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Music News

बजाज धुनिवर्स ने 19 वर्षीय रत्निका श्रीवास्तव को सीजन 1 की विजेता घोषित किया

जब मेहनत को मंच मिलता है, तब भारत आगे बढ़ता है मुंबई : बजाज फिनसर्व के डिजिटल फर्स्ट म्यूज़िक डिस्कवरी प्लेटफ़ॉर्म बजाज धुनिवर्स ने अपने पहले सीज़न की विजेता के रूप में 19 वर्षीय मुंबई आधारित गायिका रतनिका श्रीवास्तव को ताज पहनाया है। देशभर से आई 64,000 से अधिक एंट्रीज़ पर बाज़ी मारते हुए रतनिका ने यह खिताब अपने नाम किया। दिग्गज संगीतकार तिकड़ी शंकर–एहसान–लॉय द्वारा सर्वसम्मति से चुनी गई रतनिका की यह जीत राष्ट्रीय मंच पर एक सशक्त नई आवाज़ के उदय का संकेत देती है। अपनी इस बड़ी जीत के साथ रतनिका के लिए चमकते अवसरों के नए दरवाज़े खुल गए हैं। उन्हें Zee Music Company के साथ एक स्वतंत्र एल्बम बनाने का मौका मिलेगा, साथ ही शंकर–एहसान–लॉय के साथ एक हाई प्रोफाइल सहयोग के तहत Spotify पर एक एक्सक्लूसिव रिलीज़ भी की जाएगी। इसके अलावा, रतनिका बजाज एंथम को भी सह निर्मित करेंगी—जो उन्हें सिर्फ़ खोज से नहीं, बल्कि एक स्थायी संगीत करियर की ओर निर्णायक छलांग दिलाएगा। इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए मानव मियांवाल, प्रेसिडेंट – डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स, बजाज फिनसर्व ने कहा, “बजाज धुनिवर्स को निरंतर प्रयास को पहचानने और उस प्रतिभा को आगे लाने के लिए बनाया गया है जो अनुशासन, संकल्प और निरंतरता दिखाती है। इस सीज़न ने एक सरल सच्चाई को दोहराया है—भारत में क्षमता हर जगह है, लेकिन अवसर नहीं। जब प्रयास को मंच मिलता है, तो देश को मंच मिलता है। इसी तरह भारत आगे बढ़ता है। बजाज धुनिवर्स जैसे प्लेटफ़ॉर्म इसे संभव बनाने का हमारा तरीका हैं।” शंकर महादेवन ने कहा, “रतनिका की आवाज़ में तुरंत जुड़ाव है—उसमें नज़ाकत भी है और ताक़त भी। पहली बार सुनते ही हमें समझ आ गया था कि वह कुछ ख़ास है। वह वाकई उस भावना का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिसकी तलाश बजाज धुनिवर्स कर रहा था।” एहसान नूरानी ने जोड़ा, “रतनिका में जो बात सबसे अलग लगी, वह है अपने हुनर पर उनका नियंत्रण और प्रदर्शन में सच्ची भावनाओं को उतारने की क्षमता। इस पैमाने और स्तर की प्रतियोगिता में, यही गुण अंततः विजेता को अलग करता है।” लॉय मेंडोंसा ने कहा, “बजाज धुनिवर्स ने हमें अपार संतुष्टि दी है और रतनिका जैसी प्रतिभा के साथ बजाज की सॉनिक पहचान पर काम करना मेरे लिए बेहद उत्साहजनक है। उनमें हर सुर को महसूस कराने की दुर्लभ क्षमता है। मैं हमारे आने वाले रचनात्मक सफ़र को लेकर उत्साहित हूँ।” भारत में पीढ़ियों तक, अक्सर जन्म की परिस्थितियाँ ही सपनों की सीमाएँ तय करती रही हैं। प्रतिभा हर कोने में थी, लेकिन मंच सीमित थे और अवसर असमान। हज़ारों आवाज़ें कोशिश की कमी से नहीं, बल्कि पहुँच की कमी के कारण कभी सामने नहीं आ सकीं। इसी सोच को बदलने के लिए बजाज धुनिवर्स की शुरुआत की गई। बजाज फिनसर्व द्वारा निर्मित यह डिजिटल फर्स्ट, राष्ट्रीय स्तर पर सुलभ म्यूज़िक डिस्कवरी प्लेटफ़ॉर्म इस विश्वास पर आधारित है कि जब योग्यता को आगे बढ़ने का मौका मिलता है, तो प्रगति स्वाभाविक होती है—और उसके साथ भारत आगे बढ़ता है। इस खोज की शुरुआत 7 नवंबर 2025 को एक खुले आह्वान के साथ हुई, जहाँ भूगोल, पृष्ठभूमि या उम्र की कोई बाधा नहीं थी—जो प्लेटफ़ॉर्म की समावेशी सोच को दर्शाता है। 8 जनवरी 2026 तक, बिना किसी टेलीविज़न प्रचार या बड़े पैमाने के मीडिया अभियानों के, बजाज धुनिवर्स को 64,000 से अधिक प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं, जिससे यह भारत की सबसे बड़ी डिजिटल ओनली म्यूज़िक टैलेंट खोजों में से एक बन गया। कठोर, बहु स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद शीर्ष 100 प्रतिभागियों का चयन किया गया, फिर मेंटरशिप, 10 फ़ाइनलिस्ट और एक वाइल्ड कार्ड एंट्री के साथ प्रतिस्पर्धी फ़िनाले हुआ। 31 मार्च 2026 को आयोजित लाइव इवेंट को 5.3 लाख से अधिक व्यूज़ मिले। बजाज धुनिवर्स, समान अवसरों के ज़रिये आकांक्षाओं को सक्षम बनाने की बजाज फिनसर्व की व्यापक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पहल समावेशी विकास की दिशा में बजाज फिनसर्व की दीर्घकालिक यात्रा का एक और कदम है—जहाँ तकनीक बाधा नहीं, बल्कि पुल बनती है।

Business Buzz

बेंगलुरु टेक समिट 2026 की तैयारी शुरू; दिल्ली में ‘ओपन डायलॉग’ के लिए जुटे उद्योग जगत के दिग्गज

