow to Ranveer’s affectionate moments with his wife and daughter, the photoshoot is filled with warmth and love. The family’s chemistry has left fans gushing over every frame. Soon after the pictures were shared, social media was flooded with love and birthday wishes for Dua. Fans couldn’t stop admiring the trio, with many calling them a “perfect family.” With Dua turning two and another little one on the way, the photoshoot beautifully captures a special moment in Deepika and Ranveer’s growing family. https://www.instagram.com/p/DdB12M_iG3g/?img_index=2&stkn=MW1ma3pjeHRjd2pybw==

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साईं बाबा की नगरी शिर्डी से ‘तेरा साईं’ की रिलीज डेट का ऐलान, 5 फरवरी 2027 को सिनेमाघरों में आएगी फिल्म

नई दिल्ली: आध्यात्मिक आस्था और श्रद्धा के केंद्र शिर्डी में साईं बाबा के दर्शन और आशीर्वाद के साथ फिल्म ‘तेरा साईं’ की रिलीज डेट का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। निर्माता शैलेश एस. सांघवी और निर्देशक पलाश मुच्छल ने शिर्डी पहुंचकर साईं बाबा का आशीर्वाद लिया और फिल्म को 5 फरवरी 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज करने की घोषणा की। फिल्म की रिलीज डेट के लिए शिर्डी जैसे पवित्र स्थल का चयन इसे विशेष भावनात्मक महत्व देता है। ‘तेरा साईं’ साईं बाबा के जीवन, उनके उपदेशों और मानवता के सार्वभौमिक संदेश पर आधारित है। ऐसे में फिल्म की टीम ने अपनी सिनेमाई यात्रा की शुरुआत आस्था के इस केंद्र से करना उपयुक्त समझा। पलाश मुच्छल द्वारा लिखित और निर्देशित इस फिल्म में अनुभवी अभिनेता संजय मिश्रा साईं बाबा की मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। उनके साथ फिल्म में सयाजी शिंदे, मनोज जोशी, ओमकार दास माणिकपुरी, अविका गौर और रोहन मेहरा अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। फिल्म के वितरण के लिए सिनेपोलिस इंडिया का साथ मिलना इसकी बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। हाल ही में सिनेपोलिस इंडिया ने अपनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ की बॉक्स ऑफिस सफलता से इंडस्ट्री में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है, जिससे ‘तेरा साईं’ की रिलीज को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। निर्माता शैलेश एस. सांघवी के लिए S3 Films के बैनर तले यह फिल्म एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, जो एक ऐसे संदेश को प्रस्तुत करती है जो पीढ़ियों तक प्रासंगिक रहेगा। फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है और फिलहाल यह पोस्ट-प्रोडक्शन के चरण में है। निर्देशक पलाश मुच्छल ने फिल्म में साईं बाबा के कालखंड को प्रामाणिकता के साथ दर्शाने का प्रयास किया है, वहीं कहानी को मानवता, श्रद्धा और आशा के मूल भावों से जोड़ा गया है। संजय मिश्रा का साईं बाबा के रूप में सहज और संवेदनशील अभिनय फिल्म की प्रमुख विशेषताओं में से एक माना जा रहा है। निर्माण, निर्देशन और वितरण की मजबूत टीम के साथ ‘तेरा साईं’ अब एक बड़े स्तर पर दर्शकों के सामने आने के लिए तैयार है। यह फिल्म हिंदी के साथ-साथ मराठी, तेलुगु और तमिल भाषाओं में 5 फरवरी 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

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बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री: वैशाली में परोसा खाना, सोनपुर में पंगत में बैठकर किया भोजन

