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मूवी रिव्यू : गाँव से मैदान तक संघर्ष, पहचान और आत्मसम्मान के लिए – पेड्डी की कहानी

मूवी रिव्यू: पेड्डी  निर्देशक: बुच्ची बाबू सना कलाकार: राम चरण, जाह्नवी कपूर, बोमन ईरानी, दिव्येंदु शर्मा, शिवराजकुमार संगीत: ए. आर. रहमान रेटिंग : ⭐⭐⭐⭐ (4/5) एक साहासिक और ऊर्जा से भरा खिलाड़ी पेद्दी, जिसके क्रिकेट खेला, जिसने कुश्ती खेली, जिसने किस्मत और समय से हार न मानते हुए अपने एक पैर को गवां कर भी दौड़ में गोल्ड मेडल जीता, वो भी अपने गांव और गांव के लोगों को पहचान दिलाने के लिए। खेलों के किरदारों को लेकर इतिहास में अभी तक जितनी भी बाॅयोपिक फिल्में बनी हैं, शायद यह पेद्दी के संघर्ष को दिखाती यह फिल्म सबसे ज्यादा दमदार फिल्म है। अगर पेद्दी की जीत और संघर्ष की कहानी को इस फिल्म के माध्यम से नहीं दिखाया जाता तो, देश के इस युवा खिलाड़ी द्वारा लड़ी जंग को कोई समझ और जान नहीं पाता। धन्य हैं, वे निर्माता और निर्देशक जिन्होंने पेद्दी फिल्म को बनाकर अपनी मेहनत को बड़े पर्दे पर साकार किया। असल में कहानी यह है कि फिल्म पेड्डी एक ऐसे युवा खिलाड़ी की गाथा है जो खेल के माध्यम से अपने गाँव और समुदाय को पहचान दिलाने की कोशिश करता है। विजयनगरम का ‘आटा कूली’ यानी किराए पर खेलने वाला पहाड़िया खिलाड़ी पेद्दी (राम चरण) सिर्फ जीत का प्रतीक नहीं है, बल्कि अपने लोगों की अस्मिता और अस्तित्व की लड़ाई का चेहरा भी है। क्रिकेट से लेकर कुश्ती और दौड़ तक, उसका संघर्ष सिर्फ खेल का नहीं बल्कि सम्मान और पहचान का है। उसने अपने पूरे जीवन में अपने अस्तित्व और गांव और वहां के लोगों के आत्मसम्मान के लिए और गांव को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए जो लड़ाई लड़ी है। वह अद्वित्य है। पेड्डी नेे खेल के जरिए अपने गाँव और समुदाय को पहचान दिलाने का सपना देखा तो उसको पूरा भी किया। यह सिर्फ जीत की लड़ाई नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और अस्मिता की गाथा है। जहां एक खेल का मैदान उसके लिए जीवन का प्रतीक बन जाता है, जहाँ हर संघर्ष उसे सम्मान की ओर ले जाता है। अभिनय: राम चरण ने इस फिल्म में अपने करियर का सबसे दमदार प्रदर्शन दिया है। उनकी बॉडी लैंग्वेज, इमोशन और दृढ़ संकल्प हर फ्रेम में झलकता है। जाह्नवी कपूर का किरदार सीमित है, लेकिन उनकी मौजूदगी कहानी में एक भावनात्मक परत जोड़ती है। दिव्येंदु शर्मा का यह पहला तेलुगू डूब्यू है, उनका किरदार भी आकर्षक है। बोमन ईरानी ने मिस्टर पैस्वाल का किरदार निभाया है, जो युवा मामलों और खेल मंत्रालय से जुड़े अधिकारी हैं। वे विजयनगरम पहुँचकर पेड्डी (राम चरण) की असाधारण खेल प्रतिभा को देखते हैं और उसकी कहानी को सामने लाने का प्रयास करते हैं। वहीं केसरी पहलवान के रूप में शिवराजकुमार ने भी शानदार काम किया है। संगीत: ए. आर. रहमान का संगीत फिल्म की आत्मा है। रहमान का दिल छू लेने वाला संगीत, बैकग्राउंड स्कोर हर सीन को और भी गहराई देता है। सिनेमैटोग्राफी हरे-भरे जंगल के दृश्य, गाँव की मिट्टी खेल के जुनून को बड़े परदे पर जीवंत बना देती है। खासियत: जहां इस फिल्म में खेल और इमोशन का बेहतरीन तालमेल मिलता है, वहीं राम चरण का करिश्माई अभिनय दर्शकों को जरूर भाएगा। फिल्म द्वारा एक विजेता खिलाड़ी ने किस तरह अपने गाँव की पहचान के लिए अपना जीवन दांव पर लगा दिया यह उसी जीवन को दर्शाती एक जमीनी कहानी है। कमजोरियाँ: फिल्म की लंबाई (3 घंटे से अधिक) दर्शकों को भारी लग सकती है। असल में कहानी के दृश्य फास्ट हैं, तो कहीं-कहीं आपको कुछ बोरियत सी हो सकती है। लेकिन अभिनत्री जाह्नवी का किरदार और भी मजबूत लिखा जा सकता था। उनके किरदार के आकर्षण में कमी देखने को मिलती है। पेड्डी सिर्फ एक स्पोर्ट्स ड्रामा नहीं, बल्कि संघर्ष, पहचान और आत्मसम्मान की कहानी है। यह फिल्म दर्शकों को भावनात्मक रूप से झकझोरती है और खेल के मैदान से बाहर भी एक गहरी सोच छोड़ जाती है। तो देर किस बात की है कल रिलीज हो रही है। अपने दोस्तों और अपने परिवार के साथ जाकर यह फिल्म जरूर देख कर आएं।