मुख्य बिंदु: • कर्नाटक सरकार द्वारा नई दिल्ली में उद्योग जगत के साथ ओपन डायलॉग का आयोजन • बेंगलुरु टेक समिट 2026 का कर्टेन रेज़र कार्यक्रम • आईटी उद्योग के प्रमुखों ने श्री प्रियांक खड़गे के साथ संवाद किया • स्टार्टअप्स, निवेशक और उद्योग संघों की सक्रिय भागीदारी • नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देने पर फोकस • बीटीएस 2026 में 1800+ प्रदर्शक, 20,000+ प्रतिनिधि और 75+ देशों से 60,000+ आगंतुकों के शामिल होने की उम्मीद नई दिल्ली : एशिया के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड टेक्नोलॉजी इवेंट, ‘बेंगलुरु टेक समिट’ (बीटीएस) 2026 का 29वां संस्करण 17 से 19 नवंबर, 2026 तक बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्ज़िबिशन सेंटर (बीआईईसी) में आयोजित किया जाएगा। इस साल समिट की थीम ‘एआई एंड बियॉन्ड’ रखी गई है। बीटीएस 2026 के ‘कर्टेन रेज़र’ के रूप में, कर्नाटक सरकार ने आज नई दिल्ली के ताज पैलेस में उद्योग जगत के साथ एक ‘ओपन डायलॉग’ का आयोजन किया। इसमें दिल्ली-एनसीआर के टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम के प्रमुख स्टेकहोल्डर्स शामिल हुए। इस कार्यक्रम में आईटी, बायोटेक और ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग के माननीय मंत्री श्री प्रियांक खड़गे मुख्य रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद किया। इस चर्चा में आईटी, डीपटेक, ईएसडीएम और लाइफ साइंसेज क्षेत्रों के उद्योगपति, स्टार्टअप फाउंडर्स, यूनिकॉर्न लीडर्स, निवेशक और आरएंडडी विशेषज्ञ शामिल हुए। साथ ही एसटीपीआई, नैसकॉम, आईईएसए, टीआईई, आईवीसीए और एबीएलई जैसे प्रमुख उद्योग संगठनों ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने भारत के टेक परिदृश्य से जुड़े अवसरों और चुनौतियों पर कर्नाटक सरकार के नेतृत्व के साथ अपने विचार साझा किए। चर्चा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, फिनटेक, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों पर विशेष ध्यान दिया गया। श्री प्रियांक खड़गे ने कर्नाटक को वैश्विक नवाचार केंद्र बताते हुए सभी स्टेकहोल्डर्स को बीटीएस 2026 के माध्यम से तकनीकी बदलाव की अगली लहर का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया। कर्नाटक सरकार की आईटी, बायोटेक और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव डॉ. एन मंजुला (आईएएस) ने राज्य के टेक इकोसिस्टम की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री अतीश कुमार सिंह, बायोकॉन ग्रुप की चेयरपर्सन डॉ. किरण मजूमदार-शॉ, एसटीपीआई के महानिदेशक श्री अरविंद कुमार और नीति आयोग की सुश्री देबजानी घोष ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में कर्नाटक इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी सोसाइटी के प्रबंध निदेशक श्री राहुल संकनूर (आईएएस), कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन के सीईओ श्री संजीव गुप्ता और एमएम एक्टिव साई-टेक कम्युनिकेशंस के कार्यकारी अध्यक्ष जगदीश पटणकर भी उपस्थित रहे। कर्नाटक सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, बायोटेक विभाग द्वारा आयोजित बीटीएस 2026 में 1,800 से अधिक प्रदर्शक, 25,000+ प्रतिनिधि, 1,000+ स्टार्टअप और 75 से अधिक देशों के 60,000+ बिजनेस विजिटर्स के शामिल होने की उम्मीद है। यह तीन दिवसीय समिट 16 अलग-अलग थीम पर आधारित होगी, जिनमें एआई एंड डीपटेक, फिनटेक, हेल्थ व बायोटेक, स्पेसटेक, इंडिया इनोवेशन कॉन्क्लेव और ग्लोबल कोलैबोरेशन जैसे प्रमुख विषय शामिल होंगे। साथ ही डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर, सर्कुलर इकोनॉमी, ऑरेंज इकोनॉमी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे उभरते क्षेत्रों पर भी विशेष फोकस रहेगा। इस बार समिट का एक मुख्य आकर्षण पहली बार आयोजित होने वाला ‘एम्बेडेड वर्ल्ड इंडिया’ होगा। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर से जुड़े विशेष कॉन्फ्रेंस ट्रैक और एग्ज़िबिशन पैवेलियन शामिल होंगे। ‘न्यूर्नबर्गमेस इंडिया’ के सहयोग से आयोजित यह पहल वैश्विक हार्डवेयर इनोवेशन और भारत के तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर व इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम के बीच तालमेल को और मजबूत करेगी। यह समिट एक बड़े स्तर पर ‘मल्टी-पैवेलियन’ प्रदर्शनी की मेजबानी करेगी, जहाँ विभिन्न क्षेत्रों के क्रांतिकारी नवाचारों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही, यहाँ विशेष नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म, निवेशकों से जुड़ने के अवसर और वैश्विक साझेदारियों को बढ़ावा देने वाली पहलें भी देखने को मिलेंगी। कार्यक्रम का एक और बड़ा आकर्षण ‘फ्यूचर मेकर्स’ प्रोग्राम होगा। इसे विशेष रूप से उभरते हुए स्टार्टअप्स को पहचान दिलाने और उन्हें निवेशकों, मेंटर्स व वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए तैयार किया गया है। इस प्रोग्राम में इन्वेस्टर पिचिंग सेशन, वन-ऑन-वन मेंटरिंग क्लिनिक्स, स्केलिंग और फंडरेजिंग पर आधारित चर्चाएं और ‘फ्यूचर मेकर्स कॉन्क्लेव’ शामिल होंगे, जो फाउंडर्स, इनोवेटर्स और बदलाव लाने वाले दिग्गजों को एक मंच पर लाएंगे। अपने विस्तृत स्वरूप और भविष्यवादी एजेंडा के साथ, बीटीएस 2026 नवाचार को गति देने, सहयोग को बढ़ावा देने और व्यापारिक अवसरों को तेज करने वाले एक प्रमुख प्लेटफॉर्म के रूप में अपनी भूमिका जारी रखेगा। यह समिट टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कर्नाटक की वैश्विक स्थिति को और मजबूत करेगी और डिजिटल अर्थव्यवस्था के भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाएगी। नई दिल्ली में आयोजित ‘ओपन डायलॉग फॉर इंडस्ट्री’ बीटीएस 2026 की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इसने उद्योग जगत की भागीदारी को और गहरा करने के लिए आधार तैयार किया है और टेक्नोलॉजी, इनोवेशन व निवेश के वैश्विक केंद्र के रूप में कर्नाटक की पहचान को और पुख्ता किया है।

