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मेघालय टूरिज्म ‘सीटी इन योर सिटी’ और ‘फायर एंड फीस्ट फेस्टिवल’ के ज़रिए देशभर में अपनी खान-पान की विरासत को पहुँचाएगा

नई दिल्ली :  मेघालय टूरिज्म और मेघालयन एज, सीटी मूवमेंट के सहयोग से अक्टूबर 2026 से फरवरी 2027 तक देशभर में दो विशेष पहलों — ‘सीटी इन योर सिटी’ और ‘फायर एंड फीस्ट फेस्टिवल’ — के माध्यम से मेघालय की समृद्ध खान-पान की विरासत को प्रस्तुत करने जा रहे हैं। सीटी मूवमेंट एक विशेष रूप से तैयार किया गया डाइनिंग अनुभव है, जो मेघालय की पाक परंपराओं का उत्सव मनाने के लिए शेफ, पारंपरिक रसोइयों और चुनिंदा लोगों को एक साथ लाता है। इन दोनों पहलों के तहत देशभर में कुल 14 फूड इवेंट्स आयोजित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य नए दर्शकों और लोगों को मेघालय की स्थानीय सामग्रियों, पारंपरिक व्यंजनों, खान-पान की संस्कृति और खाद्य समुदायों से परिचित कराना है। साथ ही, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और मेघालय को एक विशिष्ट पाक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करना भी इसका उद्देश्य है। कार्यक्रम की शुरुआत 22 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में ‘सीटी इन योर सिटी’ के अंतर्गत ‘ट्राइबल एक्सप्रेशंस’ नामक एक विशेष और सीमित लोगों के लिए आयोजित पाक अनुभव के साथ होगी। यह आयोजन बेंगलुरु के रेडिसन ब्लू एट्रिया स्थित तिजौरी में आयोजित किया जाएगा। खासी, गारो और जयंतिया जनजातियों की खान-पान की परंपराओं को समर्पित यह शाम मेहमानों को पारंपरिक सामग्रियों, क्षेत्रीय पाक तकनीकों और व्यंजनों से जुड़ी कहानियों के माध्यम से मेघालय की समृद्ध खाद्य विरासत के करीब लाएगी। बेंगलुरु में शुरुआत के बाद ‘सीटी इन योर सिटी’ दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और कोलकाता सहित देश के अन्य शहरों में भी आयोजित किया जाएगा। वहीं, ‘फायर एंड फीस्ट फेस्टिवल’ एक अलग प्रारूप में व्यापक जनसमुदाय तक इस अनुभव को पहुँचाएगा। यह एक बड़े स्तर का फूड फेस्टिवल होगा, जिसमें बारबेक्यू, खुली आग पर खाना पकाने की कला, संगीत और सामुदायिक सहभागिता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों आयोजनों का प्रारूप भले ही अलग हो, लेकिन इनका साझा उद्देश्य मेघालय की खाद्य संस्कृति को पूर्वोत्तर भारत से बाहर देश के अन्य हिस्सों तक पहुँचाना और विभिन्न शहरों के लोगों के साथ स्थायी सांस्कृतिक संबंध बनाना है। ‘फायर एंड फीस्ट फेस्टिवल’ के अंतर्गत हैदराबाद, बेंगलुरु, गोवा, मुंबई और गुरुग्राम में सार्वजनिक फूड फेस्टिवल आयोजित किए जाएंगे। पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. विजय कुमार ने कहा, “मेघालय की खान-पान की विरासत को भारत के विभिन्न शहरों तक पहुँचाकर हम सांस्कृतिक आदान-प्रदान और हमारी स्थानीय सामग्रियों, पारंपरिक ज्ञान तथा स्थानीय प्रतिभाओं को अधिक पहचान दिलाने के लिए एक मंच तैयार कर रहे हैं। हम इसे राज्य की पहचान और प्रतिष्ठा को मजबूत करने के अवसर के रूप में देखते हैं, साथ ही यह सुनिश्चित करना भी चाहते हैं कि यहाँ के समुदाय इस पूरी कहानी के केंद्र में बने रहें।” भारत के चुनिंदा शहरों में आयोजित होने वाले इस समग्र कार्यक्रम में मेघालय के प्रतिष्ठित शेफ और पाक कला विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। ये सभी ‘सीटी इन योर सिटी’ और ‘फायर एंड फीस्ट फेस्टिवल’ के माध्यम से मेघालय के पारंपरिक खान-पान का अनुभव लोगों तक पहुँचाएँगे। मास्टरशेफ इंडिया सीज़न 8 की प्रथम उपविजेता और मेघालय की सांस्कृतिक एवं पाक कला की राजदूत शेफ नाम्बी जेसिका मराक, अन्य प्रसिद्ध स्थानीय शेफ — शेफ अहमदाकी लालू, बेनी पैया डोंडोर वानखर, एडोनिजाह लिंगदोह, रूबेन ज़माल सूटिंग और फुफू पामेई — के साथ मिलकर मेघालय की विशिष्ट पाक संस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी। ‘फायर एंड फीस्ट फेस्टिवल’ में पिटमास्टर और बारबेक्यू विशेषज्ञ क्रिस्टोफर फर्नांडिस तथा वास्को अल्वारेस भी शामिल होंगे। इसके अलावा, रेस्टोरेंट संचालक और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के उद्यमी रिजवान अमलानी भी इस आयोजन का हिस्सा होंगे। प्रसिद्ध रेस्टोरेंट रिनसान और शाद स्काई के साथ-साथ मायलियम क्षेत्र के पारंपरिक रसोइये भी विशेष प्रस्तुतियों में भाग लेंगे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से मेघालय की विशिष्ट सामग्रियों, क्षेत्रीय स्वादों और पारंपरिक पाक विधियों को प्रदर्शित किया जाएगा। द बिग फोर्कर्स के सिड मेवारा ने कहा, “हमारा उद्देश्य मेघालय को केवल एक ऐसे पर्यटन स्थल के रूप में प्रस्तुत करने तक सीमित नहीं है, जिसकी लोग दूर से प्रशंसा करते हैं। हम लोगों को यहाँ के खान-पान, यहाँ के लोगों और उनसे जुड़ी कहानियों से परिचित कराना चाहते हैं। ‘सीटी इन योर सिटी’ लोगों को करीब से इस संस्कृति को जानने का अवसर देता है, जबकि ‘फायर एंड फीस्ट फेस्टिवल’ इसी अनुभव को व्यापक जनसमुदाय तक पहुँचाता है। ये दोनों पहल मिलकर मेघालय की पाक परंपराओं को पूरे भारत में एक बड़ा मंच प्रदान करती हैं।” प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया ने कहा, “भोजन किसी स्थान को समझने के सबसे व्यक्तिगत और प्रभावशाली तरीकों में से एक है। मेघालय में खान-पान की परंपराएँ यहाँ की भूमि, समुदायों और पीढ़ियों से आगे बढ़ाए जा रहे ज्ञान से गहराई से जुड़ी हुई हैं। ‘सीटी इन योर सिटी’ और ‘फायर एंड फीस्ट फेस्टिवल’ के माध्यम से हम इन परंपराओं को देशभर के लोगों तक पहुँचाना चाहते हैं और उन लोगों को अधिक पहचान दिलाना चाहते हैं, जिन्होंने इन्हें जीवित रखा है। मुझे उम्मीद है कि ये अनुभव लोगों को अपने परिचित दायरे से बाहर निकलकर मेघालय को उसके खान-पान, यहाँ के लोगों और उनकी कहानियों के माध्यम से जानने के लिए प्रेरित करेंगे।” इन पहलों के माध्यम से मेघालय टूरिज्म और मेघालयन एज, सीटी मूवमेंट के सहयोग से, राज्य की पाक विरासत के लिए एक स्थायी राष्ट्रीय मंच तैयार करना चाहते हैं। इसके साथ ही, स्थानीय शेफ और खाद्य समुदायों को समर्थन देना तथा लोगों को मेघालय के स्वाद, परंपराओं और यहाँ के लोगों के माध्यम से राज्य को जानने और अनुभव करने के लिए प्रोत्साहित करना भी इनका प्रमुख उद्देश्य है।