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13 मई को दिल्ली में होगा संजय दत्त स्टारर आखिरी सवाल का मेगा प्रीमियर, कई प्रमुख हस्तियों समेत वरिष्ठ राजनेता करेंगे शिरकत

आखिरी सवाल, जिसमें संजय दत्त लीड रोल में नजर आएंगे, धीरे-धीरे अपनी रफ्तार पकड़ रही है और 2026 की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल होती जा रही है। अपनी दमदार घोषणा और साहसपूर्ण टीज़र के बाद से ही इस प्रोजेक्ट ने जबरदस्त चर्चा बटोरी है। फिल्म के टीज़र ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं की तनावपूर्ण और दिलचस्प झलक दिखाकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है। इसी बढ़ते क्रेज के बीच अब फिल्म के मेकर्स 13 मई को दिल्ली में एक भव्य प्रीमियर इवेंट की तैयारी कर रहे हैं, जिसे अब तक के सबसे बड़े फिल्म प्रीमियर्स में से एक माना जा रहा है। इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, “आखिरी सवाल के मेकर्स 13 मई को दिल्ली में एक भव्य प्रीमियर इवेंट की तैयारी कर रहे हैं, जिसे अब तक के सबसे बड़े फिल्म प्रीमियर्स में से एक माना जा रहा है। इस खास कार्यक्रम के लिए कई प्रमुख हस्तियों, वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों को आमंत्रित किया गया है। फिल्म पहले से ही जबरदस्त चर्चा में है, ऐसे में यह प्रीमियर दिल्ली के एंटरटेनमेंट और राजनीतिक सर्किट का बड़ा आकर्षण बनने की उम्मीद है।” हालांकि, हाल ही में यह फिल्म सीबीएफसी (CBFC – केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड) की जांच के घेरे में फंस गई, जिसकी वजह से इसकी रिलीज योजनाओं में देरी हुई है। इस स्थिति के कारण ट्रेलर लॉन्च को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई थी, क्योंकि सेंसर बोर्ड की समीक्षा प्रक्रिया चल रही थी। अब सेंसर बोर्ड से क्लीयरेंस और आधिकारिक हरी झंडी मिलने के बाद सभी चिंताएं आखिरकार दूर हो गई हैं। सब कुछ तय होने और सेंसर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, मेकर्स अब पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े हैं। आखिरी सवाल का निर्देशन नेशनल अवॉर्ड विजेता फिल्ममेकर अभिजीत मोहन वारंग ने किया है। निखिल नंदा द्वारा प्रस्तुत इस फिल्म को निखिल नंदा और संजय दत्त ने प्रोड्यूस किया है, जबकि पुनीत नंदा, डॉ. दीपक सिंह, गौरव दुबे और उज्जवल आनंद इसके को-प्रोड्यूसर हैं। फिल्म की कहानी, पटकथा और संवाद उत्कर्ष नैथानी ने लिखे हैं। यह फिल्म 15 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है।

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सलमान खान के फेडोरा लुक ने मचाई हलचल, तस्वीरों के साथ दी मजेदार लाइफ एडवाइस!

