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हरियाणा के सिवानी में आयोजित ‘खादी रोजगार उत्सव’ में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कारीगरों को 3,645 मशीनें एवं टूलकिट वितरित कीं

विशिष्ट अतिथि केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज गोयल की गरिमामयी उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने पीएमईजीपी के तहत 22,259 नई इकाइयों के लिए 68 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी का ऑनलाइन संवितरण किया। केवीआईसी के राज्य कार्यालय, अंबाला के अंतर्गत कार्यरत 96 खादी संस्थाओं के माध्यम से 58,796 कारीगरों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। पीएमईजीपी के अंतर्गत हरियाणा में पिछले 12 वर्षों के दौरान 18,683 नई इकाइयों की स्थापना हुई है, जिससे 1,50,600 नए रोजगारों का सृजन हुआ है। हरियाणा में ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत पिछले 12 वर्षों में 5,533 मशीनें एवं टूलकिट वितरित की गई हैं। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा, “खादी रोजगार उत्सव’ के माध्यम से साकार हुआ ‘वोकल फॉर लोकल का संकल्प.“ केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने कहा, “खादी और ग्रामोद्योग आयोग प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047′, ‘आत्मनिर्भर भारत‘ तथा ‘वोकल फॉर लोकल‘ के विजन को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।”  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047‘, ‘आत्मनिर्भर भारत‘, ‘वोकल फॉर लोकल‘ तथा ‘लोकल टू ग्लोबल‘ विजन को साकार करने की दिशा में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा हरियाणा के भिवानी जिले के सिवानी स्थित नयी अनाज मंडी, खेड़ा गांव, तोसाम रोड परिसर में बुधवार को ‘खादी रोजगार उत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि तथा खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष श्री मनोज गोयल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सांसद, विधायकों, जन प्रतिनिधियों तथा केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर ग्रामोद्योग विकास योजना (GVY) के अंतर्गत हरियाणा तथा देशभर के 972 कारीगरों को 3645 आधुनिक मशीनों एवं टूलकिटों का वितरण किया गया। इनमें हरियाणा के 700 मधुमक्खी पालकों को बी-बॉक्स एवं बी-कॉलोनी, 220 विद्युत चालित चाक, 100 सिलाई मशीनें, 80 टर्नवुड टूलकिट, 59 फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग टूलकिट, 128 परंपरागत चरखे तथा 8 दोना-पत्तल निर्माण मशीनें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, वर्चुअल माध्यम से देश के 7 राज्यों, नई दिल्ली, हिमाचल, ओडिशा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा और त्रिपुरा, में 23,50 बी-बॉक्स एवं बी-कॉलोनियों का भी वितरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के अंतर्गत देशभर में 22,259 नई परियोजनाओं के लिए 504.68 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी का ऑनलाइन संवितरण किया गया। इन परियोजनाओं के लिए बैंकों द्वारा लगभग 1,485 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं, जिनके माध्यम से 2,44,849 लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। हरियाणा राज्य की बात करें तो 253 परियोजनाओं को इस सहायता का लाभ मिलेगा, जिनके लिए लगभग 7.50 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी तथा 23.19 करोड़ रुपये के बैंक ऋण स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं से राज्य में 2,783 नए रोजगार अवसरों का सृजन होने का अनुमान है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि खादी आजादी के आंदोलन से ही करोड़ों भारतीयों के श्रम, सम्मान और स्वाभिमान का परिचायक है। खादी स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी स्वदेशी का प्रतीक थी। इसने बिना किसी हथियार के ब्रिटिश हुकूमत की आर्थिक बुनियाद को हिलाकर रख दिया था। वर्तमान में, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हमें ‘खादी फॉर नेशन, खादी फॉर फैशन और खादी फॉर ट्रांसफॉर्मेशन’ का मंत्र दिया है। आज सिवानी का यह उत्सव इसी सोच को धरातल पर उतारने का एक सशक्त माध्यम है। खादी रोजगार उत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा के अलग अलग जिलों के लाभार्थियों को उनके पास जाकर बात की और मशीने व टूल्स वितरित किए। मुख्यमंत्री ने सोनीपत जिला से आई नेहा, अंजली, ऋतु और रोहतक निवासी सुदेश व पिंकी को फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग मशीनें वितरित की। इसी प्रकार रोहतक निवासी साधना, गुंजन शर्मा, मोनिका, ज्योति व नीलम को सिलाई मशीन और भिवानी जिला से झुम्पा निवासी राजेश देवी, ऊषा रानी, छाकली देवी व प्रमिला को चरखा वितरित किया। इसी प्रकार शहद उत्पादन के लिए फतेहाबाद निवासी कुलदीप सिंह, भीम सिंह, राजेंद्र कुमार, पवन कुमार, कुलवंत और कुरुक्षेत्र निवासी मुनीष को उपकरण वितरित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में खादी एवं ग्रामोद्योग की 96 सक्रिय संस्थाओं के माध्यम से लगभग 58796 कारीगरों को रोजगार मिल रहा है। इसी प्रकार, प्रदेश में ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत 1 लाख 27 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है। अब तक इस योजना में 5533 मशीनें और टूलकिट्स दी जा चुकी हैं। यह दर्शाता है कि हरियाणा आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत पिछले 12 वर्षों में हरियाणा में 18 हजार 683 नई इकाइयों की स्थापना हुई है। इसके लिए लगभग 638 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की गई। इससे 1 लाख 50 हजार से अधिक नए रोजगार सृजित हुए हैं। यह उपलब्धि हरियाणा के मेहनतकश युवाओं और उद्यमियों की सफलता की कहानी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए गर्व की बात है कि खादी क्षेत्र से जुड़े 80 प्रतिशत कारीगर हमारी माताएं-बहनें हैं। यह परिवर्तन महिला सशक्तिकरण की एक नई क्रांति है। उन्होंने कहा कि जब एक महिला आत्मनिर्भर होती है, तो पूरा परिवार, समाज और राष्ट्र प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता है। हमारी सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा दे रही है। इन समूहों द्वारा बनाए गए बेहतरीन उत्पादों को स्थानीय बाजारों के साथ-साथ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश-विदेश में पहुंचाने के लिए हम पूरी व्यवस्था कर रहे हैं। खादी रोजगार उत्सव में बोलते हुए केवीआईसी के अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने कहा कि अपने पैतृक जिले भिवानी में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का ‘खादी रोजगार उत्सव’ में मुख्य अतिथि के रूप में स्वागत करना उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति की है। आज खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि स्वरोजगार, स्वाभिमान और स्वदेशी का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र का कुल उत्पादन बढ़कर लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये तथा कारोबार 1.87

