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‘असफलता और कुछ नया करने से डर नहीं लगता’ : एनडीटीवी युवा 2026 में बहुमुखी प्रतिभा की धनी सान्या मल्होत्रा ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया

नई दिल्ली : बॉलीवुड की बहुमुखी अभिनेत्री सान्या मल्होत्रा ने शनिवार को यहां आयोजित ‘एनडीटीवी युवा 2026’ कार्यक्रम में दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। 2016 की फिल्म ‘दंगल’ से पहचान बनाने वाली सान्या ने कहा कि उन्हें अपनी अब तक की यात्रा पर गर्व है और वह अपने 2016 वाले स्वरूप को कोई सलाह नहीं देना चाहतीं। सान्या ने उत्साहित भीड़, जिसमें बड़ी संख्या में जेन Z युवा शामिल थे, से कहा, “मुझे अपने अतीत पर इतना गर्व है कि मैं उसे कुछ नहीं कहना चाहूंगी। मुझे अपने 2016 के स्वरूप पर भी बहुत गर्व है। कोई चिंता नहीं, गलतियां करो। मैं खुद से कहूंगी कि तुम उन गलतियों से सीखते हुए बहुत आगे आ चुकी हो। अगर मैं खुद को कुछ और करने या न करने की सलाह दूंगी, तो मैं अपने ही अवसर छीन लूंगी।” बॉलीवुड में अपने किरदारों के चयन में जोखिम लेने के लिए जानी जाने वाली सान्या ने कहा कि उन्हें किसी तरह का दबाव महसूस नहीं होता। करीब एक दशक पहले बॉलीवुड में कदम रखने वाली सान्या ने कहा, “कभी ऐसा हो सकता है कि मैं कुछ करूं और वह लोगों को पसंद न आए। क्या इससे मैं जोखिम लेना बंद कर दूंगी? बिल्कुल नहीं। मुझे असफलता से और कुछ नया करने से डर नहीं लगता।” ‘दंगल’ के अलावा सान्या ‘बधाई हो’, ‘पगलैट’ और ‘कटहल’ जैसी फिल्मों में अपनी बहुमुखी भूमिकाओं के लिए जानी जाती हैं। उनकी प्रतिभा का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि वह एक प्रशिक्षित कंटेम्पररी और बैले डांसर भी हैं। कार्यक्रम के दौरान बातचीत में सान्या ने दिलजीत दोसांझ के साथ काम करने के अनुभव को भी याद किया और इसे खास बताया। उन्होंने कहा, “मुझे दिलजीत दोसांझ का संगीत बहुत पसंद है और मैं उनके गानों पर डांस करना भी पसंद करती हूं। उनका हर नया गाना आने पर मैं उस पर रील बनाती हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि उनके साथ काम करने का मौका मिलेगा। यह अनुभव मुझे बेहद पसंद आया।” गौरतलब है कि सान्या मल्होत्रा और दिलजीत दोसांझ ने पिछले साल अक्टूबर में रिलीज हुए म्यूजिक वीडियो ‘चार्मर’ (Charmer) में साथ काम किया था, जो पंजाबी अभिनेता-गायक के एल्बम ‘ऑरा’ (Aura) का हिस्सा था।

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कवि सुभाष गौड़ की ‘युग की गीता’: नैतिक चेतना की काव्यात्मक छवि