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व्यापार दिल्ली 2026 का नई दिल्ली में सफल समापन; ऑटो रिटेल, सरकार एवं OEM नेतृत्व ने हरित और समावेशी मोबिलिटी परिवर्तन की दिशा तय की

नई दिल्ली : फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) ने आज नई दिल्ली स्थित ली मेरिडियन होटल में व्यापार दिल्ली के तृतीय संस्करण और 22वें व्यापार कॉन्क्लेव का राष्ट्रीय स्तर पर सफल आयोजन किया। “व्यापार दिल्ली – बदलती दिल्ली” की थीम पर आयोजित इस उच्चस्तरीय उद्योग मंच में 200 से अधिक ऑटोमोबाइल डीलरों, वरिष्ठ नीतिनिर्माताओं, OEM नेतृत्व, वित्तीय संस्थानों और विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में ऑटोमोबाइल रिटेल एवं मोबिलिटी के भविष्य पर गहन विचारविमर्श करना था। इस कॉन्क्लेव की शोभा सुश्री रेखा गुप्ता, माननीय मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार, ने मुख्य अतिथि के रूप में बढ़ाई। उन्होंने दिल्ली की आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, सड़क सुरक्षा तथा पर्यावरणीय परिवर्तन में ऑटोमोबाइल रिटेल क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। नीति, अनुपालन और ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस पर केंद्रित संवाद व्यापार दिल्ली 2026 में नीतिकेंद्रित सत्रों और फायरसाइड चर्चाओं के माध्यम से राजधानी में ऑटोमोबाइल डीलरों के समक्ष उपस्थित प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की गई, जिनमें शामिल हैं: • मसौदा दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) नीति • वाहन स्क्रैपेज नीति • MCD द्वारा वर्कशॉप का औद्योगिक बनाम वाणिज्यिक वर्गीकरण • लंबे समय से लंबित कंपनसेशन सेस का मुद्दा कंपनसेशन सेस पर एक समर्पित तकनीकी सत्र आयोजित किया गया, जिसमें डीलरों को कानूनी स्पष्टता प्रदान करते हुए आगे की रणनीति पर प्रकाश डाला गया, ताकि उनके वैध वित्तीय क्रेडिट की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। ‘बदलती दिल्ली’: यात्री मोबिलिटी की नई परिकल्पना कॉन्क्लेव का एक प्रमुख आकर्षण पैनल चर्चा रही — “बदलती दिल्ली: भारत की राजधानी में यात्री मोबिलिटी की पुनर्कल्पना”। इस चर्चा में JSW मोटर्स, वोल्वो कार इंडिया, होंडा कार्स इंडिया, BYD इंडिया और निसान मोटर इंडिया सहित प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माताओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। पैनल में उपभोक्ताओं की बदलती अपेक्षाओं, विद्युतीकरण के मार्ग, उत्पाद रणनीतियों और भारत के मोबिलिटी परिवर्तन में डीलरों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। सुश्री रेखा गुप्ता, माननीय मुख्यमंत्री, दिल्ली सरकार ने कहा: “हम ‘स्वच्छ दिल्ली, हरित दिल्ली और स्मार्ट दिल्ली’ के मिशन के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। हमारी सरकार ने देश की सबसे व्यापक इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति लागू की है, जिसके अंतर्गत अगले चार वर्षों में ₹4,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से सब्सिडी, कर छूट और स्क्रैपेज प्रोत्साहन देकर हरित मोबिलिटी को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदूषण को जड़ से समाप्त करने हेतु हम परिवहन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं—मेट्रो विस्तार और स्वचालित फिटनेस केंद्रों की स्थापना के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि दिल्ली की सड़कों पर चलने वाला हर वाहन फिट और उत्सर्जनमुक्त हो। 2047 तक ‘विकसित भारत’ का सपना तभी साकार होगा जब ‘विकसित दिल्ली’ बनेगी। मैं ऑटोमोबाइल डीलरों से आह्वान करती हूँ कि वे स्वच्छ ऊर्जा की ओर नागरिकों को प्रेरित करने में सरकार के ‘कार्यशील हाथ’ बनें। हम पंजीकरण प्रक्रियाओं को सरल और दक्ष बना रहे हैं ताकि दिल्लीवासियों को विश्वस्तरीय, पर्यावरणअनुकूल अनुभव मिल सके। मिलकर हम दिल्ली को सतत शहरी जीवन का प्रतीक बनाएँगे।” श्री सी. एस. विग्नेश्वर, अध्यक्ष, FADA ने दिल्ली के परिवर्तन के लिए संतुलित और समावेशी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा: “दिल्ली केवल अपनी सड़कों पर ही नहीं, बल्कि अपने संकल्पों में भी निरंतर आगे बढ़ रही है। FADA का मानना है कि ऑटोमोबाइल डीलरों को इस परिवर्तन का पूर्ण भागीदार होना चाहिए। हम हरित भविष्य और मसौदा EV नीति का पूर्ण समर्थन करते हैं, किंतु यह भी आवश्यक है कि इस बदलाव में दिल्ली के ऑटोमोटिव इकोसिस्टम से जुड़े 17,500 प्रशिक्षित पेशेवरों की आजीविका सुरक्षित रहे। हमारी ‘बदलती दिल्ली’ की परिकल्पना वह है, जहाँ सक्षम बनाना, दंडात्मक कार्रवाई से पहले हो; जहाँ आर्थिक विकास, सड़क सुरक्षा—जैसे CPR प्रशिक्षण एवं ‘बकल अप’ अभियान—और पर्यावरणीय जिम्मेदारी साथसाथ आगे बढ़ें।” उन्होंने नीतिनिर्माताओं के साथ सतत संवाद, FADA अकादमी, GenX एवं Women in FADA के माध्यम से नेतृत्व विकास तथा कंपनसेशन सेस से जुड़े कानूनी प्रयासों को भी दोहराया। कॉन्क्लेव में AIआधारित डीलरशिप परिवर्तन, भविष्यसक्षम रिटेल प्रथाओं पर सत्र तथा प्रमुख वित्तीय और तकनीकी भागीदारों द्वारा प्रस्तुतियाँ भी शामिल रहीं। पूरे कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा एक प्रमुख विषय के रूप में उभरा, जिसमें FADA ने हेलमेट और सीटबेल्ट जागरूकता, ज़िम्मेदार ड्राइविंग व्यवहार तथा डीलरशिप स्तर पर CPR एवं फर्स्टरिस्पॉन्स प्रशिक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। श्री शैलेन्द्र लूथरा, चेयरपर्सन, FADA दिल्ली ने कहा: “आज का यह आयोजन बदलती दिल्ली और विकसित होते ऑटो रिटेल व्यापार को दर्शाता है। यह क्षेत्र पाँच वर्ष पूर्व की तुलना में पूरी तरह रूपांतरित हो चुका है। मार्च 2026 तक दिल्ली में वाहन बिक्री में 17% की वृद्धि दर्ज की गई है, और वार्षिक नए वाहन पंजीकरण लगभग 8 लाख यूनिट तक पहुँच चुके हैं। 550 डीलरशिप आउटलेट्स के साथ यह उद्योग 55,000 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान कर रहा है और मोटर वाहन कर एवं GST के माध्यम से दिल्ली की अर्थव्यवस्था में लगभग ₹7,150 करोड़ का योगदान दे रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर अब भारत में बहस नहीं, बल्कि वास्तविक स्वीकार्यता दिखाई दे रही है—विशेष रूप से इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों और दोपहिया EV में 62% की वृद्धि इसके प्रमाण हैं। FADA ने दिल्ली सरकार को अपने खर्च पर 150 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही ITI में स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स और वाहन स्क्रैपेज केंद्र की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा गया है। हम केवल वाहन नहीं बेच रहे—हम भविष्य की मोबिलिटी को आकार दे रहे हैं।” व्यापार दिल्ली 2026 ने नीति निर्माण में रचनात्मक भागीदार के रूप में FADA की भूमिका, पर्यावरणीय लक्ष्यों के समर्थन, सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा आजीविकाओं की रक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया—यह सुनिश्चित करते हुए कि जैसेजैसे दिल्ली आगे बढ़े, उसकी मोबिलिटी इकोसिस्टम भी जिम्मेदारी और समावेशिता के साथ विकसित हो।