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लव कुश रामलीला कमेटी के लाल किला ग्राउंड में दिव्यांगों को मिलेंगे कृत्रिम अंग

नई दिल्ली : लालकिला स्थित लव कुश रामलीला कमेटी लाल किला ग्राउंड में आगामी 17 सितंबर 2026 को देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 77वें जन्मदिवस के अवसर पर दिव्यांगजनों के लिए एक विशेष निःशुल्क मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन किया जाएगा। लीला कमेटी के प्रेसिडेंट श्री अर्जुन कुमार के अनुसार इस अवसर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवम् अधिकारिता मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार अलग-अलग श्रेणियों में दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं अन्य आवश्यक सहायक उपकरण वितरित करेंगे। अर्जुन कुमार के अनुसार, भारत सरकार के सामाजिक अधिकारिता मंत्रालय, नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर, तारा संस्थान तथा एलप्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस मेगा हेल्थ कैंप में अत्याधुनिक जापानी तकनीक से निर्मित 3डी प्रिंटेड मॉड्यूलर कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स प्रदान किए जाएंगे| कमेटी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सत्यभूषण जैन ने बताया कि इस अवसर पर तारा संस्थान द्वारा निःशुल्क आंखों की जांच एवं चश्मों का वितरण किया जाएगा। साथ ही मोतियाबिंद से पीड़ित लोगों की आंखों के ऑपरेशन के लिए अस्पताल भेजा जाएगा| लव कुश रामलीला कमेटी के महासचिव सुभाष गोयल के अनुसार, एलप्स संस्थान की ओर से कानों की मशीनों का वितरण किया जाएगा। इसके अलावा जरूरतमंद दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल भी वितरित की जाएंगी। कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने दिल्लीवासियों से अनुरोध किया कि वे इस निःशुल्क मेगा हेल्थ कैंप का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद तक पहुंचाने के लिए अपने परिचितों एवं आसपास के लोगों को इस शिविर में भेजने का कष्ट करें। मेगा हेल्थ कैंप 📅 17 सितंबर 2026 ⏰ प्रातः 9:00 बजे से 📍 लालकिला मैदान, दिल्ली

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दिल्ली में M.O.C कैंसर केयर का नया सेंटर, पूसा रोड में : विशेषज्ञ उपचार अब और नज़दीक, एनसीआर में 10 सेंटर्स की योजना

नई दिल्ली : भारत के प्रमुख विशेषीकृत ऑन्कोलॉजी नेटवर्क में से एक एम।ओ।सी कैंसर सेंटर ने पूसा रोड़, नई दिल्ली में अपने नए सेंटर के उद्घाटन के साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अपनी उपस्थिति का विस्तार किया है। सेंटर का उद्घाटन मुख्यातिथि प्रो. डॉ. उन्नत पी. पंडित, कंट्रोलर जनरल ऑफ पेटेंट्स, डिजाइन्स एंड ट्रेड मार्क्स, डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड, वाणिज्य मंत्रालय की उपस्थिति में हुआ। नया सेंटर ऑन्कोलॉजी और हेमेटोलॉजी सेवाएँ प्रदान करेगा, जिनमें कीमोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और होलिस्टिक सेवाएँ शामिल हैं। यह सेवाएँ सेमी-आईसीयू-सक्षम सेटअप में उपलब्ध होंगी, जिसे इस तरह तैयार किया गया है कि मरीजों को कई प्रकार के उपचार के लिए 24 घंटे अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता न पड़े। दिल्ली के एक केंद्रीय और आसानी से जुड़े क्षेत्र में स्थित यह सेंटर एम।ओ।सी कैंसर केयर के मूल दृष्टिकोण मरीजों के घर के करीब विशेषीकृत कैंसर देखभाल उपलब्ध कराने पर आधारित है। इसका उद्देश्य उपचार के दौरान बार-बार यात्रा से जुड़े लॉजिस्टिक, आर्थिक और भावनात्मक बोझ को कम करना है। प्रो. डॉ. उन्नत पी पंडित ने कहा, “कैंसर की देखभाल केवल अस्पताल या सेंटर में दिए जाने वाले उपचार तक सीमित नहीं है। यह इस बात से भी जुड़ी है कि मरीज उस देखभाल तक कितनी आसानी से पहुँच सकते हैं और अपने पूरे उपचार के दौरान उसे कितनी निरंतरता के साथ प्राप्त कर सकते हैं। दिल्ली में हर वर्ष लगभग 30,000 नए कैंसर मामलों और करीब 15,000 कैंसर से संबंधित मौतों के साथ, तथा 2026 में नए मामलों की अनुमानित संख्या लगभग 35,000 तक पहुँचने की संभावना को देखते हुए, विशेषीकृत देखभाल की पहुँच को मजबूत करने की आवश्यकता स्पष्ट है।” कैंसर के उपचार में कई महीनों तक परामर्श, जाँच और कई उपचार सत्र शामिल हो सकते हैं, ऐसे में मरीजों के लिए उपचार की सुविधा का घर के करीब होना उनके पूरे उपचार अनुभव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है। दिल्ली में कैंसर का बोझ लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है। पिछले पाँच वर्षों में यह बोझ लगभग 13 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि दिल्ली पॉपुलेशन-बेस्ड कैंसरी रजिस्ट्री ने 2026 में लगभग 35,000 नए कैंसर मामलों का अनुमान लगाया था। इस क्षेत्र में जीवनकाल में कैंसर विकसित होने का जोखिम पुरुषों में लगभग छह में से एक और महिलाओं में सात में से एक अनुमानित है। यह आँकड़े उपचार की बेहतर पहुँच के साथ-साथ रोकथाम और शुरुआती पहचान के प्रयासों को मजबूत करने की बढ़ती आवश्यकता को दर्शाते हैं। कैंसर का यह बोझ पुरुषों और महिलाओं में अलग-अलग प्रकार के कैंसर के रूप में भी दिखाई देता है। दिल्ली में पुरुषों में फेफड़ों, ओरल कैविटी और प्रोस्टेट कैंसर मिलकर सभी कैंसर मामलों का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा हैं, जबकि महिलाओं में स्तन, सर्वाइकल और ओवेरियन कैंसर मिलकर लगभग 40 प्रतिशत कैंसर मामलों में योगदान देते हैं। वायु प्रदूषण, बदलती जीवनशैली तथा पर्यावरणीय और आहार संबंधी जोखिम जैसे कारक भी कैंसर के जोखिम को लेकर सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बनते जा रहे हैं। पूसा रोड़ सेंटर, एनसीआर में एम।ओ।सी कैंसर केयर का चैथा सेंटर है और यह संगठन की दिल्ली में पाँच सेंटर स्थापित करने की व्यापक विस्तार योजना का हिस्सा है। आगामी प्रीत विहार सेंटर से शहर में नेटवर्क की पहुँच और मजबूत होने की उम्मीद है। भारत में 32 सेंटर्स और 62 ओंकोलॉजिस्ट्स के साथ एम।ओ।सी कैंसर केयर एक ऐसे जुड़े हुए नेटवर्क का निर्माण कर रहा है, जिसका उद्देश्य क्लिनिकल विशेषज्ञता को कम्युनिटी-बेस्ड कैंसर केयर की सुविधा के साथ जोड़ना है। डॉ. तनवी सिंह, मेडिकल ओंकोलॉजिस्ट, एम।ओ।सी कैंसर केयर, पूसा रोड़ ने कहा, “कैंसर का उपचार करा रहे मरीजों के लिए उपचार का घर के करीब उपलब्ध होना एक महत्वपूर्ण अंतर पैदा कर सकता है। जब देखभाल घर के नजदीक उपलब्ध होती है, तो मरीज अपनी उपचार टीम के साथ बेहतर निरंतरता बनाए रख सकते हैं और बार-बार यात्रा के कारण होने वाली परेशानियों को कम कर सकते हैं। एम।ओ।सी में यह दृष्टिकोण ऐवीडेंस एंड बेस्ड ट्रीटमेंट, मल्टीडिसिप्लीनरी केयर और निरंतर सीखने पर हमारे फोकस से समर्थित है।” यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है जब कैंसर की रोकथाम और शुरुआती पहचान पर देशभर में अधिक ध्यान दिया जा रहा है। यूनियन हेल्थ मिनीस्ट्री द्वारा हाल ही में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और स्क्रीनिंग को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिए जाने के बीच, एम।ओ।सी कैंसर केयर उपचार-केंद्रित कैंसर देखभाल से आगे बढ़कर रोकथाम, जागरूकता, स्क्रीनिंग और शुरुआती निदान पर अधिक जोर देने की दिशा में व्यापक बदलाव में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। अपने बढ़ते नेटवर्क के माध्यम से संगठन का उद्देश्य न केवल उपचार को, बल्कि शुरुआती पहचान और कैंसर की रोकथाम से जुड़े संवाद को भी समुदायों के लिए अधिक सुलभ बनाना है। आदित्य बहादुर, चीफ ऑपरेटिंग ऑफीसर – नॉर्थ इंडिया, एम।ओ।सी कैंसर केयर ने कहा, “हमारे सेंटर्स ओंकोलॉजिस्ट्स के सामूहिक क्लिनिकल अनुभव को व्यापक, व्यक्तिगत और होलिस्टिक कैंसर केयर के साथ जोड़ते हैं और यह सुविधा उन समुदायों के और करीब उपलब्ध कराते हैं, जिनकी हम सेवा करते हैं। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और स्क्रीनिंग को मजबूत करने पर हालिया राष्ट्रीय फोकस के साथ, निवारक कैंसर देखभाल को केवल जागरूकता तक सीमित न रखकर जमीन पर अधिक सुलभ बनाना और भी महत्वपूर्ण हो गया है।”