‘’सब व्यक्तियों में पार्थ मैं ही सर्वगुण संपन्न हूं- सिर्फ वोट लेने के लिए ही, पार्थ मैं विपन्न हूं’’- उज्जैन के वरिष्ठ व प्रतिष्ठित कवि श्री सुभाष गौड़ के काव्य संग्रह “युग की गीता’’ की ये पंक्तियां मौजूदा युग के खुरदरे व कड़वे यथार्थ को ज्यों का त्यों अभिव्यक्त करती हैं। यह काव्य संग्रह वस्तुत: हृदय की कोमल भावनाओं, समाज की विसंगतियों, राजनैतिक विद्रूपताओं और भविष्य की चिंताओं को उकेरता हुआ संवेदनाओं का इंद्रधनुष है। इसमें प्रेम की गहनतम अभीप्सा, उत्कंठा और अनुभव को कागज के पन्नों पर इस तरह उतारा गया है कि आप उसे उसकी तीव्रता के साथ महसूस कर सकें। मसलन एक कविता ‘इक तुम्हारा साथ पाकर’ की लयात्मकता, मधुरता और जीवंतता बेमिसाल है। कविता का एक अंश देखिए कि ‘’एक तुम्हारे साथ यह मौसम बदलकर रह गया है, एक तुम्हारे संग से हर ढंग बदलकर रह गया है, एक तुम ही हो कि जिससे सब बदलकर रह गया है, जिंदगी के गीत का सरगम बदलकर रह गया है’’- दरअसल यह प्रेम की जीत के जश्न का गीत है। इस कविता में हमसफर की अहमियत, उसकी मौजूदगी, अहसास के तल पर हुए बदलाव- इन सभी की बेहद सुंदर अभिव्यक्ति हुई है। वहीं आगे की कविता ‘मैं शब्दों का शिल्पकार’ में कवि अपनी भूमिका स्पष्ट करते हैं, जबकि एक और कविता ‘’युवकों से’ में कवि नौजवानों को प्रेरित करते और सुझाव देते हुए नजर आते हैं। यह दर्शाता है कि कवि के मन में समाज और देश के भविष्य को लेकर बड़ी गहरी चिंता है। कविताओं की श्रृंखला में कविताएं भी सिलसिलेवार तरीके से सुसज्जित है। उदाहरण के तौर पर “मौसम ने करवट ली’’ के बाद ‘कहां विश्राम लेगी’ में उनके अनुभूति की कोयल लय-ताल के साथ कूकती है। एक कविता ‘’बाहर शोर तमाशा है’’ की पंक्तियां देखिए- ‘कोशिश हर दम चलती है- किस्मत लेकिन छलती है’- निश्चित ही यह जीवन के अनिश्चित यथार्थ और अनुभव से गुंजित पंक्तियां हैं। कवि प्रेम में न जताने की कला को बड़े ही सपाट शब्दों में अभिव्यक्त करते हैं- प्यार जब करते हो तो छुपाते क्यों हो- बेरुखी हमसे है, ये दिखाते क्यों हो। देश की मौजूदा आंतरिक सुरक्षा की समस्या पर भी उनकी कविता ‘पहले अपना घर साफ करो’ सीधे प्रहार करती हुई नजर आती है-  यहां भीड़ लगी जयचंदों- जाफर और विभीषण की- पहले अपना घर साफ करो- फिर रण की हुंकार भरो। एक कविता का अंश देखिए कि ‘बदले हुए दौर में पैसे की हुकूमत – कैसे किधर से आया- कुछ ध्यान नहीं हैं- हालांकि इस कविता का शीर्षक देते हुए वरिष्ठ कवि से जल्दबाजी हो गई है या प्रकाशन की त्रुटि है, यह नहीं मालूम लेकिन इस कविता का शीर्षक होना चाहिए था- ‘रवायत’। एक दूसरी कविता की पंक्तियां देखिए- बरसों बाद मिले हम तुम जब- दिल धड़का और आंखें रोई- लेकिन तुम पर असर नहीं कुछ साफ दिखाई देता है। कविता ‘शब्दों के जंगल’ की यह पंक्तियां कितनी सटीक है कि ‘शब्दों से भावना की गोद नहीं भरती है, सही भावना तो बस मौन में उतरती है। कवि सुभाष गौड़ की कविताओं में प्रेम बेहद सरल-सहज रूप में अभिव्यक्त हुई है- आओ के बैठ कर के कहीं गुफ्तगूं करें – कुछ मेरी सुनो- अपनी सुना जाओ किसी दिन। ऐसी ही एक कविता का अंश देखिए- वो मिला भी है तुझसे तो अजनबी की तरह- फिर तेरा उससे वास्ता क्या है! सुभाष गौड़ जी के दोहे तो सभी एक से बढ़कर एक हैं- एक बानगी देखिए कि ‘रिश्ते-नाते व्यर्थ हैं, अगर नहीं है