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पैन-इंडिया फिल्म ‘पेद्दी’ स्टार राम चरण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात को किया याद, जानें क्या कहा

राम चरण ने पीएम नरेंद्र मोदी से हुई बातचीत पर दिया बयान, बताया फिल्म ‘पेद्दी’ से जुड़ी हुई थी कौन सी बात! इस साल की सबसे बड़ी और मोस्ट-अवेक्युटेड पैन-इंडिया फिल्म ‘पेद्दी’ का ट्रेलर रिलीज होते ही पूरे देश में छा गया है। कई अलग-अलग खेलों के इर्द-गिर्द बुनी गई यह फिल्म दर्शकों को गांव के मिट्टी के मैदानों से लेकर इंटरनेशनल अखाड़ों तक के एक बेहद रोमांचक सफर पर ले जाने का वादा करती है। फिल्म को लेकर बढ़ते जबरदस्त क्रेज के बीच, मेगास्टार राम चरण ने भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें बताया कि कैसे ‘पेद्दी’ की कहानी हमारे गांवों को सशक्त बनाने की सोच पर आधारित है। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ अपनी इस खास मुलाकात को याद करते हुए राम चरण ने कहा, “आज हम साउथ में जो फिल्में बना रहे हैं, उनकी जड़ें हमारी संस्कृति और मिट्टी से गहराई से जुड़ी हैं। ये शहर पर आधारित फिल्में नहीं हैं, बल्कि गांवों और कस्बों की कहानियां हैं। भारत की तीरंदाजी (archery) टीम में कई आदिवासी खिलाड़ी शामिल हैं, क्योंकि यह टैलेंट उनके पास नेचुरल होता है। जब गांवों के ऐसे टैलेंट को पहचान मिलती है, तो यह देखना बेहद खूबसूरत होता है।” उन्होंने आगे बताया, “पिछली बार जब मैं दिल्ली में हमारे माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी से मिला, तो उन्होंने मुझसे पूछा कि ‘पेद्दी’ किस बारे में है। मैंने उनसे कहा कि यह एक विकसित भारत और हमारे गांवों को सशक्त बनाने के बारे में है। तब मोदी जी ने पश्चिम बंगाल की एक कहानी साझा की, जहाँ दशकों पहले एक छोटे से गाँव के फुटबॉलर ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था और आज उसी गाँव के 85 से अधिक लोग फुटबॉल खेलते हैं।” ​23 मई को भोपाल में ‘पेद्दी’ के लिए अब तक के सबसे बड़े म्यूजिकल इवेंट का आयोजन किया गया। इस ग्रैंड इवेंट में राम चरण, जाह्नवी कपूर, रवि किशन, शिवा राजकुमार, दिव्येंदु शर्मा और जगपति बाबू सहित फिल्म की पूरी स्टार कास्ट एक साथ नजर आई। उनके साथ निर्देशक बुच्ची बाबू सना और ऑस्कर विजेता म्यूजिक कंपोजर ए.आर. रहमान भी मौजूद रहे। गानों और पोस्टर्स से लेकर टीज़र और ट्रेलर तक, बैक-टू-बैक ब्लॉकबस्टर कंटेंट देने के बाद अब यह नया गाना फिल्म का एक और धमाकेदार एसेट बनकर सामने आया है, जिसने फिल्म की रिलीज के लिए फैंस की एक्साइटमेंट को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है। ​आपको बता दें कि राम चरण ‘पेद्दी’ में एक ‘क्रॉसओवर एथलीट’ की भूमिका में नजर आएंगे। ठीक वैसे ही जैसे एमएस धोनी क्रिकेटर बनने से पहले एक फुटबॉलर थे और सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के भगवान बनने से पहले टेनिस में काफी दिलचस्पी रखते थे, हमारे देश के कुछ सबसे बड़े स्पोर्ट्स आइकॉन्स का अपने करियर में ऐसा ही क्रॉसओवर सफर रहा है। बुची बाबू सना द्वारा लिखित और निर्देशित ‘पेद्दी’ में मेगास्टार राम चरण लीड रोल में हैं, जिन्हें स्क्रीन पर शिवा राजकुमार, जाह्नवी कपूर, दिव्येंदु शर्मा और जगपति बाबू जैसे एक्टर्स का साथ मिला है। यह दमदार स्टार कास्ट फिल्म के स्केल और इम्पैक्ट को एक अलग ही लेवल पर ले जाती है। इस फिल्म का निर्माण ‘वृद्धि सिनेमाज’ के बैनर तले वेंकट सतीश किलारु द्वारा किया जा रहा है, जिसमें ‘मैत्री मूवी मेकर्स’, ‘सुकुमार राइटिंग्स’ और ‘आईवीवाई (IVY) एंटरटेनमेंट’ ने हाथ मिलाया है, जबकि ईशान सक्सेना इसके को-प्रोड्यूसर हैं। ​साल 2020 में अपनी शुरुआत करने वाली ‘आईवीवाई (IVY) एंटरटेनमेंट’ ने बहुत कम समय में भारत के सबसे पॉपुलर प्रोडक्शन हाउसेस और फिल्म राइट्स हासिल करने वाली कंपनियों में अपनी मजबूत जगह बना ली है। यह कंपनी लगातार प्रीमियम आईपी (IP) और फिल्म राइट्स का एक बड़ा और शानदार पोर्टफोलियो तैयार कर रही है। साथ ही, यह क्रिएटिव प्रोडक्शन हाउसेस को लगातार ऐसी बेहतरीन फिल्में बनाने के लिए सपोर्ट और सशक्त कर रही है, जो दुनिया भर के दर्शकों के दिलों को छू सकें। शानदार स्टार कास्ट के साथ-साथ इस फिल्म के पास एक बेहद मजबूत और दमदार टेक्निकल टीम भी है। फिल्म में म्यूजिक ऑस्कर विनर ए.आर. रहमान का है, सिनेमैटोग्राफी आर. रथनावेलु की है, प्रोडक्शन डिजाइन अविनाश कोल्ला ने संभाला है, एडिटिंग नवीन नूली की है और एग्जीक्यूटिव प्रोडक्शन वी.वाई. प्रवीण कुमार का है। यह बेहतरीन टीम फिल्म को सिनेमाई तौर पर और भी ग्रैंड बनाती है, जिससे फैंस की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। ​’धुरंधर’, ‘धुरंधर द रिवेंज’ और ‘राजा शिवाजी’ की छप्परफाड़ कामयाबी के बाद, अब जियो स्टूडियोज इस फिल्म को उत्तर भारत में रिलीज करने के लिए पूरी तरह तैयार है। फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर 3 जून 2026 को होगा, जिसके बाद 4 जून 2026 को इसे दुनिया भर के थिएटर्स में बंपर लेवल पर रिलीज किया जाएगा।