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पॉपआइज़® ने लॉन्‍च किया ‘5 बोल्‍ड फ्लेवर्स ऑफ पनीर’ पांच नए पनीर बर्गर के साथ अपने वेजीटेरियन मेन्‍यू को दिया नया स्‍वाद

अगस्त 2026 : लुसियाना के मशहूर फ्राइड चिकन ब्रांड पॉपआइज़® ने भारत में अपनी अब तक की सबसे बड़ी पनीर बर्गर रेंज ‘5 बोल्‍ड फ्लेवर्स ऑफ पनीर’ लॉन्च की है। कंपनी ने पांच इंटरनेशनल फ्लेवर वाली इस नई रेंज के जरिए अपने वेजीटेरियन मेन्यू को और मजबूत किया है। इसमें पॉपआइज़® के सिग्नेचर बोल्ड टेस्ट को भारत के लोगों की सबसे पसंदीदा शाकाहारी चीज़, पनीर के साथ नए फ्लेवर कॉम्बिनेशन में पेश किया गया है। भारत में वेजीटेरियन फूड (शाकाहारी खानपान) की पसंद तेजी से बदल रही है। लोग अब पारंपरिक विकल्पों के साथ-साथ नए और इंटरनेशनल फ्लेवर भी आज़माना चाहते हैं, लेकिन परिचित स्वाद से समझौता किए बिना। पनीर लंबे समय से भारतीयों का पसंदीदा शाकाहारी विकल्प रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए पॉपआइज़® ने अपने वैश्विक फ्लेवर अनुभव को पनीर के साथ जोड़कर यह नई रेंज पेश की है। नई रेंज में बोल्‍ड पनीर, क्‍लासिक पनीर, अमेरिकन मयो पनीर बर्स्‍ट, हैबोनेरो पनीर बर्स्‍ट और कोरियन पनीर बर्स्‍ट शामिल हैं। कंपनी का दावा है कि यह देश में किसी भी क्यूएसआर ब्रांड की सबसे बड़ी पनीर बर्गर रेंज में से एक है। इस रेंज में पारंपरिक स्वाद से लेकर इंटरनेशनल फ्लेवर तक कई विकल्प दिए गए हैं। हर बर्गर को पॉपआइज़® के सिग्नेचर बोल्ड टेस्ट के साथ तैयार किया गया है, ताकि ग्राहकों को पनीर का स्वाद नए-नए फ्लेवर में लेने का मौका मिल सके। लॉन्च पर पॉपआइज़® इंडिया के ईवीपी एवं चीफ बिजनेस ऑफिसर विभोर गुप्ता ने कहा, “पॉपआइज़® में हमारा हमेशा से मानना रहा है कि बेहतरीन स्वाद महज कुछ विकल्पों तक सीमित नहीं होना चाहिए। हमारी पहचान भले ही फ्राइड चिकन से रही हो, लेकिन हम यह भी समझते हैं कि भारत के शाकाहारी ग्राहक भी अपने भोजन में नए स्वाद, विविधता और अलग अनुभव चाहते हैं। पनीर देश के सबसे पसंदीदा शाकाहारी खाद्य पदार्थों में से एक है। ‘5 बोल्‍ड फ्लेवर्स ऑफ पनीर’ के जरिए हमने पनीर के परिचित स्वाद को इंटरनेशनल फ्लेवर के साथ नए अंदाज में पेश करने की कोशिश की है। यह भारत में हमारी अब तक की सबसे बड़ी पनीर पेशकश है और भारतीय ग्राहकों के लिए अपने वेजीटेरियन मेन्यू को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम भी है।” इस लॉन्च के प्रचार के लिए पॉपआइज़® ने कॉमेडियन आकाश गुप्ता के साथ साझेदारी की है, जो पनीर के प्रति अपने लगाव के लिए भी जाने जाते हैं। डिजिटल कैम्‍पेन में आकाश गुप्ता पॉपआइज़® की इस चुनौती को स्वीकार करते नजर आएंगे कि क्या यह रेंज वाकई भारत का सबसे बोल्ड पनीर बर्गर अनुभव दे सकती है। इस कैम्‍पेन को इन्फ्लुएंसर्स और सोशल मीडिया एक्टिविटी का भी सहयोग मिलेगा। इसके जरिए कंपनी बोल्ड वेजीटेरियन फ्लेवर को लेकर लोगों के बीच चर्चा बढ़ाने के साथ-साथ अपनी अलग मार्केटिंग पहचान को भी मजबूत करना चाहती है। पॉपआइज़® के हर नए इनोवेशन में बोल्ड फ्लेवर हमेशा सबसे आगे रहा है। अपनी अब तक की सबसे बड़ी पनीर बर्गर रेंज के साथ कंपनी भारतीय ग्राहकों की बदलती और अलग-अलग तरह की खानपान पसंद को ध्यान में रखते हुए अपने मेन्यू का विस्तार कर रही है। इसका उद्देश्य ग्राहकों को वही खास स्वाद अनुभव देना है, जिसने पॉपआइज़® को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय क्यूएसआर ब्रांड्स में अपनी अलग पहचान दिलाई है।