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वी वन फाउंडेशन का संकल्प: यमुना को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाने की दिशा में कदम

दिल्ली में आयोजित ‘मां यमुना रिवरबैंक क्लीनलिनेस ड्राइव’ में वी वन फाउंडेशन ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अवसर पर संस्था ने नागरिकों से आह्वान किया कि यमुना में पूजा सामग्री, प्लास्टिक, पॉलिथीन और अन्य कचरा डालकर हम अपनी ही जीवनदायिनी नदी को नुकसान पहुँचा रहे हैं। फाउंडेशन के संस्थापक जयराम ने कहा कि “सरकार और नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से ही यमुना अपने पुराने स्वरूप में लौट सकती है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सतत अभियान है, जिसके अंतर्गत समय-समय पर ऐसे आयोजन होते रहेंगे और नागरिकों को इससे जोड़ा जाएगा। इस अभियान में संस्थापक जयराम के साथ संयुक्त सचिव नितिन पंवार, मनोज कुमार और पूरी टीम ने भाग लिया। संस्था का उद्देश्य है कि जनभागीदारी के माध्यम से यमुना को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाया जाए।

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इन्फ्रा मेडि 2.0 संगोष्ठी एवं प्रदर्शनी शो: स्वास्थ्य अवसंरचना और नवाचार पर मंथन

