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जापान ने 20 साल बाद फिर लगाया भारतीय आमों पर प्रतिबंध

नई दिल्ली : जापान द्वारा भारतीय आमों पर दो दशकों बाद पुनः लगाया गया प्रतिबंध भारत के लिए कृषि व्यापार और कूटनीतिक संबंधों पर गहरा असर डाल सकता है। निर्यात पर असर: भारत हर साल जापान को सीमित मात्रा में उच्च गुणवत्ता वाले आम भेजता था। यह प्रतिबंध किसानों और निर्यातकों के लिए आर्थिक झटका है। गुणवत्ता और मानक: जापान ने यह कदम कथित तौर पर फाइटोसैनिटरी (कीट और रोग नियंत्रण) मानकों के आधार पर उठाया है। कूटनीतिक संकेत: यह निर्णय भारत-जापान व्यापारिक रिश्तों में तनाव का संकेत माना जा रहा है, खासकर तब जब दोनों देश रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों की चिंता: महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के आम उत्पादक किसानों को अब वैकल्पिक बाजार तलाशने होंगे। वैश्विक छवि: भारतीय आमों की पहचान “फलों का राजा” के रूप में है। ऐसे प्रतिबंध भारत की कृषि निर्यात छवि को प्रभावित कर सकते हैं। यह प्रतिबंध केवल व्यापारिक नुकसान नहीं है, बल्कि भारत के कृषि उत्पादों की वैश्विक स्वीकार्यता और मानकों पर भी सवाल खड़ा करता है। आने वाले समय में भारत को अपने निर्यात मानकों को और सख्त करना होगा ताकि ऐसे प्रतिबंधों से बचा जा सके।

World News

Bhumika Shajwani Makes a Striking Red Carpet Appearance at Cannes 2026 in 91Threads 

Bhumika Shajwani, UMB Mrs. India Elite 2025 (2nd Runner-Up), marked a significant moment for Indian representation at the Cannes Film Festival with her red carpet appearance on 15th May 2026, wearing a couture creation by 91Threads titled “A Modern Tale of Heritage.” The ensemble paid homage to the heritage of Gujarat, blending traditional craftsmanship with contemporary design to create a powerful global fashion statement. Her appearance drew appreciation for its refined storytelling approach, positioning Indian couture within a global luxury conversation. At one of the world’s most prestigious cinematic platforms, Bhumika’s presence stood for more than style—it reflected identity, craftsmanship, and the growing global relevance of Indian luxury. Her appearance underscored how traditional artistry continues to evolve within modern fashion narratives while gaining recognition on international red carpets and cultural stages. The look was widely noted for its intricate detailing and symbolic representation of India’s textile heritage. Sharing her thoughts, Bhumika Shajwani said, “Walking the red carpet at Cannes was more than a personal milestone—it was an opportunity to represent the richness of Indian heritage and the artistry of Gujarat on a global stage. Every thread of my ensemble carries a story of our culture, craftsmanship, and pride.” For the occasion, she wore a couture creation by 91Threads, designed to reinterpret Indian craftsmanship through a contemporary silhouette. The ensemble, brought to life through over 1,000 hours of intricate handwork, showcased exceptional detailing and precision—highlighting the skill and dedication of Indian artisans. Deeply rooted in the textile traditions of Gujarat, the look celebrated regional craftsmanship while presenting it in a globally resonant format, reinforcing India’s growing influence in international couture and luxury fashion narratives.

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खादी-ग्रामोद्योग ने रचा नया इतिहास – 1.87 लाख करोड़ का कारोबार