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Review: ‘रिटर्न ऑफ द जंगल’: संघर्ष से स्क्रीन तक

रिटर्न ऑफ द जंगल एनिमेटिड फिल्म “रिटर्न ऑफ द जंगल” – 15 साल की मेहनत से बनी लेखक, निर्माता ,  निर्देशक : वैभव कुमारेश, सेंसर: यू , अवधि : 124 मिनट रेटिंग 3 .5 स्टार देश विदेश में अपनी अलग इमेज बना चुके प्रख्यात एनीमेटर वैभव कुमारेश के निर्देशन में बनी यह फिल्म भारतीय एनीमेशन इन्डस्ट्री को नई दिशा देती है.इस फिल्म को मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में पेश किया गया, जहां इसे सभी ने खूब सराहा। फिल्म में वीएफएक्स का काम अव्वल दर्जे का है ,इस फिल्म को आप स्कूली बच्चों को एक नई दिशा , और भारतीय संस्कृति और किसी भी खेल में जीत हार के अनुभवों को किस तरह से लिया जाए यही सब बिग स्क्रीन बड़े पर दिखाने का नेक और अच्छा प्रयास है स्टोरी प्लॉट केंद्रीय विद्यालय के कुछ बच्चों के जीवन और उनके अटूट विश्वास पर राह में आने वाली चुनौतियों को खेल और प्रतियोगिता के माध्यम से पेश किया गया है । जहां इस स्कूल में राहुल मल्होत्रा खुद को स्पाइडर मैन से कम नहीं मानता और स्कूल में होने वाली सभी प्रतियोगिताओं को जीतता है वहीं दूसरी क्लास के छात्र भी इस बार छोटू के नेतृत्व में स्कूल की सभी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का फैसला करते है और इन सब के साथ थाथा का आशीर्वाद है , फैशन शो से क्रिकेट तक के मुकाबले फिल्म में है तो वहीं इस फिल्म में इन सभी की पक्की दोस्ती, चुनौतियो को दिखाया गया है. फिल्म में ‘थाथा’ का किरदार जो हर मुश्किल वक़्त में इन बच्चों का साथ और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है पारंपरिक पंचतंत्र शैली की कहानियों से लिया गया है । ओवर ऑल 15 साल की मेहनत : आप हैरान होंगे बिना स्टार कास्ट के करीब दो घंटे की इस फिल्म को बनाने में फिल्म के निर्माता और उनकी पूरी टीम की करीब 15 साल का वक्त लग गया ।यह फिल्म टीम के लंबे संघर्ष का परिणाम है। इस फिल्म को तैयार करने में लगभग 15 साल का समय लगा है, मेरी नजर में यह फिल्म एनीमेशन जगत में युवा फिल्म मेकर्स ने बढ़ रहे आत्मविश्वास का संकेत है, जहां वैभव कुमारेश ने अपनी पहचान स्थापित करने की अच्छी कोशिश की है । यह केवल बच्चों के लिए है नहीं है बल्कि पूरे परिवार के लिए बनी है , तो इस बार अपने सोनू मीनू के साथ अपने पास के सिनेमा में यह फिल्म देखने जाये यकीनन आप सब की कसौटी पर फिल्म खरी उतरेगी ।