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भारत टेक्स 2026 : विश्व के अग्रणी वस्त्र सोर्सिंग एवं नवाचार केंद्र के रूप में भारत की वैश्विक पहचान हुई और मजबूत

भारत टेक्स 2026 में अभूतपूर्व व्यावसायिक गतिविधियाँ और रिकॉर्ड फुटफॉल नई दिल्ली :  भारत टेक्स 2026 के पहले तीन दिनों ने भारत मंडपम को वैश्विक वस्त्र एवं परिधान उद्योग के सबसे बड़े संगम में परिवर्तित कर दिया। देश-विदेश से आए उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, खरीदारों, निवेशकों, नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों की भारी भागीदारी ने इस आयोजन को अभूतपूर्व सफलता प्रदान की। प्रदर्शनी परिसर में उमड़ी रिकॉर्ड भीड़, निरंतर व्यावसायिक गतिविधियाँ, व्यापक खरीदार-विक्रेता संवाद तथा ज्ञान-विनिमय ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि भारत आज वैश्विक वस्त्र उद्योग के लिए सबसे विश्वसनीय सोर्सिंग, विनिर्माण, नवाचार और निवेश गंतव्य के रूप में तेजी से उभर रहा है। 16 लाख वर्ग फुट से अधिक क्षेत्रफल में आयोजित भारत टेक्स 2026 में 1,647 प्रदर्शकों, लगभग 95,000 व्यावसायिक आगंतुकों, 20,000 से अधिक पुनः आगमन (Repeat Visits), 6,090 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों सहित 11,315 खरीदारों, 3,461 प्रतिनिधियों तथा 138 देशों की भागीदारी ने भारत के वस्त्र उद्योग में वैश्विक विश्वास को नई ऊँचाइयों पर पहुँचा दिया। आयोजन के पहले तीन दिनों में 28,500 से अधिक बी2बी (B2B) व्यावसायिक बैठकें, 100 से अधिक बी2जी (B2G) एवं जी2जी (G2G) संवाद तथा अनेक रणनीतिक निवेश चर्चाएँ आयोजित हुईं, जिससे प्रदर्शनी परिसर पूरे समय उत्साह और व्यावसायिक गतिविधियों से गुलज़ार रहा। भारत टेक्स 2026 ने भारत के वस्त्र क्षेत्र में लगभग ₹14,300 करोड़ के निवेश प्रस्तावों को गति प्रदान की। आयोजन के दौरान विभिन्न राज्यों द्वारा 30 से अधिक समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें कर्नाटक (₹2,821 करोड़ एवं 11,020 रोजगार), बिहार (₹1,476 करोड़ एवं 40,500 से अधिक रोजगार), महाराष्ट्र (₹1,095 करोड़) तथा आंध्र प्रदेश (₹4,100 करोड़) प्रमुख रहे। इसके अतिरिक्त RE&UP ने भारत में ₹4,800 करोड़ के निवेश की घोषणा की। आयोजन के दौरान लगभग 2.8 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की गंभीर व्यावसायिक पूछताछ (Serious Business Enquiries) भी प्राप्त हुई, जो भारत टेक्स की बढ़ती वैश्विक व्यावसायिक प्रासंगिकता को दर्शाती है। इस वर्ष भारत टेक्स में राज्यों की भागीदारी भी अत्यंत प्रभावशाली रही। बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु ने स्टेट पार्टनर के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि अनेक अन्य राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों ने अपने विशेष पवेलियनों के माध्यम से भारत की विविध एवं समृद्ध वस्त्र परंपरा तथा औद्योगिक क्षमता का प्रदर्शन किया। आयोजन की गरिमा को और बढ़ाते हुए मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा पंजाब के माननीय मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान ने भारत टेक्स 2026 का दौरा किया और अपने-अपने राज्य पवेलियनों का अवलोकन किया। उनके साथ महाराष्ट्र, तमिलनाडु, असम, उत्तर प्रदेश और बिहार के वरिष्ठ मंत्रियों की उपस्थिति ने भारत टेक्स को देश के सबसे महत्वपूर्ण वस्त्र मंच के रूप में और अधिक सशक्त बनाया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत टेक्स 2026 को व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ। न्यूज़ीलैंड, श्रीलंका, रूस, कंबोडिया और पुर्तगाल के मंत्रीस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ-साथ यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों ने आयोजन में भाग लिया। इसके अतिरिक्त संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, यूनाइटेड किंगडम, स्पेन, इटली, दक्षिण कोरिया, संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और जर्मनी सहित अनेक देशों से 30 से अधिक उद्योग एवं व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों की सक्रिय भागीदारी ने भारत टेक्स 2026 को वैश्विक वस्त्र व्यापार, निवेश और सहयोग के सबसे प्रभावशाली मंचों में शामिल कर दिया। भारत टेक्स 2026 का नॉलेज प्रोग्राम इस आयोजन की प्रमुख विशेषताओं में से एक रहा। पहले तीन दिनों के दौरान आयोजित 100 उच्च-स्तरीय ज्ञान सत्रों में 600 से अधिक नीति-निर्माताओं, वैश्विक विशेषज्ञों, उद्योग जगत के अग्रणियों, सीएक्सओ, शिक्षाविदों एवं विषय विशेषज्ञों ने सहभागिता की। पैनल चर्चाओं, राउंडटेबल बैठकों तथा मास्टरक्लास के माध्यम से वैश्विक व्यापार परिदृश्य, सतत विकास, परिपत्र अर्थव्यवस्था  (Circular Economy), तकनीकी नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), उत्तरदायी सोर्सिंग, निवेश के अवसर तथा टेक्निकल टेक्सटाइल्स जैसे समकालीन विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। इन सत्रों ने उद्योग को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में नई सोच और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए। इस वर्ष का एक प्रमुख आकर्षण टीबीडी (TBD) पवेलियन में आयोजित ‘संरचना हैकाथॉन (Sanrachna Hackathon)’ रहा, जिसने टेक्निकल टेक्सटाइल्स के क्षेत्र में देश के युवा नवोन्मेषकों की प्रतिभा और रचनात्मकता को वैश्विक मंच प्रदान किया। देशभर से आए विद्यार्थियों और नवप्रवर्तकों ने किसानों के लिए सुरक्षात्मक परिधान, मधुमेह रोगियों के लिए उन्नत घाव-उपचार उत्पाद तथा अत्यधिक ठंडे एवं दुर्गम क्षेत्रों के लिए हल्के एवं ताप-रोधी गद्दों जैसी व्यावहारिक तकनीकी वस्त्र आधारित नवाचारों का प्रदर्शन किया। इस पहल की सराहना भारत सरकार के माननीय केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह तथा वस्त्र एवं विदेश राज्य मंत्री श्री पबित्र मार्गेरिटा ने भी की। यह पहल इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण बनी कि किस प्रकार शिक्षा जगत, उद्योग और सरकार के बीच समन्वय भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप समाजोपयोगी टेक्निकल टेक्सटाइल समाधानों के विकास को गति प्रदान कर सकता है। समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत भारत के आकांक्षी जिलों (Aspirational Districts) से आए 250 से अधिक उद्यमियों एवं बुनकरों के लिए विशेष एक्सपोज़र विज़िट का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, प्रदर्शकों तथा उद्योग विशेषज्ञों से सीधे संवाद का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने वैश्विक गुणवत्ता मानकों, ब्रांडिंग, उत्पाद नवाचार तथा निर्यात आवश्यकताओं को निकट से समझा, जिससे जमीनी स्तर पर उद्यमिता को नई दिशा और वैश्विक दृष्टिकोण प्राप्त हुआ। भारत टेक्स 2026 ने वैश्विक परिधान उद्योग में भारत की बढ़ती भूमिका को और मजबूत करते हुए इंटरनेशनल अपैरल फेडरेशन (IAF) की बोर्ड बैठक की भी मेजबानी की। इस बैठक में विश्वभर के प्रमुख परिधान उद्योग संगठनों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा वैश्विक व्यापार, सोर्सिंग रुझानों, प्रतिस्पर्धात्मकता, सतत विकास और भविष्य के परिधान उद्योग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया। इस महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी ने भारत की वैश्विक वस्त्र एवं परिधान उद्योग में बढ़ती प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ किया। आयोजन के दौरान एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में भारत टेक्स ट्रेड फेडरेशन (BTTF) और विश्व के प्रतिष्ठित टेक्सटाइल एवं फैशन सोर्सिंग प्लेटफॉर्म प्रेमिएर विज़न पेरिस (Première Vision Paris) के बीच लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) पर हस्ताक्षर किए गए। इस रणनीतिक साझेदारी का उद्देश्य भारत और यूरोपीय संघ के बीच वस्त्र एवं परिधान सहयोग को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाना है। यह सहयोग बाज़ार तक बेहतर पहुँच, सतत सोर्सिंग, डिज़ाइन एवं ट्रेंड इंटेलिजेंस तथा खरीदार-विक्रेता सहभागिता को