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने बीते 12 वर्षों में विकास और परिवर्तन की अभूतपूर्व यात्रा तय की है। वित्त वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 1,87,105 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई, जो अब तक की सर्वाधिक बिक्री है और ग्रामीण भारत की बढ़ती उद्यमशीलता, आत्मनिर्भरता तथा आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त प्रमाण है। ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों से प्रेरित होकर खादी आज केवल एक पारंपरिक उत्पाद नहीं, बल्कि ‘नये भारत’ की आत्मनिर्भरता, स्वदेशी गौरव और ग्रामीण समृद्धि का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। उत्पादन, विपणन और रोजगार सृजन के नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान की है। केवीआईसी ने जारी किए वित्त वर्ष 2025-26 के अनंतिम आंकड़े नई दिल्ली के गांधी दर्शन, राजघाट स्थित कार्यालय में वित्त वर्ष 2025-26 के अनंतिम आंकड़े (Provisional Data) जारी करते हुए केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि आयोग ने उत्पादन, बिक्री और रोजगार सृजन के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013-14 की तुलना में पिछले 12 वर्षों में बिक्री में 501 प्रतिशत, उत्पादन में 380 प्रतिशत और रोजगार सृजन में 56 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पूर्व वर्षों की प्रवृत्ति को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में वर्ष 2013-14 की तुलना में बिक्री में 447 प्रतिशत और उत्पादन में 347 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में वर्ष 2013-14 की तुलना में बिक्री में 400 प्रतिशत और उत्पादन में 315 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी थी। खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 1.87 लाख करोड़ रुपये के पार अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि केवीआईसी का यह सशक्त प्रदर्शन ‘विकसित भारत@2047’ के संकल्प को गति प्रदान करने के साथ-साथ भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रभावी मार्गदर्शन, महात्मा गांधी की प्रेरणा तथा देश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत करोड़ों कारीगरों की मेहनत को दिया। अध्यक्ष केवीआईसी ने बताया कि वित्त वर्ष 2013-14 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों का उत्पादन जहां 26109 करोड़ रुपये था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह करीब पांच गुना बढ़कर 380 प्रतिशत के उछाल के साथ 125296 करोड़ रुपये पहुंच गया। जबकि वित्त वर्ष 2013-14 में बिक्री जहां 31154 करोड़ रुपये थी, वहीं करीब छह गुना बढ़कर 501 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि के साथ यह वित्त वर्ष 2025-26 में 187105 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो कि अब तक की सर्वाधिक बिक्री है। खादी वस्त्रों के उत्पादन और बिक्री में अभूतपूर्व वृद्धि खादी वस्त्रों के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2013-14 में 811 करोड़ रुपये का उत्पादन बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 390 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3,974 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं बिक्री 1,081 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 628 प्रतिशत वृद्धि के साथ 7,869 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री द्वारा खादी के सतत प्रचार-प्रसार का सकारात्मक प्रभाव इस क्षेत्र की बढ़ती स्वीकार्यता और बाजार विस्तार में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। ग्रामोद्योग क्षेत्र में उत्पादन और बिक्री का नया रिकॉर्ड ग्रामोद्योग क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2013-14 में जहां ग्रामोद्योग उत्पादों का उत्पादन 25,298 करोड़ रुपये था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 380 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह बढ़कर 1,21,322 करोड़ रुपये हो गया है। इसी प्रकार बिक्री 30,073 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 496 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,79,236 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी ग्रामोद्योग ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वर्ष 2013-14 में जहां इस क्षेत्र में 1.19 करोड़ लोगों को रोजगार प्राप्त था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 1.99 करोड़ के स्तर के करीब पहुंच गया है, जो ग्रामीण आजीविका सृजन में इस क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘घर-घर स्वदेशी’ जैसे अभियानों के प्रभाव से ग्रामोद्योग उत्पादों की मांग में निरंतर वृद्धि हुई है, जिससे यह क्षेत्र ग्रामीण उद्योगों के विस्तार, बाजार सुदृढ़ीकरण और रोजगार सृजन का एक प्रमुख आधार बनकर उभरा है। रोजगार सृजन के क्षेत्र में केवीआईसी की ऐतिहासिक उपलब्धि रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी केवीआईसी ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2013-14 में जहां खादी और ग्रामोद्योग से जुड़ी गतिविधियों में संचयी रोजगार (Cumulative Employment) 1.30 करोड़ था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह 56 प्रतिशत की वृद्धि के साथ बढ़कर 2.04 करोड़ हो गया है, जो ग्रामीण आजीविका सृजन में केवीआईसी की केंद्रीय भूमिका को दर्शाता है। पीएमईजीपी से स्वरोजगार एवं उद्यमिता को नई गति प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत वित्त वर्ष 2025-26 में 66,494 नई इकाइयों की स्थापना की गई, जिनके लिए 7,375 करोड़ रुपये के ऋण के विरुद्ध 2,457 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी वितरित की गई। इन इकाइयों के माध्यम से 7,31,434 लोगों को रोजगार उपलब्ध हुआ। योजना की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 10,84,679 इकाइयों की स्थापना की जा चुकी है, जिनके लिए 80,705 करोड़ रुपये के ऋण के सापेक्ष 29,623 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी संवितरित की गई है। इसके माध्यम से अब तक लगभग 97.95 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत टूलकिट वितरण से कारीगरों को सशक्तिकरण ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत अभी तक 51,230 विद्युत चालित चाक, 2,46,099 बी-बॉक्स एवं बी–कालोनी, 2,674 ऑटोमैटिक एवं पैडल चालित अगरबत्ती निर्माण मशीन, 7,669 फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग एवं रिपेयरिंग टूलकिट, 836 पेपर प्लेट एवं दोना निर्माण मशीन, 7,571 एसी, मोबाइल, सिलाई, इलेक्ट्रिशियन एवं प्लंबर टूलकिट, 5,138 टर्नवुड, वेस्टवुड क्रॉफ्ट एवं लकड़ी के खिलौने बनाने की मशीन तथा 1,789 पामगुड़, तेल घानी एवं इमली प्रसंस्करण मशीनों का वितरण किया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना के अंतर्गत 37,769 मशीन, टूलकिट एवं उपकरणों का वितरण किया गया है। यदि पिछले चार वर्षों पर दृष्टि डालें तो वर्ष 2022-23 में 21,874, वित्त वर्ष 2023-24 में 29,540, वित्त वर्ष