मुख्यमंत्री ने हाजीपुर और सोनपुर के राहत शिविरों का किया निरीक्षण, बोले- सरकार पूरी तरह लोगों के साथ, अगले दो-तीन दिनों में स्थिति में और राहत की उम्मीद पटना/नई दिल्ली : बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को वैशाली और सारण जिलों का सघन दौरा किया। संकट की इस घड़ी में आपदा प्रभावितों का ढांढस बंधाते हुए मुख्यमंत्री का एक मानवीय चेहरा उस समय सामने आया, जब उन्होंने स्वयं सामुदायिक रसोई का कमान संभाल ली। वैशाली जिले में निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने राहत शिविर की कम्युनिटी किचन में बाढ़ पीड़ितों को अपने हाथों से खाना परोसा। वहीं, सारण जिले के सोनपुर में संचालित राहत शिविर में वे आम लोगों के साथ पंगत में बैठकर भोजन करते नजर आए और खुद भोजन की गुणवत्ता को परखा। सीएम ने शिविरों में मौजूद बच्चों से उनकी पढ़ाई-लिखाई और खान-पान का हाल जाना, जबकि महिलाओं और पुरुषों के लिए की गई पृथक आवास व्यवस्था का अवलोकन किया। गंगा के जलस्तर में गिरावट, सर्वे के बाद मिलेगा मुआवजा स्थिति का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर में 17 से 18 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। फरक्का बराज से करीब 15 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज जारी है, जिससे अगले दो-तीन दिनों में स्थिति में और सुधार की उम्मीद है। सीएम ने स्पष्ट किया कि जलस्तर सामान्य होते ही प्रत्येक प्रभावित परिवार के नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। फसल क्षति का भी सटीक आकलन कर किसानों को उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग रहने की व्यवस्था को भी देखा। स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सकों से जांच एवं इलाज की सुविधाओं की जानकारी लेते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि बीमार होने की स्थिति में बाढ़ पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। पशु चिकित्सा शिविर की जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री ने पशुओं के लिए पर्याप्त दवा और चारा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण पशुओं को भी किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। बाढ़ का निकाला जाएगा स्थायी समाधान प्रतिवर्ष गंगा में आने वाली बाढ़ की विभीषिका पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इसके स्थायी समाधान पर गंभीरता से काम कर रही है। गंगा नदी के प्रवाह क्षेत्र (स्ट्रेच) को एक निश्चित सीमा में बांधने को लेकर केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों से वार्ता चल रही है, ताकि हर साल होने वाली तबाही से बिहार के नागरिकों को मुक्ति मिल सके। राहत कार्यों का आंकड़ा: *राज्य में 226 सामुदायिक रसोई संचालित, जिनके माध्यम से अब तक 3.75 लाख लोगों को भोजन कराया जा चुका है।*चार राहत शिविरों में 2505 बाढ़ प्रभावितों लोगों के लिए आवास, भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था।* *बाढ़ प्रभावितों में 81,100 पॉलीथिन शीट और 19,000 ड्राई राशन पैकेट वितरित।* *आवागमन के लिए 1,602 नावें कार्यरत; NDRF और SDRF की 37 टीमें मुस्तैद।* *बाढ़ के पानी में डूबने से हुई मौतों पर आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की तत्काल अनुग्रह राशि जारी।* निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, विधायक श्री जनक सिंह, विधायक श्री संजय सिंह, विधायक श्री सिद्धार्थ पटेल, अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव श्री संतोष कुमार मल्ल, गृह विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज कुमार, वैशाली की जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह, सारण के जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव, सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक श्री रौशन कुमार, वैशाली के पुलिस अधीक्षक श्री शुभांक मिश्रा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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Planning for Your Child’s Education Abroad: How Much Should You Save?

BY: Pankaj Bansal, Founder at NewsPatrolling.com NewsPatrolling.com- 31August 2026 –  Sending a child abroad for higher education is a dream for many Indian parents. Countries such as the United States, United Kingdom, Canada, Australia and several European nations attract students with world-class universities, diverse academic programs and strong career opportunities. However, studying abroad is also a major financial commitment. Tuition fees are only one part of the expense; accommodation, food, travel, insurance, books, visa charges and other costs can significantly increase the overall budget. For parents, the key question is: How much should you actually save if your child plans to study abroad? The answer depends on the destination, course, university, duration of study and lifestyle. Proper financial planning several years in advance can make the journey considerably less stressful. Start by Estimating the Total Cost The first step is to calculate the likely total cost of education rather than focusing only on university fees. A student pursuing a two-year master’s degree may have a very different budget from someone completing a four-year undergraduate program. The major expenses generally include: Tuition and university fees Accommodation and food Visa and application charges Health or travel insurance Airfare Books, laptop and study materials Local transportation Personal and recreational expenses Emergency funds Parents should ideally prepare a separate estimate for each category and then add a contingency amount for unexpected expenses. Tuition Fees Can Be the Biggest Expense Tuition fees vary enormously depending on the country, university and course. Professional programs such as medicine, engineering, business and specialized technology courses can be particularly expensive at certain institutions. Instead of relying on today’s fee structure, parents should consider future inflation. If the child is currently in school and plans to study abroad five or eight years from now, today’s tuition figure may not be sufficient. For example, if the estimated current cost of a complete education is ₹60 lakh, simply saving ₹60 lakh may not be enough several years later. Education inflation, currency fluctuations and increases in living expenses can substantially affect the final requirement. Don’t Ignore the Currency Exchange Rate For Indian families, currency fluctuation is an important part of overseas education planning. A change in the rupee’s value against the US dollar, British pound, Canadian dollar or Australian dollar can increase the amount parents need to pay. Therefore, families should avoid calculating their target only in Indian rupees. It is useful to estimate the requirement in the currency of the destination country and then build an additional buffer in the financial plan. A reasonable contingency reserve can help protect the education fund against unexpected currency movements and rising expenses. How Much Should Parents Save? There is no universal savings number that applies to every family. A practical approach is to calculate the expected total cost and aim to build at least 70–100% of the anticipated requirement through a combination of savings, investments, scholarships and other funding sources. For instance, suppose the projected cost of a two-year overseas master’s program, including tuition and living expenses, is ₹50 lakh. Parents may set a target of ₹55–60 lakh to provide a safety cushion. If the child is five years away from university, the monthly savings requirement will naturally be higher than if the family has ten years to prepare. The earlier parents begin, the more manageable the target becomes because long-term investments have more time to potentially grow. Build an Education Fund Separately Parents should consider creating a dedicated education fund instead of mixing the child’s future education expenses with regular household savings. A separate fund makes it easier to monitor progress toward the goal. Depending on the time horizon and individual risk tolerance, families can explore appropriate investment options such as mutual funds, fixed-income instruments, government-backed savings products or other regulated financial products. The investment strategy should gradually become more conservative as the child’s departure date approaches. Taking excessive investment risk immediately before the money is required could create unnecessary financial pressure. Scholarships Can Reduce the Burden Parents should not assume that they have to finance the entire education cost themselves. Scholarships, grants, assistantships and university-based financial aid can significantly reduce expenses for eligible students. Students should begin researching scholarship opportunities well before applying to universities. Academic performance, extracurricular achievements, research work, entrance-test scores and other factors may influence eligibility. Even a scholarship covering a portion of tuition or living expenses can make a meaningful difference to the overall financial requirement. Consider an Education Loan Carefully An education loan can be another component of the funding strategy. However, parents should avoid taking on excessive debt without calculating repayment capacity. Before borrowing, families should consider the expected loan amount, interest rate, repayment period and the likely career prospects of the course. A well-planned combination of personal savings, scholarships and a manageable education loan may be more practical than depending entirely on one source. Keep an Emergency Fund Separate One common mistake is using almost all family savings for overseas education. Parents should maintain a separate emergency fund for household needs, medical emergencies and other unexpected situations. The education fund should not leave the family financially vulnerable. Ideally, the child’s education plan and the family’s basic financial security should be treated as two separate priorities. Start Planning Early The biggest advantage parents have is time. Starting an education fund when a child is young can make a significant difference. Regular investments over a long period can potentially build a substantial corpus without requiring extremely large monthly contributions. Parents should review the target at least once a year. As the child progresses toward higher education, they can update the estimate based on the preferred country, course and universities. Final Thoughts Studying abroad can provide valuable academic and international exposure, but it should not become a financial burden that jeopardizes the family’s long-term security. Instead of asking only, “How much does studying abroad cost today?”, parents should ask, “How much could it cost when my child is ready to go?” A good financial plan should account for