अर्थ- संबंधों की आजकल, यही है पहली शर्त। काव्य संग्रह के आखिर में जो क्षणिकाओं एवं मुक्तकों का संग्रह है- वो लाजवाब है। लंबी कविता ‘युग की गीता’ को पढ़ते हुए अलग-अलग विषयों पर उनका व्यंग्य, आनंद का सहज प्रवाह भी है तो वक्त के सामने तीखा सवाल भी- विस्तार से क्या काम तुझको- जान लो यह सार है- बस एक मेरे वंश से ही लोकतंत्र आबाद है। इस कविता से गुजरते हुए इस बात का भी आभास हो जाता है कि क्यों कवि ने इस काव्य संग्रह का नाम- ‘युग की गीता’ रखा है। कवि ने युग की छवि को व्यंग्य और तंज के सहारे इस तरह रचा है कि ‘युग की गीता’ आज के समय को समझने का एक आदर्श पाठ  बन जाती है— तीखा, सचेत और निर्भीक

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“पिट्ट सियापा” नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में छाया फिल्म का अनोखा कॉन्सेप्ट

नई दिल्ली : पंजाबी सिनेमा में एक बार फिर कुछ हटकर देखने को मिलने वाला है। आगामी कॉमेडी फिल्म “पिट्ट सियापा” का टीज़र रिलीज होते ही चर्चा में आ गया है। इसी कड़ी में फिल्म की प्रेस कॉन्फ्रेंस राजधानी के प्रतिष्ठित होटल द ललित नई दिल्लीमें आयोजित की गई, जहां मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री के लोगों की खास मौजूदगी रही। प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिल्म की स्टार कास्ट सोनम बाजवा और परमवीर सिंह चीमाने हिस्सा लिया और फिल्म से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। सोनम बाजवा ने बताया कि फिल्म की कहानी बेहद अलग और दिलचस्प है, जो दर्शकों को हंसी के साथ-साथ इमोशन और ड्रामा का भी पूरा डोज़ देगी क्योंकि जल्दी ही गर्मी की छुट्टी है होने वाली है और गर्मी छुट्टी में एक ऐसी कॉमेडी फिल्म आनी जरूरी है जिसे पूरे परिवार के साथ बैठकर देखा जा सके। “पिट्ट सियापा” पूरे परिवार के साथ देखने वाली कॉमेडी फिल्म है। वैसे भी मुझे कॉमेडी करना बहुत पसंद है। परमवीर सिंह चीमाने बताया कि सोनम बाजवा पंजाब की सुपरस्टार और उनके साथ मेरी फिल्म आ रही है इससे बड़ी बात क्या हो सकती है सोनम की एक्टिंग का मैं हमेशा से प्रशंसक रहा हूं मेरा सौभाग्य है की मेरी पहली पंजाबी फिल्म सोनम बाजवा के साथ आ रही है। फिल्म का टीज़र रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर चर्चा में है। “पिट्ट सियापा” की कहानी एक अनोखे कॉन्सेप्ट पर आधारित है, जहां फ्यूनरल बिज़नेस से शुरू होकर कहानी लव स्टोरी, कन्फ्यूजन और अनएक्सपेक्टेड ट्विस्ट्स तक पहुंचती है। यही अलग अंदाज़ इसे बाकी फिल्मों से खास बनाता है। फिल्म के निर्माता पंकज गुप्ता, संदीप वासवानी, सूर्या गुप्ता, योगेश राहर और केवल गर्ग ने भी फिल्म को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह फिल्म कॉमेडी, इमोशन और ड्रामा का परफेक्ट मिश्रण है, जो हर वर्ग के दर्शकों को पसंद आएगा। “पिट्ट सियापा” एक हल्की-फुल्की लेकिन अलग कहानी वाली फिल्म है, जिसमें पंजाबी हास्य का जबरदस्त तड़का देखने को मिलेगा। खास बात यह भी है कि सोनम बाजवा इस फिल्म में एक बिल्कुल नए और अनदेखे किरदार में नजर आएंगी। यह फिल्म मूवी टनल प्रोडक्शंस के बैनर तले निर्मित है। अब देखना दिलचस्प होगा कि अपने अनोखे कॉन्सेप्ट और दमदार कॉमेडी के साथ “पिट्ट सियापा” बॉक्स ऑफिस पर कितना धमाल मचाती है।