Food & Beverages

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संसाधनों की बचत और विवेकपूर्ण उपयोग के संदेश को आगे बढ़ाते हुए, केवीआईसी ने ‘विश्व मधुमक्खी दिवस-2026’ वर्चुअल माध्यम से मनाया

अध्यक्ष केवीआईसी ने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘श्वेत क्रांति से स्वीट क्रांति’ के विजन ने गांवों में स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को नई गति दी है; मधुमक्खी पालन आज खेती, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सशक्त माध्यम बन चुका है।“  नई दिल्ली : खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार ने बुधवार को मुख्यालय, मुंबई के साथ-साथ अपने देशभर के राज्य एवं मंडलीय कार्यालयों तथा केंद्रीय मधुमक्खी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीबीआरटीआई), पुणे में ‘विश्व मधुमक्खी दिवस-2026’ (World Honey Bee Day-2026) के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन वर्चुअल माध्यम से किया। नई दिल्ली स्थित केवीआईसी के गांधी दर्शन, राजघाट कार्यालय से अध्यक्ष, केवीआईसी श्री मनोज कुमार ने देशभर के केवीआईसी कार्यालयों, मधुमक्खी पालकों, लाभार्थियों, वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इस अवसर पर सीबीआरटीआई, पुणे में आयोजित ‘हनी प्रदर्शनी’ का शुभारंभ भी अध्यक्ष, केवीआईसी श्री मनोज कुमार ने वर्चुअल माध्यम से किया। इस वर्ष ‘विश्व मधुमक्खी दिवस’ की थीम- “Bee Together for People and the Planet” – के अनुरूप आयोजित कार्यक्रमों में मधुमक्खियों की पर्यावरण संरक्षण, कृषि उत्पादकता और जैव विविधता को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष, केवीआईसी श्री मनोज कुमार ने देशभर से वर्चुअल माध्यम से जुड़े प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष ‘विश्व मधुमक्खी दिवस’ के कार्यक्रमों का आयोजन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा कम संसाधनों में प्रभावी आयोजन के विजन के अनुरूप वर्चुअल माध्यम से किया गया है। इससे न केवल अनावश्यक यात्रा और ईंधन की खपत में कमी आई, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों की सहभागिता भी सुनिश्चित हुई। उन्होंने आगे कहा कि मधुमक्खियां प्रकृति और कृषि व्यवस्था की महत्वपूर्ण संरक्षक हैं तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘श्वेत क्रांति से स्वीट क्रांति’ के विजन ने गांवों में स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को नई गति दी है। आज मधुमक्खी पालन खेती, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सशक्त माध्यम बन चुका है। अध्यक्ष केवीआईसी ने आगे कहा कि आज जब पूरी दुनिया मधुमक्खियों के संरक्षण की चिंता कर रही है, तब भारत ने इस दिशा में सकारात्मक पहल की है, जिसका बड़ा श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शी सोच को जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2016 में गुजरात के बनासकांठा से ‘स्वीट क्रांति’ का आह्वान करते हुए कहा था, “जहां श्वेत क्रांति हुई है, वहां अब स्वीट क्रांति भी होगी।” यह केवल एक नारा नहीं था, बल्कि गांव, किसान और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का व्यापक दृष्टिकोण था। उन्होंने आगे बताया कि प्रधानमंत्री की इसी प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए केवीआईसी ने वर्ष 2017 में ‘हनी मिशन’ शुरू किया, जो आज ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन चुका है। अध्यक्ष केवीआईसी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन से प्रेरित ‘हनी मिशन’ के तहत केवीआईसी द्वारा वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक देशभर में 2,46,099 बी-बॉक्स एवं बी-कालोनियों का वितरण किया गया है, जिससे अनुमानित 24,269 मीट्रिक टन शहद उत्पादन को बढ़ावा मिला है। वर्ष 2025-26 में शहद उत्पादन का अनुमान 5,512 मीट्रिक टन तक पहुंचा है। साथ ही, केवीआईसी से जुड़े मधुमक्खी पालकों द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 31 करोड़ रुपये मूल्य के शहद का निर्यात किया गया। शहद निर्यात के प्रमुख गंतव्यों में अमेरिका, कनाडा, यूएई, इजराइल, सऊदी अरब, ओमान, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, कतर और कोरिया रिपब्लिक सहित कई देश शामिल हैं, जो भारतीय शहद की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है। उन्होंने देशभर के मधुमक्खी पालकों से अपील करते हुए कहा कि मधुमक्खी पालन को केवल शहद उत्पादन तक सीमित न समझें। यह प्रकृति संरक्षण, खेती की उन्नति और ग्रामीण समृद्धि का सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर मधुमक्खियों के संरक्षण, अधिकाधिक लोगों को बी-कीपिंग से जोड़ने तथा प्रधानमंत्री की ‘स्वीट क्रांति’ को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लें। कार्यक्रम में देश के विभिन्न भागों से जुड़े प्रतिभागियों ने डिजिटल माध्यम से मधुमक्खी पालन के अनुभव और सफलता की कहानियां साझा कीं। कार्यक्रम में केवीआईसी के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अन्य अधिकारी, कर्मचारी तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ, खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि, कारीगर, प्रशिक्षार्थी, बैंक प्रतिनिधि तथा राज्य सरकार के अधिकारी उपस्थित रहे। यह आयोजन ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण की दिशा में केवीआईसी के सतत प्रयासों का सशक्त उदाहरण है।

