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दिल्ली में M.O.C कैंसर केयर का नया सेंटर, पूसा रोड में : विशेषज्ञ उपचार अब और नज़दीक, एनसीआर में 10 सेंटर्स की योजना

नई दिल्ली : भारत के प्रमुख विशेषीकृत ऑन्कोलॉजी नेटवर्क में से एक एम।ओ।सी कैंसर सेंटर ने पूसा रोड़, नई दिल्ली में अपने नए सेंटर के उद्घाटन के साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अपनी उपस्थिति का विस्तार किया है। सेंटर का उद्घाटन मुख्यातिथि प्रो. डॉ. उन्नत पी. पंडित, कंट्रोलर जनरल ऑफ पेटेंट्स, डिजाइन्स एंड ट्रेड मार्क्स, डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड, वाणिज्य मंत्रालय की उपस्थिति में हुआ। नया सेंटर ऑन्कोलॉजी और हेमेटोलॉजी सेवाएँ प्रदान करेगा, जिनमें कीमोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और होलिस्टिक सेवाएँ शामिल हैं। यह सेवाएँ सेमी-आईसीयू-सक्षम सेटअप में उपलब्ध होंगी, जिसे इस तरह तैयार किया गया है कि मरीजों को कई प्रकार के उपचार के लिए 24 घंटे अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता न पड़े। दिल्ली के एक केंद्रीय और आसानी से जुड़े क्षेत्र में स्थित यह सेंटर एम।ओ।सी कैंसर केयर के मूल दृष्टिकोण मरीजों के घर के करीब विशेषीकृत कैंसर देखभाल उपलब्ध कराने पर आधारित है। इसका उद्देश्य उपचार के दौरान बार-बार यात्रा से जुड़े लॉजिस्टिक, आर्थिक और भावनात्मक बोझ को कम करना है। प्रो. डॉ. उन्नत पी पंडित ने कहा, “कैंसर की देखभाल केवल अस्पताल या सेंटर में दिए जाने वाले उपचार तक सीमित नहीं है। यह इस बात से भी जुड़ी है कि मरीज उस देखभाल तक कितनी आसानी से पहुँच सकते हैं और अपने पूरे उपचार के दौरान उसे कितनी निरंतरता के साथ प्राप्त कर सकते हैं। दिल्ली में हर वर्ष लगभग 30,000 नए कैंसर मामलों और करीब 15,000 कैंसर से संबंधित मौतों के साथ, तथा 2026 में नए मामलों की अनुमानित संख्या लगभग 35,000 तक पहुँचने की संभावना को देखते हुए, विशेषीकृत देखभाल की पहुँच को मजबूत करने की आवश्यकता स्पष्ट है।” कैंसर के उपचार में कई महीनों तक परामर्श, जाँच और कई उपचार सत्र शामिल हो सकते हैं, ऐसे में मरीजों के लिए उपचार की सुविधा का घर के करीब होना उनके पूरे उपचार अनुभव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है। दिल्ली में कैंसर का बोझ लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है। पिछले पाँच वर्षों में यह बोझ लगभग 13 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि दिल्ली पॉपुलेशन-बेस्ड कैंसरी रजिस्ट्री ने 2026 में लगभग 35,000 नए कैंसर मामलों का अनुमान लगाया था। इस क्षेत्र में जीवनकाल में कैंसर विकसित होने का जोखिम पुरुषों में लगभग छह में से एक और महिलाओं में सात में से एक अनुमानित है। यह आँकड़े उपचार की बेहतर पहुँच के साथ-साथ रोकथाम और शुरुआती पहचान के प्रयासों को मजबूत करने की बढ़ती आवश्यकता को दर्शाते हैं। कैंसर का यह बोझ पुरुषों और महिलाओं में अलग-अलग प्रकार के कैंसर के रूप में भी दिखाई देता है। दिल्ली में पुरुषों में फेफड़ों, ओरल कैविटी और प्रोस्टेट कैंसर मिलकर सभी कैंसर मामलों का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा हैं, जबकि महिलाओं में स्तन, सर्वाइकल और ओवेरियन कैंसर मिलकर लगभग 40 प्रतिशत कैंसर मामलों में योगदान देते हैं। वायु प्रदूषण, बदलती जीवनशैली तथा पर्यावरणीय और आहार संबंधी जोखिम जैसे कारक भी कैंसर के जोखिम को लेकर सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बनते जा रहे हैं। पूसा रोड़ सेंटर, एनसीआर में एम।ओ।सी कैंसर केयर का चैथा सेंटर है और यह संगठन की दिल्ली में पाँच सेंटर स्थापित करने की व्यापक विस्तार योजना का हिस्सा है। आगामी प्रीत विहार सेंटर से शहर में नेटवर्क की पहुँच और मजबूत होने की उम्मीद है। भारत में 32 सेंटर्स और 62 ओंकोलॉजिस्ट्स के साथ एम।ओ।सी कैंसर केयर एक ऐसे जुड़े हुए नेटवर्क का निर्माण कर रहा है, जिसका उद्देश्य क्लिनिकल विशेषज्ञता को कम्युनिटी-बेस्ड कैंसर केयर की सुविधा के साथ जोड़ना है। डॉ. तनवी सिंह, मेडिकल ओंकोलॉजिस्ट, एम।ओ।सी कैंसर केयर, पूसा रोड़ ने कहा, “कैंसर का उपचार करा रहे मरीजों के लिए उपचार का घर के करीब उपलब्ध होना एक महत्वपूर्ण अंतर पैदा कर सकता है। जब देखभाल घर के नजदीक उपलब्ध होती है, तो मरीज अपनी उपचार टीम के साथ बेहतर निरंतरता बनाए रख सकते हैं और बार-बार यात्रा के कारण होने वाली परेशानियों को कम कर सकते हैं। एम।ओ।सी में यह दृष्टिकोण ऐवीडेंस एंड बेस्ड ट्रीटमेंट, मल्टीडिसिप्लीनरी केयर और निरंतर सीखने पर हमारे फोकस से समर्थित है।” यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है जब कैंसर की रोकथाम और शुरुआती पहचान पर देशभर में अधिक ध्यान दिया जा रहा है। यूनियन हेल्थ मिनीस्ट्री द्वारा हाल ही में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और स्क्रीनिंग को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिए जाने के बीच, एम।ओ।सी कैंसर केयर उपचार-केंद्रित कैंसर देखभाल से आगे बढ़कर रोकथाम, जागरूकता, स्क्रीनिंग और शुरुआती निदान पर अधिक जोर देने की दिशा में व्यापक बदलाव में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। अपने बढ़ते नेटवर्क के माध्यम से संगठन का उद्देश्य न केवल उपचार को, बल्कि शुरुआती पहचान और कैंसर की रोकथाम से जुड़े संवाद को भी समुदायों के लिए अधिक सुलभ बनाना है। आदित्य बहादुर, चीफ ऑपरेटिंग ऑफीसर – नॉर्थ इंडिया, एम।ओ।सी कैंसर केयर ने कहा, “हमारे सेंटर्स ओंकोलॉजिस्ट्स के सामूहिक क्लिनिकल अनुभव को व्यापक, व्यक्तिगत और होलिस्टिक कैंसर केयर के साथ जोड़ते हैं और यह सुविधा उन समुदायों के और करीब उपलब्ध कराते हैं, जिनकी हम सेवा करते हैं। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और स्क्रीनिंग को मजबूत करने पर हालिया राष्ट्रीय फोकस के साथ, निवारक कैंसर देखभाल को केवल जागरूकता तक सीमित न रखकर जमीन पर अधिक सुलभ बनाना और भी महत्वपूर्ण हो गया है।”