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इंडिया ऑटिज़्म सेंटर ने प्रथम नेशनल एएलएफ़ओसी कॉन्क्लेव में समावेशी आवासीय देखभाल पर ज़ोर दिया

दिल्ली  : इंडिया ऑटिज़्म सेंटर (आईएसी), जो ऑटिज़्म और संबंधित विकासात्मक स्थितियों वाले व्यक्तियों के समर्थन के लिए समर्पित एक अग्रणी गैर-लाभकारी संगठन है, ने प्रथम नेशनल एएलएफ़ओसी (असिस्टेड लिविंग फैसिलिटी ऑर्गनाइजेशन्स कंसोर्टियम) कॉन्क्लेव में भाग लिया। यह एक दिवसीय संगोष्ठी थी, जिसका उद्देश्य विशेष आवश्यकताओं वाले व्यक्तियों के लिए असिस्टेड लिविंग पर संवाद को आगे बढ़ाना था। वर्तमान में ‘सामावेश’ का विकास करते हुए जो न्यूरोडाइवर्स व्यक्तियों के लिए भारत का सबसे बड़ा आजीवन आवासीय देखभाल तंत्र बनने की दिशा में है आईएसी की भागीदारी ने एक अधिक समावेशी, जागरूक और सहयोगी सामुदायिक ढांचे के निर्माण के प्रति उसकी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाया। कॉन्क्लेव में असिस्टेड लिविंग क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख विशेषज्ञ शामिल हुए, जिनमें श्री जयशंकर नटराजन (निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, इंडिया ऑटिज़्म सेंटर), सुश्री नीना वाघ (संस्थापक निदेशक – एएलएफ़ओसी), सुश्री मुग्धा कालरा (पत्रकार एवं पीएचडी शोधार्थी – असिस्टेड लिविंग), सुश्री सीमा चड्ढा (मुस्कान पीएईपीआईडी), सुश्री संगीता जैन (संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी – एक्या असिस्टेड लिविंग), कर्नल उपदेश (पीएसीटी असिस्टेड लिविंग), सुश्री कविता बेनीवाल (समर्थ असिस्टेड लिविंग), और श्री जितेंद्र पी.एस. सोलंकी (आरआईए, एस्टेट प्लानर एवं विशेष आवश्यकता योजनाकार) सहित अन्य प्रमुख हितधारक शामिल थे, जो इस क्षेत्र को आकार दे रहे हैं। विशेषज्ञों, कार्यकर्ताओं और परिवारों को एक साथ लाते हुए, यह कॉन्क्लेव भारत में आवासीय देखभाल के भविष्य पर विचार-विमर्श के लिए एक सहयोगात्मक मंच बना। चर्चा के दौरान, श्री जयशंकर नटराजन, निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंडिया ऑटिज़्म सेंटर (आईएसी) ने कोलकाता में आईएसी की आगामी आवासीय पहल ‘सामावेश’ का परिचय दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “भारत एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है, जब बात ऑटिज़्म और अन्य विकासात्मक स्थितियों वाले व्यक्तियों के लिए आजीवन देखभाल की योजना बनाने की आती है। जैसे-जैसे जीवन प्रत्याशा बढ़ रही है, भविष्य के लिए तैयार मजबूत आवासीय तंत्र बनाने की आवश्यकता और अधिक स्पष्ट हो जाती है। असिस्टेड लिविंग को इस प्रकार डिज़ाइन किया जाना चाहिए कि हर जीवन चरण में गरिमा, स्वतंत्रता और निरंतर देखभाल सुनिश्चित हो सके। ‘सामावेश’ के माध्यम से, हमारा लक्ष्य एक समग्र और टिकाऊ मॉडल तैयार करना है, जो व्यक्तियों को सशक्त बनाए और परिवारों को दीर्घकालिक आश्वासन एवं सहयोग प्रदान करे।” कॉन्क्लेव का एक प्रमुख आकर्षण सुश्री मुग्धा कालरा द्वारा संचालित पैनल चर्चा थी, जिसमें क्षेत्र के नेताओं ने असिस्टेड लिविंग के संचालनात्मक और भावनात्मक पहलुओं पर व्यावहारिक अनुभव साझा किए। प्रथम नेशनल एएलएफ़ओसी (असिस्टेड लिविंग फैसिलिटी ऑर्गनाइजेशन्स कंसोर्टियम) कॉन्क्लेव २०२६ के बारे में, सुश्री नीना वाघ, संस्थापक निदेशक, एएलएफ़ओसी ने कहा, “भारत में असिस्टेड लिविंग को लेकर संवाद लगातार गति पकड़ रहा है, फिर भी कई परिवारों के लिए यह यात्रा अभी भी अनिश्चित और बिखरी हुई प्रतीत होती है। वे केवल देखभाल नहीं, बल्कि आश्वासन चाहते हैं ऐसे स्थान जहाँ उनके प्रियजन गरिमा और अपनापन के साथ जीवन जी सकें। साथ ही, इस तंत्र को स्पष्ट मानकों, साझा दिशानिर्देशों और निरंतर सहयोग के माध्यम से विकसित करने की आवश्यकता है। एएलएफ़ओसी जैसी पहलें इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं संवाद को बढ़ावा देकर, सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को साझा करके, और एक अधिक संवेदनशील तथा सहयोगात्मक देखभाल व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़कर।” क्षेत्र के नेताओं के साथ सक्रिय सहभागिता और ‘सामावेश’ के माध्यम से अपनी दृष्टि को आगे बढ़ाते हुए, आईएसी विशेष आवश्यकताओं वाले व्यक्तियों के लिए एक अधिक संरचित, सहयोगात्मक और भविष्य-उन्मुख असिस्टेड लिविंग तंत्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का प्रयास कर रहा है।