क्लासी तस्वीरों संग सलमान खान का स्ट्रीट-स्मार्ट अंदाज वायरल, फैंस बोले- आपका संडे पोस्ट शानदार है! बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान हमेशा अपने मजेदार कैप्शन और सोशल मीडिया पोस्ट्स के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में एक्टर ने कुछ तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें वह क्लासिक ब्लैक फेडोरा पहने नजर आए और अपने खास अंदाज में शानदार स्वैग दिखाया। लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान उनके कैप्शन ने खींचा। अपने खुले और बातचीत वाले अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले सलमान खान ने इन तस्वीरों के साथ ऐसा मैसेज लिखा, जो मोटिवेशनल सलाह और स्ट्रीट-स्मार्ट समझदारी का मिश्रण लगा। अपने खास हिंग्लिश अंदाज में उन्होंने लिखा, “थिंकिंग ये है किसी भी फील्ड में। सोच लो समझ लो क्लियर हो जाओ डिसीजन लो और सब भूल के आगे बढ़ो और टोपी से याद आया टोपी खुद पहनो किसी को पहनाओ नहीं ना किसी को पहनाने दो।” https://www.instagram.com/p/DX3fzJsCCE_/?img_index=1&igsh=MWJ3c3BjdWRhbTkydw== उनके कैप्शन का आखिरी हिस्सा बड़ी समझदारी से “टोपी” शब्द का इस्तेमाल करता है, जिससे ईमानदारी और सच्चाई की अहमियत बताई गई है। उनका मतलब था कि ना तो किसी को धोखा दो और ना ही खुद किसी के धोखे में आओ। जैसे ही सलमान खान ने ये तस्वीरें शेयर कीं, फैंस ने कमेंट सेक्शन में प्यार बरसा दिया। एक फैन ने लिखा, “सलमानसी, मैं बहुत बड़ा फैन हूं, आपकी प्यारी तस्वीरें देखकर संडे और भी खास बन गया।” एक दूसरे फैन ने लिखा, “बहुत फिट और हैंडसम लग रहे हो।” एक फैन ने कमेंट किया, ❤️♡❤️♡❤️♡ “माय जान, माय लव, माय आइडल, माय भाई, हमेशा प्यार।” एक और फैन ने लिखा, “कोई इतना हैंडसम कैसे हो सकता है 😍 आई लव यू।” जहां सलमान खान बड़े पर्दे पर लगातार छाए हुए हैं, वहीं ऐसे पल दिखाते हैं कि वह सिनेमा से आगे बढ़कर भी लोगों से जुड़ने का हुनर रखते हैं। काम की बात करें तो सलमान खान अपनी आने वाली और बहुप्रतीक्षित फिल्म मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस की तैयारी में जुटे हैं। मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस को सलमा खान ने सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले प्रोड्यूस किया है, जबकि निर्देशन की कमान अपूर्व लाखिया संभाल रहे हैं। यह फिल्म बहादुरी, बलिदान और हौसले की दमदार कहानी दिखाने का वादा करती है। फिल्म में चित्रांगदा सिंह भी अहम भूमिका में नजर आएंगी।

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रिव्यू : कभी कभी एक दिन हमारी पूरी जिंदगी का रुख बदल सकता है