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मिर्ज़ापुर: द मूवी का बॉक्स ऑफिस तूफ़ान

मिर्ज़ापुर: द मूवी ने भारतीय सिनेमा में नया इतिहास रच दिया है। रिलीज़ के महज़ दो दिनों में फिल्म ने ₹60.44 करोड़ का नेट कलेक्शन दर्ज किया है। पहले दिन ₹28.11 करोड़ और दूसरे दिन ₹32.33 करोड़ की कमाई के साथ यह फिल्म दर्शकों के दिलों पर राज कर रही है। ग़ुड्डू, मुन्‍ना और कलीन भैया की तिकड़ी ने पर्दे पर ऐसा भौकाल मचाया है कि देशभर के सिनेमाघरों में हाउसफुल बोर्ड लगे हुए हैं। फिल्म की लोकप्रियता सिर्फ़ भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी इसने दो दिनों में ₹15 करोड़ से अधिक की कमाई कर ली है। दर्शकों की ज़बरदस्त प्रतिक्रिया और ट्रेड विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक, रविवार के त्योहारों के माहौल में यह फिल्म आसानी से ₹100 करोड़ का आंकड़ा पार कर सकती है। गुरमीत सिंह के निर्देशन और पूनीत कृष्णा की लेखनी से बनी इस फिल्म को एक्सेल एंटरटेनमेंट और अमेज़न एमजीएम स्टूडियोज़ ने प्रोड्यूस किया है। अली फ़ज़ल, दिव्येंदु, पंकज त्रिपाठी, रसिका दुग्गल, श्वेता त्रिपाठी और अभिषेक बनर्जी जैसे दमदार कलाकारों ने अपने अभिनय से कहानी को और भी जीवंत बना दिया है। मिर्ज़ापुर: द मूवी ने साबित कर दिया है कि यह सिर्फ़ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक घटना है जिसने दर्शकों को फिर से अपने साथ जोड़ लिया है।

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रामलीला मंचन से पहले ‘रामायण’ फिल्म पर सियासी-सांस्कृतिक घमासान तेज