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रामायण रिसर्च काउंसिल के तत्वावधान में ‘रामायणी सम्मान’ का भव्य आयोजन

वाराणसी। गोस्वामी तुलसीदास जयंती के पावन अवसर पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी में रामायण रिसर्च काउंसिल के तत्वावधान में ‘रामायणी सम्मान’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें देशभर की 28 प्रतिष्ठित हस्तियों को उनके विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मान चयन प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए चयन समिति के सदस्य एवं ट्रस्टी डॉ. भारत नागर ने कहा कि श्रीराम, सीतामाता और रामायण के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों तक पहुंचने के लिए काउंसिल द्वारा पूरे वर्ष प्रत्येक जिले में विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि उनके योगदान को पहचान, सम्मान और प्रोत्साहन दिया जा सके। इसका उद्देश्य वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करना तथा यह संदेश विश्वभर में फैलाना है। नैनीताल-ऊधम सिंह नगर (उत्तराखंड) के सांसद एवं काउंसिल के अध्यक्ष ने कहा कि देश में रामायण साहित्य, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय हित के क्षेत्र में कार्य करने वाली अनेक प्रतिभाएं हैं, जिन्हें मंच प्रदान करना आवश्यक है। छत्तीसगढ़ के सरगुजा से सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि आज के समय में प्रोत्साहन देना अत्यंत आवश्यक है और युवाओं को सही दिशा दिखाने की जरूरत है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजीत चतुर्वेदी ने ‘रामायणी सम्मान’ के आयोजन को सभी के लिए गौरव का विषय बताया। इस अवसर पर भजन सम्राट एवं पद्मश्री से सम्मानित अनुप जलोटा, जो स्वयं भी सम्मानित हुए, ने श्रीराम के प्रति समर्पित भजन प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। रामायण रिसर्च काउंसिल के ट्रस्टी एवं ‘रामायणी सम्मान’ के संयोजक देवदत्त शर्मा (सेवानिवृत्त IAS) ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य उन व्यक्तियों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। कार्यक्रम का संचालन पीतांबर मिश्रा ने किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों में महर्षि योगी मधुसूदन जी (संस्थापक, महर्षि योग आश्रम, कंकाल, हरिद्वार), पद्मश्री आचार्य डॉ. हरिहर कृपालु त्रिपाठी जी महाराज (पूर्व अध्यक्ष, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट), पद्मभूषण प्रो. (डॉ.) देवी प्रसाद द्विवेदी, ज्योतिषाचार्य प्रो. चंद्रमौली उपाध्याय, विश्व भूषण मिश्रा (CEO, काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट) सहित अनेक विद्वान उपस्थित रहे। सम्मानित हस्तियों की सूची: अनुप जलोटा, अनुराधा पौडवाल, आर.के. सिन्हा, किशोर कुणाल (मरणोपरांत), डॉ. अर्चना प्रकाश, भगवान दास, डॉ. उदय प्रताप सिंह, डॉ. अवधिहारी, योगेश्वर प्रसाद देवरानी, आदित्य जैन, अभय मानके, संत हरिओम, नरेंद्रनाथ गगन, योगेश चंद्र शर्मा ‘योगी’, संजीव कुमार, डॉ. आशा ओझा, मडुगुल्ला प्रफुल्ला, विनोद कुमार तिवारी, डॉ. चंद्र प्रभा मदान, आचार्य संतोष पांडेय, अजय याग्निक, विंध्याचल मणि त्रिपाठी, राजराधे कृष्ण शर्मा, प्रेम प्रकाश दुबे, त्रिलोकी नाथ पांडेय, रामभानी द्विवेदी, डॉ. रविशंकर पांडेय और रेखा मेहरा। इस अवसर पर अजय भट्ट ने बताया कि सीतामढ़ी (बिहार) में, जो माता सीता की प्रकट स्थली मानी जाती है, बिहार सरकार द्वारा श्री रामजानकी के प्राचीन स्थल के लिए 12 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। यहां 51 शक्तिपीठों की मिट्टी से अखंड ज्योति स्थापित की जाएगी और चतुर्भुजी महालक्ष्मी जी की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। 25 अप्रैल 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा यहां भूमि पूजन भी किया गया था।

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नई विजुअल और सोनिक आइडेंटिटी के साथ क्रॉम्पटन ने पेश किया नया ब्रांड प्रॉमिस; सुपर-प्रीमियम ब्रांड ‘Crompton Rhion’ लॉन्च करने के साथ Energion को भी किया मजबूत