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शॉपर्स स्टॉप ने भारत के पहले ग्लोबल गर्ल ग्रुप ऑडिशन को बढ़ावा देने के लिए हाइब इंडिया के साथ मिलकर ‘गेट स्पॉटलाइट रेडी’ पेश किया

दिल्ली : भारत के प्रमुख प्रीमियम फैशन, ब्यूटी और गिफ्टिंग डेस्टिनेशन, शॉपर्स स्टॉप ने हाइब इंडिया (HYBE INDIA) के साथ साझेदारी की है। इसके तहत दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एंबिएंस मॉल में ऑडिशन से प्रेरित एक शानदार इन-स्टोर अनुभव ‘गेट स्पॉटलाइट रेडी’ शुरू किया गया है। यह साझेदारी देश के पहले ग्लोबल गर्ल ग्रुप ऑडिशन के लिए भारत की अगली पीढ़ी के कलाकारों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो युवा भारतीय प्रतिभाओं को एक वैश्विक मंच प्रदान करता है। नई पीढ़ी के लिए तैयार किया गया यह अभियान एक बड़े सांस्कृतिक बदलाव को दर्शाता है, जहाँ जेन ज़ी और जेन अल्फ़ा अब सिर्फ दर्शक नहीं रह गए हैं, बल्कि दुनिया का सामना करने के लिए तैयार महत्वाकांक्षी युवा हैं। 5 जून से 12 जून तक चलने वाली यह पहल ब्यूटी, स्टाइल और ग्लोबल पॉप कल्चर को एक साथ लाएगी, जिससे ग्राहकों को विशेष रूप से तैयार की गई बेहद आकर्षक गतिविधियों के माध्यम से स्पॉटलाइट के लिए तैयार होने का अवसर मिलेगा। यह अनुभव हाइब इंडिया के ग्लोबल गर्ल ग्रुप ऑडिशन को लेकर चारों ओर बढ़ते रोमांच को और बढ़ाता है। ऑनलाइन ऑडिशन 31 मार्च से 31 जुलाई तक https://india.hybeaudition.com/en पर चल रहे हैं, जो भारत की उभरती हुई युवा और महत्वाकांक्षी प्रतिभाओं को आकर्षित कर रहे हैं। इसे बेंगलुरु में 14 जून को होने वाले ऑन-ग्राउंड ऑडिशन और 13 व 14 जून को हाइब इंडिया पॉप-अप पार्क के ज़रिए और आगे बढ़ाया जाएगा। यह लोगों को इंटरैक्टिव अनुभव देने के साथ-साथ कंपनी के विश्व स्तरीय ट्रेनिंग और प्रोडक्शन इकोसिस्टम में शामिल होने का अवसर भी प्रदान करेगा। शॉपर्स स्टॉप के कस्टमर केयर एसोसिएट, मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ कविंद्र मिश्रा ने कहा, “शॉपर्स स्टॉप ने हाइब इंडिया (HYBE INDIA) के साथ साझेदारी में अपने देशव्यापी अभियान ‘गेट स्पॉटलाइट रेडी’ की घोषणा की है। दशकों से, शॉपर्स स्टॉप प्रमुख वैश्विक ब्रांडों को भारतीय उपभोक्ताओं के करीब लाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। ‘गेट स्पॉटलाइट रेडी’ के साथ, ब्रांड अपनी इस यात्रा को आगे बढ़ा रहा है, जिससे अब भारतीय प्रतिभाओं को वैश्विक मंच पर चमकने का मौका मिलेगा। यह हमारे उद्देश्य में एक बड़ा बदलाव है, जो भारत के लिए वैश्विक अनुभवों को जुटाने से लेकर भारत की प्रतिभा को दुनिया के मंच पर निखारने तक का सफर तय करता है।” इस कैंपेन के दिल्ली चरण के हिस्से के रूप में, जाने-माने के-पॉप डांस क्रू ‘आउटकास्ट्स’ ने 12 जून को शाम 6 बजे दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एंबिएंस मॉल के शॉपर्स स्टॉप में दर्शकों के सामने लाइव प्रस्तुति दी। इस ऊर्जा से भरपूर परफॉर्मेंस ने न केवल दर्शकों का दिल जीत लिया, बल्कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए युवा महत्वाकांक्षी कलाकारों को भी प्रेरित किया। शॉपर्स स्टॉप विशेषज्ञों के नेतृत्व वाले सत्रों के माध्यम से एक ऐसा शानदार माहौल तैयार करेगा, जहाँ स्टाइल, हुनर और आत्म-अभिव्यक्ति का अनूठा मेल होगा और उम्मीदवार ‘गेट स्पॉटलाइट रेडी’ यानी स्पॉटलाइट के लिए तैयार हो सकेंगे। यहाँ आने वाले युवा विशेष रूप से तैयार किए गए पांच फैशन और ब्यूटी लुक्स को आज़मा सकेंगे, कलर एनालिसिस ज़ोन में अपने अनुकूल रंगों को जान सकेंगे और एक इंटरैक्टिव व शानदार फोटोबूथ में अपने बदले हुए स्टाइल को तस्वीरों में कैद कर सकेंगे। इनमें से हर एक अनुभव को इस तरह तैयार किया गया है कि यह न केवल प्रतिभागियों के लुक को निखारेगा, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ खुद को पेश करना भी सिखाएगा। शॉपर्स स्टॉप के साथ ‘गेट स्पॉटलाइट रेडी’ महत्वाकांक्षी युवाओं के लिए खुद को तैयार करने, बदलने और स्पॉटलाइट में अपने इस खास पल को जीने का एक खुला आमंत्रण है। स्टोर्स को स्टेज में बदलना गुवाहाटी में शानदार शुरुआत और मुंबई, पुणे, हैदराबाद व बैंगलोर में सफल आयोजन के बाद, ऑडिशन से प्रेरित यह रीटेल अनुभव अब दिल्ली पहुंच गया है। इसके बाद इसे कोलकाता के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी शुरू किया जाएगा। यह कैंपेन शॉपर्स स्टॉप स्टोर्स को तैयारी के एक जीवंत केंद्र में बदल देगा, जहाँ प्रतिभा को सही अवसर मिलेगा। इस पहल के साथ, शॉपर्स स्टॉप अनुभव-आधारित रीटेल के पसंदीदा ठिकाने के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करना जारी रखे हुए है, जो वैश्विक सांस्कृतिक प्रभावों को भारतीय उपभोक्ताओं के और करीब ला रहा है।