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गुरुग्राम में सैमसंग ने लॉन्च की नई Micro RGB TV सीरीज़, प्रीमियम एंटरटेनमेंट का नया दौर शुरू

गुरुग्राम, सैमसंग ने गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट के फ्लैगशिप स्टोर में अपनी नई माइक्रो RGB TV सीरीज़ लॉन्च की। इस सीरीज़ में R95H और R85H मॉडल शामिल हैं, जो 55 इंच से 115 इंच तक के स्क्रीन साइज में उपलब्ध हैं। नई टीवी सीरीज़ में माइक्रो RGB तकनीक, AI आधारित फीचर्स और Glare Free टेक्नोलॉजी दी गई है, जो बेहतर कलर, ब्राइटनेस और देखने का शानदार अनुभव प्रदान करती है। इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट के सी.ओ.ओ करण बजाज ने कहा कि यह लॉन्च ग्राहकों को प्रीमियम टीवी सेगमेंट में नया अनुभव देगा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने टीवी के लाइव डेमो का भी आनंद लिया।

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जापान ने 20 साल बाद फिर लगाया भारतीय आमों पर प्रतिबंध

नई दिल्ली : जापान द्वारा भारतीय आमों पर दो दशकों बाद पुनः लगाया गया प्रतिबंध भारत के लिए कृषि व्यापार और कूटनीतिक संबंधों पर गहरा असर डाल सकता है। निर्यात पर असर: भारत हर साल जापान को सीमित मात्रा में उच्च गुणवत्ता वाले आम भेजता था। यह प्रतिबंध किसानों और निर्यातकों के लिए आर्थिक झटका है। गुणवत्ता और मानक: जापान ने यह कदम कथित तौर पर फाइटोसैनिटरी (कीट और रोग नियंत्रण) मानकों के आधार पर उठाया है। कूटनीतिक संकेत: यह निर्णय भारत-जापान व्यापारिक रिश्तों में तनाव का संकेत माना जा रहा है, खासकर तब जब दोनों देश रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों की चिंता: महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के आम उत्पादक किसानों को अब वैकल्पिक बाजार तलाशने होंगे। वैश्विक छवि: भारतीय आमों की पहचान “फलों का राजा” के रूप में है। ऐसे प्रतिबंध भारत की कृषि निर्यात छवि को प्रभावित कर सकते हैं। यह प्रतिबंध केवल व्यापारिक नुकसान नहीं है, बल्कि भारत के कृषि उत्पादों की वैश्विक स्वीकार्यता और मानकों पर भी सवाल खड़ा करता है। आने वाले समय में भारत को अपने निर्यात मानकों को और सख्त करना होगा ताकि ऐसे प्रतिबंधों से बचा जा सके।

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Bhumika Shajwani Makes a Striking Red Carpet Appearance at Cannes 2026 in 91Threads 

Bhumika Shajwani, UMB Mrs. India Elite 2025 (2nd Runner-Up), marked a significant moment for Indian representation at the Cannes Film Festival with her red carpet appearance on 15th May 2026, wearing a couture creation by 91Threads titled “A Modern Tale of Heritage.” The ensemble paid homage to the heritage of Gujarat, blending traditional craftsmanship with contemporary design to create a powerful global fashion statement. Her appearance drew appreciation for its refined storytelling approach, positioning Indian couture within a global luxury conversation. At one of the world’s most prestigious cinematic platforms, Bhumika’s presence stood for more than style—it reflected identity, craftsmanship, and the growing global relevance of Indian luxury. Her appearance underscored how traditional artistry continues to evolve within modern fashion narratives while gaining recognition on international red carpets and cultural stages. The look was widely noted for its intricate detailing and symbolic representation of India’s textile heritage. Sharing her thoughts, Bhumika Shajwani said, “Walking the red carpet at Cannes was more than a personal milestone—it was an opportunity to represent the richness of Indian heritage and the artistry of Gujarat on a global stage. Every thread of my ensemble carries a story of our culture, craftsmanship, and pride.” For the occasion, she wore a couture creation by 91Threads, designed to reinterpret Indian craftsmanship through a contemporary silhouette. The ensemble, brought to life through over 1,000 hours of intricate handwork, showcased exceptional detailing and precision—highlighting the skill and dedication of Indian artisans. Deeply rooted in the textile traditions of Gujarat, the look celebrated regional craftsmanship while presenting it in a globally resonant format, reinforcing India’s growing influence in international couture and luxury fashion narratives.