Bollywood Beats

भक्ति और भव्यता का संगम : दिल्ली में नीब करौरी बाबा महाराज की प्रेस कॉन्फ्रेंस

नई दिल्ली : आध्यात्मिक और प्रेरणादायक फिल्म “श्री बाबा नीब करौरी महाराज” की प्रेस कॉन्फ्रेंस राजधानी दिल्ली के द मेट्रोपॉलिटन होटल, गोल मार्केट में आयोजित की गई। इस मौके पर फिल्म की स्टार कास्ट और निर्माताओं ने मीडिया से बातचीत करते हुए फिल्म के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य रूप से सुबोध भावे, समिक्षा भटनागर, वर्षा मणिकचंद, अनिरुद्ध दवे और हितेन तेजवानी मौजूद रहे। सभी कलाकारों ने फिल्म में अपने किरदारों और अनुभवों को साझा किया। फिल्म “श्री बाबा नीब करौरी महाराज” एक आध्यात्मिक यात्रा को बड़े पर्दे पर जीवंत करने का प्रयास है, जिसमें महान संत के जीवन, उनके चमत्कारों और उनके उपदेशों को दर्शाया गया है। फिल्म का निर्देशन शरद सिंह ठाकुर ने किया है। फिल्म में सुबोध भावे मुख्य भूमिका में श्री बाबा नीब करौरी महाराज के रूप में नजर आएंगे। समिक्षा भटनागर सिद्धि मां, वर्षा मणिकचंद भक्ति मां और अनिरुद्ध दवे जीवन दादा (बाबा जी के सेवक) की भूमिका निभा रहे हैं। हितेन तेजवानी भी फिल्म में अहम किरदार में दिखाई देंगे। इसके अलावा फिल्म में राजेश शर्मा, मिलिंद गुणाजी, हेमंत पांडे, मोहित गुप्ता, महेश शेट्टी, हार्दिक कौर, स्मिता तांबे, गरिमा अग्रवाल, आरती नागपाल, गौरीशंकर सिंह, शैलेंद्र गौर, शांतनु और श्यामलाल जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का निर्माण बलराम गर्ग, बलवीर सिंह, शरद सिंह ठाकुर, खड़क सिंह गौर और नीलम सिंह द्वारा किया गया है। यह फिल्म अनीशा फिल्म्स इंटरनेशनल के बैनर तले , पीसी ज्वेलर, बीएसआर फिल्म प्रोडक्शंस और एडवांस टेक्नोलॉजी के सहयोग से बनाई गई है, जबकि फर्स्ट फिल्म स्टूडियो इसके ऑल इंडिया डिस्ट्रीब्यूशन का जिम्मा संभाल रहा है। फिल्म की टीम के अनुसार, यह फिल्म दर्शकों को भक्ति, आस्था और आध्यात्मिकता से जुड़ी एक गहन और प्रेरणादायक यात्रा पर ले जाएगी। अपने सशक्त अभिनय और प्रभावशाली कहानी के साथ यह फिल्म सभी वर्गों के दर्शकों को जोड़ने का वादा करती है। “श्री बाबा नीब करौरी महाराज” फिल्म 24 अप्रैल 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है।

World News

GlobalSpa Hosted The California Edit with Mandira Wirk in Partnership with Visit California

New Delhi : GlobalSpa, India’s leading luxury lifestyle and wellness magazine, hosted an exclusive evening of fashion and global inspiration – “The California Edit” – in association with Visit California and acclaimed designer Mandira Wirk, on April 10, 2026, at the iconic The Imperial, New Delhi. “California consistently leads when it comes to fashion, wellness and lifestyle,” said Caroline Beteta, president and CEO of Visit California. “Through our collaboration with GlobalSpa and Mandira Wirk’s incredible collection, The California Edit showcases the state’s iconic landscapes, laid-back sophistication, personal freedom and sense of luxury. We hope Indian travellers feel inspired and see California as the ultimate destination for them.” The evening brought together an influential gathering of tastemakers, industry insiders and cultural voices for a showcase that seamlessly blended high fashion with destination storytelling. At its core was a bespoke capsule collection by Mandira Wirk, curated in collaboration with Visit California – an ode to the state’s diverse landscapes, from the golden beaches of Malibu and the vineyard-laden serenity of Napa Valley to the desert tones of Palm Springs and the effortless glamour of Los Angeles. Mandira Wirk said, “For me, resort wear has always been about a feeling – when a woman is completely at ease.” Infused with California’s signature sense of freedom and understated luxury, the collection translated its sunlit aesthetic into fluid silhouettes, tactile fabrics and a palette inspired by coastal light, desert warmth and twilight skies. “The Only Resort” collection captured escape as a feeling – effortless, elevated and intimate. Inspired by Shadows of Flora, it reimagined florals as softened impressions layered through light and shadow, unfolding across three print stories – Scarlet, Jade and Mist – expressed through fluid ombré, tone-on-tone detailing and vibrant yet nuanced hues. Silhouettes were designed for ease and movement, brought alive through ruffles, fringes and delicate gold accents, while each handcrafted piece reflected a quiet, modern luxury – embodying a refined, contemporary vision of resort wear shaped by California’s relaxed sophistication. The showcase served as a celebration of California as a cultural and creative force – its spirit translated into a design narrative that resonates with a global, style-conscious audience. Parineeta Sethi, Chief Editor of GlobalSpa, said, “At GlobalSpa, we are constantly curating experiences that bring together luxury and cultural storytelling. It was a pleasure collaborating with Visit California and Mandira Wirk on ‘The California Edit’, a showcase that beautifully captured California’s effortless luxury through a refined, contemporary lens.” With The California Edit, GlobalSpa continues to create distinctive, world-class platforms where fashion, culture and global narratives converge in their most elevated form.