Cultural Journeys

महाकुंभ 2027 हेतु साध्वी शक्तियों का ऐतिहासिक संगम, नाशिक से सनातन एकता का संदेश

नाशिक, महाराष्ट्र : नाशिक की पावन धरा पर आज एक ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक क्षण देखने को मिला, जब आद्या शंकराचार्य त्रिकाल भवन्ता सरस्वती जी महाराज द्वारा श्री श्री 1008 जगतगुरु दुर्गाचार्य कंचन भवानी जी का विशेष सम्मान किया गया। यह अवसर सनातन परंपरा, आध्यात्मिक चेतना एवं नारी शक्ति के उत्थान का प्रेरणादायी प्रतीक बन गया। इस विशेष अवसर पर श्री पंच महाभूत परमहंस अखाड़ा एवं परी अखाड़ा ने संयुक्त रूप से आगामी महाकुंभ 2027 को एक साथ आयोजित करने का संकल्प लिया। साथ ही देशभर की साध्वी शक्तियों, संत समाज एवं सनातन धर्मावलंबियों से धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित में एकजुट होकर आगे आने का आह्वान किया गया। दोनों पूज्य संतों ने अपने उद्बोधन में कहा कि —“शक्ति ही सृष्टि का मूल आधार है। जब सभी शक्तियाँ एक हो जाती हैं, तब धर्म, संस्कृति और समाज को नई दिशा प्राप्त होती है।” उन्होंने कहा कि नारी शक्ति केवल संरक्षण का प्रतीक नहीं, बल्कि साहस, तपस्या, नेतृत्व और परिवर्तन की दिव्य ऊर्जा है। आज आवश्यकता है कि समाज में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने हेतु सभी शक्तियाँ एक मंच पर आएँ। संत समाज ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में सनातन संस्कृति को वैश्विक स्तर पर सशक्त करने के लिए अखाड़ों एवं आध्यात्मिक संगठनों की एकता अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से दोनों अखाड़े वर्तमान में महाकुंभ 2027 को दिव्य, भव्य, अनुशासित एवं ऐतिहासिक स्वरूप देने हेतु व्यापक रणनीति तैयार कर रहे हैं। यह आयोजन केवल एक धार्मिक पर्व नहीं होगा, बल्कि विश्वभर में सनातन एकता, नारी शक्ति, आध्यात्मिक चेतना और भारतीय संस्कृति का वैश्विक संदेश देने वाला महाआंदोलन सिद्ध होगा।

Destination Spotlight

नई दिल्ली में NEIINFRA 2026 का कर्टेन रेज़र, मेघालय की तेज विकास रफ्तार और पूर्वोत्तर की निवेश क्षमता पर राष्ट्रीय फोकस