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खादी-ग्रामोद्योग ने रचा नया इतिहास – 1.87 लाख करोड़ का कारोबार

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने बीते 12 वर्षों में विकास और परिवर्तन की अभूतपूर्व यात्रा तय की है। वित्त वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 1,87,105 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई, जो अब तक की सर्वाधिक बिक्री है और ग्रामीण भारत की बढ़ती उद्यमशीलता, आत्मनिर्भरता तथा आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त प्रमाण है। ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों से प्रेरित होकर खादी आज केवल एक पारंपरिक उत्पाद नहीं, बल्कि ‘नये भारत’ की आत्मनिर्भरता, स्वदेशी गौरव और ग्रामीण समृद्धि का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। उत्पादन, विपणन और रोजगार सृजन के नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान की है। केवीआईसी ने जारी किए वित्त वर्ष 2025-26 के अनंतिम आंकड़े नई दिल्ली के गांधी दर्शन, राजघाट स्थित कार्यालय में वित्त वर्ष 2025-26 के अनंतिम आंकड़े (Provisional Data) जारी करते हुए केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि आयोग ने उत्पादन, बिक्री और रोजगार सृजन के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013-14 की तुलना में पिछले 12 वर्षों में बिक्री में 501 प्रतिशत, उत्पादन में 380 प्रतिशत और रोजगार सृजन में 56 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पूर्व वर्षों की प्रवृत्ति को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में वर्ष 2013-14 की तुलना में बिक्री में 447 प्रतिशत और उत्पादन में 347 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में वर्ष 2013-14 की तुलना में बिक्री में 400 प्रतिशत और उत्पादन में 315 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी थी। खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 1.87 लाख करोड़ रुपये के पार अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि केवीआईसी का यह सशक्त प्रदर्शन ‘विकसित भारत@2047’ के संकल्प को गति प्रदान करने के साथ-साथ भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रभावी मार्गदर्शन, महात्मा गांधी की प्रेरणा तथा देश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत करोड़ों कारीगरों की मेहनत को दिया। अध्यक्ष केवीआईसी ने बताया कि वित्त वर्ष 2013-14 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों का उत्पादन जहां 26109 करोड़ रुपये था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह करीब पांच गुना बढ़कर 380 प्रतिशत के उछाल के साथ 125296 करोड़ रुपये पहुंच गया। जबकि वित्त वर्ष 2013-14 में बिक्री जहां 31154 करोड़ रुपये थी, वहीं करीब छह गुना बढ़कर 501 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि के साथ यह वित्त वर्ष 2025-26 में 187105 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो कि अब तक की सर्वाधिक बिक्री है। खादी वस्त्रों के उत्पादन और बिक्री में अभूतपूर्व वृद्धि खादी वस्त्रों के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2013-14 में 811 करोड़ रुपये का उत्पादन बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 390 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3,974 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं बिक्री 1,081 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 628 प्रतिशत वृद्धि के साथ 7,869 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री द्वारा खादी के सतत प्रचार-प्रसार का सकारात्मक प्रभाव इस क्षेत्र की बढ़ती स्वीकार्यता और बाजार विस्तार में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। ग्रामोद्योग क्षेत्र में उत्पादन और बिक्री का नया रिकॉर्ड ग्रामोद्योग क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2013-14 में जहां ग्रामोद्योग उत्पादों का उत्पादन 25,298 करोड़ रुपये था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 380 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह बढ़कर 1,21,322 करोड़ रुपये हो गया है। इसी प्रकार बिक्री 30,073 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 496 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,79,236 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी ग्रामोद्योग ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वर्ष 2013-14 में जहां इस क्षेत्र में 1.19 करोड़ लोगों को रोजगार प्राप्त था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 1.99 करोड़ के स्तर के करीब पहुंच गया है, जो ग्रामीण आजीविका सृजन में इस क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘घर-घर स्वदेशी’ जैसे अभियानों के प्रभाव से ग्रामोद्योग उत्पादों की मांग में निरंतर वृद्धि हुई है, जिससे यह क्षेत्र ग्रामीण उद्योगों के विस्तार, बाजार सुदृढ़ीकरण और रोजगार सृजन का एक प्रमुख आधार बनकर उभरा है। रोजगार सृजन के क्षेत्र में केवीआईसी की ऐतिहासिक उपलब्धि रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी केवीआईसी ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2013-14 में जहां खादी और ग्रामोद्योग से जुड़ी गतिविधियों में संचयी रोजगार (Cumulative Employment) 1.30 करोड़ था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह 56 प्रतिशत की वृद्धि के साथ बढ़कर 2.04 करोड़ हो गया है, जो ग्रामीण आजीविका सृजन में केवीआईसी की केंद्रीय भूमिका को दर्शाता है। पीएमईजीपी से स्वरोजगार एवं उद्यमिता को नई गति प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत वित्त वर्ष 2025-26 में 66,494 नई इकाइयों की स्थापना की गई, जिनके लिए 7,375 करोड़ रुपये के ऋण के विरुद्ध 2,457 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी वितरित की गई। इन इकाइयों के माध्यम से 7,31,434 लोगों को रोजगार उपलब्ध हुआ। योजना की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 10,84,679 इकाइयों की स्थापना की जा चुकी है, जिनके लिए 80,705 करोड़ रुपये के ऋण के सापेक्ष 29,623 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी संवितरित की गई है। इसके माध्यम से अब तक लगभग 97.95 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत टूलकिट वितरण से कारीगरों को सशक्तिकरण ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत अभी तक 51,230 विद्युत चालित चाक, 2,46,099 बी-बॉक्स एवं बी–कालोनी, 2,674 ऑटोमैटिक एवं पैडल चालित अगरबत्ती निर्माण मशीन, 7,669 फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग एवं रिपेयरिंग टूलकिट, 836 पेपर प्लेट एवं दोना निर्माण मशीन, 7,571 एसी, मोबाइल, सिलाई, इलेक्ट्रिशियन एवं प्लंबर टूलकिट, 5,138 टर्नवुड, वेस्टवुड क्रॉफ्ट एवं लकड़ी के खिलौने बनाने की मशीन तथा 1,789 पामगुड़, तेल घानी एवं इमली प्रसंस्करण मशीनों का वितरण किया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना के अंतर्गत 37,769 मशीन, टूलकिट एवं उपकरणों का वितरण किया गया है। यदि पिछले चार वर्षों पर दृष्टि डालें तो वर्ष 2022-23 में 21,874, वित्त वर्ष 2023-24 में 29,540, वित्त वर्ष

