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अंतरराष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन में ज्योत्स्ना बंसल की विशेष उपलब्धि — “तर्कन्यूमरो” के माध्यम से भारतीय दर्शन और अंकज्योतिष को जोड़ने वाली पहली महिला अंकशास्त्री

नई दिल्ली : थाईलैंड के बैंकॉक स्थित सिल्पाकोर्न विश्वविद्यालय में 28–30 सितम्बर 2026 को पंचम वैश्विक संस्कृत सम्मेलन–2026 आयोजित हुआ। भारतीय ज्ञान परम्परा पर आयोजित इस सम्मेलन का संयुक्त आयोजन ग्लोबल संस्कृत फोरम, भारत, सिल्पाकोर्न विश्वविद्यालय के संस्कृत अध्ययन केन्द्र, पुरातत्त्व संकाय तथा थाई भारत सांस्कृतिक लॉज, बैंकॉक ने किया। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि थाईलैंड में भारत के राजदूत श्री पुनीत अग्रवाल तथा समारोह के अध्यक्ष पद्मश्री प्रो. डॉ. चिरापत प्रपाण्डविद्या थे। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. बालमुकुन्द पाण्डेय एवं प्रो. बलराम पाणी (डीन, दिल्ली विश्वविद्यालय) सम्मिलित रहे। सम्मेलन के संयोजक डॉ. राजेश कुमार मिश्र तथा आयोजन सचिव डॉ. वुथिफोंग थाविनसोम्बत थे। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ज्योत्स्ना बंसल की पुस्तक ‘TarkaNumero: Numbers through the Logic of Indian Philosophy’ का लोकार्पण विशेष आकर्षण रहा। TarkaNumero के माध्यम से उन्होंने अन्नम्भट्ट के तर्कसंग्रह पर आधारित भारतीय दर्शन के सिद्धान्तों और अंकज्योतिष के बीच एक मौलिक वैचारिक सम्बन्ध प्रस्तुत किया है। इस प्रकार भारतीय दर्शन और अंकज्योतिष को शोधपरक रूप से जोड़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुस्तक प्रस्तुत करने वाली वे पहली भारतीय महिला अंकशास्त्री हैं। इससे पूर्व इस विषय पर उनका प्रारम्भिक शोध Prajna शोध-पत्रिका (पूर्णप्रज्ञ संशोधन मन्दिर द्वारा ) में प्रकाशित हो चुका है। यह संस्थान केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त आदर्श शोध संस्थान है। समापन समारोह में पद्मश्री प्रो. डॉ. चिरापत प्रपाण्डविद्या की अध्यक्षता में मुख्य अतिथि प्रो. सुषमा यादव (अध्यक्ष, UGC Steering Committee on LOCF), सारस्वत अतिथि प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल एवं डॉ. आई मेड धर्मसा (इंडोनेशिया) की गरिमामयी उपस्थिति रही। अंतरराष्ट्रीय मंच पर TarkaNumero का लोकार्पण भारतीय ज्ञान परम्परा, भारतीय दर्शन और अंकज्योतिष को वैश्विक पाठक वर्ग तक पहुँचाने तथा इनके बीच एक नए संवाद की दिशा में एक महत्वपूर्ण और उल्लेखनीय पहल है।

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6th Shillong Literary Festival Set to Open Amid Cherry Blossoms at Ward’s Lake

~Edition VI introduces ‘First Bloom’ initiative to discover and award emerging writers across the Northeast ~Exclusive literature career workshops at State Convention Centre ~ The 6th Shillong Literary Festival is set to return from November 12 to 14, 2026, bringing together writers, thinkers, artists and readers for three days of books, ideas, dialogue, storytelling and performances at Ward’s Lake, Shillong. Supported by the Department of Tourism, Government of Meghalaya, the festival has grown into a significant cultural platform, bringing national and international literary voices to the State while showcasing Meghalaya’s rich storytelling traditions and creative ecosystem. Set against the Shillong’s cherry blossoms, the three-day festival will once again transform the city into what has often been described as the ‘Kyoto of the West’, offering visitors a distinctive combination of literature, culture and the natural beauty of Meghalaya. Ahead of Edition VI, the festival has introduced “FIRST BLOOM: Discovering New Writing from the Northeast,” an initiative aimed at identifying and encouraging emerging fiction and narrative non-fiction writers from across the region. The initiative will offer a total prize pool of ₹75,000, with ₹50,000 for the winner and ₹25,000 for the runner-up, creating a platform for new literary voices from the Northeast to reach wider audiences. As part of its pre-festival programming, the Shillong Literary Festival will also host two exclusive workshops on career prospects in literature on October 26, 2026, at the State Convention Centre, Shillong. The morning session, from 10:30 AM to 12:00 PM, will feature Kanishka Gupta, while the afternoon session, from 3:00 PM to 5:00 PM, will feature writers Mitra Phukan and Lalnunsanga Ralte. With 100 seats available for each workshop, registration will be on a first-come, first-served basis. The 2026 edition follows a successful prelude held earlier this year at Bikaner House in New Delhi, which featured prominent voices including veteran actor Naseeruddin Shah, 2026 Pulitzer Prize winner Suparna Sharma and veteran journalist Shekhar Gupta. The prelude expanded the festival’s cultural footprint beyond Meghalaya and strengthened its engagement with the wider literary, media and creative community. This year’s festival will once again serve as a confluence of intercultural exchange, bringing together the rich traditions, folklore and storytelling of the Khasi, Jaintia and Garo communities with contemporary Indian and global narratives. The programme will create spaces for conversations between regional thinkers, writers and international literary figures, while exploring the evolving relationship between literature, culture and society. Over the years, the Shillong Literary Festival has hosted several eminent authors, including Banu Mushtaq, Vikram Seth, Shobhaa De, Shehan Karunatilaka and Francesc Miralles, among many others. Author Shobhaa De has described the festival as the “prettiest lit fest ever,” reflecting its distinctive setting and intimate connection with Shillong’s cultural and natural landscape. Building on the more than 13,000 visitors recorded at last year’s edition, the upcoming festival will also feature cultural and culinary experience alongside its literary programming. Live music performances by artists from the Chief Minister’s Meghalaya Grassroots Music Program (CM-MGMP) will be held every evening, while food stalls showcasing local culinary talent will offer visitors an opportunity to experience Meghalaya’s diverse food culture. The festival also contributes to Meghalaya’s wider efforts to strengthen its creative economy and cultural tourism, creating opportunities for writers, artists, performers, local entrepreneurs and audiences to engage through a shared platform.