Music News

बजाज धुनिवर्स ने 19 वर्षीय रत्निका श्रीवास्तव को सीजन 1 की विजेता घोषित किया

जब मेहनत को मंच मिलता है, तब भारत आगे बढ़ता है मुंबई : बजाज फिनसर्व के डिजिटल फर्स्ट म्यूज़िक डिस्कवरी प्लेटफ़ॉर्म बजाज धुनिवर्स ने अपने पहले सीज़न की विजेता के रूप में 19 वर्षीय मुंबई आधारित गायिका रतनिका श्रीवास्तव को ताज पहनाया है। देशभर से आई 64,000 से अधिक एंट्रीज़ पर बाज़ी मारते हुए रतनिका ने यह खिताब अपने नाम किया। दिग्गज संगीतकार तिकड़ी शंकर–एहसान–लॉय द्वारा सर्वसम्मति से चुनी गई रतनिका की यह जीत राष्ट्रीय मंच पर एक सशक्त नई आवाज़ के उदय का संकेत देती है। अपनी इस बड़ी जीत के साथ रतनिका के लिए चमकते अवसरों के नए दरवाज़े खुल गए हैं। उन्हें Zee Music Company के साथ एक स्वतंत्र एल्बम बनाने का मौका मिलेगा, साथ ही शंकर–एहसान–लॉय के साथ एक हाई प्रोफाइल सहयोग के तहत Spotify पर एक एक्सक्लूसिव रिलीज़ भी की जाएगी। इसके अलावा, रतनिका बजाज एंथम को भी सह निर्मित करेंगी—जो उन्हें सिर्फ़ खोज से नहीं, बल्कि एक स्थायी संगीत करियर की ओर निर्णायक छलांग दिलाएगा। इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए मानव मियांवाल, प्रेसिडेंट – डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स, बजाज फिनसर्व ने कहा, “बजाज धुनिवर्स को निरंतर प्रयास को पहचानने और उस प्रतिभा को आगे लाने के लिए बनाया गया है जो अनुशासन, संकल्प और निरंतरता दिखाती है। इस सीज़न ने एक सरल सच्चाई को दोहराया है—भारत में क्षमता हर जगह है, लेकिन अवसर नहीं। जब प्रयास को मंच मिलता है, तो देश को मंच मिलता है। इसी तरह भारत आगे बढ़ता है। बजाज धुनिवर्स जैसे प्लेटफ़ॉर्म इसे संभव बनाने का हमारा तरीका हैं।” शंकर महादेवन ने कहा, “रतनिका की आवाज़ में तुरंत जुड़ाव है—उसमें नज़ाकत भी है और ताक़त भी। पहली बार सुनते ही हमें समझ आ गया था कि वह कुछ ख़ास है। वह वाकई उस भावना का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिसकी तलाश बजाज धुनिवर्स कर रहा था।” एहसान नूरानी ने जोड़ा, “रतनिका में जो बात सबसे अलग लगी, वह है अपने हुनर पर उनका नियंत्रण और प्रदर्शन में सच्ची भावनाओं को उतारने की क्षमता। इस पैमाने और स्तर की प्रतियोगिता में, यही गुण अंततः विजेता को अलग करता है।” लॉय मेंडोंसा ने कहा, “बजाज धुनिवर्स ने हमें अपार संतुष्टि दी है और रतनिका जैसी प्रतिभा के साथ बजाज की सॉनिक पहचान पर काम करना मेरे लिए बेहद उत्साहजनक है। उनमें हर सुर को महसूस कराने की दुर्लभ क्षमता है। मैं हमारे आने वाले रचनात्मक सफ़र को लेकर उत्साहित हूँ।” भारत में पीढ़ियों तक, अक्सर जन्म की परिस्थितियाँ ही सपनों की सीमाएँ तय करती रही हैं। प्रतिभा हर कोने में थी, लेकिन मंच सीमित थे और अवसर असमान। हज़ारों आवाज़ें कोशिश की कमी से नहीं, बल्कि पहुँच की कमी के कारण कभी सामने नहीं आ सकीं। इसी सोच को बदलने के लिए बजाज धुनिवर्स की शुरुआत की गई। बजाज फिनसर्व द्वारा निर्मित यह डिजिटल फर्स्ट, राष्ट्रीय स्तर पर सुलभ म्यूज़िक डिस्कवरी प्लेटफ़ॉर्म इस विश्वास पर आधारित है कि जब योग्यता को आगे बढ़ने का मौका मिलता है, तो प्रगति स्वाभाविक होती है—और उसके साथ भारत आगे बढ़ता है। इस खोज की शुरुआत 7 नवंबर 2025 को एक खुले आह्वान के साथ हुई, जहाँ भूगोल, पृष्ठभूमि या उम्र की कोई बाधा नहीं थी—जो प्लेटफ़ॉर्म की समावेशी सोच को दर्शाता है। 8 जनवरी 2026 तक, बिना किसी टेलीविज़न प्रचार या बड़े पैमाने के मीडिया अभियानों के, बजाज धुनिवर्स को 64,000 से अधिक प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं, जिससे यह भारत की सबसे बड़ी डिजिटल ओनली म्यूज़िक टैलेंट खोजों में से एक बन गया। कठोर, बहु स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद शीर्ष 100 प्रतिभागियों का चयन किया गया, फिर मेंटरशिप, 10 फ़ाइनलिस्ट और एक वाइल्ड कार्ड एंट्री के साथ प्रतिस्पर्धी फ़िनाले हुआ। 31 मार्च 2026 को आयोजित लाइव इवेंट को 5.3 लाख से अधिक व्यूज़ मिले। बजाज धुनिवर्स, समान अवसरों के ज़रिये आकांक्षाओं को सक्षम बनाने की बजाज फिनसर्व की व्यापक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पहल समावेशी विकास की दिशा में बजाज फिनसर्व की दीर्घकालिक यात्रा का एक और कदम है—जहाँ तकनीक बाधा नहीं, बल्कि पुल बनती है।