Food & Beverages

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संसाधनों की बचत और विवेकपूर्ण उपयोग के संदेश को आगे बढ़ाते हुए, केवीआईसी ने ‘विश्व मधुमक्खी दिवस-2026’ वर्चुअल माध्यम से मनाया

अध्यक्ष केवीआईसी ने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘श्वेत क्रांति से स्वीट क्रांति’ के विजन ने गांवों में स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को नई गति दी है; मधुमक्खी पालन आज खेती, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सशक्त माध्यम बन चुका है।“  नई दिल्ली : खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार ने बुधवार को मुख्यालय, मुंबई के साथ-साथ अपने देशभर के राज्य एवं मंडलीय कार्यालयों तथा केंद्रीय मधुमक्खी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीबीआरटीआई), पुणे में ‘विश्व मधुमक्खी दिवस-2026’ (World Honey Bee Day-2026) के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन वर्चुअल माध्यम से किया। नई दिल्ली स्थित केवीआईसी के गांधी दर्शन, राजघाट कार्यालय से अध्यक्ष, केवीआईसी श्री मनोज कुमार ने देशभर के केवीआईसी कार्यालयों, मधुमक्खी पालकों, लाभार्थियों, वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इस अवसर पर सीबीआरटीआई, पुणे में आयोजित ‘हनी प्रदर्शनी’ का शुभारंभ भी अध्यक्ष, केवीआईसी श्री मनोज कुमार ने वर्चुअल माध्यम से किया। इस वर्ष ‘विश्व मधुमक्खी दिवस’ की थीम- “Bee Together for People and the Planet” – के अनुरूप आयोजित कार्यक्रमों में मधुमक्खियों की पर्यावरण संरक्षण, कृषि उत्पादकता और जैव विविधता को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष, केवीआईसी श्री मनोज कुमार ने देशभर से वर्चुअल माध्यम से जुड़े प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष ‘विश्व मधुमक्खी दिवस’ के कार्यक्रमों का आयोजन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा कम संसाधनों में प्रभावी आयोजन के विजन के अनुरूप वर्चुअल माध्यम से किया गया है। इससे न केवल अनावश्यक यात्रा और ईंधन की खपत में कमी आई, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों की सहभागिता भी सुनिश्चित हुई। उन्होंने आगे कहा कि मधुमक्खियां प्रकृति और कृषि व्यवस्था की महत्वपूर्ण संरक्षक हैं तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘श्वेत क्रांति से स्वीट क्रांति’ के विजन ने गांवों में स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को नई गति दी है। आज मधुमक्खी पालन खेती, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सशक्त माध्यम बन चुका है। अध्यक्ष केवीआईसी ने आगे कहा कि आज जब पूरी दुनिया मधुमक्खियों के संरक्षण की चिंता कर रही है, तब भारत ने इस दिशा में सकारात्मक पहल की है, जिसका बड़ा श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शी सोच को जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2016 में गुजरात के बनासकांठा से ‘स्वीट क्रांति’ का आह्वान करते हुए कहा था, “जहां श्वेत क्रांति हुई है, वहां अब स्वीट क्रांति भी होगी।” यह केवल एक नारा नहीं था, बल्कि गांव, किसान और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का व्यापक दृष्टिकोण था। उन्होंने आगे बताया कि प्रधानमंत्री की इसी प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए केवीआईसी ने वर्ष 2017 में ‘हनी मिशन’ शुरू किया, जो आज ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन चुका है। अध्यक्ष केवीआईसी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन से प्रेरित ‘हनी मिशन’ के तहत केवीआईसी द्वारा वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक देशभर में 