राजधानी के ले मेरिडियन होटल में आयोजित इन्फ्रा मेडि 2.0 संगोष्ठी एवं प्रदर्शनी शो का सफल समापन हुआ। इस महत्वपूर्ण आयोजन में स्वास्थ्य, अनुसंधान, नीति निर्माण और उद्योग से जुड़े प्रमुख विशेषज्ञों और हितधारकों ने भाग लेते हुए भारत के स्वास्थ्य अवसंरचना और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने पर गहन चर्चा की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में जालौर-सिरोही (राजस्थान) से सांसद श्री लुम्बाराम चौधरी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में मजबूत अवसंरचना और प्रभावी नीति निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। संगोष्ठी में विशिष्ट वक्ताओं के रूप में डॉ. संगमित्रा पाटी (अतिरिक्त महानिदेशक, ICMR), डॉ. मोना डुग्गल (निदेशक, ICMR–नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन डिजिटल हेल्थ एंड डेटा साइंस) और डॉ. रजनी कांत (निदेशक, RMRC गोरखपुर एवं प्रमुख, नीति एवं संचार, ICMR) ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने डिजिटल हेल्थ, अनुसंधान और नीति समन्वय की भूमिका पर प्रकाश डाला। इस आयोजन में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने गोल्ड स्पॉन्सर के रूप में अहम भूमिका निभाई। साथ ही फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI), सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन सिद्धा (CCRS) और इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (ICAR) की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और समृद्ध बनाया। एनजीओ साझेदार लेडी सर्कल GMCLC160 और काराह फाउंडेशन ने सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और प्रख्यात ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. हर्षवर्धन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने उद्बोधन में स्वास्थ्य क्षेत्र में सशक्त नेतृत्व और दूरदर्शी नीतियों के महत्व को रेखांकित किया। आयोजन के दृश्य और अनुभवात्मक पहलुओं को सफलतापूर्वक प्रस्तुत करने में विजुअल मिथ्स की निदेशक सुश्री मीतू पॉल का विशेष योगदान रहा। “विजन 2047” के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप, इन्फ्रा मेडि 2.0 ने एक समावेशी, सशक्त और भविष्य-उन्मुख स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण पर जोर दिया, जो नवाचार, डिजिटल परिवर्तन और सहयोगात्मक साझेदारी पर आधारित हो। इस अवसर पर इन्फ्रा मेडि 3.0 के आगामी संस्करण की भी घोषणा की गई, जिसका उद्देश्य इस संवाद और सहभागिता को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना है। कार्यक्रम का समापन “विजन 2047” के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ।

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Amity Global School Noida Wins Four Medals at Inter-Academy Gymnastics Competition

Noida: Amity Global School, Noida, a prestigious educational institution offering IB and Cambridge curricula, wins four medals at Inter-Academy Gymnastics Competition. One of Amity school  students, Reyansh has achieved remarkable recognition at the recent gymnastics competition. Reyansh Aggarwal, a student of Grade P1 at Amity Global School, Noida, won three Gold medals and one Silver medal at the 2nd Rise Inter Academy Gymnastics Competition. The competition was hosted by Rise Sportyze, where Reyansh impressively performed amongst all other participants, coming from a variety of different Academies, showing incredible poise, flexibility, and control of his skill set in all the events. Dr (Mrs) Amita Chauhan, Chairperson, Amity Group of School, said, “Amity Global School, Noida is extremely proud of Reyansh’s achievements at such a young age. Reyansh’s success shows how important it is to nurture sporting ability in addition to gaining academic recognition. Our belief at Amity Global School, Noida is that early exposure to sport is vital in developing self-assuredness, discipline and well-rounded individuals.” Amity Global School Noida is known for its strong focus on holistic child development through academics, sports with diverse co-curricular activities. This competition helps young gymnasts showcase their talent and encourages them to take part in sporting events at a young age. Young gymnast Reyansh showed remarkable maturity during his performances that helped him attain the highest scoring results while getting immense appreciation from all the judges and coaches who judged him. The Amity Global School Noida representatives congratulated Reyansh on his achievements and highlighted that this event shows how essential it is to create opportunities for physical education, which leads to academic success at an early age. The school supports students through various programs that foster their overall development, believing that sports participation will help them learn the essential skills needed to succeed in life. Reyansh’s school has recognized his accomplishments while his family has supported him in his gymnastics journey.

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