“स्वरा भास्कर के बयान पर पलटवार, रामलीला कमेटी ने दी खुली चुनौती” नई दिल्ली: 6 सितंबर विश्वविख्यात लव कुश रामलीला कमेटी द्वारा कांस्टीट्यूशन क्लब में हुई प्रेस वार्ता में लीला के प्रेसिडेंट श्री अर्जुन कुमार ने मीडिया पर्सन से लीला में रावण, नारद मुनि और केवट का किरदार निभाने वाले फिल्मी कलाकारों से रूबरू कराया, फिल्म दुनिया के नामचीन कलाकार राजप्रेमी रावण का रोल करेंगें इन्होंने संजय खान के सीरियल जय हनुमान में लीड किरदार सहित अनेक फिल्मों एवं पौराणिक सीरियल से अपनी अलग पहचान बनाई है। लेजेंड अभिनेता पेन्टल कंवरजीत सिंह लीला में नारद मुनि का किरदार निभायेंगे। पेंटल फिल्म फेयर अवार्ड सहित अनेकों प्रतिष्ठित अवार्ड हासिल कर चुकें है। पेंटल पहली बार किसी रामलीला में नारद मुनि का अभिनय करेंगे, फेमस अभिनेता, सिंगर शंकर साहनी लीला में केवट का अहम किरदार निभायेंगे। प्रेसीडेंट अर्जुन कुमार ने मीडिया के सवालों के जवाब में बताया कि लीला मंचन के लिए 140 फुट लंबे, 60 फुट चौड़ा, 45 फुट उंचा भव्य मीनाक्षी टेम्पल का चार मंजिला मंच तैयार किया जा रहा है। कोलकता, दिल्ली, मुंबई, गुजरात, राजस्थान, मथुरा और वृंदावन के कारीगरों ने महीनों की मेहनत से मदुरै का विश्व विख्यात मीनाक्षी टेम्पल का आकार दिया जा रहा है। मंदिर की नक्काशी, गुंबद ओर स्तंभ भारतीय शिल्पकला की झलक दिखेगी इसमें विशेष रंगों का प्रयोग किया जायेगा, विशेष मल्टीकलर एक लाख एलईडी लाईटस से सजेगा, जैसे ही लाईट बदलती है, मंदिर का प्रत्येक हिस्सा दिव्यता और आभा से जगमगा उठेगा, कहीं नीली रोशनी कहीं सुनहरी रोशनी, लाल और हरे रंग की रोशनी मंदिर की आभा को और भी मोहक बनायेगी । इस भव्य सेट पर 31 फीट का कैलाश पर्वत और घने जंगल का सेट बनाया जायेगा। इसी सेट पर केवट जी का श्रीराम, लक्ष्मण, सीता का नाव से नदी पार कराने के सीन में पूरा मंच विज्यूल इफेक्टस के जरिए पानी-पानी जैसा दिखेगा जिस पर नाव चलते हुए दिखाई देंगी। जंगल के दृश्यों में राम भक्तों को महसूस होगा कि वह खुद पक्षी, पशु, प्रकृति के बीच बैठे हुए है। चिड़िया चहकेंगी, शेर दहाड़ रहें होगें, मोर नाच रहे होंगे। दूसरी मंजिल पर 3डी, मैपिंग इफैक्ट्स 135 बाई 14 की विशाल एल.ई.डी. युक्त और डिजिटल डाल्बी सांउड के साथ विशाल स्टेज पर प्रतिदिन श्री राम लीला का मंचन होगा। भव्य स्टेज की तीसरी मंजिल पर आकाश में विचरण कर रहे सभी देवी देवता लीला मंचन के बीच में प्रभु श्री राम पर पुष्प वर्षा करते दिखाई देंगे। रामभक्तों के बीच आकाश में नजर जाएंगे भूत-भूतनी, पिशाच भी युद्ध के दृश्यों के दौरान 70 फीट की हाईट पर भूत-प्रेत, पिशाच-राक्षस डरावनी आवाजों के साथ दिखाई देंगे। इन दृश्यों को और असरदार तरीके से पेश करने के लिए स्टीरियों फोनिक 8-ट्रैक सांउड डिजिटल डालबी साउंड का प्रयोग किया जायेगा । श्री अर्जुन कुमार ने यह भी कहा कि सनातन हिंदू धर्म के विरुद्ध लगातार बयानबाजी कर रही एक्ट्रेस स्वरा भास्कर को नसीहत देते हुए कहा अगर आपने सनातन संस्कृति को जानना है तो रामलीला का अवलोकन करे प्रभु श्री राम सीता लक्ष्मण और रामायण से भारतीय मूल्यों को जाने उसके बाद ही सनातन के बारे में अपनी जुबान खोले , मीडिया के सवालों के जवाब में उन्होंने दोहराया कि रामलीला महासंघ रणवीर कपूर की फिल्म रामायण का विरोध करने के अपने निर्णय पर अटल है उन्होंने कहा हम फिल्म के मेकर्स को लिखे अपने पत्र के जवाब और फिल्म की रिलीज से पहले रामलीला आयोजकों की फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग के अपने फैसले पर कायम है अगर फिल्म में मेकर्स रामायण से कुछ भी तोड़मरोड़ की तो हम इसका जोरदार विरोध करेंगे । कमेटी के महासचिव सुभाष गोयल ने बताया रामलीला मंचन समारोह 11 अक्तूबर से 21 अक्तूबर तक होगा एवं रावण दहन दशहरा पर्व 20 अक्तूबर को दिल्ली सहित पूरे देश में उत्साह के साथ सम्पन्न होगा। लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितम्बर 2026 को लालकिला मैदान में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, नारायण सेवा संस्थान, तारा नेत्रालय तथा एलप्स के संयुक्त तत्वावधान में हेल्थ मेले में निःशुल्क दिव्यांग सहायक उपकरण वितरण, लिम्स, ट्राईसाईकिल्स, आंखों की जांच एवं ऑपरेशन के लिए चयन, चश्मों का वितरण, कानों की मशीन आदि वितरित की जायेगी। फिल्म स्टार राजप्रेमी ने कहा कि दिल्ली के ऐतिहासिक लालकिला मैदान पर मुझे रावण का अभिनय करने का अवसर मिला। यह मेरे लिए बहुत ही गर्व की बात है मैं कमेटी के पदाधिकारियों का धन्यवाद करता हूँ कि आपने मुझे अवसर दिया । अभिनेता पेन्टल कंवरजीत सिंह ने कहा कि पौराणिक सीरियल में बहुत काम किया है दिल्ली में लाईव रामलीला में नारद का अभिनय करूंगा। शंकर साहनी ने कहा कि मैं रामलीला में पिछले अनेकों वर्षो से कार्य कर रहा हूँ इस वर्ष में केवट का रोल करूंगा| लीला कमेटी के चेयरमैन पवन गुप्ता ने कहा कि 20 सितम्बर को भूमि पूजन समारोह आयोजित किया गया है। जिसमें अनेक केन्द्रीय मंत्री, सांसद, विधायकों एवं निगम पार्षद सहित गणमान्य अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। भूमि पूजन के अवसर पर एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है। आप सभी पत्रकारों बंधु सादर आमंत्रित है। लीला मंचन के लिए कई राजनैतिक दलों के नेता, स्टेज कलाकार और खेल जगत की कई दिग्गज हस्तियाँ लीला मंच पर अलग-अलग किरदार निभायेंगी ।