2,46,099 बी-बॉक्स एवं बी-कालोनियों का वितरण किया गया है, जिससे अनुमानित 24,269 मीट्रिक टन शहद उत्पादन को बढ़ावा मिला है। वर्ष 2025-26 में शहद उत्पादन का अनुमान 5,512 मीट्रिक टन तक पहुंचा है। साथ ही, केवीआईसी से जुड़े मधुमक्खी पालकों द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 31 करोड़ रुपये मूल्य के शहद का निर्यात किया गया। शहद निर्यात के प्रमुख गंतव्यों में अमेरिका, कनाडा, यूएई, इजराइल, सऊदी अरब, ओमान, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, कतर और कोरिया रिपब्लिक सहित कई देश शामिल हैं, जो भारतीय शहद की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है। उन्होंने देशभर के मधुमक्खी पालकों से अपील करते हुए कहा कि मधुमक्खी पालन को केवल शहद उत्पादन तक सीमित न समझें। यह प्रकृति संरक्षण, खेती की उन्नति और ग्रामीण समृद्धि का सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर मधुमक्खियों के संरक्षण, अधिकाधिक लोगों को बी-कीपिंग से जोड़ने तथा प्रधानमंत्री की ‘स्वीट क्रांति’ को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लें। कार्यक्रम में देश के विभिन्न भागों से जुड़े प्रतिभागियों ने डिजिटल माध्यम से मधुमक्खी पालन के अनुभव और सफलता की कहानियां साझा कीं। कार्यक्रम में केवीआईसी के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अन्य अधिकारी, कर्मचारी तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ, खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि, कारीगर, प्रशिक्षार्थी, बैंक प्रतिनिधि तथा राज्य सरकार के अधिकारी उपस्थित रहे। यह आयोजन ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण की दिशा में केवीआईसी के सतत प्रयासों का सशक्त उदाहरण है।

Cultural Journeys

महाकुंभ 2027 हेतु साध्वी शक्तियों का ऐतिहासिक संगम, नाशिक से सनातन एकता का संदेश

नाशिक, महाराष्ट्र : नाशिक की पावन धरा पर आज एक ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक क्षण देखने को मिला, जब आद्या शंकराचार्य त्रिकाल भवन्ता सरस्वती जी महाराज द्वारा श्री श्री 1008 जगतगुरु दुर्गाचार्य कंचन भवानी जी का विशेष सम्मान किया गया। यह अवसर सनातन परंपरा, आध्यात्मिक चेतना एवं नारी शक्ति के उत्थान का प्रेरणादायी प्रतीक बन गया। इस विशेष अवसर पर श्री पंच महाभूत परमहंस अखाड़ा एवं परी अखाड़ा ने संयुक्त रूप से आगामी महाकुंभ 2027 को एक साथ आयोजित करने का संकल्प लिया। साथ ही देशभर की साध्वी शक्तियों, संत समाज एवं सनातन धर्मावलंबियों से धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित में एकजुट होकर आगे आने का आह्वान किया गया। दोनों पूज्य संतों ने अपने उद्बोधन में कहा कि —“शक्ति ही सृष्टि का मूल आधार है। जब सभी शक्तियाँ एक हो जाती हैं, तब धर्म, संस्कृति और समाज को नई दिशा प्राप्त होती है।” उन्होंने कहा कि नारी शक्ति केवल संरक्षण का प्रतीक नहीं, बल्कि साहस, तपस्या, नेतृत्व और परिवर्तन की दिव्य ऊर्जा है। आज आवश्यकता है कि समाज में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने हेतु सभी शक्तियाँ एक मंच पर आएँ। संत समाज ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में सनातन संस्कृति को वैश्विक स्तर पर सशक्त करने के लिए अखाड़ों एवं आध्यात्मिक संगठनों की एकता अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से दोनों अखाड़े वर्तमान में महाकुंभ 2027 को दिव्य, भव्य, अनुशासित एवं ऐतिहासिक स्वरूप देने हेतु व्यापक रणनीति तैयार कर रहे हैं। यह आयोजन केवल एक धार्मिक पर्व नहीं होगा, बल्कि विश्वभर में सनातन एकता, नारी शक्ति, आध्यात्मिक चेतना और भारतीय संस्कृति का वैश्विक संदेश देने वाला महाआंदोलन सिद्ध होगा।