अगस्त 2026: भारत की अग्रणी कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल कंपनियों में शामिल क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड ने आज अपनी नई मास्टर ब्रांड आइडेंटिटी का अनावरण किया। यह क्रॉम्पटन 2.0 के तहत कंपनी के अगले चरण की शुरुआत को दर्शाता है, जिसमें कंपनी खुद को एक इनोवेशन-लेड और कंज्यूमर-सेंट्रिक बिजनेस के रूप में आगे बढ़ा रही है। पिछले एक दशक में क्रॉम्पटन ने टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट इनोवेशन में लगातार निवेश करते हुए अपनी पारंपरिक प्रमुख श्रेणियों से आगे विस्तार किया है। नई ब्रांड आइडेंटिटी इसी बिजनेस बदलाव को दर्शाती है और कंपनी को एक यूनिफाइड प्लेटफॉर्म प्रदान करती है, जो इनोवेशन, प्रीमियमाइजेशन और दीर्घकालिक विकास के अगले चरण को गति देने में मदद करेगा। क्रॉम्पटन की नई आइडेंटिटी के केंद्र में ‘Cephyr’ (उच्चारण: सैफायर) है, जो क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड का नया एंब्लेम और प्रमुख विजुअल एक्सप्रेशन है। ‘Cephyr’ नाम दो प्रभावशाली स्रोतों से प्रेरित है—सैफायर के गहरे और टिकाऊ नीले रंग तथा ग्रीक पवन देवता Zephyrus की सौम्य हवा से। यह नाम देखभाल, गुणवत्ता, परिष्कार और कालातीतता को सहज गरिमा और शांत ऊर्जा के साथ व्यक्त करता है। Cephyr क्रॉम्पटन के एक डिजाइन-फॉरवर्ड ब्रांड के रूप में बदलाव का प्रतीक है, जहां फ्लूडिटी, अनुकूलनशीलता और एस्थेटिक सॉफिस्टिकेशन हर टचपॉइंट का हिस्सा हैं। इसके एंब्लेम में भी कई स्तरों पर अर्थ समाहित हैं। इसमें ‘C’ Consumer, Customer, Care, Connectivity और Crompton को दर्शाता है, जो कंज्यूमर-सेंट्रिक इनोवेशन और कनेक्टेड लिविंग एक्सपीरियंस के प्रति ब्रांड की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। ‘C’ के ऊपरी हिस्से से निकलती हुई सुंदर वक्र रेखा जिम्मेदारी और निरंतर आगे बढ़ने के प्रति ब्रांड की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वहीं ‘C’ के भीतर से उभरकर बाहर की ओर बढ़ता इन्फिनिटी सिंबल सीमाओं से आगे बढ़ते हुए लगातार इनोवेशन की दिशा में आगे बढ़ने की क्रॉम्पटन की यात्रा का प्रतीक है। Cephyr को 12 सर्कल्स की मदद से तैयार किया गया है, जिनमें से प्रत्येक वर्ष के एक महीने का प्रतिनिधित्व करता है। यह इस बात को दर्शाता है कि क्रॉम्पटन पूरे साल उपभोक्ताओं के साथ बदलते मौसमों के बीच मौजूद रहता है—भीषण गर्मियों में कूलिंग, सर्दियों में गर्माहट, त्योहारों में रोशनी और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने वाली सुविधाओं के जरिए। सर्कुलर और फ्लोइंग डिजाइन मौसमों के चक्र और बदलती उपभोक्ता जरूरतों के अनुसार क्रॉम्पटन की सहज अनुकूलन क्षमता को दर्शाता है। यह ब्रांड के उस दृष्टिकोण को भी सामने लाता है, जिसके तहत वह पूरे साल उपभोक्ताओं की जरूरत के अनुरूप खुद को ढालते हुए उनके साथ बना रहता है। Cephyr के साथ क्रॉम्पटन ने अपना नया ब्रांड प्रॉमिस—‘Amazing, Every Day.’ भी पेश किया है। यह टैगलाइन महज शब्दों से कहीं आगे बढ़कर रोजमर्रा की जिंदगी को सार्थक इनोवेशन और भरोसेमंद प्रदर्शन के जरिए बेहतर बनाने के ब्रांड के वादे को सामने रखती है। ‘Amazing’ ऐसे सुखद और सहज अनुभवों को दर्शाता है, जो रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर, आसान और अधिक आनंददायक बनाते हैं। यह किसी दिखावटी भव्यता की बात नहीं, बल्कि ऐसे सोच-समझकर किए गए बदलावों का प्रतिनिधित्व करता है, जो रोजमर्रा के जीवन में वास्तविक फर्क पैदा करते हैं। वहीं ‘Every Day’ भरोसे और निरंतर मौजूदगी को दर्शाता है—एक ऐसा वादा, जिसके तहत क्रॉम्पटन रोजमर्रा की जिंदगी में लगातार मूल्य और बेहतर अनुभव प्रदान करता है। टैगलाइन में शामिल डिजाइन डिटेल्स भी क्रॉम्पटन की ब्रांड स्टोरी को आगे बढ़ाती हैं। ‘Amazing’ में ‘i’ को हल्के बदलाव के साथ Wi-Fi सिंबल की तरह डिजाइन किया गया है, जो स्मार्ट, इंटेलिजेंट और कनेक्टेड इकोसिस्टम के प्रति क्रॉम्पटन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वहीं ‘Every Day’ में ‘E’ का डिजाइन Electrical Plug और Power Button सिंबल से प्रेरित है। यह क्रॉम्पटन की 85 वर्षों से अधिक पुरानी इलेक्ट्रिकल विरासत और भारतीय घरों को पावर देने वाली उसकी मूल पहचान को दर्शाने वाला एक विचारपूर्ण संकेत है। विजुअल बदलाव के साथ क्रॉम्पटन ने अपनी डिस्टिंक्टिव सोनिक आइडेंटिटी भी पेश की है, जो ब्रांड के लिए एक अलग ऑडिटरी सिग्नेचर तैयार करेगी। यह सोनिक ब्रांडिंग विज्ञापनों और डिजिटल प्लेटफॉर्म से लेकर प्रोडक्ट एक्सपीरियंस और रिटेल एनवायरनमेंट तक विभिन्न कंज्यूमर टचपॉइंट्स पर ब्रांड की पहचान और रिकॉल को मजबूत करेगी, जिससे एक कोहेसिव मल्टीसेंसरी ब्रांड एक्सपीरियंस तैयार होगा। इस अवसर पर क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ, प्रोमीत घोष ने कहा, “होम सॉल्यूशंस इंडस्ट्री बदलाव के एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रही है, जहां सोच-समझकर किए गए इनोवेशन, सहज अनुभव और भरोसेमंद सॉल्यूशंस के जरिए रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाया जा रहा है। हमारा मानना है कि भविष्य के सबसे मजबूत ब्रांड किसी एक कैटेगरी से नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की रोजमर्रा की जिंदगी में अपनी भूमिका से पहचाने जाएंगे। यही सोच क्रॉम्पटन 2.0 के पीछे है—एक डायवर्सिफाइड, इनोवेशन-लेड होम सॉल्यूशंस बिजनेस के रूप में हमारा रणनीतिक बदलाव। पिछले एक दशक में हमने अपनी पारंपरिक श्रेणियों से आगे विस्तार किया है, अपनी इनोवेशन क्षमताओं को मजबूत किया है और ऐसा पोर्टफोलियो तैयार किया है, जो भारतीय उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों के अनुरूप है। साथ ही, हम उस भरोसे पर कायम हैं, जो 85 वर्षों से अधिक समय से क्रॉम्पटन की पहचान रहा है। हमारी नई ब्रांड आइडेंटिटी केवल विजुअल बदलाव नहीं है। Cephyr, नई टैगलाइन और डिस्टिंक्टिव सोनिक आइडेंटिटी के जरिए हम क्रॉम्पटन के लिए एक फ्यूचर-रेडी आइडेंटिटी तैयार कर रहे हैं। यह नई आइडेंटिटी हमारी महत्वाकांक्षा और इस विश्वास को मजबूत करती है कि हम कंज्यूमर प्रेफरेंस को और गहरा करें, अपनी प्रीमियमाइजेशन जर्नी को गति दें और उपभोक्ताओं, पार्टनर्स तथा शेयरहोल्डर्स के लिए दीर्घकालिक मूल्य तैयार करें।” क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर, तन्मय प्रस्ती ने कहा, “क्रॉम्पटन पिछले कुछ वर्षों में काफी विकसित हुआ है और हमारी नई ब्रांड आइडेंटिटी इसी बदलाव को दर्शाती है। यह एक यूनिफाइड ब्रांड सिस्टम है, जिसमें हमारी विजुअल और सोनिक आइडेंटिटी शामिल है और जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के लिए एक अधिक विशिष्ट ब्रांड एक्सपीरियंस तैयार करना है। इसके साथ ही, हम अलग-अलग सेगमेंट में बदलती उपभोक्ता जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने ब्रांड प्लेटफॉर्म को भी और मजबूत कर रहे हैं।”