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नाबार्ड ने दिल्ली की पहली राज्य ऋण संगोष्ठी की मेजबानी की, 2.62 लाख करोड़ रुपये के ऋण विजन का अनावरण किया

नई दिल्ली : नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) ने पहली बार राज्य ऋण संगोष्ठी का आयोजन किया। यह आयोजन दिल्ली एनसीटी के लिए ऋण नियोजन और विकास पारिस्थितिकी तंत्र में एक ऐतिहासिक पहल साबित हुआ। संगोष्ठी ने जिला-स्तरीय संभाव्यता युक्त ऋण योजनाओं (PLP) को राज्य फोकस पेपर (SFP) 2026-27 में एकीकृत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली सरकार के माननीय मंत्री श्री रविंद्र सिंह (इंद्राज) ने की। इस अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक, प्रमुख वाणिज्यिक बैंकों, वित्तीय संस्थानों, शोध एवं शैक्षणिक निकायों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ-साथ कारीगरों और किसानों ने भी भाग लिया। संगोष्ठी ने सभी हितधारकों को एक साझा मंच पर लाकर दिल्ली के ऋण ढांचे को मजबूत करने की दिशा में सहयोगात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक श्री नवीन कुमार राय ने अपने संबोधन में समावेशी और साक्ष्य-आधारित ऋण योजना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि दिल्ली एनसीटी के लिए प्राथमिकता क्षेत्र ऋण क्षमता 2.62 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा एमएसएमई क्षेत्र का है, जो दिल्ली की अर्थव्यवस्था में ऋण वृद्धि का मुख्य चालक माना जा रहा है। कृषि क्षेत्र के लिए 4284.20 करोड़ रुपये की क्षमता का अनुमान लगाया गया है, जिसमें फसल ऋण, कृषि बुनियादी ढांचे और सहायक गतिविधियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा आवास, निर्यात ऋण, नवीकरणीय ऊर्जा और सामाजिक बुनियादी ढांचे को भी प्राथमिकता क्षेत्रों में रखा गया है। भारतीय रिजर्व बैंक के मुख्य महाप्रबंधक ने संगोष्ठी को दिल्ली के ऋण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हितधारकों के अभिसरण का महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने एमएसएमई और सेवा क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने डिजिटल समाधानों जैसे TReDS प्लेटफॉर्म और Unified Loan Interface (ULI) को अपनाने की वकालत की, ताकि एमएसएमई वित्तपोषण और ऋण वितरण अधिक सहज और पारदर्शी हो सके। मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री श्री रविंद्र सिंह (इंद्राज) ने संगोष्ठी को दिल्ली के ऋण और सहकारी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने पारंपरिक शिल्प और जीआई-टैग वाले उत्पादों के पुनरुद्धार और प्रचार की आवश्यकता पर बल दिया। मंत्री ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक संपत्तियों में अपार आर्थिक मूल्य छिपा है, जिसे बेहतर विपणन, ब्रांडिंग और प्लेटफॉर्म निर्माण के माध्यम से उजागर किया जा सकता है। उन्होंने सभी हितधारकों से सामूहिक प्रयास और सहयोग की भावना के साथ काम करने का आग्रह किया। इस अवसर पर कई पहलें शुरू की गईं, जिनमें दिल्ली के लिए पहला राज्य फोकस पेपर (SFP) 2026-27 जारी करना, विरासत उत्पादों के जीआई पंजीकरण को बढ़ावा देना, ग्रामीण युवाओं के लिए ईवी कौशल विकास और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम शामिल थे। साथ ही, डिजिटल कैटलॉग “कला कुंभ – परंपरा से रोशन प्रगति पथ” और नाबार्ड के दिवाली हाट पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में आयोजित पैनल चर्चा का विषय था – “एमएसएमई, एसएचजी और युवाओं के माध्यम से समावेशी विकास: नैनो और मिनी उद्यमों पर फोकस”। इस चर्चा ने अंतिम छोर तक ऋण वितरण और समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ाने के लिए मूल्यवान सुझाव दिए। कुल मिलाकर, यह संगोष्ठी दिल्ली के क्रेडिट आर्किटेक्चर को मजबूत करने, एमएसएमई और विरासत-आधारित आजीविका को बढ़ावा देने तथा समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हुई।

World News

Diaspora of Bihar celebrates Bihar Diwas 2026 in Texas; Consulate General attends

HOUSTON, TX — Diaspora of Bihar in the United States celebrated Bihar Diwas 2026 at India House, Houston, with participation from the Consulate General of India (CGI), Houston. The event brought together Bihar Foundation (Texas Chapter), BANA, BAANA, and AMBUJ, to mark the shared vision of bonding, branding and business. The Consulate General played a central role in bringing organisations onto one platform. The event was coordinated by Mr. Prashant K. Sona (Consul, Consular and Community Affairs) and Ms. Yasmeen Arya (CGI Office), along with Mr. Bidhu Prakash, Ms. Rekha Tiwari, Dr. Santosh Verma, and Mr. Parthsarthi Jha. The event was hosted at India House with support from Col. Vipin Kumar, Director. Participation from across Texas was strong, with the Houston team led by Ms. Rekha Tiwari and the Dallas contingent led by Mr. Parthsarthi Jha. Key representatives included Neeraj Kumar (BAANA), Bidhu Prakash (BANA), Ravi Shankar (AMBUJ), and Parthsarthi Jha (Bihar Foundation Texas). Ravi Shankar (Joint Secretary) played a key role in coordinating the Dallas team. The executive leadership of Bihar Foundation Texas ensured smooth execution. Cultural performances were a major highlight. A collective rendition of “Vande Mataram”, led by Dr. Ekta Singh, created a patriotic atmosphere. Youth and children presented songs, music, and performances, while a special segment showcased Bihar’s 2,500-year-old crafts, including Madhubani painting, Sikki work, and Bhagalpur Tussar silk. Shri Kundan Kumar, I.A.S. (Secretary, Department of Industries, Government of Bihar; MD, BIADA; CEO, Bihar Foundation) appreciated the Consulate General and the Texas Chapter. He highlighted Bihar Foundation’s presence in 47 global chapters, along with new initiatives such as a digital portal and the upcoming NRB Card, and described the diaspora as Bihar’s greatest strength. Consul General Shri D.C. Manjunath praised the proactive efforts of the Texas Chapter and the collective spirit of all organisations. Messages were also received from Shri Devesh Chandra Thakur (MP), Shri Dilip Kumar Jaiswal (Hon’ble Minister of Industries), and Shri Pratyaya Amrit (Chief Secretary). The event concluded with a strong sense of unity, with the community now looking ahead to Bihar Diwas 2027 in Dallas.