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नई दिल्ली में NEIINFRA 2026 का कर्टेन रेज़र, मेघालय की तेज विकास रफ्तार और पूर्वोत्तर की निवेश क्षमता पर राष्ट्रीय फोकस

नई दिल्ली, 15 मई 2026: मेघालय सरकार ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित मेघालय हाउस में आगामी नॉर्थ ईस्ट इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर समिट एंड एग्जीबिशन (NEIINFRA) 2026 का कर्टेन रेज़र आयोजित किया। कार्यक्रम में मेघालय की तेज आर्थिक प्रगति, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और भारत की विकास यात्रा में पूर्वोत्तर की बढ़ती भूमिका को प्रमुखता से रखा गया। कार्यक्रम में मेघालय के मुख्यमंत्री श्री कॉनराड के. संगमा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) के सचिव श्री संजय जाजू विशिष्ट अतिथि रहे। इस अवसर पर केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के सचिव श्री अविनाश जोशी, मेघालय सरकार के आयुक्त एवं सचिव तथा NEIINFRA आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री संजय गोयल, FINER के अध्यक्ष श्री बजरंग लोहिया सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। 11 और 12 जून 2026 को शिलांग में आयोजित होने वाले इस समिट में पांच केंद्रीय मंत्रियों, पूर्वोत्तर के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, नीति निर्माताओं, निवेशकों, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स, वित्तीय संस्थानों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। समिट में कनेक्टिविटी, निवेश और क्षेत्रीय विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री श्री कॉनराड के. संगमा ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में मेघालय की अर्थव्यवस्था दोगुनी हो चुकी है, जबकि पूंजी निवेश 2018 की तुलना में चार गुना बढ़ा है। उन्होंने मेघालय को “देश की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक” बताते हुए कहा कि राज्य लगातार तीन-चार वर्षों से स्थिर विकास दर बनाए हुए है, जो निवेशकों के भरोसे के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने मेघालय इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को बड़े स्तर पर प्रोत्साहन दे रही है। साथ ही, उन्होंने मेघालय के उद्यमिता इकोसिस्टम को देश के छोटे राज्यों में “सर्वश्रेष्ठ” बताते हुए कहा कि राज्य लगातार इस क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री ने मेघालय के उभरते IT सेक्टर पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राज्य का पहला IT पार्क पूरी तरह भर चुका है, जबकि दूसरे IT पार्क को भी राष्ट्रीय और वैश्विक उद्योग जगत से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से राज्य अब IT इंफ्रास्ट्रक्चर के और विस्तार की दिशा में काम कर रहा है। DoNER सचिव श्री संजय जाजू ने मेघालय की तेज विकास यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर में इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास और क्षेत्रीय एकीकरण को लगातार समर्थन दे रही है। उन्होंने कहा कि मेघालय आज देश का सबसे तेज़ी से बढ़ता राज्य बनकर उभरा है, जहां विकास दर 13-14 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। उन्होंने पूर्वोत्तर को “अष्टलक्ष्मी” बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र भारत की विकास दृष्टि के केंद्र में है। उल्लेखनीय है कि महामारी के बाद लगातार तीन वर्षों तक वास्तविक GSDP में लगभग 10 प्रतिशत वृद्धि दर्ज करने वाला मेघालय देश का एकमात्र राज्य है। राज्य की अर्थव्यवस्था 2018 में ₹29,508 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में लगभग ₹60,000 करोड़ तक पहुंच गई है, जबकि 2032 तक इसे ₹1.35 लाख करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में मेघालय की पर्यटन, खेल और क्रिएटिव इकॉनमी में बढ़ती पहचान भी चर्चा का केंद्र रही। राज्य के लिविंग रूट ब्रिजेज 2026 के लिए UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज सूची में भारत की एकमात्र नामांकन प्रविष्टि हैं। वहीं, शिलांग देश की “म्यूजिक कैपिटल” के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। मेघालय 2027 में 39वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी भी करेगा। समिट में केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी, श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, श्री किंजरापु राम मोहन नायडू, श्री सर्बानंद सोनोवाल और श्री गजेंद्र सिंह शेखावत के शामिल होने की उम्मीद है। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के सचिव श्री अविनाश जोशी ने कहा कि यह समिट सभी हितधारकों के लिए “बेहद बड़े अवसर” लेकर आएगा। उन्होंने पूर्वोत्तर के आठों राज्यों की विशिष्टताओं और निवेश संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मंत्रालय मेगा फूड पार्क योजना, MSME फूड प्रोसेसिंग इकाइयों, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप और इन्क्यूबेशन के जरिए क्षेत्र को मजबूत समर्थन दे रहा है। मेघालय सरकार के आयुक्त एवं सचिव तथा NEIINFRA आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री संजय गोयल ने कहा कि कर्टेन रेज़र में मिली मजबूत भागीदारी पूर्वोत्तर के प्रति बढ़ती राष्ट्रीय रुचि को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि श्री कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व में मेघालय देश के सबसे तेज़ी से विकसित होने वाले और निवेश-अनुकूल राज्यों में शामिल हुआ है। FINER के अध्यक्ष श्री बजरंग लोहिया ने कहा कि पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों को एक मंच पर लाने की पहल मुख्यमंत्री श्री कॉनराड के. संगमा के दूरदर्शी नेतृत्व को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि मेघालय आज पूर्वोत्तर को इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभा रहा है। FINER और Build India Foundation द्वारा, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों एवं सेक्टोरल साझेदारों के सहयोग से आयोजित NEIINFRA 2026 को पूर्वोत्तर भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश संभावनाओं को प्रदर्शित करने वाला एक बड़ा मंच माना जा रहा है।