Business Buzz

बेंगलुरु टेक समिट 2026 की तैयारी शुरू; दिल्ली में ‘ओपन डायलॉग’ के लिए जुटे उद्योग जगत के दिग्गज

मुख्य बिंदु: • कर्नाटक सरकार द्वारा नई दिल्ली में उद्योग जगत के साथ ओपन डायलॉग का आयोजन • बेंगलुरु टेक समिट 2026 का कर्टेन रेज़र कार्यक्रम • आईटी उद्योग के प्रमुखों ने श्री प्रियांक खड़गे के साथ संवाद किया • स्टार्टअप्स, निवेशक और उद्योग संघों की सक्रिय भागीदारी • नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देने पर फोकस • बीटीएस 2026 में 1800+ प्रदर्शक, 20,000+ प्रतिनिधि और 75+ देशों से 60,000+ आगंतुकों के शामिल होने की उम्मीद नई दिल्ली : एशिया के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड टेक्नोलॉजी इवेंट, ‘बेंगलुरु टेक समिट’ (बीटीएस) 2026 का 29वां संस्करण 17 से 19 नवंबर, 2026 तक बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्ज़िबिशन सेंटर (बीआईईसी) में आयोजित किया जाएगा। इस साल समिट की थीम ‘एआई एंड बियॉन्ड’ रखी गई है। बीटीएस 2026 के ‘कर्टेन रेज़र’ के रूप में, कर्नाटक सरकार ने आज नई दिल्ली के ताज पैलेस में उद्योग जगत के साथ एक ‘ओपन डायलॉग’ का आयोजन किया। इसमें दिल्ली-एनसीआर के टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम के प्रमुख स्टेकहोल्डर्स शामिल हुए। इस कार्यक्रम में आईटी, बायोटेक और ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग के माननीय मंत्री श्री प्रियांक खड़गे मुख्य रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद किया। इस चर्चा में आईटी, डीपटेक, ईएसडीएम और लाइफ साइंसेज क्षेत्रों के उद्योगपति, स्टार्टअप फाउंडर्स, यूनिकॉर्न लीडर्स, निवेशक और आरएंडडी विशेषज्ञ शामिल हुए। साथ ही एसटीपीआई, नैसकॉम, आईईएसए, टीआईई, आईवीसीए और एबीएलई जैसे प्रमुख उद्योग संगठनों ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने भारत के टेक परिदृश्य से जुड़े अवसरों और चुनौतियों पर कर्नाटक सरकार के नेतृत्व के साथ अपने विचार साझा किए। चर्चा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, फिनटेक, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों पर विशेष ध्यान दिया गया। श्री प्रियांक खड़गे ने कर्नाटक को वैश्विक नवाचार केंद्र बताते हुए सभी स्टेकहोल्डर्स को बीटीएस 2026 के माध्यम से तकनीकी बदलाव की अगली लहर का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया। कर्नाटक सरकार की आईटी, बायोटेक और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव डॉ. एन मंजुला (आईएएस) ने राज्य के टेक इकोसिस्टम की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री अतीश कुमार सिंह, बायोकॉन ग्रुप की चेयरपर्सन डॉ. किरण मजूमदार-शॉ, एसटीपीआई के महानिदेशक श्री अरविंद कुमार और नीति आयोग की सुश्री देबजानी घोष ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में कर्नाटक इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी सोसाइटी के प्रबंध निदेशक श्री राहुल संकनूर (आईएएस), कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन के सीईओ श्री संजीव गुप्ता और एमएम एक्टिव साई-टेक कम्युनिकेशंस के कार्यकारी अध्यक्ष जगदीश पटणकर भी उपस्थित रहे। कर्नाटक सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, बायोटेक विभाग द्वारा आयोजित बीटीएस 2026 में 1,800 से अधिक प्रदर्शक, 25,000+ प्रतिनिधि, 1,000+ स्टार्टअप और 75 से अधिक देशों के 60,000+ बिजनेस विजिटर्स के शामिल होने की उम्मीद है। यह तीन दिवसीय समिट 16 अलग-अलग थीम पर आधारित होगी, जिनमें एआई एंड डीपटेक, फिनटेक, हेल्थ व बायोटेक, स्पेसटेक, इंडिया इनोवेशन कॉन्क्लेव और ग्लोबल कोलैबोरेशन जैसे प्रमुख विषय शामिल होंगे। साथ ही डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर, सर्कुलर इकोनॉमी, ऑरेंज इकोनॉमी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे उभरते क्षेत्रों पर भी विशेष फोकस रहेगा। इस बार समिट का एक मुख्य आकर्षण पहली बार आयोजित होने वाला ‘एम्बेडेड वर्ल्ड इंडिया’ होगा। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर से जुड़े विशेष कॉन्फ्रेंस ट्रैक और एग्ज़िबिशन पैवेलियन शामिल होंगे। ‘न्यूर्नबर्गमेस इंडिया’ के सहयोग से आयोजित यह पहल वैश्विक हार्डवेयर इनोवेशन और भारत के तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर व इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम के बीच तालमेल को और मजबूत करेगी। यह समिट एक बड़े स्तर पर ‘मल्टी-पैवेलियन’ प्रदर्शनी की मेजबानी करेगी, जहाँ विभिन्न क्षेत्रों के क्रांतिकारी नवाचारों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही, यहाँ विशेष नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म, निवेशकों से जुड़ने के अवसर और वैश्विक साझेदारियों को बढ़ावा देने वाली पहलें भी देखने को मिलेंगी। कार्यक्रम का एक और बड़ा आकर्षण ‘फ्यूचर मेकर्स’ प्रोग्राम होगा। इसे विशेष रूप से उभरते हुए स्टार्टअप्स को पहचान दिलाने और उन्हें निवेशकों, मेंटर्स व वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए तैयार किया गया है। इस प्रोग्राम में इन्वेस्टर पिचिंग सेशन, वन-ऑन-वन मेंटरिंग क्लिनिक्स, स्केलिंग और फंडरेजिंग पर आधारित चर्चाएं और ‘फ्यूचर मेकर्स कॉन्क्लेव’ शामिल होंगे, जो फाउंडर्स, इनोवेटर्स और बदलाव लाने वाले दिग्गजों को एक मंच पर लाएंगे। अपने विस्तृत स्वरूप और भविष्यवादी एजेंडा के साथ, बीटीएस 2026 नवाचार को गति देने, सहयोग को बढ़ावा देने और व्यापारिक अवसरों को तेज करने वाले एक प्रमुख प्लेटफॉर्म के रूप में अपनी भूमिका जारी रखेगा। यह समिट टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कर्नाटक की वैश्विक स्थिति को और मजबूत करेगी और डिजिटल अर्थव्यवस्था के भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाएगी। नई दिल्ली में आयोजित ‘ओपन डायलॉग फॉर इंडस्ट्री’ बीटीएस 2026 की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इसने उद्योग जगत की भागीदारी को और गहरा करने के लिए आधार तैयार किया है और टेक्नोलॉजी, इनोवेशन व निवेश के वैश्विक केंद्र के रूप में कर्नाटक की पहचान को और पुख्ता किया है।