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गांधी स्मृति भवन में भक्ति और संस्कृति का संगम, आशिम खेत्रपाल ने ‘हनुमान अंश’ की टीम को ‘साइटेशन ऑफ ऑनर’ से किया सम्मानित

शिरडी साईं बाबा फाउंडेशन के संस्थापक,आशिम खेत्रपाल  ने ‘हनुमान अंश’ की टीम को किया सम्मानित नई दिल्ली : फिल्म ‘शिरडी साईं बाबा’ के निर्माता और शिरडी साईं बाबा फाउंडेशन के संस्थापक एवं मैनेजिंग ट्रस्टी आशिम खेरतपाल ने नई दिल्ली स्थित गांधी स्मृति में आयोजित एक विशेष समारोह में फिल्म ‘हनुमान अंश’ के कलाकारों, निर्माता और निर्देशक को ‘‘साइटेशन ऑफ ऑनर”’ से सम्मानित किया। शिरडी साईं बाबा फाउंडेशन और गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति (GSDS) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस समारोह का उद्देश्य सिनेमा के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना, आस्था और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करना था। इस अवसर पर गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के उपाध्यक्ष श्री विजय गोयल, शिरडी लोकसभा क्षेत्र के सांसद भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, शिरडी साईं बाबा फाउंडेशन के संस्थापक आशिम खेत्रपाल और साईं बाबा पीस अवॉर्ड्स की इंटरनेशनल स्ट्रैटेजिस्ट संजना जॉन विशेष रूप से उपस्थित रहे। समारोह में फिल्म ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, मुख्य अभिनेता शोभिनव सत्य, बाल कलाकार विहान शेगड़े, जिन्होंने फिल्म में 14 वर्षीय बाबा की भूमिका निभाई है, तथा निर्माता नम्रता और रागिनी सोना सहित फिल्म की टीम ने शिरकत की। इस दौरान आशिम खेत्रपाल ने फिल्म की पूरी टीम को ‘साइटेशन ऑफ ऑनर’ प्रदान कर सम्मानित किया। समारोह में  आशिम खेत्रपाल कहा, “आज से 26 साल पहले हमने शिरडी के साईं बाबा के जीवन पर फिल्म ‘Shirdi Sai Baba’ बनाई थी, जिसका उद्देश्य साईं बाबा के संदेशों और उनकी जनकल्याण की भावना को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना था। आज मुझे खुशी है कि ‘हनुमान अंश’ के निर्माताओं और कलाकारों ने भी एक ऐसी फिल्म बनाई है, जो दर्शकों के भीतर आस्था और धार्मिक चेतना को जागृत करती है। इस फिल्म की पूरी टीम को ‘साइटेशन ऑफ ऑनर’ से सम्मानित करते हुए मुझे एक विशेष आध्यात्मिक अनुभूति हो रही है। मेरा मानना है कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध करने का एक सशक्त जरिया भी है।” इस अवसर पर गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के उपाध्यक्ष श्री विजय गोयल ने कहा, “‘हनुमान अंश जैसी फिल्में हमारी आध्यात्मिक परंपराओं और धार्मिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। आज महात्मा गांधी के स्मृति स्थल पर इस फिल्म की पूरी टीम का सम्मान होना अपने आप में विशेष महत्व रखता है। यह सम्मान उन कलाकारों और फिल्मकारों के प्रयासों को प्रोत्साहित करता है, जो भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को सिनेमा के माध्यम से आगे बढ़ा रहे हैं।” समारोह का मुख्य आकर्षण ‘हनुमान अंश’ की पूरी टीम का सम्मान रहा। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सिनेमा के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की। ऐतिहासिक गांधी स्मृति परिसर में आयोजित यह समारोह शिरडी साईं बाबा फाउंडेशन और गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति की शांति, सद्भाव, सांस्कृतिक जागरूकता और आध्यात्मिक मूल्यों को बढ़ावा देने की साझा पहल का हिस्सा रहा। कार्यक्रम के अंत में आशिम खेत्रपाल ने ‘हनुमान अंश’ की पूरी टीम को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और फिल्मकारों से भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से प्रेरित विषयों पर सार्थक सिनेमा बनाने का आह्वान किया।

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ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल 2026 : हमारी कहानियाँ, हमारा भविष्य” – नौ देशों के रंगमंच से गूंजेगी एकता की गाथा