नई दिल्ली, 15 मई 2026: मेघालय सरकार ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित मेघालय हाउस में आगामी नॉर्थ ईस्ट इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर समिट एंड एग्जीबिशन (NEIINFRA) 2026 का कर्टेन रेज़र आयोजित किया। कार्यक्रम में मेघालय की तेज आर्थिक प्रगति, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और भारत की विकास यात्रा में पूर्वोत्तर की बढ़ती भूमिका को प्रमुखता से रखा गया। कार्यक्रम में मेघालय के मुख्यमंत्री श्री कॉनराड के. संगमा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) के सचिव श्री संजय जाजू विशिष्ट अतिथि रहे। इस अवसर पर केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के सचिव श्री अविनाश जोशी, मेघालय सरकार के आयुक्त एवं सचिव तथा NEIINFRA आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री संजय गोयल, FINER के अध्यक्ष श्री बजरंग लोहिया सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। 11 और 12 जून 2026 को शिलांग में आयोजित होने वाले इस समिट में पांच केंद्रीय मंत्रियों, पूर्वोत्तर के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, नीति निर्माताओं, निवेशकों, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स, वित्तीय संस्थानों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। समिट में कनेक्टिविटी, निवेश और क्षेत्रीय विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री श्री कॉनराड के. संगमा ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में मेघालय की अर्थव्यवस्था दोगुनी हो चुकी है, जबकि पूंजी निवेश 2018 की तुलना में चार गुना बढ़ा है। उन्होंने मेघालय को “देश की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक” बताते हुए कहा कि राज्य लगातार तीन-चार वर्षों से स्थिर विकास दर बनाए हुए है, जो निवेशकों के भरोसे के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने मेघालय इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को बड़े स्तर पर प्रोत्साहन दे रही है। साथ ही, उन्होंने मेघालय के उद्यमिता इकोसिस्टम को देश के छोटे राज्यों में “सर्वश्रेष्ठ” बताते हुए कहा कि राज्य लगातार इस क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री ने मेघालय के उभरते IT सेक्टर पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राज्य का पहला IT पार्क पूरी तरह भर चुका है, जबकि दूसरे IT पार्क को भी राष्ट्रीय और वैश्विक उद्योग जगत से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से राज्य अब IT इंफ्रास्ट्रक्चर के और विस्तार की दिशा में काम कर रहा है। DoNER सचिव श्री संजय जाजू ने मेघालय की तेज विकास यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर में इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास और क्षेत्रीय एकीकरण को लगातार समर्थन दे रही है। उन्होंने कहा कि मेघालय आज देश का सबसे तेज़ी से बढ़ता राज्य बनकर उभरा है, जहां विकास दर 13-14 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। उन्होंने पूर्वोत्तर को “अष्टलक्ष्मी” बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र भारत की विकास दृष्टि के केंद्र में है। उल्लेखनीय है कि महामारी के बाद लगातार तीन वर्षों तक वास्तविक GSDP में लगभग 10 प्रतिशत वृद्धि दर्ज करने वाला मेघालय देश का एकमात्र राज्य है। राज्य की अर्थव्यवस्था 2018 में ₹29,508 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में लगभग ₹60,000 करोड़ तक पहुंच गई है, जबकि 2032 तक इसे ₹1.35 लाख करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में मेघालय की पर्यटन, खेल और क्रिएटिव इकॉनमी में बढ़ती पहचान भी चर्चा का केंद्र रही। राज्य के लिविंग रूट ब्रिजेज 2026 के लिए UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज सूची में भारत की एकमात्र नामांकन प्रविष्टि हैं। वहीं, शिलांग देश की “म्यूजिक कैपिटल” के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। मेघालय 2027 में 39वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी भी करेगा। समिट में केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी, श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, श्री किंजरापु राम मोहन नायडू, श्री सर्बानंद सोनोवाल और श्री गजेंद्र सिंह शेखावत के शामिल होने की उम्मीद है। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के सचिव श्री अविनाश जोशी ने कहा कि यह समिट सभी हितधारकों के लिए “बेहद बड़े अवसर” लेकर आएगा। उन्होंने पूर्वोत्तर के आठों राज्यों की विशिष्टताओं और निवेश संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मंत्रालय मेगा फूड पार्क योजना, MSME फूड प्रोसेसिंग इकाइयों, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप और इन्क्यूबेशन के जरिए क्षेत्र को मजबूत समर्थन दे रहा है। मेघालय सरकार के आयुक्त एवं सचिव तथा NEIINFRA आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री संजय गोयल ने कहा कि कर्टेन रेज़र में मिली मजबूत भागीदारी पूर्वोत्तर के प्रति बढ़ती राष्ट्रीय रुचि को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि श्री कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व में मेघालय देश के सबसे तेज़ी से विकसित होने वाले और निवेश-अनुकूल राज्यों में शामिल हुआ है। FINER के अध्यक्ष श्री बजरंग लोहिया ने कहा कि पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों को एक मंच पर लाने की पहल मुख्यमंत्री श्री कॉनराड के. संगमा के दूरदर्शी नेतृत्व को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि मेघालय आज पूर्वोत्तर को इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभा रहा है। FINER और Build India Foundation द्वारा, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों एवं सेक्टोरल साझेदारों के सहयोग से आयोजित NEIINFRA 2026 को पूर्वोत्तर भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश संभावनाओं को प्रदर्शित करने वाला एक बड़ा मंच माना जा रहा है।