Destination Spotlight

खट्टी मीठी यादों के साथ पहला दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव संपन्न

(प्रदीप कुमार) देश की राजधानी दिल्ली में पहला अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव कुछ खट्टी मीठी यादों के साथ आज सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।भारत मंडपम में 25 से 31 मार्च 2026 तक आयोजित इस सप्ताह भर के फिल्म महोत्सव में 130 से अधिक वैश्विक और भारतीय फिल्मों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें मास्टरक्लास और सिनेवर्स एक्सपो भी शामिल था। यह आयोजन लोगों को अगले आयोजन के लिए प्रेरित करने में सफल रहा। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू, विशिष्ट अतिथि मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा, डीटीटीडीसी के एमडी एवं सीईओ सुनील अंचीपाका और महोत्सव के निदेशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “दिल्ली देश का दिल है, एक ऐसा शहर जो सभी को अपनाता है और जहां इतिहास के साथ भविष्य की उम्मीदें भी बसती हैं। यह फिल्म महोत्सव सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि राजधानी की नई सांस्कृतिक पहचान बनाने की दिशा में एक कदम है। सिनेमा लोगों को जोड़ने और प्रेरित करने की ताकत रखता है।” पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, “इस फिल्म महोत्सव की परिकल्पना पिछले वर्ष बजट चर्चा के दौरान की गई थी, जिसे मुख्यमंत्री के नेतृत्व में साकार किया गया। हमारा लक्ष्य दिल्ली को न सिर्फ राजनीतिक राजधानी, बल्कि भारत की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित करना है।” माननीय उपराज्यपाल ने कहा कि यह महोत्सव दिल्ली की बदलती सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है और यह मंच देश-विदेश के कलाकारों और दर्शकों को एक साथ लाया है। महोत्सव के निदेशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने कहा, “यह सिर्फ फिल्मों का मंच नहीं है, बल्कि उन भावनाओं और संवादों का भी मंच है, जो ये फिल्में लोगों के बीच पैदा करती हैं।” ‘नाइट ऑफ ऑनर्स’ की शुरुआत वंदे मातरम से हुई, जिसके बाद राष्ट्रगान, दीप प्रज्वलन और औपचारिक संबोधन हुए। अभिनेता अनुपम खेर ने सिनेमा को समर्पित अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को भावुक कर दिया, वहीं रिकी केज के संगीत ने माहौल को और खास बना दिया। इस अवसर पर समारोह के निदेशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा और IFFD प्रीव्यू कमेटी के चेयरपर्सन सुनीत टंडन को सम्मानित किया गया। सिंगापुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के प्रतिनिधिमंडल का भी विशेष स्वागत किया गया। ‘शोले’ के 50 वर्ष पूरे होने पर निर्देशक रमेश सिप्पी को सम्मानित किया गया, वहीं अंतरराष्ट्रीय अभिनेता एनरिके आर्से की मौजूदगी ने फेस्टिवल के वैश्विक स्वरूप को दर्शाया। इस मौके पर एआई फिल्ममेकिंग हैकाथॉन के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया और उनकी फिल्म प्रदर्शित की गई। ‘कैपिटल्स प्राइड’ के तहत गुनीत मोंगा, टी. पी. अग्रवाल और दिव्या दत्ता को सम्मानित किया गया। भूमि पेडनेकर को ‘एक्टर विद अ मिशन’ के रूप में सम्मानित किया गया। फिल्म पुरस्कारों में ‘सैयारा’ को ‘पाथब्रेकिंग फिल्म ऑफ द ईयर’ और ‘सितारे जमीन पर’ को ‘मोस्ट इंस्पायरिंग फिल्म ऑफ द ईयर’ चुना गया। ‘तन्वी द ग्रेट’ के लिए अनुपम खेर को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और शुभांगी दत्त को सर्वश्रेष्ठ डेब्यू अभिनेता का पुरस्कार मिला। ‘धुरंधर’ के लिए रणवीर सिंह को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और आदित्य धर को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का सम्मान मिला। फिल्म महोत्सव को देशभर के दर्शकों की मिलजुली प्रतिक्रिया मिली। चूंकि यह कार्यक्रम दिल्ली में पहली बार आयोजित किया गया इसलिए कुछ खामियों का होना स्वाभाविक था। वेबसाइट ढंग से काम नहीं कर रही थी, फिल्मों, विशेष रूप से धुरंधर-2 और शोले जैसी फिल्मों की स्क्रीनिंग की जानकारी भी समुचित रूप से प्रचारित प्रसारित नहीं की गई, शुरू के दो दिन के बाद मीडिया को खाने या चाय तक के लिए भी तरसना पड़ा। आदित्य धर और विवेक रंजन अग्निहोत्री जैसे फिल्म निर्देशकों की कमी खली। आशा है कि आयोजक अगले आयोजन में अपनी गलतियों से सीखेंगे, आलोचना को सकारात्मक रूप से लेंगे और इन कमियों को दूर करेंगे। समय बहुत तेज़ी से बदला है और उसी के साथ फिल्मी दुनिया भी बदल रही है। आयोजकों को मात्र आमिर ख़ान जैसों पर निर्भर रहने के बजाय सामयिक और लोकप्रिय फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों को भी महोत्सव से जोड़ना होगा। अतीत में राजधानी में भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव आयोजित होता रहा लेकिन दुर्भाग्य से अब वह गोवा का होकर रह गया। अगर आयोजक सुधार करें और इसे नियमित रूप से जारी रखें तो दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव उस कमी को पूरा कर सकता है।