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Review : मिर्जापुर : द मूवी: भौकाल का सिनेमाई महाकाव्य

कलाकार: पंकज त्रिपाठी, दिव्येन्दु शर्मा, अली फजल, रशिका दुग्गल, रवि किशन, राजेश तैलंग, अभिषेक बनर्जी, जितेंद्र कुमार, श्वेता त्रिपाठी, सोनल चैहान, मोहित मलिक। डाॅयरेक्टर: गुरमती सिंह। अवधि: 3 घंटे 17 मिनट। रेटिंग: 3.5। मिर्जापुर की दुनिया ने वेब सीरीज के जरिए भारतीय दर्शकों के दिलों में जो जगह बनाई थी। अब वही जादू बड़े पर्दे पर और भी ज्यादा धमाकेदार अंदाज में लौट आया है। मिर्जापुर: द मूवी सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक घटना है, जिसने दर्शकों को सीट से बांधकर रखा और सिनेमाघरों में हाउसफुल बोर्ड्स की बरसात कर दी। कहानी : फिल्म की कहानी मिर्जापुर की सत्ता, राजनीति और खून-खराबे के इर्द-गिर्द घूमती है। गुड्डू पंडित, मुन्ना भैया और कलीन भैया के बीच की टकराहट इस बार और भी गहरी और खतरनाक हो जाती है। पटकथा में हर मोड़ पर दर्शकों को चैंकाने वाले ट्विस्ट हैं, जो उन्हें लगातार बांधे रखते हैं। लेखक पूनीत कृष्णा ने इस बार कहानी को और भी परिपक्व और सिनेमाई अंदाज में गढ़ा है, जिससे यह वेब सीरीज से अलग और भव्य अनुभव देती है। अभिनय: पंकज त्रिपाठी (कलीन भैया): शांत लेकिन खतरनाक कलीन भैया का किरदार पंकज त्रिपाठी ने एक बार फिर अपने अद्भुत अभिनय से अमर कर दिया है। उनकी आंखों की गहराई और संवादों की नफासत फिल्म को ऊँचाई देती है। अली फजल (गुड्डू पंडित): गुस्से और दर्द से भरे गुड्डू का किरदार अली फजल ने इस बार और भी गहराई से निभाया है। उनकी बॉडी लैंग्वेज और संवाद अदायगी दर्शकों को भीतर तक झकझोर देती है। दिव्येंदु (मुन्ना भैया): मुन्ना की सनक और सत्ता की भूख को दिव्येंदु ने इतनी शिद्दत से निभाया है कि दर्शक उनके हर सीन में रोमांचित हो जाते हैं। सहायक कलाकारों में रसिका दुग्गल, श्वेता त्रिपाठी, अभिषेक बनर्जी और श्रीया पिलगाँवकर ने भी अपने-अपने किरदारों को मजबूती से निभाया है। निर्देशन और तकनीकी: गुरमीत सिंह का निर्देशन फिल्म को एक भव्य कैनवास पर उतारता है। कैमरा वर्क, बैकग्राउंड स्कोर और एक्शन सीक्वेंस इतने दमदार हैं कि दर्शक हर फ्रेम में मिर्जापुर की धड़कन महसूस करते हैं। सिनेमैटोग्राफी में उत्तर प्रदेश की गलियों और सत्ता के गलियारों को बेहद वास्तविक अंदाज में दिखाया गया है। संगीत और डाॅयलाॅग्स: फिल्म के संवाद पहले की तरह ही धारदार और यादगार हैं। ‘भौकाल’ और ‘सत्ता’ जैसे शब्द दर्शकों के बीच गूंजते हैं। बैकग्राउंड स्कोर कहानी की तीव्रता को और बढ़ाता है, जिससे हर एक्शन सीन और भी प्रभावशाली बन जाता है। दर्शकों की प्रतिक्रिया: फिल्म ने रिलीज के पहले दो दिनों में ही ₹60.44 करोड़ की कमाई कर रिकॉर्ड बना दिया है। दर्शकों का उत्साह इतना जबरदस्त है कि मल्टीप्लेक्स से लेकर सिंगल स्क्रीन तक हर जगह शो हाउसफुल जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी फिल्म ने शानदार प्रदर्शन किया है। क्यों देखनी चाहिए: मिर्जापुर की दुनिया को बड़े पर्दे पर देखने का अनोखा अनुभव मिलता है। इसमें दमदार अभिनय और यादगार संवाद से दर्शकों को आकर्षित करती है। वहीं रोमांचक कहानी और चैंकाने वाले ट्विस्ट है, और सिनेमाई पैमाने पर गढ़ा गया भव्य प्रस्तुतीकरण। मिर्जापुर : द मूवी भारतीय सिनेमा के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रही है। यह फिल्म न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड बना रही है, बल्कि दर्शकों के दिलों में भी अमिट छाप छोड़ रही है। गुड्डू, मुन्ना और कलीन भैया की तिकड़ी ने साबित कर दिया है कि मिर्जापुर का भौकाल अब बड़े पर्दे पर भी उतना ही जबरदस्त है जितना वेब सीरीज में था।