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नई दिल्ली में NEIINFRA 2026 का कर्टेन रेज़र, मेघालय की तेज विकास रफ्तार और पूर्वोत्तर की निवेश क्षमता पर राष्ट्रीय फोकस

नई दिल्ली, 15 मई 2026: मेघालय सरकार ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित मेघालय हाउस में आगामी नॉर्थ ईस्ट इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर समिट एंड एग्जीबिशन (NEIINFRA) 2026 का कर्टेन रेज़र आयोजित किया। कार्यक्रम में मेघालय की तेज आर्थिक प्रगति, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और भारत की विकास यात्रा में पूर्वोत्तर की बढ़ती भूमिका को प्रमुखता से रखा गया। कार्यक्रम में मेघालय के मुख्यमंत्री श्री कॉनराड के. संगमा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) के सचिव श्री संजय जाजू विशिष्ट अतिथि रहे। इस अवसर पर केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के सचिव श्री अविनाश जोशी, मेघालय सरकार के आयुक्त एवं सचिव तथा NEIINFRA आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री संजय गोयल, FINER के अध्यक्ष श्री बजरंग लोहिया सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। 11 और 12 जून 2026 को शिलांग में आयोजित होने वाले इस समिट में पांच केंद्रीय मंत्रियों, पूर्वोत्तर के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, नीति निर्माताओं, निवेशकों, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स, वित्तीय संस्थानों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। समिट में कनेक्टिविटी, निवेश और क्षेत्रीय विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री श्री कॉनराड के. संगमा ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में मेघालय की अर्थव्यवस्था दोगुनी हो चुकी है, जबकि पूंजी निवेश 2018 की तुलना में चार गुना बढ़ा है। उन्होंने मेघालय को “देश की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक” बताते हुए कहा कि राज्य लगातार तीन-चार वर्षों से स्थिर विकास दर बनाए हुए है, जो निवेशकों के भरोसे के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने मेघालय इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को बड़े स्तर पर प्रोत्साहन दे रही है। साथ ही, उन्होंने मेघालय के उद्यमिता इकोसिस्टम को देश के छोटे राज्यों में “सर्वश्रेष्ठ” बताते हुए कहा कि राज्य लगातार इस क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री ने मेघालय के उभरते IT सेक्टर पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राज्य का पहला IT पार्क पूरी तरह भर चुका है, जबकि दूसरे IT पार्क को भी राष्ट्रीय और वैश्विक उद्योग जगत से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से राज्य अब IT इंफ्रास्ट्रक्चर के और विस्तार की दिशा में काम कर रहा है। DoNER सचिव श्री संजय जाजू ने मेघालय की तेज विकास यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर में इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास और क्षेत्रीय एकीकरण को लगातार समर्थन दे रही है। उन्होंने कहा कि मेघालय आज देश का सबसे तेज़ी से बढ़ता राज्य बनकर उभरा है, जहां विकास दर 13-14 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। उन्होंने पूर्वोत्तर को “अष्टलक्ष्मी” बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र भारत की विकास दृष्टि के केंद्र में है। उल्लेखनीय है कि महामारी के बाद लगातार तीन वर्षों तक वास्तविक GSDP में लगभग 10 प्रतिशत वृद्धि दर्ज करने वाला मेघालय देश का एकमात्र राज्य है। राज्य की अर्थव्यवस्था 2018 में ₹29,508 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में लगभग ₹60,000 करोड़ तक पहुंच गई है, जबकि 2032 तक इसे ₹1.35 लाख करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में मेघालय की पर्यटन, खेल और क्रिएटिव इकॉनमी में बढ़ती पहचान भी चर्चा का केंद्र रही। राज्य के लिविंग रूट ब्रिजेज 2026 के लिए UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज सूची में भारत की एकमात्र नामांकन प्रविष्टि हैं। वहीं, शिलांग देश की “म्यूजिक कैपिटल” के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। मेघालय 2027 में 39वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी भी करेगा। समिट में केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी, श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, श्री किंजरापु राम मोहन नायडू, श्री सर्बानंद सोनोवाल और श्री गजेंद्र सिंह शेखावत के शामिल होने की उम्मीद है। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के सचिव श्री अविनाश जोशी ने कहा कि यह समिट सभी हितधारकों के लिए “बेहद बड़े अवसर” लेकर आएगा। उन्होंने पूर्वोत्तर के आठों राज्यों की विशिष्टताओं और निवेश संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मंत्रालय मेगा फूड पार्क योजना, MSME फूड प्रोसेसिंग इकाइयों, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप और इन्क्यूबेशन के जरिए क्षेत्र को मजबूत समर्थन दे रहा है। मेघालय सरकार के आयुक्त एवं सचिव तथा NEIINFRA आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री संजय गोयल ने कहा कि कर्टेन रेज़र में मिली मजबूत भागीदारी पूर्वोत्तर के प्रति बढ़ती राष्ट्रीय रुचि को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि श्री कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व में मेघालय देश के सबसे तेज़ी से विकसित होने वाले और निवेश-अनुकूल राज्यों में शामिल हुआ है। FINER के अध्यक्ष श्री बजरंग लोहिया ने कहा कि पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों को एक मंच पर लाने की पहल मुख्यमंत्री श्री कॉनराड के. संगमा के दूरदर्शी नेतृत्व को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि मेघालय आज पूर्वोत्तर को इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभा रहा है। FINER और Build India Foundation द्वारा, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों एवं सेक्टोरल साझेदारों के सहयोग से आयोजित NEIINFRA 2026 को पूर्वोत्तर भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश संभावनाओं को प्रदर्शित करने वाला एक बड़ा मंच माना जा रहा है।