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व्यापार दिल्ली 2026 का नई दिल्ली में सफल समापन; ऑटो रिटेल, सरकार एवं OEM नेतृत्व ने हरित और समावेशी मोबिलिटी परिवर्तन की दिशा तय की

नई दिल्ली : फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) ने आज नई दिल्ली स्थित ली मेरिडियन होटल में व्यापार दिल्ली के तृतीय संस्करण और 22वें व्यापार कॉन्क्लेव का राष्ट्रीय स्तर पर सफल आयोजन किया। “व्यापार दिल्ली – बदलती दिल्ली” की थीम पर आयोजित इस उच्चस्तरीय उद्योग मंच में 200 से अधिक ऑटोमोबाइल डीलरों, वरिष्ठ नीतिनिर्माताओं, OEM नेतृत्व, वित्तीय संस्थानों और विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में ऑटोमोबाइल रिटेल एवं मोबिलिटी के भविष्य पर गहन विचारविमर्श करना था। इस कॉन्क्लेव की शोभा सुश्री रेखा गुप्ता, माननीय मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार, ने मुख्य अतिथि के रूप में बढ़ाई। उन्होंने दिल्ली की आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, सड़क सुरक्षा तथा पर्यावरणीय परिवर्तन में ऑटोमोबाइल रिटेल क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। नीति, अनुपालन और ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस पर केंद्रित संवाद व्यापार दिल्ली 2026 में नीतिकेंद्रित सत्रों और फायरसाइड चर्चाओं के माध्यम से राजधानी में ऑटोमोबाइल डीलरों के समक्ष उपस्थित प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की गई, जिनमें शामिल हैं: • मसौदा दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) नीति • वाहन स्क्रैपेज नीति • MCD द्वारा वर्कशॉप का औद्योगिक बनाम वाणिज्यिक वर्गीकरण • लंबे समय से लंबित कंपनसेशन सेस का मुद्दा कंपनसेशन सेस पर एक समर्पित तकनीकी सत्र आयोजित किया गया, जिसमें डीलरों को कानूनी स्पष्टता प्रदान करते हुए आगे की रणनीति पर प्रकाश डाला गया, ताकि उनके वैध वित्तीय क्रेडिट की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। ‘बदलती दिल्ली’: यात्री मोबिलिटी की नई परिकल्पना कॉन्क्लेव का एक प्रमुख आकर्षण पैनल चर्चा रही — “बदलती दिल्ली: भारत की राजधानी में यात्री मोबिलिटी की पुनर्कल्पना”। इस चर्चा में JSW मोटर्स, वोल्वो कार इंडिया, होंडा कार्स इंडिया, BYD इंडिया और निसान मोटर इंडिया सहित प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माताओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। पैनल में उपभोक्ताओं की बदलती अपेक्षाओं, विद्युतीकरण के मार्ग, उत्पाद रणनीतियों और भारत के मोबिलिटी परिवर्तन में डीलरों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। सुश्री रेखा गुप्ता, माननीय मुख्यमंत्री, दिल्ली सरकार ने कहा: “हम ‘स्वच्छ दिल्ली, हरित दिल्ली और स्मार्ट दिल्ली’ के मिशन के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। हमारी सरकार ने देश की सबसे व्यापक इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति लागू की है, जिसके अंतर्गत अगले चार वर्षों में ₹4,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से सब्सिडी, कर छूट और स्क्रैपेज प्रोत्साहन देकर हरित मोबिलिटी को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदूषण को जड़ से समाप्त करने हेतु हम परिवहन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं—मेट्रो विस्तार और स्वचालित फिटनेस केंद्रों की स्थापना के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि दिल्ली की सड़कों पर चलने वाला हर वाहन फिट और उत्सर्जनमुक्त हो। 2047 तक ‘विकसित भारत’ का सपना तभी साकार होगा जब ‘विकसित दिल्ली’ बनेगी। मैं ऑटोमोबाइल डीलरों से आह्वान करती हूँ कि वे स्वच्छ ऊर्जा की ओर नागरिकों को प्रेरित करने में सरकार के ‘कार्यशील हाथ’ बनें। हम पंजीकरण प्रक्रियाओं को सरल और दक्ष बना रहे हैं ताकि दिल्लीवासियों को विश्वस्तरीय, पर्यावरणअनुकूल अनुभव मिल सके। मिलकर हम दिल्ली को सतत शहरी जीवन का प्रतीक बनाएँगे।” श्री सी. एस. विग्नेश्वर, अध्यक्ष, FADA ने दिल्ली के परिवर्तन के लिए संतुलित और समावेशी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा: “दिल्ली केवल अपनी सड़कों पर ही नहीं, बल्कि अपने संकल्पों में भी निरंतर आगे बढ़ रही है। FADA का मानना है कि ऑटोमोबाइल डीलरों को इस परिवर्तन का पूर्ण भागीदार होना चाहिए। हम हरित भविष्य और मसौदा EV नीति का पूर्ण समर्थन करते हैं, किंतु यह भी आवश्यक है कि इस बदलाव में दिल्ली के ऑटोमोटिव इकोसिस्टम से जुड़े 17,500 प्रशिक्षित पेशेवरों की आजीविका सुरक्षित रहे। हमारी ‘बदलती दिल्ली’ की परिकल्पना वह है, जहाँ सक्षम बनाना, दंडात्मक कार्रवाई से पहले हो; जहाँ आर्थिक विकास, सड़क सुरक्षा—जैसे CPR प्रशिक्षण एवं ‘बकल अप’ अभियान—और पर्यावरणीय जिम्मेदारी साथसाथ आगे बढ़ें।” उन्होंने नीतिनिर्माताओं के साथ सतत संवाद, FADA अकादमी, GenX एवं Women in FADA के माध्यम से नेतृत्व विकास तथा कंपनसेशन सेस से जुड़े कानूनी प्रयासों को भी दोहराया। कॉन्क्लेव में AIआधारित डीलरशिप परिवर्तन, भविष्यसक्षम रिटेल प्रथाओं पर सत्र तथा प्रमुख वित्तीय और तकनीकी भागीदारों द्वारा प्रस्तुतियाँ भी शामिल रहीं। पूरे कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा एक प्रमुख विषय के रूप में उभरा, जिसमें FADA ने हेलमेट और सीटबेल्ट जागरूकता, ज़िम्मेदार ड्राइविंग व्यवहार तथा डीलरशिप स्तर पर CPR एवं फर्स्टरिस्पॉन्स प्रशिक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। श्री शैलेन्द्र लूथरा, चेयरपर्सन, FADA दिल्ली ने कहा: “आज का यह आयोजन बदलती दिल्ली और विकसित होते ऑटो रिटेल व्यापार को दर्शाता है। यह क्षेत्र पाँच वर्ष पूर्व की तुलना में पूरी तरह रूपांतरित हो चुका है। मार्च 2026 तक दिल्ली में वाहन बिक्री में 17% की वृद्धि दर्ज की गई है, और वार्षिक नए वाहन पंजीकरण लगभग 8 लाख यूनिट तक पहुँच चुके हैं। 550 डीलरशिप आउटलेट्स के साथ यह उद्योग 55,000 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान कर रहा है और मोटर वाहन कर एवं GST के माध्यम से दिल्ली की अर्थव्यवस्था में लगभग ₹7,150 करोड़ का योगदान दे रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर अब भारत में बहस नहीं, बल्कि वास्तविक स्वीकार्यता दिखाई दे रही है—विशेष रूप से इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों और दोपहिया EV में 62% की वृद्धि इसके प्रमाण हैं। FADA ने दिल्ली सरकार को अपने खर्च पर 150 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही ITI में स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स और वाहन स्क्रैपेज केंद्र की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा गया है। हम केवल वाहन नहीं बेच रहे—हम भविष्य की मोबिलिटी को आकार दे रहे हैं।” व्यापार दिल्ली 2026 ने नीति निर्माण में रचनात्मक भागीदार के रूप में FADA की भूमिका, पर्यावरणीय लक्ष्यों के समर्थन, सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा आजीविकाओं की रक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया—यह सुनिश्चित करते हुए कि जैसेजैसे दिल्ली आगे बढ़े, उसकी मोबिलिटी इकोसिस्टम भी जिम्मेदारी और समावेशिता के साथ विकसित हो।

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भक्ति और भव्यता का संगम : दिल्ली में नीब करौरी बाबा महाराज की प्रेस कॉन्फ्रेंस