Business Buzz

QNET ने लॉन्च किया BeYouTe Argan Pure – बालों और त्वचा के लिए प्रीमियम आर्गन ऑयल

बालों, त्वचा और नाखूनों की रोज़ाना बहुउपयोगी देखभाल के लिए तैयार किया गया 100% कोल्ड-प्रेस्ड मोरक्कन आर्गन ऑयल दुनिया की प्रमुख डायरेक्ट-सेलिंग कंपनियों में से एक QNET ने BeYouTe Argan Pure के लॉन्च की घोषणा की है। यह 100% कोल्ड-प्रेस्ड मोरक्कन आर्गन ऑयल है, जिसे मोरक्को की सदियों पुरानी सौंदर्य परंपरा को रोज़मर्रा की सेल्फ़-केयर तक लाने के लिए तैयार किया गया है। ‘मोरक्को का लिक्विड गोल्ड’ कहलाने वाला यह लाइटवेट और बहुउपयोगी ब्यूटी ऑयल बिना किसी चिपचिपाहट के पोषण, हाइड्रेशन और कोमलता देता है। बालों को पोषण देने और नरम बनाने, त्वचा को नमी देने, चेहरे व दाढ़ी की देखभाल करने और नाखूनों व क्यूटिकल्स को सही पोषण देने तक, BeYouTe Argan Pure ये सारे काम एक ही मल्टीफ़ंक्शनल तेल में समेट देता है। BeYouTe Argan Pure की सबसे ख़ास बात है इसका मोरक्कन आर्गन ऑयल, जो आर्गेनिया स्पिनोसा पेड़ से मिलता है और सुंदरता निखारने वाले अपने प्राकृतिक गुणों के लिए सराहा जाता है। इसमें विटामिन E, ओमेगा 6 व 9, प्लांट स्टेरोल्स और पॉलीफेनॉल्स जैसे प्राकृतिक तत्व मौजूद हैं, जो प्रकृति के फ़ायदों को रोज़मर्रा की सुंदरता के आधुनिक तरीक़े से जोड़ते हैं। इसकी हल्की बनावट और चिपचिपाहट रहित फ़िनिश रोज़मर्रा के लग्ज़री ब्यूटी प्रोडक्ट के रूप में इसकी पहचान को और पुख़्ता करती हैं। BeYouTe Argan Pure की क़ीमत सिंगल पैक (100 ml) के लिए 3,450 रुपये और डबल पैक (100 ml x 2) के लिए 6,710 रुपये है। यह एक प्रीमियम एम्बर ग्लास बोतल में आता है, जिसमें तेल आसानी से निकालने के लिए सटीक ड्रॉपर भी दिया गया है। पैराबेन्स, मिनरल ऑयल्स और कठोर रसायनों से मुक्त यह प्रीमियम आर्गन ऑयल पुरुषों और महिलाओं, दोनों के लिए है। यह मोरक्को की शुद्ध सौंदर्य विरासत को बहुउपयोगी रोज़मर्रा देखभाल के साथ एक लग्ज़री बोतल में पिरो देता है। BeYouTe Argan Pure के लॉन्च के साथ QNET अपने लाइफ़स्टाइल और वेलनेस पोर्टफ़ोलियो का विस्तार जारी रखे हुए है, जिसमें ऐसे उत्पाद शामिल हैं जो गुणवत्ता, उपयोगिता और प्रीमियम रोज़मर्रा अनुभव को एक साथ लाते हैं। QNET इंडिया अब बालों, त्वचा और नाखूनों के लिए प्रीमियम 100% कोल्ड-प्रेस्ड मोरक्कन आर्गन ऑयल BeYouTe Argan Pure विशेष रूप से QNET इंडिया ई-स्टोर पर उपलब्ध करा रहा है। अभी ख़रीदें: https://www.qnetindia.co/beyoute-argan-pure/

