गोधन एवं पारंपरिक तंजौर कला के माध्यम से भारतीय संस्कृति को विश्व पटल पर पहुंचाने के लिए मिला ‘भारतीय प्रतिभा श्री सम्मान’
नई दिल्ली। विश्व विख्यात चित्रकार महेश वैष्णव को नई दिल्ली स्थित गोदावरी ऑडिटोरियम, आंध्र एसोसिएशन, लोधी रोड में आयोजित भव्य ‘भारतीय प्रतिभा श्री सम्मान समारोह में फिल्म जगत की सुप्रसिद्ध अभिनेत्री एवं सेलिब्रिटी गेस्ट आदरणीय जयाप्रदा जी के कर-कमलों से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान महेश वैष्णव की लगभग 41 वर्षों की कला साधना, भारतीय पारंपरिक चित्रकला के संरक्षण तथा गोधन (गोबर) से निर्मित विशिष्ट 3D एवं तंजौर कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया।
गोधन कला को नई पहचान देने वाले कलाकार
विश्व विख्यात चित्रकार महेश वैष्णव पिछले चार दशकों से अधिक समय से चित्रकला के क्षेत्र में निरंतर साधना कर रहे हैं। वे पारंपरिक भारतीय लघु चित्रकला, तंजौर कला और गोधन से निर्मित 3D चित्रों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और धार्मिक विषयों को कलात्मक स्वरूप प्रदान कर रहे हैं।
उनकी प्रमुख कलाकृतियों में 108 खंडों में निर्मित संपूर्ण रामायण चित्र श्रृंखला तथा 45 खंडों में तैयार गोधन से निर्मित हनुमान चालीसा चित्रकला विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। उनकी कला में पारंपरिक तकनीक, स्वर्ण सज्जा और त्रिआयामी प्रभाव का अनूठा समन्वय देखने को मिलता है।
महेश वैष्णव का उद्देश्य कला के माध्यम से भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा को देश-विदेश तक पहुंचाना है। उनका मूल संदेश है — “गौ सेवा ही राष्ट्र सेवा”, जिसे वे अपनी कला साधना के माध्यम से निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं।
जयाप्रदा जी के हाथों सम्मान मिलना गौरवपूर्ण क्षण
सम्मान समारोह में अभिनेत्री आदरणीय जयाप्रदा जी के हाथों पुरस्कार प्राप्त करना चित्रकार महेश वैष्णव के लिए अत्यंत गौरव और सौभाग्य का विषय रहा। यह सम्मान उनके लंबे कला सफर और भारतीय कला के प्रति समर्पण को प्रोत्साहित करने वाला महत्वपूर्ण अवसर है।
महेश वैष्णव ने इस अवसर पर आभार व्यक्त करते हुए कहा: – “मेरे लिए यह अत्यंत सौभाग्य और गर्व का विषय है कि मुझे फिल्म जगत की आदरणीय जयाप्रदा जी के कर-कमलों से सम्मान प्राप्त हुआ। मैं आयोजक आदरणीय बसंत गोयल जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ कि उन्होंने मुझे इस सम्मान के योग्य समझा और इस प्रतिष्ठित समारोह में सम्मानित होने का अवसर प्रदान किया। यह सम्मान मेरी कला साधना को नई ऊर्जा देगा और भारतीय संस्कृति तथा गोधन कला को आगे बढ़ाने के मेरे संकल्प को और मजबूत करेगा।”
इस भव्य सम्मान समारोह के आयोजन एवं महेश वैष्णव को सम्मान के लिए चयनित किए जाने पर उन्होंने आयोजक आदरणीय बसंत गोयल जी के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया।
महेश वैष्णव ने कहा कि बसंत गोयल जी द्वारा उनकी कला को पहचान देना और उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के योग्य समझना उनके लिए अत्यंत प्रसन्नता एवं सौभाग्य की बात है। ऐसे आयोजन देश के प्रतिभाशाली कलाकारों को प्रोत्साहन देने और उनकी कला को व्यापक मंच प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कला साधना और राष्ट्र सेवा का संकल्प
विश्व विख्यात चित्रकार महेश वैष्णव ने कहा कि वे भविष्य में भी अपनी गोधन एवं पारंपरिक तंजौर कला के माध्यम से भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और कला परंपरा का प्रचार-प्रसार जारी रखेंगे। उनका लक्ष्य भारतीय कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना तथा कला के माध्यम से समाज और राष्ट्र की सेवा करना है।
“गौ सेवा, कला साधना एवं राष्ट्र सेवा” के संकल्प के साथ महेश वैष्णव अपनी कला यात्रा को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं।