फिल्म : ‘एक दिन’ निर्माता : आमिर खान प्रोडक्शन डायरेक्टर : सुनील पांडे मुख्य कलाकार : जुनैद खान, साई पल्लवी, कुणाल कपूर,केविन डेव अवधि : 2 घंटे 5 मिनट रेटिंग : 3 स्टार आमिर खान के प्रोडक्शन और सुनील पांडे के निर्देशन में बनी ‘एक दिन’ फिल्म दो किरदारों की जिंदगी को बदल देने वाली फिल्म है, जिसमें दिनेश उर्फ डीनो (जुनैद खान) का किरदार एक युवा व्यक्ति का है, जो एक आईटी कंपनी में काम करते हुए अपने सपनों और जिम्मेदारियों के बीच उलझा हुआ है। वहीं उसके आॅफिस में एक लड़की मीरा (साई पल्लवी)एक संवेदनशील, दृढ़ और भावनात्मक महिला के रूप में सामने आती हैं, जिसकी उपस्थिति कहानी को गहराई देती है। दिनेश उर्फ डीनो मीरा का मन ही मन चाहता है, लेकिन खुद को उसके लायक नहीं समझता, इसलिए वह मीरा से सीधे अपने मन की बात नहीं कह पाता। आगे चलकर फिल्म की कहानी आॅफिस से सीधे जापान की यात्रा पर निकलती है, जो जुनैद खान और साई पल्लवी की कहानी में एक दिन का उतार-चढ़ाव आता है। आमिर खान के प्रभावशाली व्यक्तित्व और उनके दमदार अभिनय से प्रेरित हो उनके बेटे जुनैद खान ने भी फिल्मों में अपनी यात्रा शुरू कर दी है। इससे पहले भी वे ‘महाराज’ और ‘लवयापा’ जैसी फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं, और इस बार अमिर खान प्रोडक्शन द्वारा निर्मित फिल्म ‘एक दिन’ में लीड रोल में दर्शकों के सामने आए हैं। यह फिल्म जुनैद खान के अभिनय यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने अपने किरदार में सहजता और ईमानदारी दिखाई है। उनकी बॉडी लैंग्वेज और संवाद अदायगी में एक नया आत्मविश्वास झलकता है। वहीं साई पल्लवी की अदाकारी और भावनाओं को अभिव्यक्त करने की क्षमता फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण है। वह हर दृश्य में दर्शकों को अपने साथ जोड़ लेती हैं। निर्देशन और प्रस्तुति की बात करें तो आमिर खान प्रोडक्शन की पहचान हमेशा से गहन और विचारशील सिनेमा रही है। ‘एक दिन’ भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाती है। फिल्म का निर्देशन संवेदनशील है, जापान के खूबसूरत दृश्यों और कैमरे का इस्तेमाल कहानी को और प्रभावशाली बनाता है। फिल्म के संगीत और तकनीकी पक्ष के चलते फिल्म का संगीत भावनाओं को और गहराई देता है। बैकग्राउंड स्कोर दृश्यों की नाटकीयता को बढ़ाता है, जबकि गाने कहानी के प्रवाह में सहजता से घुल जाते हैं। सिनेमैटोग्राफी में रोजमर्रा की जिंदगी को खूबसूरती से कैद किया गया है। ‘एक दिन’ सिर्फ एक फिल्म ही नहीं, बल्कि एक अनुभव है, जो हमें याद दिलाती है कि कभी-कभी एक ही दिन हमारी पूरी जिंदगी का रुख बदल सकता है। जुनैद खान और साई पल्लवी की जोड़ी ताजगी भरी है और दर्शकों को लंबे समय तक याद रहेगी। यहां बात सिर्फ रिव्यू पढ़ने की है और रिव्यू पढ़ने से ज्यादा कुछ समझ में नहीं आने वाला क्योंकि पढ़ने से ज्यादा जब कहानी पर्दे पर चलती है, तो आप दृश्यों और कलाकारों से ज्यादा जुड़ाव महसूस होता है। तो देर किस बात की इस वीकेंड को हाथ से न जाने दें और जल्द से जल्द देख आएं इस बेहतरीन फिल्म को, जो एक दिन में आपके अंदर भी कुछ बदलता हुआ महसूस कराएगी।

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वरिष्ठ फिल्मकार के. सी. बोकाडिया का सफर : ‘रिवाज़’ से ‘तीसरी बेगम’ तक