भारत की मेजबानी में सजेगा विश्व रंगमंच – “हमारी कहानियाँ, हमारा भविष्य” थीम पर होगा ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल संस्कृति मंत्रालय/ नई दिल्ली : ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल 2026, ‘हमारी कहानियाँ, हमारा भविष्य’ थीम के तहत अलग-अलग थिएटर ट्रेडिशन को एक साथ लाएगा, जिसमें 9 देश और 100 से ज़्यादा देश शामिल होंगे। श्री विवेक अग्रवाल, IAS, माननीय सेक्रेटरी, मिनिस्ट्री ऑफ़ कल्चर, नई दिल्ली में होने वाले तीन दिन के इंटरनेशनल थिएटर फेस्टिवल पर मीडिया को संबोधित किया। नई दिल्ली, भारत में हुए ब्रिक्स समिट के सफल समापन के बाद, भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत ‘ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल’ 2026 के साथ एक और महत्वपूर्ण महोत्सव का आतिथ्य करने के लिए तैयार है । यह फेस्टिवल 12 से 14 अक्टूबर, 2026 तक नई दिल्ली में 9 देशों – भारत, थाईलैंड, इंडोनेशिया, रूस, वियतनाम, ईरान, साउथ अफ्रीका, कज़ाकिस्तान, इथियोपिया और ब्रिक्स के सदस्य और पार्टनर देशों के सौ से अधिक कला-प्रेमियों के साथ होगा। यह फेस्टिवल ब्रिक्स सदस्य देशों और पार्टनर देशों के थिएटर प्रैक्टिशनर, स्कॉलर्स, स्टूडेंट्स और ऑडियंस को थिएटर ट्रेडिशन, कंटेंपररी परफॉर्मेंस प्रैक्टिस और शेयर्ड कल्चरल वैल्यूज़ की विविधता का संगम के लिए एक साथ लाएगा । इस महोत्सव में हिस्सा लेने वाले देशों के ‘नेशनल थिएटर स्कूल’ और महत्वपूर्ण थिएटर इंस्टीट्यूशन हिस्सा लेंगे, जिसमें रूस को उसके ‘नेशनल इंस्टीट्यूट’ और ‘नेशनल कल्चरल इंस्टीट्यूट’ के दो समूह अपनी प्रस्तुति करेंगे। महोत्सव का उद्घाटन 12 अक्टूबर को नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा परिसर में होगा । नई दिल्ली के चार प्रेक्षागृहों में नाट्य प्रस्तुतियाँ होंगी, जिनमें राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के अभिमंच ऑडिटोरियम तथा सम्मुख सभागार, कमानी सभागार, एल.टी.जी. सभागार, मेघदूत थिएटर शामिल हैं। प्रतुतियों के लिए टिकट BookMyShow पर ₹200/- प्रति टिकट की आसान कीमत पर मिलेंगे, जिससे दर्शक इंटरनेशनल थिएटर शो-केस का अनुभव कर सकेंगे। मीडिया को संबोधित करते हुए, श्री विवेक अग्रवाल, IAS, माननीय सेक्रेटरी, मिनिस्ट्री ऑफ़ कल्चर, गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया, भारत की ओर से ‘ब्रिक्स  कल्चरल एजेंडा’ में इस पहल की अहमियत पर ज़ोर दिया गया । भारत ने 2026 के लिए ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली है, जिसका थीम है “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी”, यानी ‘”सुदृढ़ता, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण” जिसमें ब्रिक्स देशों में कोऑपरेशन को मज़बूत करने के लिए आम-जन को ध्यान में रखकर तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए दृष्टि अपनाया गया है। श्री विवेक अग्रवाल, आईएएस, माननीय सचिव, संस्कृति मंत्रालय ने कहा, भारत की अध्यक्षता में, ब्रिक्स कल्चर ट्रैक के ज़रिए सहयोग तीन ज़रूरी क्षेत्र पर केंद्रित है: • कॉपीराइट, डिजिटल इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित कल्चरल और क्रिएटिव इंडस्ट्री में सहयोग को बढ़ावा देना; • कल्चरल हेरिटेज की सुरक्षा को मज़बूत करना और कल्चरल प्रॉपर्टी की वापसी के लिए सहयोग करना; और • क्लाइमेट रेजिलिएंस और सस्टेनेबल डेवलपमेंट में कल्चर की भूमिका पर बातचीत को बढ़ावा देना। भारत की अध्यक्षता में होने वाले ब्रिक्स कल्चर वर्किंग ग्रुप के एंगेजमेंट के दौरान संस्कृति मंत्रालय इन ज़रूरी बातों पर भी ज़ोर देगी। कल्चर ट्रैक के तहत BRICS कल्चर वर्किंग ग्रुप (CWG) और ब्रिक्स देशों  के कल्चर मिनिस्टर्स की बैठक के ज़रिए एंगेजमेंट को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे हिस्सा लेने वाले देशों के बीच कोलेबोरेटिव इनिशिएटिव, प्रोफेशनल एक्सचेंज और इंस्टीट्यूशनल पार्टनरशिप हो रही है। इस बैकग्राउंड में, ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल 2026 थिएटर के ज़रिए आर्टिस्टिक और कल्चरल एक्सचेंज के लिए एक डेडिकेटेड प्लेटफॉर्म देना चाहता है। यह फेस्टिवल हिस्सा लेने वाले देशों की नाट्य प्रस्तुतियाँ दिखाएगा, जो क्लासिकल, कंटेम्पररी और एक्सपेरिमेंटल फॉर्म्स सहित थिएटर ट्रेडिशन की एक बड़ी रेंज को रिप्रेजेंट करेगा। गम्भीर आर्टिस्टिक एंगेजमेंट और प्रोफेशनल एक्सचेंज को बढ़ावा देने के लिए, हर थिएटर परफॉर्मेंस के बाद सुबह एक इंटरैक्टिव थिएटर वर्कशॉप और डिस्कशन सेशन रखा जाएगा। इन सेशन में उन प्रस्तुतियों के डायरेक्टर, कास्ट और क्रू मेंबर शामिल होंगे। इंटरैक्टिव सेशन में ये शामिल होंगे: ● उस प्रोडक्शन के आर्टिस्टिक विज़न, थीम और प्रोडक्शन प्रोसेस पर डिस्कशन; ● परफॉर्मेंस ट्रेडिशन, एक्टिंग मेथड, स्टेजक्राफ्ट और टेक्निकल डिज़ाइन पर एक्सचेंज; ● ऑडियंस के साथ इंटरेक्शन और सवाल-जवाब सेशन; और ● इंटरकल्चरल लर्निंग और क्रिएटिव डायलॉग को बढ़ावा देने के मकसद से कोलेबोरेटिव एक्सरसाइज। इस महोत्सव का उद्येश्य ब्रिक्स  देशों में थिएटर कम्युनिटी के बीच आपसी सीख को बढ़ावा देना, प्रोफेशनल नेटवर्क को मजबूत करना और लंबे समय तक सहयोग को बढ़ावा देना है। थिएटर, अलग-अलग सांस्कृतिक परंपराओं और वर्तमान से जुड़ी कहानियों को एक साथ लाने की अपनी काबिलियत से, इंसानी अनुभवों को जानने के लिए एक मज़बूत प्लेटफॉर्म देता है। यह फेस्टिवल परफॉर्मेंस की इस आम भाषा का इस्तेमाल समाजों के बीच कनेक्शन को दिखाने के लिए करना चाहता है, साथ ही ब्रिक्स देशों के बीच कल्चरल सहयोग, सबको साथ लेकर चलने और क्रिएटिव सहयोग को बढ़ावा देना चाहता है। इसलिए यह फेस्टिवल न सिर्फ थिएटर की बेहतरीन कला दिखाने का काम करेगा, बल्कि ब्रिक्स सहयोग के दूरदर्शिता के साथ कल्चरल बातचीत, प्रोफेशनल लेन-देन और लोगों के बीच जुड़ाव के लिए एक आधार भी बनेगा। नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा (NSD), जो भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संस्था है, ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल 2026 को सुव्यवस्थित रूप में आयोजित करने के लिए नोडल एजेंसी के तौर पर काम करेगा।