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निप्पो ने एयरव्यू की देशव्यापी लॉन्चिंग के साथ एयर प्यूरीफिकेशन मार्केट में रखा कदम

मेडक्योर टेक्नोलॉजीज का अधिग्रहण इनडोर एयर हेल्थ सॉल्यूसंस सेक्टर में निप्पो के कदम रखने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है, इसी के साथ कंपनी ने नई इनडोर एयर इंटेलिजेंस रेंज पेश की है कंपनी को उम्मीद है कि एयर केयर पोर्टफोलियो के विस्तार के साथ वित्त वर्ष 2029-30 तक राजस्व में 100 करोड़ रुपये का योगदान देगा एयरव्यू नई दिल्ली :  निप्पो ब्रांड की मूल कंपनी इंडो नेशनल लिमिटेड (आईएनएल) ने आज देशभर में निप्पो एयरव्यू को लॉन्च करने की घोषणा की। इस लॉन्चिंग के साथ कंपनी ने इनडोर एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग और प्यूरीफिकेशन सेगमेंट में कदम रखा है। यह लॉन्चिंग एक पारंपरिक बैटरी ब्रांड से आगे बढ़ते हुए एक विविधीकृत और उपभोक्ताओं को केंद्र में रखने वाली कंपनी बनने की दिशा में निप्पो के सफर का अहम हिस्सा है। होम एवं कंज्यूमर टेक्नोलॉजी सेगमेंट में ब्रांड की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है। हेल्थकेयर इस समय एक फोकस सेक्टर के रूप में उभर रहा है और ऐसे में कंपनी का उद्देश्य टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन का लाभ उठाकर ऐसे सॉल्यूसंस विकसित करना है, जो उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों और वेलनेस संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करे।   *एक नई ग्रोथ कैटेगरी का निर्माण* आईएनएल के लिए एयर प्यूरीफिकेशन के एक महत्वपूर्ण बिजनेस वर्टिकल के रूप में उभरने की उम्मीद है। कंपनी का अनुमान है कि एयरव्यू वित्त वर्ष 2029-30 में राजस्व में 100 करोड़ रुपये का योगदान देगा, जो कुल राजस्व का लगभग 10 प्रतिशत होगा। अगले 5 वर्षों में निप्पो का लक्ष्य एयर प्यूरीफिकेशन और इनडोर एयर इंटेलिजेंस सेगमेंट में 15 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करना है। घरों, कार्यस्थलों, हेल्थकेयर सेक्टर और सस्टेनेबल ग्रीन बिल्डिंग्स में इनडोर एयर क्वालिटी को लेकर बढ़ती जागरूकता से इसे समर्थन मिल रहा है। आईआरएफआई ग्रुप के अनुसार, 2034 तक भारतीय एयर प्यूरीफायर बाजार के 1.82 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो 13.54 प्रतिशत की सीएजीआर से बढ़ेगा।   इंडो नेशनल लिमिटेड के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर श्री आदित्य रेड्डी ने कहा, “एयर प्यूरीफिकेशन में हमारा कदम रखना उपभोक्ताओं की नई जरूरतों की पहचान करने और प्रासंगिक एवं टेक्नोलॉजी आधारित कैटेगरी विकसित करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है। निप्पो की मजबूत ब्रांड विश्वसनीयता, देशव्यापी इकोसिस्टम और उपभोक्ताओं के विश्वास का लाभ उठाते हुए एयरव्यू, हमें उपभोक्ताओं के बड़े वर्ग तक एक अलग और विशिष्ट समाधान पहुंचाने में सक्षम बनाता है। हमें इस श्रेणी के विस्तार और होम टेक्नोलॉजी तथा कंज्यूमर सॉल्यूसंस का एक व्यापक पोर्टफोलियो बनाने की बड़ी संभावना दिख रही है।”   मेडक्योर मेडिकल सॉल्यूसंस प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक श्री पॉल प्रदीप ने कहा, “एयरव्यू को इनडोर एयर क्वालिटी को मापने योग्य और उस आधार पर काम करने लायक बनाया गया है। कनेक्टेड मॉनिटरिंग, स्मार्ट प्यूरीफिकेशन और एडवांस्ड फिल्ट्रेशन को साथ लाते हुए यह यूजर्स को अपने इनडोर इकोसिस्टम को समझने, जरूरी कदम उठाने और उसके नतीजों को ट्रैक करने में सक्षम बनाता है। निप्पो की व्यापकता एवं पहुंच से इस तकनीक को उपभोक्ताओं के बड़े वर्ग तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।”   एयरव्यू की प्रमुख विशेषता – चार स्मार्ट वेरिएंट: L301S, M601S, U801S और U1001S, जो 300-1,500 वर्ग फुट तक के एरिया को कवर करते हैं – टू हेपा और एक्टिवेटेड कार्बन के साथ 4-स्टेज फिल्ट्रेशन – 99.9 प्रतिशत माइक्रोब्स को खत्म करने के लिए डिजाइन की गई पेटेंटेड नैनो ऑर्गेनिक लेयर – 254 नैनोमीटर यूवी-सी एलईडी और सिंसिमक निगेटिव आयन जनरेटर – स्मार्ट ऐप कनेक्टिविटी, अलर्ट और ओवर-द-एयर अपडेट्स। – डेडिकेटेड एयर क्वालिटी मॉनिटर, जिनमें एक्यूएम प्रो 9-पैरामीटर भी शामिल है। – चार प्रोप्राइटरी इंडेक्स, जो एयर क्वालिटी, हेल्थ, प्रोडक्टिविटी और एनर्जी को कवर करते हैं।   *एयर प्यूरीफायर से आगे: होम टेक्नोलॉजी पोर्टफोलियो का निर्माण* मेडक्योर मेडिकल सॉल्यूसंस प्राइवेट लिमिटेड (एमएमएसपीएल) द्वारा विकसित एवं निर्मित तथा अप्रैल 2025 में आईएनएल द्वारा अधिग्रहित एयरव्यू, टेक्नोलॉजी-आधारित इनडोर एयर और होम सॉल्यूसंस का एक इंटीग्रेटेड पोर्टफोलियो बनाने की व्यापक रणनीति की दिशा में पहला कदम है। कंपनी की योजना धीरे-धीरे डीह्यूमिडिफायर्स, ह्यूमिडिफायर्स, एनर्जी रिकवरी वेंटिलेशन सिस्टम, एचवीएसी एवं एसी फिल्टर्स, कार एयर प्यूरीफायर्स तथा हर्बल एयर केयर प्रोडक्ट्स के क्षेत्र में विस्तार करने की है। साथ ही एंटरप्राइज एयर इंटेलिजेंस सॉल्यूसंस भी विकसित किए जाएंगे।   आईएनएल की योजना एयरव्यू पोर्टफोलियो में लोकलाइजेशन को भी चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने की है। इसमें असेंबली, टेस्टिंग, फिल्टर कोटिंग, क्वालिटी एश्योरेंस और पैकेजिंग जैसे काम शामिल होंगे। इसके बाद दीर्घकालिक मेक इन इंडिया स्ट्रेटजी के तहत पीसीबी और एसएमटी क्षमताओं को भी विकसित किया जाएगा। एयरव्यू को पूरे भारत में निप्पो के डीलर एवं डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क, डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर वेबसाइट तथा प्रमुख ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, कंपनी हेल्थकेयर, कॉर्पोरेट्स, हॉस्पिटैलिटी, शिक्षा, रियल एस्टेट और सरकारी क्षेत्रों में अपना इंस्टीट्यूशनल बिजनेस भी विकसित करेगी।