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13 मई को दिल्ली में होगा संजय दत्त स्टारर आखिरी सवाल का मेगा प्रीमियर, कई प्रमुख हस्तियों समेत वरिष्ठ राजनेता करेंगे शिरकत

आखिरी सवाल, जिसमें संजय दत्त लीड रोल में नजर आएंगे, धीरे-धीरे अपनी रफ्तार पकड़ रही है और 2026 की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल होती जा रही है। अपनी दमदार घोषणा और साहसपूर्ण टीज़र के बाद से ही इस प्रोजेक्ट ने जबरदस्त चर्चा बटोरी है। फिल्म के टीज़र ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं की तनावपूर्ण और दिलचस्प झलक दिखाकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है। इसी बढ़ते क्रेज के बीच अब फिल्म के मेकर्स 13 मई को दिल्ली में एक भव्य प्रीमियर इवेंट की तैयारी कर रहे हैं, जिसे अब तक के सबसे बड़े फिल्म प्रीमियर्स में से एक माना जा रहा है। इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, “आखिरी सवाल के मेकर्स 13 मई को दिल्ली में एक भव्य प्रीमियर इवेंट की तैयारी कर रहे हैं, जिसे अब तक के सबसे बड़े फिल्म प्रीमियर्स में से एक माना जा रहा है। इस खास कार्यक्रम के लिए कई प्रमुख हस्तियों, वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों को आमंत्रित किया गया है। फिल्म पहले से ही जबरदस्त चर्चा में है, ऐसे में यह प्रीमियर दिल्ली के एंटरटेनमेंट और राजनीतिक सर्किट का बड़ा आकर्षण बनने की उम्मीद है।” हालांकि, हाल ही में यह फिल्म सीबीएफसी (CBFC – केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड) की जांच के घेरे में फंस गई, जिसकी वजह से इसकी रिलीज योजनाओं में देरी हुई है। इस स्थिति के कारण ट्रेलर लॉन्च को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई थी, क्योंकि सेंसर बोर्ड की समीक्षा प्रक्रिया चल रही थी। अब सेंसर बोर्ड से क्लीयरेंस और आधिकारिक हरी झंडी मिलने के बाद सभी चिंताएं आखिरकार दूर हो गई हैं। सब कुछ तय होने और सेंसर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, मेकर्स अब पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े हैं। आखिरी सवाल का निर्देशन नेशनल अवॉर्ड विजेता फिल्ममेकर अभिजीत मोहन वारंग ने किया है। निखिल नंदा द्वारा प्रस्तुत इस फिल्म को निखिल नंदा और संजय दत्त ने प्रोड्यूस किया है, जबकि पुनीत नंदा, डॉ. दीपक सिंह, गौरव दुबे और उज्जवल आनंद इसके को-प्रोड्यूसर हैं। फिल्म की कहानी, पटकथा और संवाद उत्कर्ष नैथानी ने लिखे हैं। यह फिल्म 15 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है।

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