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विश्व विख्यात चित्रकार महेश वैष्णव को फिल्म जगत की सुप्रसिद्ध अभिनेत्री जयाप्रदा ने किया सम्मानित

गोधन एवं पारंपरिक तंजौर कला के माध्यम से भारतीय संस्कृति को विश्व पटल पर पहुंचाने के लिए मिला ‘भारतीय प्रतिभा श्री सम्मान’ नई दिल्ली। विश्व विख्यात चित्रकार महेश वैष्णव को नई दिल्ली स्थित गोदावरी ऑडिटोरियम, आंध्र एसोसिएशन, लोधी रोड में आयोजित भव्य ‘भारतीय प्रतिभा श्री सम्मान समारोह में फिल्म जगत की सुप्रसिद्ध अभिनेत्री एवं सेलिब्रिटी गेस्ट आदरणीय जयाप्रदा जी के कर-कमलों से सम्मानित किया गया। यह सम्मान महेश वैष्णव की लगभग 41 वर्षों की कला साधना, भारतीय पारंपरिक चित्रकला के संरक्षण तथा गोधन (गोबर) से निर्मित विशिष्ट 3D एवं तंजौर कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया। गोधन कला को नई पहचान देने वाले कलाकार विश्व विख्यात चित्रकार महेश वैष्णव पिछले चार दशकों से अधिक समय से चित्रकला के क्षेत्र में निरंतर साधना कर रहे हैं। वे पारंपरिक भारतीय लघु चित्रकला, तंजौर कला और गोधन से निर्मित 3D चित्रों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और धार्मिक विषयों को कलात्मक स्वरूप प्रदान कर रहे हैं। उनकी प्रमुख कलाकृतियों में 108 खंडों में निर्मित संपूर्ण रामायण चित्र श्रृंखला तथा 45 खंडों में तैयार गोधन से निर्मित हनुमान चालीसा चित्रकला विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। उनकी कला में पारंपरिक तकनीक, स्वर्ण सज्जा और त्रिआयामी प्रभाव का अनूठा समन्वय देखने को मिलता है। महेश वैष्णव का उद्देश्य कला के माध्यम से भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा को देश-विदेश तक पहुंचाना है। उनका मूल संदेश है — “गौ सेवा ही राष्ट्र सेवा”, जिसे वे अपनी कला साधना के माध्यम से निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। जयाप्रदा जी के हाथों सम्मान मिलना गौरवपूर्ण क्षण सम्मान समारोह में अभिनेत्री आदरणीय जयाप्रदा जी के हाथों पुरस्कार प्राप्त करना चित्रकार महेश वैष्णव के लिए अत्यंत गौरव और सौभाग्य का विषय रहा। यह सम्मान उनके लंबे कला सफर और भारतीय कला के प्रति समर्पण को प्रोत्साहित करने वाला महत्वपूर्ण अवसर है। महेश वैष्णव ने इस अवसर पर आभार व्यक्त करते हुए कहा: – “मेरे लिए यह अत्यंत सौभाग्य और गर्व का विषय है कि मुझे फिल्म जगत की आदरणीय जयाप्रदा जी के कर-कमलों से सम्मान प्राप्त हुआ। मैं आयोजक आदरणीय बसंत गोयल जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ कि उन्होंने मुझे इस सम्मान के योग्य समझा और इस प्रतिष्ठित समारोह में सम्मानित होने का अवसर प्रदान किया। यह सम्मान मेरी कला साधना को नई ऊर्जा देगा और भारतीय संस्कृति तथा गोधन कला को आगे बढ़ाने के मेरे संकल्प को और मजबूत करेगा।” इस भव्य सम्मान समारोह के आयोजन एवं महेश वैष्णव को सम्मान के लिए चयनित किए जाने पर उन्होंने आयोजक आदरणीय बसंत गोयल जी के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। महेश वैष्णव ने कहा कि बसंत गोयल जी द्वारा उनकी कला को पहचान देना और उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के योग्य समझना उनके लिए अत्यंत प्रसन्नता एवं सौभाग्य की बात है। ऐसे आयोजन देश के प्रतिभाशाली कलाकारों को प्रोत्साहन देने और उनकी कला को व्यापक मंच प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कला साधना और राष्ट्र सेवा का संकल्प विश्व विख्यात चित्रकार महेश वैष्णव ने कहा कि वे भविष्य में भी अपनी गोधन एवं पारंपरिक तंजौर कला के माध्यम से भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और कला परंपरा का प्रचार-प्रसार जारी रखेंगे। उनका लक्ष्य भारतीय कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना तथा कला के माध्यम से समाज और राष्ट्र की सेवा करना है। “गौ सेवा, कला साधना एवं राष्ट्र सेवा” के संकल्प के साथ महेश वैष्णव अपनी कला यात्रा को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं।