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रणवीर सिंह की नई सर्वाइवल फिल्म ‘प्रलय’ की शूटिंग शुरू, दुनिया के खत्म होने की कहानी

रणवीर सिंह की महत्वाकांक्षी नई सर्वाइवल फिल्म ‘प्रलय’ की शूटिंग आज से शुरू हो गई है। अनन्या बिरला के बिरला स्टूडियोज, ट्रू स्टोरी फिल्म्स और मां कसम फिल्म्स द्वारा निर्मित इस फिल्म का निर्देशन जय मेहता कर रहे हैं। ‘प्रलय’ में खत्म हो जाएगी आपकी जानी-पहचानी दुनिया… तैयार हो जाइए इंसानियत के अस्तित्व की लड़ाई देखने के लिए! रणवीर सिंह की मुख्य भूमिका वाली ‘प्रलय’ एक महत्वाकांक्षी एंड-ऑफ-द-वर्ल्ड एक्शन थ्रिलर है। फिल्म की शूटिंग आधिकारिक तौर पर मुंबई में शुरू हो गई है। इसके साथ ही भारतीय सिनेमा की बड़े पैमाने पर बनाई जा रही फिल्मों में से एक की शूटिंग शुरू हो गई है। यह फिल्म ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर – द रिवेंज’ के बाद रणवीर सिंह की अगली बड़ी फिल्म है। दोनों फिल्में अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल हैं। ‘प्रलय’ के साथ रणवीर एक बार फिर ऐसी दुनिया में कदम रख रहे हैं, जिसे भारतीय सिनेमा में पहले इस तरह नहीं देखा गया है। अपनी पीढ़ी के बेहतरीन कलाकारों में गिने जाने वाले रणवीर फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने के साथ-साथ इसके निर्माता भी हैं। यह कहानी उनसे शारीरिक मेहनत के साथ-साथ भावनाओं को भी मजबूती से दिखाने की मांग करती है। अनन्या बिरला के लिए ‘प्रलय’ बिरला स्टूडियोज की एक खास फिल्म है। इसके जरिए वह सिनेमा में कुछ नया करने की कोशिश कर रही हैं और भारत के नए दौर के प्रतिभाशाली लोगों के साथ काम कर रही हैं। हंसल मेहता और साहिल सैगल की ट्रू स्टोरी फिल्म्स के लिए ‘प्रलय’ ऐसी कहानी पेश करने की कोशिश है, जो अपने कंटेंट के जरिए कुछ अलग करे। यही सोच इस फिल्म की सबसे खास बातों में से एक है। ‘प्रलय’ में ‘लोका’ से पहचान बनाने वाली अभिनेत्री कल्याणी प्रियदर्शन भी अहम भूमिका में नजर आएंगी। फिल्म में नई पीढ़ी के कई प्रतिभाशाली कलाकार भी साथ आए हैं। भारत और दुनिया भर के बेहतरीन क्रिएटिव और टेक्निकल टैलेंट के साथ बनाई जा रही ‘प्रलय’ का निर्देशन जय मेहता कर रहे हैं। हंसल मेहता के साथ मिलकर उन्होंने ‘स्कैम 1992: द हर्षद मेहता स्टोरी’ का निर्देशन किया था और ‘लुटेरे’ के लिए भी उन्हें काफी सराहना मिली। ‘प्रलय’ दर्शकों को एक ऐसी रोमांचक कहानी में ले जाएगी, जहां दुनिया के खत्म होने का खतरा सामने है। फिल्म बड़े पैमाने पर बनाई जा रही है, लेकिन इसकी कहानी इंसानी भावनाओं से भी जुड़ी होगी। मुंबई की पहचान और यहां के अलग-अलग इलाकों की पृष्ठभूमि में बनी ‘प्रलय’ एक ओरिजिनल कहानी है। फिल्म में बड़े और शानदार दृश्य देखने को मिलेंगे, लेकिन इसके साथ ही कहानी इंसानी भावनाओं पर भी ध्यान देगी। फिल्म की कहानी सर्वाइवल, हिम्मत और उन चीजों के लिए लड़ने की है, जो सबसे ज्यादा मायने रखती हैं, खासकर तब जब दुनिया धीरे-धीरे खत्म होने लगे। फिल्म की शूटिंग मुंबई और उसके आसपास की असली लोकेशन्स पर की जा रही है। मेकर्स असली जगहों पर शूटिंग करके फिल्म को ज्यादा वास्तविक बनाना चाहते हैं। इससे फिल्म में ज्यादा गहराई और रोमांच आएगा और दुनिया के खत्म होने की कगार पर खड़ी इस कहानी को दर्शकों के लिए और भी असली बनाया जा सकेगा। कई महीनों तक तकनीकी और गहन प्री-प्रोडक्शन के बाद अब ‘प्रलय’ के कैमरे चल पड़े हैं। फिल्म को बहुत बड़े पैमाने पर बनाया जा रहा है। शूटिंग शुरू होने से पहले ही यह भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित और बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल हो चुकी है।