मुंबई : हिंदी फिल्म जगत में के. सी. बोकाडिया का नाम एक ऐसे फिल्मकार के रूप में लिया जाता है, जिन्होंने लंबे समय तक दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया और अनेक सफल फिल्में दीं। उनका सफर मेहनत, लगन और निरंतर काम करते रहने की मिसाल है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत फिल्म रिवाज़ से की थी। इस फिल्म में संजीव कुमार , माला सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे बड़े कलाकार थे। यहीं से उनके फिल्मी सफर की मजबूत शुरुआत हुई। इसके बाद उन्होंने लगभग 60 फिल्मों का निर्माण किया, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उनकी सफल फिल्मों में प्यार झुकता नहीं, तेरी मेहरबानियां, आज का अर्जुन, नसीब अपना अपना, मैदान ऐ जंग , कुदरत का क़ानून ,जवाब हम देंगे और फूल बने अंगारे शामिल हैं। इन फिल्मों को दर्शकों ने खूब सराहा। उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ आज का अर्जुन और लाल बादशाह जैसी फिल्में बनाईं, जो काफी सफल रहीं। वहीं रजनीकांत के साथ भी उन्होंने पांच फिल्में कीं, जो उनकी विशेष उपलब्धि मानी जाती है। प्रियंका चोपड़ा ,सनी देओल सहित लगभग सभी प्रमुख कलाकारों के साथ उन्होंने काम किया है। इतना ही नहीं, उन्होंने प्रसिद्ध निर्देशक के आसिफ़ की अधूरी फिल्म लव एंड गॉड को भी पूरा किया। यह उनके अनुभव और समर्पण को दर्शाता है। उन्होंने नई पीढ़ी के कलाकारों के साथ भी काम किया। सलमान ख़ान , शाहरुख़ ख़ान ,माधुरी दीक्षित और ऐश्वर्या राय को लेकर उन्होंने हम तुम्हारे हैं सनम बनाई, जिसे दर्शकों ने पसंद किया। हाल ही में उनका धारावाहिक सरदार दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ और दर्शकों को पसंद भी आया। इसके अलावा अनुपम खेर ,महिमा चौधरी और अन्नू कपूर अभिनीत फिल्म सिग्नेचर को भी अच्छा प्रतिसाद मिला। अब उनकी नई फिल्म तीसरी बेगम 29 मई को प्रदर्शित होने जा रही है। फिल्म की कहानी एक ऐसे मुस्लिम किरदार की है, जो तीन शादियां करता है—एक मुस्लिम, एक राजपूत और एक ब्राह्मण पत्नी से। यह फिल्म पहले प्रमाणन प्रक्रिया में अटकी हुई थी, लेकिन अब सभी मंजूरी मिलने के बाद इसके प्रदर्शन का मार्ग साफ हो गया है। के. सी. बोकाडिया उन गिने-चुने फिल्मकारों में हैं, जिन्होंने लगभग हर बड़े कलाकार के साथ काम किया है। उनका अनुभव और योगदान आज भी फिल्म जगत के लिए प्रेरणा बना हुआ है।

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“पिट्ट सियापा” नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में छाया फिल्म का अनोखा कॉन्सेप्ट

नई दिल्ली : पंजाबी सिनेमा में एक बार फिर कुछ हटकर देखने को मिलने वाला है। आगामी कॉमेडी फिल्म “पिट्ट सियापा” का टीज़र रिलीज होते ही चर्चा में आ गया है। इसी कड़ी में फिल्म की प्रेस कॉन्फ्रेंस राजधानी के प्रतिष्ठित होटल द ललित नई दिल्लीमें आयोजित की गई, जहां मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री के लोगों की खास मौजूदगी रही। प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिल्म की स्टार कास्ट सोनम बाजवा और परमवीर सिंह चीमाने हिस्सा लिया और फिल्म से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। सोनम बाजवा ने बताया कि फिल्म की कहानी बेहद अलग और दिलचस्प है, जो दर्शकों को हंसी के साथ-साथ इमोशन और ड्रामा का भी पूरा डोज़ देगी क्योंकि जल्दी ही गर्मी की छुट्टी है होने वाली है और गर्मी छुट्टी में एक ऐसी कॉमेडी फिल्म आनी जरूरी है जिसे पूरे परिवार के साथ बैठकर देखा जा सके। “पिट्ट सियापा” पूरे परिवार के साथ देखने वाली कॉमेडी फिल्म है। वैसे भी मुझे कॉमेडी करना बहुत पसंद है। परमवीर सिंह चीमाने बताया कि सोनम बाजवा पंजाब की सुपरस्टार और उनके साथ मेरी फिल्म आ रही है इससे बड़ी बात क्या हो सकती है सोनम की एक्टिंग का मैं हमेशा से प्रशंसक रहा हूं मेरा सौभाग्य है की मेरी पहली पंजाबी फिल्म सोनम बाजवा के साथ आ रही है। फिल्म का टीज़र रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर चर्चा में है। “पिट्ट सियापा” की कहानी एक अनोखे कॉन्सेप्ट पर आधारित है, जहां फ्यूनरल बिज़नेस से शुरू होकर कहानी लव स्टोरी, कन्फ्यूजन और अनएक्सपेक्टेड ट्विस्ट्स तक पहुंचती है। यही अलग अंदाज़ इसे बाकी फिल्मों से खास बनाता है। फिल्म के निर्माता पंकज गुप्ता, संदीप वासवानी, सूर्या गुप्ता, योगेश राहर और केवल गर्ग ने भी फिल्म को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह फिल्म कॉमेडी, इमोशन और ड्रामा का परफेक्ट मिश्रण है, जो हर वर्ग के दर्शकों को पसंद आएगा। “पिट्ट सियापा” एक हल्की-फुल्की लेकिन अलग कहानी वाली फिल्म है, जिसमें पंजाबी हास्य का जबरदस्त तड़का देखने को मिलेगा। खास बात यह भी है कि सोनम बाजवा इस फिल्म में एक बिल्कुल नए और अनदेखे किरदार में नजर आएंगी। यह फिल्म मूवी टनल प्रोडक्शंस के बैनर तले निर्मित है। अब देखना दिलचस्प होगा कि अपने अनोखे कॉन्सेप्ट और दमदार कॉमेडी के साथ “पिट्ट सियापा” बॉक्स ऑफिस पर कितना धमाल मचाती है।