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लव कुश रामलीला कमेटी का भूमि पूजन समारोह लाल किला मैदान पर संपन्न हुआ

नई दिल्ली : देश की प्रख्यात लव कुश रामलीला कमेटी का भूमि पूजन समारोह भव्य रूप से लालकिला मैदान में संपन्न हुआ। लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष श्री अर्जुन कुमार ने बताया कि इस वर्ष का भव्य रामलीला मंचन 11 से 21 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा तथा दशहरा पर्व 20 अक्टूबर 2026 को पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा। भूमि पूजन कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद श्री प्रवीण खंडेलवाल, सांसद श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी, लव कुश रामलीला के अध्यक्ष अर्जुन कुमार के साथ वृंदावन, मथुरा और दिल्ली के विद्वान ब्राह्मणों द्वारा मंत्रोच्चार और विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना सम्पन्न की गई। इस अवसर पर सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज ने अपने संबोधन में कहा—“लव कुश रामलीला कमेटी भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखे हुए है। यह न केवल प्रभु श्रीराम की लीला करती है बल्कि अनेक सामाजिक, धार्मिक कार्य में सलंग्न रहती हैं| श्री अर्जुन कुमार ने यह भी कहा कि घर-घर राम, घर-घर तुलसी अभियान के तहत 5100 जेन जी को तुलसी के पौधे वितरित किए जाएंगे, दशहरा पर्व के अवसर पर एक लाख दीपों से प्रभु श्री राम का चित्र बनाया जाएगा, इस वर्ष रामलीला हाईटेक डिजिटल मंचन के साथ होगी। लगभग 100 देशी-विदेशी टीवी चैनलों पर इसका सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) किया जाएगा। इस बार बॉलीवुड के लगभग 40 फिल्म कलाकार मंचन करेंगे। कमेटी के महासचिव श्री सुभाष गोयल ने बताया कि इस अवसर पर सुश्री बांसुरी स्वराज सांसद, श्री योगेंद्र चंदोलिया सांसद, श्री प्रवीण खंडेलवाल सांसद, श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी सांसद, श्री अशोक गोयल देवरहा विधायक, श्री अनिल शर्मा विधायक, श्री विशेष रवि विधायक, श्री रामनिवास गोयल पूर्व विधान सभा अध्यक्ष दिल्ली, श्री वीरेंद्र सचदेवा पूर्व अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश, श्री एम. एस .बिट्टा अध्यक्ष अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी विरोधी मोर्चा, श्री अरविंद गर्ग जिला अध्यक्ष चांदनी चौक, सुश्री मोनिका पंत उप महापौर, दिल्ली नगर निगम, सुश्री सत्या शर्मा अध्यक्ष स्टैंडिंग कमेटी दिल्ली नगर निगम, श्रीमती उषा शर्मा अध्यक्ष,सिटी एसपी जोन, श्री सुमन गुप्ता निगम पार्षद, श्री विकास टांक, निगम पार्षद, पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज, पूर्व विधायक पहलाद सिंह साहनी, पूर्व महापौर जयप्रकाश जेपी, पूर्व निगम पार्षद श्री रघुवंश सिंगल, पूर्व निगम पार्षद गुरचरण सिंह राजू, पुलिस अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भूमि पूजन समारोह में कमेटी के पदाधिकारी सत्यभूषण जैन, श्री संदीप भूटानी, अंकुर गोयल, राजकुमार गुप्ता, गौरव सूरी, लोकेश बंसल, राजेश वर्मा, अनिल गुप्ता, अशोक कटारिया विशाल गुप्ता, राजकुमार कश्यप, संजय वर्मा, मदन अग्रवाल, प्रवीण सिंघल, वीरू सिंधी अतुल गुप्ता, मुकुल गुप्ता, संजय जैन, प्रशांत मलिक, दीनानाथ सोनकर, सुनील कुमार, निशांत गुप्ता, राजा पांडे सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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छेड़ा’स ने लालबागचा राजा के दरबार में मनाया गणेश उत्सव, केसर मोदक का भोग लगाया