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NISM और SEBI ने युवाओं में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने के लिए नई दिल्ली में नेशनल फाइनेंशियल लिटरेसी क्विज़

यह पहल वित्तीय बाज़ारों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और समझदारी से निवेश करने को बढ़ावा देती है। नई दिल्ली :  नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ सिक्योरिटीज मार्केट्स (NISM) ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के सहयोग नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित SCOPE कन्वेंशन सेंटर में नेशनल फाइनेंशियल लिटरेसी क्विज़ (NFLQ) 2026 के उत्तर क्षेत्रीय दौर का सफलतापूर्वक आयोजन किया। दो दिनों के कार्यक्रम में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड तथा उत्तर भारत के दूसरे राज्यों से आए अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट छात्र शामिल हुए। छात्रों ने वित्तीय बाज़ार, निवेश के नियमों, निवेशकों की सुरक्षा और ज़िम्मेदार वित्तीय आदतों से जुड़े विषयों पर सवाल-जवाब के स्वरूप में आयोजित प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। मुंबई में 18-19 जुलाई को हुए पश्चिम क्षेत्रीय दौर के बाद, NFLQ 2026 का दूसरा क्षेत्रीय दौर नई दिल्ली में आयोजित किया गया। देश भर में शुरू की गई इस पहल में 4 लाख से ज़्यादा छात्रों ने अपने कॉलेजों और ऑनलाइन क्वालिफाइंग राउंड के ज़रिए हिस्सा लिया। उनके प्रदर्शन के आधार पर बेहतरीन टीमों को चुना गया जिन्होंने भारत के पूर्वी, दक्षिणी, उत्तरी, मध्य, पश्चिमी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में आयोजित होने वाले क्षेत्रीय दौरों में आगे बढ़ीं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ सिक्योरिटीज मार्केट्स (NISM) के डायरेक्टर, श्री सशी कृष्णन ने इसमें भाग लेने वाले सभी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “वित्तीय साक्षरता का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि युवाओं को सही समय पर सूचित, जिम्मेदार और आत्मविश्वासपूर्ण वित्तीय निर्णय लेने में सक्षम बनाना है। । NFLQ वित्तीय साक्षरता को परस्पर बातचीत पर आधारित और एक प्रतिस्पर्धी माहौल में पेश करता है। इससे छात्र अपनी समझ को बेहतर बना पाते हैं, साथ ही उनमें वित्तीय परिवेश के बारे में जानने की इच्छा भी बढ़ती है। इस पहल को मिली ज़बरदस्त प्रतिक्रिया से साफ़ है कि भारत के युवाओं के बीच काम में आने वाली वित्तीय जानकारी पाने की इच्छा बढ़ रही है। NISM एक ऐसा प्लेटफॉर्म्स तैयार करने के अपने इरादे पर अटल है, जो वित्तीय शिक्षा को आसान, मज़ेदार और उपयोगी बनाए। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के CGM और क्षेत्रीय निदेशक, श्री विजयंत कुमार वर्मा ने कहा, “भारत के सिक्योरिटीज मार्केट को लगातार आगे बढ़ाने के लिए आज की युवा पीढ़ी का वित्तीय रूप से जागरूक होना बेहद ज़रूरी है। NFLQ जैसी पहल, छात्रों को शुरुआती दौर में ही सोच-समझकर निवेश करने, निवेशकों के अधिकारों, बाज़ार के नियमों और जोखिम जैसे विषयों की जानकारी देकर, उन्हें वित्तीय व्यवस्था में जिम्मेदारी से भाग लेने के लिए तैयार करती है। SEBI की निवेशक शिक्षा से जुड़ी कोशिशों का मकसद इसी बुनियाद को मज़बूत करना और भारत के युवाओं को ज़्यादा जागरूकता और समझदारी के साथ वित्तीय फ़ैसले लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।”   NFLQ 2026, असल में NISM की ओर से बड़े पैमाने पर शुरू किए गए उस जनसंपर्क कार्यक्रम का हिस्सा है जिसका उद्देश्य सिक्योरिटीज़ मार्केट के बारे में छात्रों की समझ को बेहतर बनाना और उन्हें सोच-समझकर वित्तीय निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस क्विज़ में फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स, बाज़ार के कामकाज के तरीके, निवेशकों के अधिकार, इससे जुड़े नियम और बाज़ार के मध्यस्थों की भूमिका जैसे विषय शामिल हैं, जिससे प्रतिभागियों को भारत के फाइनेंशियल इकोसिस्टम के बारे में उपयोगी जानकारी मिलती है। यह पहल जुलाई से सितंबर 2026 तक चलेगी और इस दौरान मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु, भोपाल, गुवाहाटी और कोलकाता में इसके क्षेत्रीय दौर आयोजित किए जाएंगे। इन सभी दौर में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीमें नवंबर 2026 में होने वाले नेशनल फ़िनाले में पहुंचेंगी, जहां उन्हें महाराष्ट्र के रसायनी, पातालगंगा में स्थित NISM के परिसर में राष्ट्रीय खिताब के लिए मुकाबला करना होगा। महाराष्ट्र के रसायनी, पातालगंगा स्थित NISM के परिसर में आयोजित ग्रैंड फ़िनाले में देश भर की बेहतरीन टीमें राष्ट्रीय खिताब के लिए मुक़ाबला करेंगी। क्षेत्रीय दौर की हर श्रेणी में शीर्ष तीन विजेताओं के लिए इनाम की राशि इस प्रकार है: अंडरग्रेजुएट श्रेणी: • पहला इनाम – 40,000/- रुपये (BFSI विभाग, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी) • दूसरा इनाम – 30,000/- रुपये (कॉमर्स एवं फाइनेंस विभाग, क्वांटम स्कूल ऑफ़ ग्रेजुएट स्टडीज़) • तीसरा इनाम – 20,000/- रुपये (प्रबंधन विभाग, मित्तल स्कूल ऑफ़ बिज़नेस) पोस्टग्रेजुएट श्रेणी: • पहला इनाम – 40,000/- रुपये (प्रबंधन विभाग, लाल बहादुर शास्त्री इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट) • दूसरा इनाम – 30,000/- रुपये (प्रबंधन विभाग, भारतीय प्रबंधन संस्थान, काशीपुर) • तीसरा इनाम –20,000/- रुपये (प्रबंधन विभाग, मित्तल स्कूल ऑफ़ बिज़नेस) इसके अलावा, उत्तरी क्षेत्र के 12 अंडरग्रेजुएट कॉलेजों ने राष्ट्रीय चरणों में आगे बढ़ने के लिए अपनी जगह बनाई। चुने गए संस्थानों की सूची इस प्रकार है:

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Six-Time World Champion M. C. Mary Kom Drives Home the All-New 9th Generation Toyota Hilux in India

New Delhi, August 14, 2026: Six-time World Champion and Olympic medallist Ms. M. C. Mary Kom recently took delivery of the All-New Hilux, marking a special association between the two icons who define strength, resilience and an unwavering spirit to go beyond limits. Celebrating the occasion of Independence Day, the new vehicle was formally delivered to Ms. M.C. Mary Kom at Toyota outlet in New Delhi NCR. The Fighter meets the Fearless: Six-time World Champion and Olympic medallist Ms. M. C. Mary Kom drives home the All-New 9th Generation Toyota Hilux in India. The All-New Hilux, launched in India on July 28, 2026, carries forward Toyota’s legacy of a lifestyle pickup known for its legendary toughness, off-road performance and go-anywhere character. The new generation builds on this foundation with a more commanding design, enhanced comfort and technology, and greater versatility for both challenging terrain and everyday journeys. Ms. M. C. Mary Kom’s journey from the boxing ring to becoming one of India’s most celebrated sporting icons reflects many of these qualities, with a career defined by discipline, perseverance and the ability to take on challenges head-on. Her association with the All-New Hilux brings together a celebrated sporting champion and an iconic pickup that share a strong performance-led character.

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नाबार्ड ने दिल्ली के हथकरघा बुनकरों पर खींचा ध्यान

दो दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन, 3 लाख रुपये से अधिक का व्यवसाय बुनाई एवं बुनकरों पर संगोष्ठी में चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा नाबार्ड, नई दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के उपलक्ष्य में 10-11 अगस्त 2026 को प्रदर्शनी-सह-विक्रय एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में हथकरघा क्षेत्र के समक्ष मौजूद प्रमुख चुनौतियों, जैसे सतत विकास, प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि तथा बाजार विस्तार की रणनीतियों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. के. महेश, आईएएस, सचिव, संस्कृति, जीएनसीटीडी तथा प्रबंध निदेशक, दिल्ली खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने हथकरघा क्षेत्र के समग्र विकास हेतु सरकारी एजेंसियों, वित्तीय संस्थानों, कारीगरों और अन्य हितधारकों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। श्री नवीन कुमार राय, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, नई दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय ने हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्र के सतत विकास में नाबार्ड, भारत सरकार, एनएचडीसी तथा अन्य संस्थाओं जैसी पारिस्थितिकी तंत्र समर्थक संस्थाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने वित्तीय एवं विकासात्मक हस्तक्षेपों, क्षमता निर्माण, प्रौद्योगिकी उन्नयन तथा बाजार उपलब्धता में नाबार्ड के योगदान का उल्लेख करते हुए दिल्ली की विशिष्ट हथकरघा पहचान विकसित करने के लिए सभी पक्षों से सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया। श्री चंदन कुमार, मुख्य महाप्रबंधक, भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए ऋण तक पहुंच, प्रौद्योगिकी का अपनाव तथा कौशल विकास अत्यंत आवश्यक हैं। श्री राजीव अशोक, प्रबंध निदेशक, एनएचडीसी ने भौगोलिक संकेतक (GI) उत्पादों के संवर्धन तथा बुनकरों की कार्य परिस्थितियों में सुधार के लिए एनएचडीसी की पहलों पर प्रकाश डाला, जबकि श्री टी.डी. शिवकुमार, मुख्य महाप्रबंधक, एक्जिम बैंक ने भारतीय हथकरघा उत्पादों की वैश्विक बाजार पहुंच बढ़ाने में वित्तीय संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। अन्य वक्ताओं एवं बुनकर प्रतिनिधियों ने सभी हितधारकों द्वारा समन्वित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता व्यक्त करते हुए आशा जताई कि नाबार्ड द्वारा इस दिशा में एक सार्थक पहल की गई है। संगोष्ठी की अध्यक्षता डॉ. के. महेश ने की। कार्यक्रम में श्री चंदन कुमार, श्री नवीन कुमार राय, श्री पुष्पास पाण्डेय, कमोडोर राजीव अशोक (सेवानिवृत्त), श्री टी.डी. शिवकुमार, डॉ. शिन्जू महाजन तथा श्री विशेष नौटियाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त दिल्ली राज्य के सभी लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, बुनकर सहकारी समितियाँ, कारीगर समूह तथा नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी-सह-विक्रय में कुल 7 स्टॉल लगाए गए, जिनमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों के हथकरघा उत्पाद प्रदर्शित किए गए। प्रदर्शनी में कांचीपुरम साड़ियाँ, बाटिक प्रिंट, दोहर, धोती, रेडीमेड परिधान, टेबल मैट, दरियाँ तथा अन्य हस्तनिर्मित उत्पादों को प्रदर्शित किया गया, जिन्होंने आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। यह प्रदर्शनी भारत की समृद्ध, विविधतापूर्ण एवं उत्कृष्ट हथकरघा परंपरा का प्रभावी प्रदर्शन रही। सात स्टॉलों वाली इस प्रदर्शनी में दो दिनों में 3 लाख रुपये से अधिक की बिक्री दर्ज की गई, जिसने बुनकरों के हौसले को बढ़ाया ।