Technology & AI

AI से फिल्म बनाना होगा आसान “स्पार्कस्टेशन” अब मचाएगा धूम

नई दिल्ली। वर्से इनोवेशन ने फिल्म एक्सपो 2026 में अपने पहले वैश्विक एआई कंटेंट प्लेटफॉर्म ‘स्पार्कस्टेशन’ का अनावरण किया। डेलीहंट और जोश की पैरेंट कंपनी वर्से इनोवेशन का यह नया प्लेटफॉर्म कंटेंट प्रोडक्शन के पूरे प्रोसेस को एक ही जगह पर पूरा करने की क्षमता रखता है। कंपनी के अनुसार, स्पार्कस्टेशन को एक नेक्स्ट-जेनरेशन एआई कंटेंट ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में विकसित किया गया है, जो आइडिया से लेकर फाइनल डिलीवरी तक के पूरे कंटेंट निर्माण को आसान और तेज बनाता है। यह प्लेटफॉर्म स्क्रिप्टिंग, स्टोरीबोर्डिंग, कास्टिंग, लोकेशन डिजाइन, एसेट जनरेशन, मल्टी-एंगल शूट, म्यूजिक और डायलॉग प्रोडक्शन, एडिटिंग, कैप्शनिंग और डिस्ट्रीब्यूशन जैसे सभी कार्य एक ही प्लेटफॉर्म पर करने की सुविधा देता है।   “स्पार्कस्टेशन” की खासियत इसका मॉडल-अग्नोस्टिक एआई सिस्टम है, जो हर क्रिएटिव टास्क के लिए सबसे उपयुक्त एआई मॉडल का चयन करता है, जिससे काम की गुणवत्ता और स्पीड दोनों बेहतर होती हैं। कंपनी का दावा है कि इस प्लेटफॉर्म की मदद से 60 सेकंड की ब्रांड फिल्म की लागत में 90 प्रतिशत तक की कमी लाई जा सकती है—जो पहले ₹10–25 लाख होती थी, वह घटकर करीब ₹50,000–₹75,000 तक आ सकती है। वहीं, प्रोडक्शन टाइम भी कई हफ्तों से घटकर लगभग 24 घंटे रह जाता है। यह प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से तीन वर्गों के लिए तैयार किया गया है—फिल्ममेकर्स और प्रोडक्शन हाउस, ब्रांड्स और एजेंसियां, तथा डिजिटल क्रिएटर्स। फिल्ममेकर्स इसमें स्टोरी बिल्डिंग, स्क्रिप्ट एनालिसिस, कास्टिंग और एडिटिंग जैसे फीचर्स का उपयोग कर सकते हैं, साथ ही प्रीमियर प्रो, फाइनल कट प्रो और डेविंसी रिजॉल्व जैसे इंडस्ट्री टूल्स के साथ इंटीग्रेशन भी उपलब्ध है। ब्रांड्स और एजेंसियां कम समय में बड़े स्तर पर क्रिएटिव कैंपेन तैयार कर सकती हैं, जबकि क्रिएटर्स को स्टूडियो-ग्रेड आउटपुट क्रेडिट-बेस्ड मॉडल के जरिए मिलता है। प्लेटफॉर्म की प्रमुख विशेषताओं में पूरी तरह इंटीग्रेटेड प्रोडक्शन पाइपलाइन, फेस और एक्सप्रेशन जैसी डिटेल्स में कंटीन्यूटी, 60 से अधिक भाषाओं का सपोर्ट और क्रिएटर-फर्स्ट डिजाइन शामिल हैं। लॉन्च के मौके पर कंपनी के को-फाउंडर और सीईओ उमंग बेदी ने कहा, “स्पार्कस्टेशन” सिर्फ कंटेंट को सस्ता बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह उन कहानियों को संभव बनाता है जो पहले प्रोडक्शन सीमाओं के कारण नहीं बन पाती थीं। लागत और समय की बाधाओं को दूर कर हम क्रिएटिविटी के नए अवसर खोल रहे हैं।” कंपनी ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म का पिछले छह महीनों से आंतरिक परीक्षण किया जा रहा है और इसे लाइव प्रोडक्शन में भी उपयोग किया जा रहा है। “स्पार्कस्टेशन”को चरणबद्ध तरीके से लॉन्च किया जाएगा—29 अगस्त से बीटा एक्सेस, 1 अक्टूबर से सामान्य उपलब्धता और 1 नवंबर से एंटरप्राइज API लॉन्च किया जाएगा। अगले 24 महीनों में 30 मिलियन डॉलर से अधिक के निवेश के साथ, कंपनी का लक्ष्य इस प्लेटफॉर्म के जरिए 100 से अधिक स्टूडियो, 1,000 ब्रांड्स और हजारों क्रिएटर्स को जोड़ना है। वर्से इनोवेशन,, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के जरिए लोकल लैंग्वेज कंटेंट को बढ़ावा देती है, पहले से ही भारत में करोड़ों यूजर्स को सेवाएं दे रही है। ‘स्पार्क स्टेशन’ के लॉन्च के साथ कंपनी वैश्विक स्तर पर कंटेंट क्रिएशन के तरीके को बदलने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा रही है।