छेड़ा स्पेशलिटीज फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के घरेलू फूड ब्रांड छेड़ा’स ने मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के साथ गणेश उत्सव मनाते हुए व्रत के पसंदीदा स्नैक्स, नए फ्लेवर और पारंपरिक मिठाइयों की खास रेंज पेश की है। “छेड़ा’स वेलकम्स यू बप्पा” की थीम के साथ लगाए गए ब्रांड के स्टॉल पर त्योहार के पसंदीदा स्नैक्स के साथ छेड़ा’स के नए प्रोडक्ट्स भी पेश किए गए हैं। स्टॉल पर सेंधा नमक से बने येलो बनाना चिप्स और फराली चिवड़ा जैसे व्रत के पसंदीदा स्नैक्स के साथ केसर मोदक, असॉर्टेड मोदक और काजू कतली भी उपलब्ध हैं। इस दौरान नए लॉन्च किए गए चीज़ जलापेनो बनाना चिप्स, पेरी पेरी बनाना चिप्स, मैक्सिकन टोमैटो पोटैटो चिप्स और चिली फ्लेमिन’ पोटैटो चिप्स भी खास आकर्षण का केंद्र हैं। भक्त गणेश उत्सव के दौरान छेड़ा’स के इन नए फ्लेवर का स्वाद ले सकते हैं। गणेश उत्सव के तहत छेड़ा’स की ओर से लालबागचा राजा को केसर मोदक का भोग भी लगाया जाएगा। इसके जरिए ब्रांड मुंबई की सबसे खास गणेश उत्सव परंपराओं में शामिल हो रहा है और पंडाल में अपनी मौजूदगी को एक खास जुड़ाव दे रहा है। धार्मिक छेड़ा, डायरेक्टर – स्ट्रैटेजी एंड ऑपरेशंस, छेड़ा स्पेशलिटीज फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, ने कहा, “गणेश उत्सव उन खास मौकों में से एक है, जब खाना, परिवार और परंपरा अपने आप एक साथ जुड़ जाते हैं। लालबागचा राजा के साथ हमारी मौजूदगी हमें इस अनुभव का हिस्सा बनने का मौका देती है। हमने अपने स्टॉल पर ऐसे व्रत के पसंदीदा स्नैक्स रखे हैं, जिन्हें लोग बचपन से खाते आए हैं। इसके साथ नए फ्लेवर और त्योहार की मिठाइयां भी हैं, ताकि दर्शन के लिए आने वाले हर व्यक्ति के लिए कुछ न कुछ खास हो। बप्पा को केसर मोदक का भोग लगाना हम सभी के लिए इस मौके को और भी खास बनाता है।” यह जुड़ाव ऐसे समय में हुआ है जब छेड़ा’स अपनी मिठाइयों की रेंज पर ज्यादा ध्यान दे रहा है और गणेश उत्सव के दौरान मोदक को खास जगह दी गई है। मिठाइयों की इस रेंज में केसर मोदक, 3 फ्लेवर में असॉर्टेड मोदक, काजू कतली और कई तरह की अन्य मिठाइयां शामिल हैं, जो महाराष्ट्र के इस बड़े त्योहार के दौरान सीधे ग्राहकों के लिए उपलब्ध रहेंगी। इस पहल के जरिए छेड़ा’स अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को लगातार आगे बढ़ा रहा है, साथ ही उन स्वादों और परंपराओं से भी जुड़ा हुआ है, जिन्होंने सालों से ब्रांड को पहचान दी है।

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लालबागचा राजा के दरबार में नेस्ले इंडिया का साथ, ‘गुड फूड, गुड लाइफ’ से महका मुंबई का गणेशोत्सव

मुंबई : नेस्ले इंडिया ने इस गणेश उत्सव में मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के साथ अपनी वार्षिक सहभागिता जारी रखी। इस दौरान दिग्विजय मिल में खास उपभोक्ता अनुभव के जरिए भोजन, समुदाय और मुंबई की उत्सवी भावना को एक साथ जोड़ा गया। गणेश उत्सव के दौरान जब भक्त और लोग बड़ी संख्या में एक साथ आए, तब नेस्ले इंडिया ने मैगी, किटकैट, मंच और नेस्कैफे जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स के लिए खास उपभोक्ता ज़ोन बनाए। इन जगहों पर लोगों को अपने पसंदीदा प्रोडक्ट्स का आनंद लेने और उत्सव की चहल-पहल के बीच तरोताजा होने का मौका मिला। इस पहल में लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इसके जरिए नेस्ले इंडिया को मुंबई की संस्कृति और उत्सवी माहौल से गहराई से जुड़े इस अवसर पर उपभोक्ताओं के साथ जुड़ने का मौका मिला। मिल्कमेड से बना खास उत्सवी प्रसाद इस अवसर को और खास बनाते हुए नेस्ले इंडिया ने मिल्कमेड से तैयार किए गए पारंपरिक मोदक लालबागचा राजा को अर्पित किए। मोदक गणेश चतुर्थी के उत्सव में विशेष महत्व रखता है और भगवान गणेश से गहराई से जुड़ा हुआ है। इस भोग के जरिए इस प्रिय उत्सवी परंपरा को मिल्कमेड के परिचित स्वाद के साथ जोड़ा गया, जो उत्सव में नेस्ले इंडिया की निरंतर सहभागिता को एक खास रूप देता है। मिल्कमेड कई पीढ़ियों से भारतीय घरों में जाना-पहचाना नाम रहा है और इसका इस्तेमाल पारंपरिक और आधुनिक मिठाइयों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। मोदक बनाने में मिल्कमेड के इस्तेमाल ने इस लोकप्रिय उत्सवी मिठाई में नेस्ले का एक खास स्पर्श जोड़ा। उत्सव में ‘गुड फूड, गुड लाइफ’ का अनुभव नेस्ले इंडिया के लिए लालबागचा राजा के साथ जुड़ाव ऐसे उत्सव का हिस्सा बनने का अवसर है, जो मुंबई और आसपास के क्षेत्रों से लोगों को एक साथ लाता है। यह कंपनी के उपभोक्ताओं के साथ जुड़ाव को दर्शाता है और भोजन, पसंदीदा स्वादों और साथ मिलकर मनाए जाने वाले खास मौकों से जुड़े अनुभव तैयार करता है। यह जुड़ाव नेस्ले के “गुड फूड, गुड लाइफ” के उद्देश्य से भी जुड़ा है। यह इस बात को दर्शाता है कि भोजन किस तरह खुशी, जुड़ाव और रोजमर्रा की अच्छी जिंदगी के पल बनाने में भूमिका निभा सकता है। दिग्विजय मिल में बनाए गए नेस्ले के ज़ोन ने अलग-अलग प्रोडक्ट्स के जरिए इस सोच को लोगों तक पहुंचाया। मैगी और नेस्कैफे से लेकर किटकैट और मंच तक, इन ब्रांड्स ने उत्सवी माहौल में लोगों को अपने परिचित स्वादों का आनंद लेने का मौका दिया और उनके लिए तरोताजा होने और खुशी के छोटे-छोटे पल बनाए। मुंबई की उत्सवी भावना का जश्न लालबागचा राजा लंबे समय से मुंबई के गणेश उत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और यहां शहर के साथ-साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से भी भक्त और लोग आते हैं। यह अवसर परंपरा, आस्था और उत्सव के जरिए लोगों को एक साथ लाता है और मुंबई की खास ऊर्जा और एकजुटता को दर्शाता है। उत्सव में नेस्ले इंडिया की लगातार मौजूदगी शहर और उसके उपभोक्ताओं के साथ कंपनी के जुड़ाव को दर्शाती है। दिग्विजय मिल में आयोजित इस अनुभव में उपभोक्ताओं के साथ जुड़ाव को उत्सवी माहौल के साथ जोड़ा गया, वहीं मिल्कमेड से बने मोदक के भोग ने इस जुड़ाव में पारंपरिक रंग जोड़ा। रोहित जैन, नेस्ले इंडिया के एक्टिवेशन हेड, ने ब्रांड के उपभोक्ता जुड़ाव से जुड़े प्रयासों में योगदान दिया और उत्सव के दौरान लोगों के साथ ब्रांड की मौजूदगी और जुड़ाव को मजबूत करने में सहयोग किया। जैसे ही मुंबई गणेश उत्सव के रंग में रंगी, नेस्ले इंडिया ने भी पसंदीदा स्वादों, उत्सवी परंपराओं और आपसी जुड़ाव के पलों को एक साथ लाकर इस जश्न में हिस्सा लिया। दिग्विजय मिल में अपने उपभोक्ता अनुभव और खास मिल्कमेड मोदक के भोग के जरिए कंपनी ने मुंबई के सबसे प्रमुख वार्षिक उत्सवों में से एक के साथ अपनी सहभागिता जारी रखी। नेस्ले इंडिया मुंबईवासियों, भक्तों और शहरभर में गणेश उत्सव मनाने वाले सभी लोगों को खुशहाल और सुरक्षित उत्सवी मौसम की हार्दिक शुभकामनाएं देता है।