Bollywood Beats

13 मई को दिल्ली में होगा संजय दत्त स्टारर आखिरी सवाल का मेगा प्रीमियर, कई प्रमुख हस्तियों समेत वरिष्ठ राजनेता करेंगे शिरकत

आखिरी सवाल, जिसमें संजय दत्त लीड रोल में नजर आएंगे, धीरे-धीरे अपनी रफ्तार पकड़ रही है और 2026 की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल होती जा रही है। अपनी दमदार घोषणा और साहसपूर्ण टीज़र के बाद से ही इस प्रोजेक्ट ने जबरदस्त चर्चा बटोरी है। फिल्म के टीज़र ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं की तनावपूर्ण और दिलचस्प झलक दिखाकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है। इसी बढ़ते क्रेज के बीच अब फिल्म के मेकर्स 13 मई को दिल्ली में एक भव्य प्रीमियर इवेंट की तैयारी कर रहे हैं, जिसे अब तक के सबसे बड़े फिल्म प्रीमियर्स में से एक माना जा रहा है। इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, “आखिरी सवाल के मेकर्स 13 मई को दिल्ली में एक भव्य प्रीमियर इवेंट की तैयारी कर रहे हैं, जिसे अब तक के सबसे बड़े फिल्म प्रीमियर्स में से एक माना जा रहा है। इस खास कार्यक्रम के लिए कई प्रमुख हस्तियों, वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों को आमंत्रित किया गया है। फिल्म पहले से ही जबरदस्त चर्चा में है, ऐसे में यह प्रीमियर दिल्ली के एंटरटेनमेंट और राजनीतिक सर्किट का बड़ा आकर्षण बनने की उम्मीद है।” हालांकि, हाल ही में यह फिल्म सीबीएफसी (CBFC – केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड) की जांच के घेरे में फंस गई, जिसकी वजह से इसकी रिलीज योजनाओं में देरी हुई है। इस स्थिति के कारण ट्रेलर लॉन्च को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई थी, क्योंकि सेंसर बोर्ड की समीक्षा प्रक्रिया चल रही थी। अब सेंसर बोर्ड से क्लीयरेंस और आधिकारिक हरी झंडी मिलने के बाद सभी चिंताएं आखिरकार दूर हो गई हैं। सब कुछ तय होने और सेंसर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, मेकर्स अब पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े हैं। आखिरी सवाल का निर्देशन नेशनल अवॉर्ड विजेता फिल्ममेकर अभिजीत मोहन वारंग ने किया है। निखिल नंदा द्वारा प्रस्तुत इस फिल्म को निखिल नंदा और संजय दत्त ने प्रोड्यूस किया है, जबकि पुनीत नंदा, डॉ. दीपक सिंह, गौरव दुबे और उज्जवल आनंद इसके को-प्रोड्यूसर हैं। फिल्म की कहानी, पटकथा और संवाद उत्कर्ष नैथानी ने लिखे हैं। यह फिल्म 15 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है।

Cultural Journeys

युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का सफल प्रयास बना “कला संस्कृति उत्सव”

नई दिल्ली : नृत्यकल्प डांस एकेडमी द्वारा लाजपत भवन ऑडिटोरियम में “कला संस्कृति उत्सव 2026 सीज़न-3” के अंतर्गत नेशनल एवं स्टेट लेवल आर्ट, डांस एवं सिंगिंग प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। प्रतियोगिता में बच्चों एवं युवाओं ने नृत्य, गायन और कला के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य देश की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना तथा युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना रहा। आयोजन के दौरान प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित भी किया गया। कला संस्कृति उत्सव निर्णायक जजों में लखनऊ से आए कत्थक, लोक नृत्य एवं सेमी क्लासिकल डांस के मास्टर गोविंद चौधरी, भरतनाट्यम कथक गुरु डॉ रजनी राव, कथक गुरु नीपा घोष एवं फोक सेमी क्लासिकल में पूनम सिंह रहीं । नृत्य कल्प डांस एकेडमी की फाउंडर एवं कार्यक्रम की संयोजिका आचार्य कल्पना ने बताया कि हम भारतीय संस्कृति और कला को भारत सरकार के सहयोग से विगत कई वर्षों से देश-विदेश में प्रचार प्रसार करते आ रहे हैं और हम कला संस्कृति उत्सव को देश के अन्य राज्यों में भी आयोजित करेंगे । हमारा उद्देश्य है कि भारतीय नाट्य एवं कला से आज की युवा पीढ़ी को जोड़ना और अपनी सनातनी पहचान को विश्व में दोबारा स्थापित करना । डांस अकैडमी के कार्यकर्ताओं ने बहुत अच्छा प्रबंध किया । कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति से जुड़े कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए इस प्रकार के आयोजनों को समाज और संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण बताया। पूरे आयोजन में दर्शकों का उत्साह देखने योग्य रहा तथा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

