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स्टाइलिश एक्शन, ऐल्फा सीता और दुर्गा के स्पाई यूनिवर्स का नया अध्याय

रेटिंग : 3/5 स्टार

डायरेक्टर : शिव रवैल

क्लाकार : आलिया भट्ट, शरवरी, अनिल कपूर, बॉबी देओल, ऋतिक रोशन

कहानी और निर्देशन

सबसे पहले तो ऐल्फा के बारे में बता देनो चाहता हूं, कि कोई किंतु-परंतु नहीं कोई ऊल-जुलुल सोच, बस एक्शन और गैलमर से भरी फिल्म का आनंद उठाइए। आईए अब बात करते हैं, आगे की कहानी की।

फिल्म की शुरुआत सीता (आलिया भट्ट) के बचपन से होती है, जहाँ उसके पिता (बॉबी देओल) उसे एक हत्यारे के रूप में प्रशिक्षित करते हैं। जैसे-जैसे वह बड़ी होती है, उसे एहसास होता है कि उसके पिता ही असली खलनायक हैं। कहानी का असली संघर्ष तब शुरू होता है जब सीता अपने पिता के खिलाफ खड़ी होती है और अपने पिता का काला ऐल्फा बनाने को काला साम्राज्य तहस-नहस कर देती है। आगे चलकर सीता शरवरी के साथ मिलकर उन्हें रोकने का संकल्प लेती है।

निर्देशन: शिव रावल ने फिल्म को तेज गति और स्टाइलिश विजुअल्स के साथ प्रस्तुत किया है। कैमरा वर्क और एडिटिंग दर्शकों को लगातार रोमांचित रखते हैं। हालांकि कुछ जगहों पर कहानी हॉलीवुड स्पाई फिल्मों से प्रभावित लगती है, लेकिन भारतीय भावनात्मक पृष्ठभूमि इसे अलग पहचान देती है।

अभिनय और किरदार

आलिया भट्ट : आलिया ने सीता का किरदार निभाते हुए एक बार फिर साबित किया कि वह केवल रोमांटिक या ड्रामेटिक भूमिकाओं तक सीमित नहीं हैं। उनके एक्शन सीक्वेंस इतने सशक्त हैं कि दर्शक हैरान रह जाते हैं। तलवारबाजी, हाथ से हाथ की लड़ाई और हाई-ऑक्टेन स्टंट्स में आलिया पूरी तरह से फिट बैठती हैं। लेकिन केवल एक्शन ही नहीं, भावनात्मक दृश्यों में भी उन्होंने गहरी संवेदनशीलता दिखाई है। जब सीता अपने पिता के खिलाफ खड़ी होती है, उस समय उनकी आँखों में जो दर्द और दृढ़ संकल्प झलकता है, वह दर्शकों को भीतर तक छू जाता है। आलिया ने इस किरदार को न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्तर पर भी जीवंत कर दिया है।

शरवरी : शरवरी इस फिल्म में नई ऊर्जा लेकर आती हैं। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस ताजगी से भरी हुई है और आलिया के साथ उनकी केमिस्ट्री फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। दोनों के बीच की साझेदारी दर्शकों को यह महसूस कराती है कि महिला किरदार भी बड़े पर्दे पर उतने ही दमदार और प्रभावशाली हो सकते हैं जितने पुरुष किरदार। शरवरी ने अपने किरदार में मासूमियत और दृढ़ता दोनों का संतुलन बखूबी दिखाया है।

अनिल कपूर : अनिल कपूर का किरदार कहानी को जोड़ने वाला धागा है। उनकी उपस्थिति फिल्म को और मजबूत बनाती है। वह अपने अनुभव और अभिनय कौशल से हर दृश्य को विश्वसनीय बनाते हैं।

बॉबी देओल : बॉबी देओल खलनायक के रूप में फिल्म में गहरी छाप छोड़ते हैं। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस इतनी मजबूत है कि जब भी वह पर्दे पर आते हैं, दर्शकों का ध्यान उन्हीं पर टिक जाता है। हालांकि कुछ जगहों पर उनके संवाद थोड़े अस्वाभाविक लगते हैं, लेकिन उनकी बॉडी लैंग्वेज और निगाहों का असर इतना गहरा है कि वह कमी ज्यादा महसूस नहीं होती। अपने खलनायक के ओहदे में बाबी देओल सफल हो गए हैं।

ऋतिक रोशन : ‘कबीर’ के रूप में ऋतिक का कैमियो दर्शकों के लिए सरप्राइज पैकेज है। उनकी एंट्री फिल्म को और रोमांचक बना देती है और यह स्पष्ट कर देती है कि केवल एक फिल्म नहीं बल्कि यशराज स्पाई यूनिवर्स का हिस्सा है।
तकनीकी पहलू : एक्शन सीक्वेंस : फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण इसके महिला-प्रधान एक्शन सीक्वेंस हैं। आलिया और शरवरी के फाइट सीन्स इतने शानदार तरीके से कोरियोग्राफ किए गए हैं कि दर्शक सीट से हिल नहीं पाते। कैमरा एंगल्स और एडिटिंग ने इन दृश्यों को और भी रोमांचक बना दिया है।

VFX और CGI  विजुअल्स आकर्षक हैं और कई जगहों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के लगते हैं। हालांकि कुछ सीन्स में CGI पूरी तरह वास्तविक नहीं लगता, लेकिन कुल मिलाकर यह फिल्म को भव्यता प्रदान करता है।

संगीत और बैकग्राउंड : गाने थोड़े जबरदस्ती जोड़े गए लगते हैं और कहानी की गति को धीमा करते हैं। लेकिन बैकग्राउंड स्कोर फिल्म की गति बनाए रखता है और रोमांच को बढ़ाता है। खासकर एक्शन सीक्वेंस में संगीत का प्रभाव दर्शकों को और भी जोश से भर देता है।

बॉक्स ऑफिस और प्रतिक्रिया

पहले दिन का प्रदर्शन : फिल्म ने पहले दिन लगभग ₹3 करोड़ की कमाई की और 90,000 टिकटों की बिक्री हुई। यह आंकड़ा महिला-प्रधान स्पाई थ्रिलर के लिए अच्छा माना जा सकता है।

दर्शकों की प्रतिक्रिया : दर्शकों की प्रतिक्रिया मिश्रित रही। कुछ ने इसे ‘कमर्शियल एंटरटेनर’ कहा और आलिया-शरवरी की जोड़ी की तारीफ की। वहीं कुछ ने कहानी को कमजोर बताया और कहा कि फिल्म केवल एक्शन और विजुअल्स पर निर्भर है।

ऐल्फा भारतीय सिनेमा में महिला-प्रधान स्पाई थ्रिलर की शुरुआत करती है। आलिया और शरवरी का अभिनय इसे देखने लायक बनाता है। कहानी में कुछ कमजोरियाँ हैं, लेकिन एक्शन और विजुअल्स इसे मनोरंजक बनाते हैं। यह फिल्म उन दर्शकों के लिए है जो बड़े पर्दे पर स्टाइलिश एक्शन और मजबूत महिला किरदार देखना चाहते हैं। तो अब सारे बहाने छोड़ इस वीकेंड पर फिल्म को आनंद उठाने से ने चूकें।

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