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर केवीआईसी ने ‘सेवा संकल्प, खादी महोत्सव-2026’ का भव्य शुभारंभ किया

केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज गोयल और दिल्ली के पूर्व मेयर श्री जयप्रकाश ने किया शुभारंभ; 17 अक्टूबर तक देशभर में मनाया जाएगा ‘सेवा संकल्प, खादी महोत्सव-2026’. प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर केवीआईसी अध्यक्ष ने 3,366 पीएमईजीपी लाभार्थियों के बैंक खातों में 289 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी का संवितरण किया। कार्यक्रम के दौरान E-Commerce Portal, PMEGP Online EDP Portal, Mobile App, हिन्दी वैभव पोर्टल और KVIC Digital 0 का शुभारंभ किया गया। कारीगरों ने #AshirwadKaDiya के साथ केक काटकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सेवा, सुशासन और जनभागीदारी की यात्रा के प्रतीक स्वरूप ‘संकल्प से सिद्धि’ के 25 दीप प्रज्वलित किए।। अध्यक्ष, केवीआईसी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा और सुशासन के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ाएगा ‘सेवा संकल्प, खादी महोत्सव-2026’ खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर गुरुवार को राजघाट स्थित गांधी दर्शन के केवीआईसी परिसर से ‘सेवा संकल्प, खादी महोत्सव 2026’ का भव्य शुभारंभ किया गया। यह महोत्सव 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक देशभर में जनभागीदारी के साथ मनाया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि केवीआईसी के अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने किया। इस अवसर पर दिल्ली के पूर्व मेयर श्री जयप्रकाश खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि, कारीगर, पीएमईजीपी लाभार्थी, प्रशिक्षु, केवीआईसी के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा देशभर से ऑनलाइन जुड़े कारीगर और अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे। इस दौरान कारीगरों ने #AshirwadKaDiya के साथ केक काटकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सेवा, सुशासन और जनभागीदारी की यात्रा के प्रतीक स्वरूप ‘संकल्प से सिद्धि’ के 25 दीप प्रज्वलित किए। श्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की यात्रा में सेवा, सुशासन और जनभागीदारी महत्वपूर्ण भाव रहे हैं। इसी भावना से प्रेरित होकर केवीआईसी द्वारा ‘सेवा संकल्प, खादी महोत्सव-2026’ के माध्यम से खादी, स्वदेशी, रोजगार और आत्मनिर्भरता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वदेशी का प्रतीक है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ जैसे अभियानों ने स्थानीय उत्पादों और ग्रामीण उद्यमिता को नई पहचान दी है। कार्यक्रम के दौरान दिल्ली और पूर्वोत्तर राज्यों के कारीगरों को मशीनरी एवं टूलकिट वितरित किए गए। श्री गोयल ने कहा कि ये केवल उपकरण नहीं, बल्कि कारीगरों के लिए रोजगार, आत्मनिर्भरता और सम्मान के नए अवसर हैं। कार्यक्रम में PMEGP के अंतर्गत 289 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी भी संवितरण की गई। इससे देशभर में 3,366 नई परियोजनाएं स्थापित होंगी और लगभग 37,026 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इन परियोजनाओं के लिए बैंकों द्वारा लगभग 873 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है। कार्यक्रम में पीएमईजीपी की 5000 नई इकाइयों का ऑनलाइन माध्यम से शुभारंभ किया गया। श्री गोयल ने कहा कि PMEGP का उद्देश्य युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को रोजगार मांगने वाले से रोजगार देने वाला बनाना है। कार्यक्रम में KVIC की डिजिटल सेवाओं को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से E-Commerce Portal, PMEGP Online EDP Portal, PMEGP Online EDP Mobile App, हिन्दी वैभव पोर्टल और KVIC Digital 2.0 का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही, देशभर में ऑनलाइन माध्यम से 760 व्यक्तिगत एवं ग्रुप वर्कशेड तथा नवीनीकृत भंडारों का शुभारंभ और खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम स्थल पर सेल्फी प्वाइंट का उद्घाटन, चरखा कताई का सजीव प्रदर्शन और ‘स्वदेशी संकल्प’ जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गईं। विभिन्न कौशल विकास पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। वहीं, गांधी दर्शन स्थित केवीआईसी कार्यालय परिसर में स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया गया तथा अध्यक्ष, केवीआईसी श्री मनोज गोयल ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिसर का संदेश दिया। ‘सेवा संकल्प, खादी महोत्सव 2026’ के अंतर्गत 17 अक्टूबर तक देशभर में स्वच्छता अभियान, पौधारोपण, खादी यात्रा, स्वदेशी संकल्प शपथ, जागरूकता कार्यक्रम, कारीगर संवाद और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्कूलों, गांवों, गली-मोहल्लों और खादी संस्थाओं को इन गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। श्री गोयल ने कहा कि केवीआईसी का प्रयास है कि यह महोत्सव केवल एक विभागीय कार्यक्रम न रहकर जन-जन का अभियान और जनभागीदारी का उत्सव बने। उन्होंने कहा कि हर स्कूल में खादी की बात हो, हर गांव में ग्रामोद्योग की बात हो, हर बाजार में स्वदेशी की बात हो। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के साथ भी सेवा संकल्प, खादी महोत्सव को जोड़ा जाएगा। इस वर्ष स्वच्छता ही सेवा अभियान की थीम ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ है। श्री गोयल ने कहा कि “स्वच्छता भी सेवा है, स्वदेशी भी सेवा है, रोजगार देना भी सेवा है और कारीगर का सम्मान भी सेवा है। उन्होंने देशभर के कारीगरों, खादी संस्थाओं, PMEGP लाभार्थियों, युवाओं और KVIC परिवार से ‘सेवा संकल्प, खादी महोत्सव 2026’ में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। इस अवसर पर श्री मनोज गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में खादी ने एक नया आयाम प्राप्त किया है। आज खादी आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल, लोकल टू ग्लोबल तथा विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने का सशक्त माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि करोड़ों कारीगरों और बुनकरों की आजीविका, भारत की सांस्कृतिक विरासत और सतत विकास का प्रतीक है। श्री गोयल ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और नीतियों के परिणामस्वरूप खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने भी अभूतपूर्व प्रगति की है। वित्त वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र का कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जबकि इस क्षेत्र के माध्यम से 2.04 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में यह क्षेत्र 2.51 लाख करोड़ रुपये के कारोबार के लक्ष्य को भी प्राप्त करेगा।