Cultural Journeys

सभ्यता फाउंडेशन ने विश्व सूफी संगीत महोत्सव के सहयोग से ‘जहाँ-ए-खुसरो 2026’ की मेजबानी की

“द स्टीड ऑफ लॉन्गिंग – सफ़र-ए-इश्क़ कंटीन्यूज” थीम के तहत मार्च 27 से मार्च 29, 2026 तक तीन दिनों का सूफी उत्सव” नई दिल्ली : सभ्यता फाउंडेशन, भारत सरकार की ‘अडॉप्ट अ हेरिटेज 2.0’ पहल के तहत पुराने किले की ‘स्मारक सारथी’, भारत के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध विश्व सूफी संगीत महोत्सव, “जहाँ-ए-खुसरो 2026” की वापसी के साथ गर्व से जुड़ रही है। इसका आयोजन 27 से 29 मार्च, 2026 तक नई दिल्ली के पुराने किले की भव्य पृष्ठभूमि में किया जा रहा है। इस वर्ष की थीम “द स्टीड ऑफ लॉन्गिंग – सफ़र-ए-इश्क़ कंटीन्यूज” , सूफी परंपराओं के मूल में निहित प्रेम, भक्ति और आध्यात्मिक खोज की चिरस्थायी यात्रा को दर्शाता है। इस कार्यक्रम में लगभग 17,000–18,000 लोगों की प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज की गई, जो इसकी व्यापक लोकप्रियता को दर्शाती है। यह सहयोग भारत के ऐतिहासिक स्मारकों को जीवंत सांस्कृतिक स्थलों में बदलने के एक व्यापक राष्ट्रीय दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है, जो जनता के लिए सुलभ हों, ऐतिहासिक रूप से सम्मानित हों और कला, विद्वत्ता एवं जनता के साझा अनुभव के माध्यम से सार्थक रूप से सक्रिय रहें। एक ‘स्मारक सारथी’ के रूप में, सभ्यता फाउंडेशन का प्रबंधन स्मारक सक्रियण के एक आधुनिक और प्रासंगिक मॉडल का प्रतिनिधित्व करता है, जो संरक्षण, सार्वजनिक भागीदारी और सांस्कृतिक पुनरुद्धार के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। विगत वर्षों में, जहाँ-ए-खुसरो अमीर खुसरो की कालातीत विरासत को समर्पित एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित सांस्कृतिक मंच बन गया है, जो रूमी, बाबा बुल्ले शाह, लल्लेश्वरी और अन्य सूफी संतों की रहस्यमय परंपराओं को भी पुनर्जीवित करता है। एक उत्सव से कहीं बढ़कर, यह भक्ति और संवाद का एक ऐसा मिलन स्थल बन गया है जहाँ संगीत, कविता, शिल्प और सांस्कृतिक विचार एक साथ मिलते हैं। पुराने किले में इसकी वापसी एक विशेष गूंज पैदा करती है। यह स्मारक केवल एक आयोजन स्थल न रहकर, इस अनुभव का एक जीवंत हिस्सा बन जाता है, जो समकालीन सांस्कृतिक जीवन के माध्यम से विरासत वास्तुकला को पुनर्जीवित करने की एक पुरानी परंपरा को जारी रखता है। यह दृष्टिकोण पुराने किले और सफदरजंग मकबरे सहित राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण स्मारकों में सभ्यता फाउंडेशन के व्यापक कार्यों के साथ गहराई से मेल खाता है, जहाँ इतिहास, प्रदर्शन, विद्वत्ता और सार्वजनिक भागीदारी का संगम होता है। वर्ष 2026 के इस संस्करण में उपमहाद्वीप की प्रसिद्ध आवाजों के साथ एक असाधारण संगीतमय प्रस्तुति देखने को मिलेगी, जिसमें सतिंदर सरताज, सुखविंदर सिंह, हंसराज हंस और लखविंदर वडाली मुख्य कलाकारों के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ, यह महोत्सव जस्सू खान मंगनियार, शिवानी वर्मा, साहिल आगा और संयुक्ता सिन्हा जैसे प्रतिष्ठित कलाकारों को भी प्रस्तुत करेगा। अन्य कलाकारों की घोषणा इस सप्ताह के अंत में होने की उम्मीद है। सभ्यता फाउंडेशन की सलाहकार बोर्ड की को-चेयरमैन सुश्री अवंतिका डालमिया ने कहा, “सभ्यता फाउंडेशन में हमारा मानना है कि सांस्कृतिक अनुभव तब सबसे सार्थक होते हैं जब वे सुलभ, अपनी जड़ों से जुड़े और साझा किए जाने वाले हों। ‘जहाँ-ए-खुसरो 2026’ पुराने किले में कलाकारों, दर्शकों और परंपराओं को एक साथ लाकर इस प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाता है—जो अतीत का सम्मान करने के साथ-साथ समकालीन अभिव्यक्ति के लिए भी स्थान बनाता है। ऐसा करके, यह हमारे उस बड़े प्रयास को भी मजबूत करता है जिसके तहत भारत के ऐतिहासिक स्मारक जीवंत सार्वजनिक स्थल बने रहें, जहाँ विरासत, संवाद और कलात्मक उत्कृष्टता फलती-फूलती रहे।” महोत्सव की सतत यात्रा पर विचार साझा करते हुए, मुजफ्फर अली कहते हैं, “‘जहाँ-ए-खुसरो’ का जन्म संतों की फुसफुसाहट और सूफियों की मधुर स्वर लहरियों से हुआ था। दो दशकों से अधिक समय से, यह एक ऐसा अभयारण्य रहा है जहाँ संगीत, कविता और भक्ति सीमाओं को मिटा देते हैं और हमें याद दिलाते हैं कि प्रेम ही एकता का अंतिम मार्ग है।”  महोत्सव की सह-क्यूरेटर, मीरा अली कहती हैं, “जहाँ-ए-खुसरो का एक सांस्कृतिक आंदोलन के रूप विकास जारी है। हर संस्करण के साथ हमारा प्रयास एक ऐसी जगह तैयार करने का होता है जहां कला मरहम लगा सके, परंपराएँ संवाद कर सकें और दर्शक हमारी साझा विरासत की आध्यात्मिक गहराई से दोबारा जुड़ सकें।” जबकि यह महोत्सव अपने 26वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, जहाँ-ए-खुसरो एक ठहराव के रूप में नहीं बल्कि एक यात्रा के रूप में आगे बढ़ रहा है। इस वर्ष का विषय है, “द स्टीड ऑफ लॉन्गिंग | सफ़र-ए-इश्क़ कंटीन्यूज”, जो घोड़े के शक्तिशाली प्रतीक को विजय के प्रतीक के रूप में नहीं, बल्कि गतिशीलता और आध्यात्मिक लालसा के रूपक के रूप में प्रस्तुत करता है। अपने 26वें वर्ष में, जहाँ-ए-खुसरो भारत के कलात्मक और सभ्यतागत परिदृश्य के भीतर एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक मंच के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत कर रहा है। सभ्यता फाउंडेशन के प्रबंधन के तहत पुराने किले में इसकी वापसी, राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों के भीतर महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आंदोलनों को स्थापित करने की आवश्यकता की पुष्टि करती है। यह उस व्यापक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाता है जिसमें विरासत और सार्वजनिक संस्कृति गहराई से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