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भक्ति और भव्यता का संगम : दिल्ली में नीब करौरी बाबा महाराज की प्रेस कॉन्फ्रेंस

नई दिल्ली : आध्यात्मिक और प्रेरणादायक फिल्म “श्री बाबा नीब करौरी महाराज” की प्रेस कॉन्फ्रेंस राजधानी दिल्ली के द मेट्रोपॉलिटन होटल, गोल मार्केट में आयोजित की गई। इस मौके पर फिल्म की स्टार कास्ट और निर्माताओं ने मीडिया से बातचीत करते हुए फिल्म के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य रूप से सुबोध भावे, समिक्षा भटनागर, वर्षा मणिकचंद, अनिरुद्ध दवे और हितेन तेजवानी मौजूद रहे। सभी कलाकारों ने फिल्म में अपने किरदारों और अनुभवों को साझा किया। फिल्म “श्री बाबा नीब करौरी महाराज” एक आध्यात्मिक यात्रा को बड़े पर्दे पर जीवंत करने का प्रयास है, जिसमें महान संत के जीवन, उनके चमत्कारों और उनके उपदेशों को दर्शाया गया है। फिल्म का निर्देशन शरद सिंह ठाकुर ने किया है। फिल्म में सुबोध भावे मुख्य भूमिका में श्री बाबा नीब करौरी महाराज के रूप में नजर आएंगे। समिक्षा भटनागर सिद्धि मां, वर्षा मणिकचंद भक्ति मां और अनिरुद्ध दवे जीवन दादा (बाबा जी के सेवक) की भूमिका निभा रहे हैं। हितेन तेजवानी भी फिल्म में अहम किरदार में दिखाई देंगे। इसके अलावा फिल्म में राजेश शर्मा, मिलिंद गुणाजी, हेमंत पांडे, मोहित गुप्ता, महेश शेट्टी, हार्दिक कौर, स्मिता तांबे, गरिमा अग्रवाल, आरती नागपाल, गौरीशंकर सिंह, शैलेंद्र गौर, शांतनु और श्यामलाल जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का निर्माण बलराम गर्ग, बलवीर सिंह, शरद सिंह ठाकुर, खड़क सिंह गौर और नीलम सिंह द्वारा किया गया है। यह फिल्म अनीशा फिल्म्स इंटरनेशनल के बैनर तले , पीसी ज्वेलर, बीएसआर फिल्म प्रोडक्शंस और एडवांस टेक्नोलॉजी के सहयोग से बनाई गई है, जबकि फर्स्ट फिल्म स्टूडियो इसके ऑल इंडिया डिस्ट्रीब्यूशन का जिम्मा संभाल रहा है। फिल्म की टीम के अनुसार, यह फिल्म दर्शकों को भक्ति, आस्था और आध्यात्मिकता से जुड़ी एक गहन और प्रेरणादायक यात्रा पर ले जाएगी। अपने सशक्त अभिनय और प्रभावशाली कहानी के साथ यह फिल्म सभी वर्गों के दर्शकों को जोड़ने का वादा करती है। “श्री बाबा नीब करौरी महाराज” फिल्म 24 अप्रैल 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है।