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खट्टी मीठी यादों के साथ पहला दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव संपन्न

(प्रदीप कुमार) देश की राजधानी दिल्ली में पहला अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव कुछ खट्टी मीठी यादों के साथ आज सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।भारत मंडपम में 25 से 31 मार्च 2026 तक आयोजित इस सप्ताह भर के फिल्म महोत्सव में 130 से अधिक वैश्विक और भारतीय फिल्मों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें मास्टरक्लास और सिनेवर्स एक्सपो भी शामिल था। यह आयोजन लोगों को अगले आयोजन के लिए प्रेरित करने में सफल रहा। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू, विशिष्ट अतिथि मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा, डीटीटीडीसी के एमडी एवं सीईओ सुनील अंचीपाका और महोत्सव के निदेशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “दिल्ली देश का दिल है, एक ऐसा शहर जो सभी को अपनाता है और जहां इतिहास के साथ भविष्य की उम्मीदें भी बसती हैं। यह फिल्म महोत्सव सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि राजधानी की नई सांस्कृतिक पहचान बनाने की दिशा में एक कदम है। सिनेमा लोगों को जोड़ने और प्रेरित करने की ताकत रखता है।” पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, “इस फिल्म महोत्सव की परिकल्पना पिछले वर्ष बजट चर्चा के दौरान की गई थी, जिसे मुख्यमंत्री के नेतृत्व में साकार किया गया। हमारा लक्ष्य दिल्ली को न सिर्फ राजनीतिक राजधानी, बल्कि भारत की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित करना है।” माननीय उपराज्यपाल ने कहा कि यह महोत्सव दिल्ली की बदलती सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है और यह मंच देश-विदेश के कलाकारों और दर्शकों को एक साथ लाया है। महोत्सव के निदेशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने कहा, “यह सिर्फ फिल्मों का मंच नहीं है, बल्कि उन भावनाओं और संवादों का भी मंच है, जो ये फिल्में लोगों के बीच पैदा करती हैं।” ‘नाइट ऑफ ऑनर्स’ की शुरुआत वंदे मातरम से हुई, जिसके बाद राष्ट्रगान, दीप प्रज्वलन और औपचारिक संबोधन हुए। अभिनेता अनुपम खेर ने सिनेमा को समर्पित अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को भावुक कर दिया, वहीं रिकी केज के संगीत ने माहौल को और खास बना दिया। इस अवसर पर समारोह के निदेशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा और IFFD प्रीव्यू कमेटी के चेयरपर्सन सुनीत टंडन को सम्मानित किया गया। सिंगापुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के प्रतिनिधिमंडल का भी विशेष स्वागत किया गया। ‘शोले’ के 50 वर्ष पूरे होने पर निर्देशक रमेश सिप्पी को सम्मानित किया गया, वहीं अंतरराष्ट्रीय अभिनेता एनरिके आर्से की मौजूदगी ने फेस्टिवल के वैश्विक स्वरूप को दर्शाया। इस मौके पर एआई फिल्ममेकिंग हैकाथॉन के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया और उनकी फिल्म प्रदर्शित की गई। ‘कैपिटल्स प्राइड’ के तहत गुनीत मोंगा, टी. पी. अग्रवाल और दिव्या दत्ता को सम्मानित किया गया। भूमि पेडनेकर को ‘एक्टर विद अ मिशन’ के रूप में सम्मानित किया गया। फिल्म पुरस्कारों में ‘सैयारा’ को ‘पाथब्रेकिंग फिल्म ऑफ द ईयर’ और ‘सितारे जमीन पर’ को ‘मोस्ट इंस्पायरिंग फिल्म ऑफ द ईयर’ चुना गया। ‘तन्वी द ग्रेट’ के लिए अनुपम खेर को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और शुभांगी दत्त को सर्वश्रेष्ठ डेब्यू अभिनेता का पुरस्कार मिला। ‘धुरंधर’ के लिए रणवीर सिंह को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और आदित्य धर को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का सम्मान मिला। फिल्म महोत्सव को देशभर के दर्शकों की मिलजुली प्रतिक्रिया मिली। चूंकि यह कार्यक्रम दिल्ली में पहली बार आयोजित किया गया इसलिए कुछ खामियों का होना स्वाभाविक था। वेबसाइट ढंग से काम नहीं कर रही थी, फिल्मों, विशेष रूप से धुरंधर-2 और शोले जैसी फिल्मों की स्क्रीनिंग की जानकारी भी समुचित रूप से प्रचारित प्रसारित नहीं की गई, शुरू के दो दिन के बाद मीडिया को खाने या चाय तक के लिए भी तरसना पड़ा। आदित्य धर और विवेक रंजन अग्निहोत्री जैसे फिल्म निर्देशकों की कमी खली। आशा है कि आयोजक अगले आयोजन में अपनी गलतियों से सीखेंगे, आलोचना को सकारात्मक रूप से लेंगे और इन कमियों को दूर करेंगे। समय बहुत तेज़ी से बदला है और उसी के साथ फिल्मी दुनिया भी बदल रही है। आयोजकों को मात्र आमिर ख़ान जैसों पर निर्भर रहने के बजाय सामयिक और लोकप्रिय फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों को भी महोत्सव से जोड़ना होगा। अतीत में राजधानी में भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव आयोजित होता रहा लेकिन दुर्भाग्य से अब वह गोवा का होकर रह गया। अगर आयोजक सुधार करें और इसे नियमित रूप से जारी रखें तो दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव उस कमी को पूरा कर सकता है।

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इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि राजधानी की नई सांस्कृतिक पहचान बनाने की दिशा में एक कदम है – मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