Lifestyle & Glamour

India Takes Centre Stage at the 79th Festival de Cannes

The Cannes Film Festival, one of the world’s most prestigious annual events held in Cannes, France, will host its 79th edition from May 12 to 23, 2026. Known for celebrating acclaimed auteurs, presenting a highly competitive lineup, and hosting the world’s largest film market, the Marché du Film, the festival remains a global cultural landmark. This year, internationally renowned Show Director Liza Varma from India will lead a delegation of Indian designers, jewellery labels, and models to Cannes, presenting their work across a series of curated fashion events running alongside the festival. The showcases will take place at iconic venues such as the Carlton Miramar Palace and Majestic Hotel and will be featured across multiple platforms including the ENW Showroom in collaboration with Oriflame, the Red-Carpet Stair Walk at the Palais des Festivals, FTV showcases, Asian European Fashion Week AEFW Paris (Cannes edition), Los Angeles Fashion Closet Mode De Cannes, and a panel discussion in association with FICCI at the Bharat Pavilion. Rather than a single showcase, the initiative is designed as a multi-platform presence, bringing together a dynamic mix of established designers and emerging talent from the Indian fashion industry, offering them visibility on an international stage. Speaking about the initiative, Liza Varma said: “My focus is to create opportunities for Indian designers and talent to present their work in international environments. Over the years, working across cities like Paris, Toronto, Dubai, Sydney, London, Vancouver and Los Angeles has shown that there is a strong interest in Indian design sensibilities. This participation at Cannes is part of an ongoing effort to facilitate wider exposure and build sustained global engagement for both emerging and established talent from India.” The delegation brings together a diverse group of creative talent, including fashion designers Amit GT, Samant Chauhan, Rishi Vibhuti, Ashna Vaswani, Nitika Gujral, Baya Designs by Richa Bhatia, Sona Mandhiratta, Veneraa Jewels by Eshita Kaur, and Le Marquise Jewellery by Jasmine Gulati Jain and Sambhav Jain of Hombujaa Jewels.  The lineup also includes influencers Anuradha Vishwanathan and Anisha Garg, along with models Bhanujeet Singh Sudan, Tiya Verma, Chahat Chawla, Vanshita Saini, and Adit Gupta from Liza Varma Academy, who will participate in various runway presentations and appearances throughout the Cannes period.  Anjali Singhal will serve as the Backstage Manager for the delegation. Participation Details India at Cannes 2026 All timings in CEST (Central European Summer Time) Date : 12th – 23rd May 2026 (Daily Activation)- ENW Showroom in collaboration with Oriflame Format: Multi-day showroom showcase Location: Cannes Participants: Fashion Designer Amit GT and Jeweler Le Marquise  Date : 18th May 2026-FTV Showcase (Fashion TV Presentation) Venue: Majestic Hotel, Cannes Time: 8:30pm (CEST) Designers: Amit GT and Le Marquise Jewellery  Date: 20th May -Panel Discussion with FICCI Venue: Bharat Pavilion, Cannes Time: 3pm (CEST) Moderator: Liza Varma Topic: Global Rise of Indian Fashion Participants: Designers, Industry leaders, and International Delegates Date: 21st May 2026 1. AEFW Paris (Asian European Fashion Show) Venue: Majestic Hotel, Cannes Time: 7pm to 8pm (CEST) Designers: Ambar Paridhi Sahay Mine of Designs, Ashna Vaswani, and Eshita Kaur by Veneraa Jewels  2. Los Angeles Fashion Closet (LAFC Showcase) Mode De Cannes  Venue: Carlton Hotel, Cannes Time: 6pm 8pm (CEST) Designers: Samant Chauhan, Nitika Gujral, Dimple Kapoor, Baya Designs by Richa Bhatia, and Rishi Vibhuti Date: 21st & 22nd May 2026  Red Carpet Stair Walk   Location: Palais des Festivals, Cannes Participants: Meghna Nayyar Misri.in , Richa Bhatia, Nitika Gujral, Rishi Vibhuti, Sona Mandhiratta, Ashna Vaswani, Eshita Kaur by Veneraa Jewels, Influencer Anuradha Vishwanathan and Anisha Garg Time: 11am to 3pm (CEST)

Cultural Journeys

Shillong Literary Festival 2026 – New Delhi Prelude Opens to Resounding Success at Bikaner House