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IFFD 2026 में बोमन ईरानी का मास्टरक्लास: अभिनय की कला और अनुशासन पर गहन चर्चा 

नई दिल्ली : अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव दिल्ली (IFFD) 2026 में आयोजित मास्टरक्लास विद बोमन ईरानी एक अविस्मरणीय सत्र साबित हुआ। इस सत्र में बोमन ईरानी ने अपनी जीवन यात्रा, अभिनय की कला और अपने प्रतिष्ठित किरदारों के पीछे की सोच को साझा किया। उन्होंने बताया कि अभिनय केवल संवाद बोलने की कला नहीं है, बल्कि यह चरित्र निर्माण, कहानी कहने और अनुशासन का गहरा संगम है। बोमन ईरानी ने अपने अनुभवों से यह स्पष्ट किया कि हर किरदार को जीवंत बनाने के लिए कलाकार को गहन अध्ययन, संवेदनशीलता और निरंतर अभ्यास की आवश्यकता होती है। सत्र के दौरान उन्होंने यह भी समझाया कि अभिनय में अनुशासन का महत्व कितना बड़ा है। उन्होंने कहा कि एक अभिनेता को अपने काम के प्रति ईमानदार रहना चाहिए और हर किरदार को पूरी निष्ठा से निभाना चाहिए। उनकी बातें न केवल अभिनय की तकनीक पर प्रकाश डालती हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि सिनेमा समाज और दर्शकों पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। यह मास्टरक्लास न केवल उभरते कलाकारों के लिए प्रेरणा बना बल्कि फिल्म निर्माताओं और सिनेमा प्रेमियों के लिए भी ज्ञानवर्धक रहा। बोमन ईरानी की सहज शैली और गहन विचारों ने इस सत्र को विशेष बना दिया। मुख्य बिंदु: बोमन ईरानी ने अपनी अभिनय यात्रा और दर्शन साझा किया। चरित्र निर्माण और कहानी कहने की कला पर गहन चर्चा। अभिनय में अनुशासन और ईमानदारी का महत्व बताया। सत्र ने उभरते कलाकारों और फिल्मकारों को प्रेरित किया। यह मास्टरक्लास IFFD 2026 की एक प्रमुख आकर्षण रहा, जिसने अभिनय की कला को नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर दिया।

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IFFD 2026 में मनोज वाजपेयी ने साझा की अपनी प्रेरक यात्रा 

नई दिल्ली : अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव दिल्ली (IFFD) 2026 के CineXchange मंच पर अभिनेता मनोज वाजपेयी ने एक सशक्त बातचीत में अपनी जीवन यात्रा को साझा किया। छोटे से गाँव से राष्ट्रीय और वैश्विक मंच तक पहुँचने की कहानी ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। इस सत्र का संचालन अंशुल चतुर्वेदी, एग्ज़ीक्यूटिव एडिटर, मेट्रो सप्लीमेंट्स, द टाइम्स ऑफ इंडिया ने किया। चर्चा में मनोज वाजपेयी ने धैर्य, विश्वास और सार्थक कार्य की खोज को अपनी सफलता का मूल मंत्र बताया। उनकी बातें न केवल सिनेमा प्रेमियों बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा बनीं जो अपने सपनों को साकार करने की राह पर है।

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From Page to Screen: Filmmakers Decode Storytelling & AI at IFFD 2026 

New Delhi : At CineXchange, part of the International Film Festival Delhi (IFFD) 2026, leading filmmakers and producers Nikkhil Advani, Abhishek Chaubey, RS Prasanna, and Siddharth Jain came together for the session “Page to Screen: Producing & Directing Original Source Material”, moderated by Mayank Shekhar. The panel explored the delicate balance between originality and source material, diving into the creative challenges of transforming written narratives into cinematic experiences. They also discussed how AI is increasingly reshaping filmmaking—from script development to production workflows—while underscoring the irreplaceable role of human imagination and storytelling at the heart of cinema.

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