IFFD 2026 का पांचवां दिन ‘नाइट ऑफ ऑनर्स’ के साथ समाप्त हुआ। हमारा लक्ष्य दिल्ली को न सिर्फ राजनीतिक राजधानी, बल्कि भारत की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित करना है – पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा नई दिल्ली :  इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ दिल्ली (IFFD) 2026 का पांचवां दिन भारत मंडपम में आयोजित भव्य ‘नाइट ऑफ ऑनर्स’ के साथ समाप्त हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय उपराज्यपाल श्री तरणजीत सिंह संधू, विशिष्ट अतिथि माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, पर्यटन मंत्री श्री कपिल मिश्रा, DTTDC के एमडी एवं सीईओ श्री सुनील अंचीपाका और फेस्टिवल डायरेक्टर राकेश ओमप्रकाश मेहरा उपस्थित रहे। इस मौके पर माननीय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “दिल्ली देश का दिल है, एक ऐसा शहर जो सभी को अपनाता है और जहां इतिहास के साथ भविष्य की उम्मीदें भी बसती हैं। यह फिल्म फेस्टिवल सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि राजधानी की नई सांस्कृतिक पहचान बनाने की दिशा में एक कदम है। सिनेमा लोगों को जोड़ने और प्रेरित करने की ताकत रखता है।” पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, “IFFD की परिकल्पना पिछले वर्ष बजट चर्चा के दौरान की गई थी, जिसे मुख्यमंत्री के नेतृत्व में साकार किया गया। हमारा लक्ष्य दिल्ली को न सिर्फ राजनीतिक राजधानी, बल्कि भारत की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित करना है।” माननीय उपराज्यपाल ने कहा कि यह फेस्टिवल दिल्ली की बदलती सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है और इस मंच ने देश-विदेश के कलाकारों और दर्शकों को एक साथ लाया हैं।  फेस्टिवल डायरेक्टर राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने कहा, “IFFD सिर्फ फिल्मों का मंच नहीं है, बल्कि उन भावनाओं और संवादों का भी है, जो ये फिल्में लोगों के बीच पैदा करती हैं।” ‘नाइट ऑफ ऑनर्स’ की शुरुआत वंदे मातरम से हुई, जिसके बाद राष्ट्रगान, दीप प्रज्वलन और औपचारिक संबोधन हुए। अभिनेता अनुपम खेर ने सिनेमा को समर्पित अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को भावुक कर दिया, वहीं रिकी केज के संगीत ने माहौल को और खास बना दिया। इस अवसर पर फेस्टिवल डायरेक्टर राकेश ओमप्रकाश मेहरा और IFFD प्रीव्यू कमेटी के चेयरपर्सन सुनीत टंडन को सम्मानित किया गया। सिंगापुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के प्रतिनिधिमंडल का भी विशेष स्वागत किया गया। ‘शोले’ के 50 वर्ष पूरे होने पर निर्देशक रमेश सिप्पी को सम्मानित किया गया, वहीं अंतरराष्ट्रीय अभिनेता एनरिके आर्से की मौजूदगी ने फेस्टिवल के वैश्विक स्वरूप को दर्शाया। इस मौके पर AI फिल्ममेकिंग हैकाथॉन के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया और उनकी फिल्म प्रदर्शित की गई। ‘कैपिटल्स प्राइड’ के तहत गुनीत मोंगा, टी. पी. अग्रवाल और दिव्या दत्ता को सम्मानित किया गया। भूमि पेडनेकर को ‘एक्टर विद अ मिशन’ के रूप में सम्मानित किया गया। फिल्म पुरस्कारों में ‘सैयारा’ को ‘पाथब्रेकिंग फिल्म ऑफ द ईयर’ और ‘सितारे जमीन पर’ को ‘मोस्ट इंस्पायरिंग फिल्म ऑफ द ईयर’ चुना गया। ‘तन्वी द ग्रेट’ के लिए अनुपम खेर को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और शुभांगी दत्त को सर्वश्रेष्ठ डेब्यू अभिनेता का पुरस्कार मिला। ‘धुरंधर’ के लिए रणवीर सिंह को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और आदित्य धर को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का सम्मान मिला। दिन के दौरान आयोजित सत्रों में भी दर्शकों की अच्छी भागीदारी रही। ‘वीमेन एक्टर्स इन ओटीटी’ सत्र में दिव्या दत्ता, श्रिया पिलगांवकर और श्वेता बसु प्रसाद ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर महिलाओं की बदलती भूमिका पर चर्चा की। अनुपम खेर की मास्टरक्लास भी खास रही, जिसमें उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए अभिनय में ईमानदारी और निरंतर सीखने की जरूरत पर जोर दिया। भूमि पेडनेकर ने अपने करियर की यात्रा और सिनेमा में सार्थक कहानियों के महत्व पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि दर्शकों का साथ ही अच्छी फिल्मों को आगे बढ़ाता है। फिल्म स्क्रीनिंग में भी दर्शकों की भारी भीड़ देखने को मिली। ‘अहिल्या: जंग एकाकी’, ‘नेने राजू नेने मंत्री’, ‘मां जाए’ और ‘शोले’ जैसी फिल्मों को दर्शकों ने खूब सराहा। इसके अलावा ‘धुरंधर 2’ की विशेष स्क्रीनिंग चाणक्य सिनेमा में आयोजित की गई। अब फेस्टिवल अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर रहा है, जहां और भी बड़े पलों और यादगार अनुभवों की उम्मीद की जा रही है। IFFD 2026 सिर्फ फिल्में नहीं दिखा रहा, बल्कि ऐसे अनुभव रच रहा है जो लंबे समय तक दर्शकों के साथ बने रहेंगे।

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IFFD 2026 Day 4 Ignites Delhi with Star Power, Housefull Shows, and a Buzzing Expo

From Shekhar Kapur to Divya Dutta, the festival drew star power, packed houses, and a high-energy expo floor New Delhi : Day 4 of the International Film Festival of Delhi (IFFD) 2026 emerged as one of the most dynamic days of the festival so far, bringing together leading voices from across the industry, packed screenings, and an expo that remained active throughout the day. The festival welcomed a strong line-up of celebrated names, including Samyuktha Menon, Khushbu Sundar, Divya Dutta, Arjan Bajwa, Rituparna Sengupta, and Shekhar Kapur. Their presence drew large crowds and heightened media attention across venues, adding to the day’s overall buzz. At Bharat Mandapam, screenings played to packed houses through the day. Films such as Virupaksha, Puratan, and Aranmanai 4 set the pace early, while Jana Gana Mana drew a strong evening turnout. Parallel screenings in Audi 2, including Bohorupi, Maa, Demon Hunters, and Guru Nanak Jahaz, underscored the festival’s wide-ranging programming across languages and genres. Beyond the screenings, the IFFD Expo remained a lively hub, with steady footfall and conversations across stalls and installations. Bringing together film bodies, creators, and cultural showcases, the space extended the festival experience beyond cinema halls into a dynamic environment of exchange and discovery. The festival’s city-wide footprint continued to drive strong turnout, with PVR theatres across Jasola, Rajouri Garden, Dwarka, Pitampura, Shalimar Bagh, Moti Nagar, and Chanakyapuri seeing consistent audiences through the day. A diverse slate featuring MoromorDeuta (Dear Father), Phoujee (The Goddess of Paddy), If on a Winter’s Night, and Aar Paar kept audiences engaged, alongside curated selections such as Tiger Tiger, What If I Tell You, Baab, and a cluster of independent films at Jasola. A standout moment on Day 4 was the masterclass by K. K. Senthil Kumar, which drew a packed audience of filmmakers, students, and cinephiles. Focusing on the collaborative nature of filmmaking, he highlighted the importance of aligning closely with a director’s vision. “Every film will have its own distinctive features,” he noted, adding that it is the director’s perspective that ultimately shapes a film’s visual identity. The session resonated strongly with attendees, emerging as one of the most engaging conversations of the day. Early morning screenings, including Father Mother Sister Brother, Romantic Affairs; and Thanthapperu – Life of a Phallus, set a distinct tone, balancing independent storytelling with larger cinematic narratives. Looking ahead, Day 5 promises to build on this momentum. The line-up includes screenings such as Ahilya: Zindagi Ekaki, Aisa Pati Mujhe De Bhagwan, and a restored screening of Sholay, alongside a fresh slate across city venues featuring titles like Diamonds in the Sand, Baraat, and The Ugly. The day will also feature sessions led by Bhumi Pednekar on purpose-driven cinema, Anupam Kher on performance and longevity, and Divya Dutta on women in digital storytelling. For Delhi audiences, the day offered more than just screenings; it created a shared cultural moment across the city, where cinema became both a collective experience and a point of conversation. From early-morning shows to late-evening sessions, the festival drew students, families, and film enthusiasts, reinforcing its growing connection with the public. With strong footfall, visible enthusiasm, and a programme that continues to connect industry and audiences, Day 4 further cemented IFFD 2026’s position as a city-wide celebration of cinema at scale.

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