New Delhi : The Shillong Literary Festival 2026 – New Delhi Prelude was inaugurated today at Bikaner House, New Delhi, bringing together leading voices from literature, governance, cinema, journalism, and the creative arts. Organised by the Department of Tourism, Government of Meghalaya, the two-day national prelude marks a major lead-up to the main Shillong Literary Festival scheduled to be held in Shillong from November 12th to 14th,2026 as announced today, at the Bikaner House. The festival aims to showcase Meghalaya’s rich cultural identity and literary traditions while expanding the national footprint of the State’s creative ecosystem. The initiative also seeks to strengthen culture-led tourism, encourage local talent, and position Meghalaya as a growing hub for arts, literature, music, and ideas. A major highlight of the opening day was an engaging conversation between Hon’ble Chief Minister Shri Conrad K. Sangma and senior journalist Shekhar Gupta, where discussions revolved around leadership, governance, youth aspirations, culture, and the evolving identity of the Northeast. The dialogue transitioned to Meghalaya’s focus on the creative economy and the promotion of consistent calendar events. Shri Gupta commended the Hon’ble Chief Minister for initiating the Shillong Literary Festival, noting that while he has attended many literary festivals, the setting, weather, environment, and audience quality at SLF are unmatched. Discussing the vision behind these initiatives, Hon’ble Chief Minister added how the festival ties into a strategy to develop multi-event platforms, expanding on events like the Cherry Blossom Festival to ensure year-round engagement rather than random occurrences. Expressing his delight on the growth of Shillong Literary Festival, he said, “We started off small. Now we are seeing it grow. It has become a calendar event; and more importantly it is known throughout the country. And we thought that bringing it to Delhi- this prelude, would expose this entire event and would be able to reach out to the other parts of the country.” He added, “We hope that in the years to come, it will become a much-much bigger event, not just nationally, but even globally.” Hon’ble Chief Minister also expressed the vision of the government in aspects related to Meghalaya’s growing creative economy, culture of entrepreneurship, emphasis on sustainable tourism, development in education sector and its rationalisation, and economic development of the state. Delivering the welcome address, Dr. Vijay Kumar D., IAS, Commissioner & Secretary, Department of Tourism, Government of Meghalaya, said the Shillong Literary Festival has emerged as a platform celebrating the stories, literature, cinema, music, and cultural identity of Meghalaya and the Northeast. Highlighting the vision behind the New Delhi Prelude, he noted that the festival is an effort to place Meghalaya’s literary and cultural wealth on a wider national stage. Referring to Shillong’s growing cultural identity, he added that as the city turns pink with cherry blossoms in November, its popular description as the “Scotland of the East” transforms into the “Kyoto of the West”, a phrase famously used by legendary author Vikram Seth during his visit to the festival in Shillong in 2024. The inaugural sessions also placed the spotlight on the cinematic landscape of the Northeast. Acclaimed filmmakers Dominic Sangma and Pradip Kurbah, in conversation with Pulitzer Prize-winning journalist Suparna Sharma, discussed the evolving narratives, challenges, and opportunities for cinema emerging from the region. The speakers praised ‘Hello Meghalaya’ as a “saving grace” for independent filmmakers, highlighting it as an OTT platform that provides a supportive space to monetize and share their films at a time, when access to platforms remains a challenge. The evening culminated with legendary actor Naseeruddin Shah captivating audiences through The Elephant and the Tragopan, a special reading from Vikram Seth’s celebrated Beastly Tales from Here and There. He interspersed the poems with James Thurber’s works and read out his four stories to the literary enthusiasts, who filled the house. Reading Thurber’s works like, “The bear who let it alone,” “The Tiger who would be king,” “The owl who was God” and “The very proper gander,” before Seth’s works, Shah drew a parallel with the calls nature’s offerings and human’s greed. The session “Readings from Khasi and Garo Classics” featured Prof. Streamlet Dkhar reading from U Soso Tham’s Ki Sngi Barim u Hynniewtrep and her own work, Na Thwei Pyrkhat U Longshuwa. Dr. Crystal Cornelious D. Marak presented D. S. Nengminza’s Seokgimin Poetryrang and Ku·bak-Ma·o Sanirang, exploring Garo topography and the oral traditions of the gods Goera and Salgra. The readings celebrated the rich ancestral heritage and linguistic history of the region. Day 02 of the festival will feature discussions on Northeast literature, ecology, food, translation, and identity through sessions such as Shillong on a Plate and Once Upon a Time at a Literature Festival. The sessions will feature prominent speakers including Shobhaa De, Maharani Priyadarshini Raje Scindia, Sanjoy Hazarika, Namita Gokhale, Patricia Mukhim, and several others. The evening concluded with vibrant performances by artists under the Chief Minister’s Meghalaya Grassroots Music Program (CM-MGMP), transforming the venue into a celebration of Meghalaya’s music, rhythm, and cultural identity.

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