Destination Spotlight

इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि राजधानी की नई सांस्कृतिक पहचान बनाने की दिशा में एक कदम है – मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

IFFD 2026 का पांचवां दिन ‘नाइट ऑफ ऑनर्स’ के साथ समाप्त हुआ। हमारा लक्ष्य दिल्ली को न सिर्फ राजनीतिक राजधानी, बल्कि भारत की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित करना है – पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा नई दिल्ली :  इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ दिल्ली (IFFD) 2026 का पांचवां दिन भारत मंडपम में आयोजित भव्य ‘नाइट ऑफ ऑनर्स’ के साथ समाप्त हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय उपराज्यपाल श्री तरणजीत सिंह संधू, विशिष्ट अतिथि माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, पर्यटन मंत्री श्री कपिल मिश्रा, DTTDC के एमडी एवं सीईओ श्री सुनील अंचीपाका और फेस्टिवल डायरेक्टर राकेश ओमप्रकाश मेहरा उपस्थित रहे। इस मौके पर माननीय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “दिल्ली देश का दिल है, एक ऐसा शहर जो सभी को अपनाता है और जहां इतिहास के साथ भविष्य की उम्मीदें भी बसती हैं। यह फिल्म फेस्टिवल सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि राजधानी की नई सांस्कृतिक पहचान बनाने की दिशा में एक कदम है। सिनेमा लोगों को जोड़ने और प्रेरित करने की ताकत रखता है।” पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, “IFFD की परिकल्पना पिछले वर्ष बजट चर्चा के दौरान की गई थी, जिसे मुख्यमंत्री के नेतृत्व में साकार किया गया। हमारा लक्ष्य दिल्ली को न सिर्फ राजनीतिक राजधानी, बल्कि भारत की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित करना है।” माननीय उपराज्यपाल ने कहा कि यह फेस्टिवल दिल्ली की बदलती सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है और इस मंच ने देश-विदेश के कलाकारों और दर्शकों को एक साथ लाया हैं।  फेस्टिवल डायरेक्टर राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने कहा, “IFFD सिर्फ फिल्मों का मंच नहीं है, बल्कि उन भावनाओं और संवादों का भी है, जो ये फिल्में लोगों के बीच पैदा करती हैं।” ‘नाइट ऑफ ऑनर्स’ की शुरुआत वंदे मातरम से हुई, जिसके बाद राष्ट्रगान, दीप प्रज्वलन और औपचारिक संबोधन हुए। अभिनेता अनुपम खेर ने सिनेमा को समर्पित अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को भावुक कर दिया, वहीं रिकी केज के संगीत ने माहौल को और खास बना दिया। इस अवसर पर फेस्टिवल डायरेक्टर राकेश ओमप्रकाश मेहरा और IFFD प्रीव्यू कमेटी के चेयरपर्सन सुनीत टंडन को सम्मानित किया गया। सिंगापुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के प्रतिनिधिमंडल का भी विशेष स्वागत किया गया। ‘शोले’ के 50 वर्ष पूरे होने पर निर्देशक रमेश सिप्पी को सम्मानित किया गया, वहीं अंतरराष्ट्रीय अभिनेता एनरिके आर्से की मौजूदगी ने फेस्टिवल के वैश्विक स्वरूप को दर्शाया। इस मौके पर AI फिल्ममेकिंग हैकाथॉन के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया और उनकी फिल्म प्रदर्शित की गई। ‘कैपिटल्स प्राइड’ के तहत गुनीत मोंगा, टी. पी. अग्रवाल और दिव्या दत्ता को सम्मानित किया गया। भूमि पेडनेकर को ‘एक्टर विद अ मिशन’ के रूप में सम्मानित किया गया। फिल्म पुरस्कारों में ‘सैयारा’ को ‘पाथब्रेकिंग फिल्म ऑफ द ईयर’ और ‘सितारे जमीन पर’ को ‘मोस्ट इंस्पायरिंग फिल्म ऑफ द ईयर’ चुना गया। ‘तन्वी द ग्रेट’ के लिए अनुपम खेर को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और शुभांगी दत्त को सर्वश्रेष्ठ डेब्यू अभिनेता का पुरस्कार मिला। ‘धुरंधर’ के लिए रणवीर सिंह को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और आदित्य धर को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का सम्मान मिला। दिन के दौरान आयोजित सत्रों में भी दर्शकों की अच्छी भागीदारी रही। ‘वीमेन एक्टर्स इन ओटीटी’ सत्र में दिव्या दत्ता, श्रिया पिलगांवकर और श्वेता बसु प्रसाद ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर महिलाओं की बदलती भूमिका पर चर्चा की। अनुपम खेर की मास्टरक्लास भी खास रही, जिसमें उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए अभिनय में ईमानदारी और निरंतर सीखने की जरूरत पर जोर दिया। भूमि पेडनेकर ने अपने करियर की यात्रा और सिनेमा में सार्थक कहानियों के महत्व पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि दर्शकों का साथ ही अच्छी फिल्मों को आगे बढ़ाता है। फिल्म स्क्रीनिंग में भी दर्शकों की भारी भीड़ देखने को मिली। ‘अहिल्या: जंग एकाकी’, ‘नेने राजू नेने मंत्री’, ‘मां जाए’ और ‘शोले’ जैसी फिल्मों को दर्शकों ने खूब सराहा। इसके अलावा ‘धुरंधर 2’ की विशेष स्क्रीनिंग चाणक्य सिनेमा में आयोजित की गई। अब फेस्टिवल अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर रहा है, जहां और भी बड़े पलों और यादगार अनुभवों की उम्मीद की जा रही है। IFFD 2026 सिर्फ फिल्में नहीं दिखा रहा, बल्कि ऐसे अनुभव रच रहा है जो लंबे समय तक दर्शकों के साथ बने रहेंगे।

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