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गेम चेंजर्स: द म्यूजिक सीरीज’ में अदनान सामी ने याद किया अमिताभ बच्चन से ‘कभी नहीं’ गंवाने का खास पल

अमिताभ बच्चन ने ‘कभी नहीं’ गाने से किया था इनकार, अदनान सामी ने कोमल नाहटा के शो में याद किया मजेदार किस्सा भारत के सबसे सम्मानित ट्रेड एनालिस्ट्स में से एक, कोमल नाहटा अपने पॉडकास्ट गेम चेंजर्स: द म्यूजिक सीरीज़ के नए सीज़न के साथ वापस आ गए हैं। यह सीज़न मशहूर गायकों, संगीतकारों और म्यूज़िक के दिग्गजों पर खास रोशनी डालता है, जहां वे अपनी रचनात्मक यात्रा, प्रेरणाओं और उस संगीत के पीछे की अनसुनी कहानियां साझा करते हैं, जिसने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया है। इस सीज़न के लेटेस्ट एपिसोड में मशहूर गायक और संगीतकार अदनान सामी बतौर खास मेहमान नजर आए। अदनान सामी, जिन्होंने भारतीय पॉप म्यूज़िक को एक नई पहचान देने में अहम भूमिका निभाई है, ने हाल ही में कोमल नाहटा के साथ बातचीत में अपनी संगीत यात्रा और यादगार कोलैबोरेशंस को याद किया। दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन के साथ हिट ट्रैक कभी नहीं पर काम करने के अपने सपने को याद करते हुए अदनान ने बच्चन के मजेदार पहले रिएक्शन का खुलासा किया—“मैं तो बाथरूम सिंगर हूं, मैं नहीं गाता।” इस किस्से को विस्तार से बताते हुए अदनान ने बताया कि अपने दूसरे एल्बम तेरा चेहरा पर काम करने के दौरान उन्होंने हिम्मत जुटाकर अमिताभ बच्चन को कभी नहीं सुनाया। हालांकि मेगास्टार को दोनों ट्रैक बेहद पसंद आए, लेकिन गाने के लिए कहे जाने पर उन्होंने शुरुआत में झिझकते हुए कहा, “क्या बात कर रहे हो; मैं तो नहीं गाता… मैं तो बाथरूम सिंगर हूं; ये मेरे लिए बहुत मुश्किल है।” अदनान ने उन्हें मिस्टर नटवरलाल और सिलसिला में उनके यादगार गानों की याद दिलाई, जिसके बाद अमिताभ बच्चन इस ट्रैक को प्रैक्टिस करने के लिए अपने साथ ले गए। जब वह स्टूडियो पहुंचे, तो टीम ने उन्हें लो-टोन नोट्स से लेकर हाई रजिस्टर तक गाने के लिए तैयार किया, जिसे उन्होंने बेहद सहजता से बखूबी निभाया। अमिताभ बच्चन की इस चिंता को भी याद करते हुए कि हेडफोन्स लगाने से गाने का जोश खत्म हो जाएगा—“हेडफोन्स में जब गाने जाऊंगा, सारा जोश खत्म हो जाएगा”—सामी ने बताया कि उन्होंने बिना हेडफोन्स के लाइव रिकॉर्डिंग की और माइक्रोफोन को कपड़े से लपेटकर रिकॉर्ड किया गया। उस असाधारण रिकॉर्डिंग सेशन को याद करते हुए *अदनान सामी ने कहा*, “वह बहुत शानदार लगे। काश उस दौर में BTS और ये सब होता, क्योंकि उन्हें रिकॉर्ड करते हुए देखना… काश मेरे पास कैमरा होता। उनके चेहरे पर जो एक्सप्रेशंस और खुशी थी—Gen Z इसे समझ नहीं पाएगी, लेकिन वो एक ‘Kodak Moment’ था।” गेम चेंजर्स: द म्यूजिक सीरीज़ के साथ कोमल नाहटा भारतीय सिनेमा और संगीत से जुड़ी बातचीत को एक नया आयाम दे रहे हैं। गेम चेंजर्स: द म्यूजिक सीरीज़ को YouTube चैनल पर जरूर देखें!

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