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लव कुश रामलीला कमेटी के लालकिला मैदान में दिव्यांगजनों के लिए विशेष मेगा हेल्थ कैंप संपन्न

नई दिल्ली : लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष श्री अर्जुन कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 77वें जन्मदिवस के अवसर पर आज 17 सितंबर 2026 को लालकिला मैदान में दिव्यांगजनों एवं जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर, तारा संस्थान तथा एलप्स आयोजित इस विशेष शिविर में बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों ने स्वास्थ्य जांच एवं सहायक उपकरणों की सुविधाओं का लाभ उठाया। शिविर के दौरान विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांगजनों को अत्याधुनिक जापानी तकनीक से निर्मित 3डी प्रिंटेड मॉड्यूलर कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स, ट्राईसाइकिल तथा अन्य आवश्यक सहायक उपकरण भी वितरित किए गए। लव कुश रामलीला कमेटी के प्रेसिडेंट श्री अर्जुन कुमार ने कहा कि दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सुगम, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक बनाने की दिशा में ऐसे शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, भारत सरकार के अध्यक्ष श्री किशोर मकवाना तथा चांदनी चौक के सांसद श्री प्रवीण खंडेलवाल ने विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं अन्य आवश्यक सहायक उपकरण वितरित किए। डॉ वीरेंद्र कुमार केंद्रीय मंत्री सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार ने बताया कि सामाजिक अधिकारिता दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को सशक्त बनाने तथा उन्हें उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने देशभर में 76 स्थानों पर ‘सामाजिक अधिकारिता शिविरों’ का आयोजन किया। इन राष्ट्रव्यापी शिविरों के माध्यम से 58 हजार से अधिक दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिक लाभार्थियों को 68 करोड़ की लागत के विभिन्न श्रेणियों के सहायक उपकरण निशुल्क प्रदान किए गए| श्री प्रवीण खंडेलवाल सांसद ने कहा कि मेरे चांदनी चौक संसदीय क्षेत्र में 458 दिव्यांगों को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा सहायता उपकरण प्रदान किए गए इसके लिए मैं डॉ वीरेंद्र कुमार मंत्री भारत सरकार का हार्दिक धन्यवाद करता हूं| कमेटी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्री सत्यभूषण जैन ने बताया कि शिविर में तारा संस्थान की ओर से निःशुल्क नेत्र जांच की विशेष व्यवस्था की गई। जरूरतमंद लोगों को चश्मे वितरित किए गए तथा मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों को ऑपरेशन एवं आवश्यक उपचार के लिए अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गई। लव कुश रामलीला कमेटी के महासचिव श्री सुभाष गोयल ने बताया कि एलप्स संस्थान की ओर से जरूरतमंद लोगों को श्रवण यंत्र (कानों की मशीन) वितरित किए गए। इसके अलावा दिव्यांगजनों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए ट्राईसाइकिल एवं अन्य सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए |

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