Cultural Journeys

लाजपत भवन में सजा राष्ट्रीय कला महोत्सव, युवा कलाकारों ने दी शास्त्रीय एवं पारंपरिक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां

नई दिल्ली : लाजपत भवन ऑडिटोरियम, नई दिल्ली में शनिवार को ‘राष्ट्रीय कला महोत्सव 2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कथक नृत्यांगना, बॉलीवुड कोरियोग्राफर एवं अमायरा डांस एंड जिम्नास्टिक एकेडमी की संस्थापक मिस्टी आनंद के मार्गदर्शन में किया गया। महोत्सव में विभिन्न नृत्य अकादमियों के विद्यार्थियों, गुरुओं, कलाकारों और युवा प्रतिभाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय एवं पारंपरिक प्रदर्शन कलाओं को प्रोत्साहित करना तथा विभिन्न नृत्य विधाओं की मौलिकता, अनुशासन और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के प्रति नई पीढ़ी में जागरूकता पैदा करना था। महोत्सव के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न भारतीय नृत्य शैलियों पर आधारित प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की सराहना हासिल की। युवा कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और कला की समृद्ध विरासत को मंच पर जीवंत किया। प्रतियोगिता एवं प्रस्तुतियों का मूल्यांकन नृत्य और प्रदर्शन कला के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित एवं अनुभवी निर्णायकों के पैनल ने किया। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की तकनीक, प्रस्तुति, अनुशासन, भाव-भंगिमा और नृत्य शैली की प्रामाणिकता के आधार पर उनका मूल्यांकन किया। आयोजक मिस्टी आनंद ने कहा कि भारतीय शास्त्रीय और पारंपरिक कलाएं केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक पहचान और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ कला की मूल परंपराओं और अनुशासन को समझने का अवसर मिलता है। राष्ट्रीय कला महोत्सव में कलाकारों और प्रतिभागियों के उत्साह ने भारतीय नृत्य एवं प्रदर्शन कलाओं के प्रति नई पीढ़ी की बढ़ती रुचि को भी प्रदर्शित किया।

Education

“सीवर और मैनहोल में मानव प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध—AI टूल्स और रोबोट ही हैं सुरक्षित विकल्प” : डॉ. भारत नगर

नई स्थित दिल्ली प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आज “एल्गोरिदम एंड एम्बिशन: फ्रॉम कैंपस टू सी-सूट” पुस्तक का भव्य विमोचन किया गया। इस अवसर पर नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. भारत नगर ने अपने संबोधन में AI तकनीक के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि AI आधारित टूल्स अब दूर से ही भूमिगत, इमारतों के अंदर और खुले क्षेत्रों में पड़े खतरनाक कचरे (Hazardous Waste) की पहचान कर सकते हैं, वहीं AI रोबोट बिना किसी मानव जोखिम के उसे हटाने और सुरक्षित निपटान में सक्षम हैं। डॉ. नागर ने कहा कि वर्ष 2013 के कानून और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के अनुसार मैनहोल और सीवर में मानव प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद अवैध प्रथाएं और ठेका व्यवस्था की खामियां आज भी लोगों की जान जोखिम में डाल रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि नगर निकायों को अब मैनुअल लेबर के स्थान पर केवल AI आधारित मशीनों और रोबोट्स का ही उपयोग करना चाहिए। उन्होंने आगे सुझाव दिया कि खतरनाक कचरे के प्रभावी प्रबंधन के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए। यह कचरा ठोस, तरल या गैस के रूप में हो सकता है, जो मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। इसके सुरक्षित प्रबंधन, उपचार और निपटान के लिए आधुनिक AI तकनीक अत्यंत आवश्यक है, जो किसी भी स्थान—चाहे वह जमीन के नीचे हो या खुले क्षेत्र में—कचरे की पहचान कर सकती है और उसे बिना किसी मानव हस्तक्षेप के संभाल सकती है। डॉ. नागर ने यह भी जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश और गुजरात में कुछ कंपनियों ने इस दिशा में कार्य शुरू कर दिया है, जो AI तकनीक के माध्यम से खतरनाक कचरे के प्रबंधन का सफल मॉडल प्रस्तुत कर रही हैं। इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने भी AI के विभिन्न क्षेत्रों—शिक्षा, शासन और उद्योग—में बढ़ते उपयोग पर अपने विचार साझा किए और इसे भविष्य की आवश्यकता बताया। पुस्तक के बारे में : “एल्गोरिदम और महत्वाकांक्षा: कैंपस से सी-सूट तक” पुस्तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बदलाव दौर में करियर, नेतृत्व और संस्थागत निर्णय प्रक्रिया पर उसके प्रभाव का विश्लेषण करती है और पाठकों को भविष्य के लिए तैयार रहने का मार्गदर्शन देती है।

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