नई दिल्ली : आध्यात्मिक और प्रेरणादायक फिल्म “श्री बाबा नीब करौरी महाराज” की प्रेस कॉन्फ्रेंस राजधानी दिल्ली के द मेट्रोपॉलिटन होटल, गोल मार्केट में आयोजित की गई। इस मौके पर फिल्म की स्टार कास्ट और निर्माताओं ने मीडिया से बातचीत करते हुए फिल्म के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य रूप से सुबोध भावे, समिक्षा भटनागर, वर्षा मणिकचंद, अनिरुद्ध दवे और हितेन तेजवानी मौजूद रहे। सभी कलाकारों ने फिल्म में अपने किरदारों और अनुभवों को साझा किया। फिल्म “श्री बाबा नीब करौरी महाराज” एक आध्यात्मिक यात्रा को बड़े पर्दे पर जीवंत करने का प्रयास है, जिसमें महान संत के जीवन, उनके चमत्कारों और उनके उपदेशों को दर्शाया गया है। फिल्म का निर्देशन शरद सिंह ठाकुर ने किया है। फिल्म में सुबोध भावे मुख्य भूमिका में श्री बाबा नीब करौरी महाराज के रूप में नजर आएंगे। समिक्षा भटनागर सिद्धि मां, वर्षा मणिकचंद भक्ति मां और अनिरुद्ध दवे जीवन दादा (बाबा जी के सेवक) की भूमिका निभा रहे हैं। हितेन तेजवानी भी फिल्म में अहम किरदार में दिखाई देंगे। इसके अलावा फिल्म में राजेश शर्मा, मिलिंद गुणाजी, हेमंत पांडे, मोहित गुप्ता, महेश शेट्टी, हार्दिक कौर, स्मिता तांबे, गरिमा अग्रवाल, आरती नागपाल, गौरीशंकर सिंह, शैलेंद्र गौर, शांतनु और श्यामलाल जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का निर्माण बलराम गर्ग, बलवीर सिंह, शरद सिंह ठाकुर, खड़क सिंह गौर और नीलम सिंह द्वारा किया गया है। यह फिल्म अनीशा फिल्म्स इंटरनेशनल के बैनर तले , पीसी ज्वेलर, बीएसआर फिल्म प्रोडक्शंस और एडवांस टेक्नोलॉजी के सहयोग से बनाई गई है, जबकि फर्स्ट फिल्म स्टूडियो इसके ऑल इंडिया डिस्ट्रीब्यूशन का जिम्मा संभाल रहा है। फिल्म की टीम के अनुसार, यह फिल्म दर्शकों को भक्ति, आस्था और आध्यात्मिकता से जुड़ी एक गहन और प्रेरणादायक यात्रा पर ले जाएगी। अपने सशक्त अभिनय और प्रभावशाली कहानी के साथ यह फिल्म सभी वर्गों के दर्शकों को जोड़ने का वादा करती है। “श्री बाबा नीब करौरी महाराज” फिल्म 24 अप्रैल 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है।

World News

GlobalSpa Hosted The California Edit with Mandira Wirk in Partnership with Visit California

New Delhi : GlobalSpa, India’s leading luxury lifestyle and wellness magazine, hosted an exclusive evening of fashion and global inspiration – “The California Edit” – in association with Visit California and acclaimed designer Mandira Wirk, on April 10, 2026, at the iconic The Imperial, New Delhi. “California consistently leads when it comes to fashion, wellness and lifestyle,” said Caroline Beteta, president and CEO of Visit California. “Through our collaboration with GlobalSpa and Mandira Wirk’s incredible collection, The California Edit showcases the state’s iconic landscapes, laid-back sophistication, personal freedom and sense of luxury. We hope Indian travellers feel inspired and see California as the ultimate destination for them.” The evening brought together an influential gathering of tastemakers, industry insiders and cultural voices for a showcase that seamlessly blended high fashion with destination storytelling. At its core was a bespoke capsule collection by Mandira Wirk, curated in collaboration with Visit California – an ode to the state’s diverse landscapes, from the golden beaches of Malibu and the vineyard-laden serenity of Napa Valley to the desert tones of Palm Springs and the effortless glamour of Los Angeles. Mandira Wirk said, “For me, resort wear has always been about a feeling – when a woman is completely at ease.” Infused with California’s signature sense of freedom and understated luxury, the collection translated its sunlit aesthetic into fluid silhouettes, tactile fabrics and a palette inspired by coastal light, desert warmth and twilight skies. “The Only Resort” collection captured escape as a feeling – effortless, elevated and intimate. Inspired by Shadows of Flora, it reimagined florals as softened impressions layered through light and shadow, unfolding across three print stories – Scarlet, Jade and Mist – expressed through fluid ombré, tone-on-tone detailing and vibrant yet nuanced hues. Silhouettes were designed for ease and movement, brought alive through ruffles, fringes and delicate gold accents, while each handcrafted piece reflected a quiet, modern luxury – embodying a refined, contemporary vision of resort wear shaped by California’s relaxed sophistication. The showcase served as a celebration of California as a cultural and creative force – its spirit translated into a design narrative that resonates with a global, style-conscious audience. Parineeta Sethi, Chief Editor of GlobalSpa, said, “At GlobalSpa, we are constantly curating experiences that bring together luxury and cultural storytelling. It was a pleasure collaborating with Visit California and Mandira Wirk on ‘The California Edit’, a showcase that beautifully captured California’s effortless luxury through a refined, contemporary lens.” With The California Edit, GlobalSpa continues to create distinctive, world-class platforms where fashion, culture and global narratives converge in their most elevated form.

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नाबार्ड ने दिल्ली की पहली राज्य ऋण संगोष्ठी की मेजबानी की, 2.62 लाख करोड़ रुपये के ऋण विजन का अनावरण किया

नई दिल्ली : नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) ने पहली बार राज्य ऋण संगोष्ठी का आयोजन किया। यह आयोजन दिल्ली एनसीटी के लिए ऋण नियोजन और विकास पारिस्थितिकी तंत्र में एक ऐतिहासिक पहल साबित हुआ। संगोष्ठी ने जिला-स्तरीय संभाव्यता युक्त ऋण योजनाओं (PLP) को राज्य फोकस पेपर (SFP) 2026-27 में एकीकृत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली सरकार के माननीय मंत्री श्री रविंद्र सिंह (इंद्राज) ने की। इस अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक, प्रमुख वाणिज्यिक बैंकों, वित्तीय संस्थानों, शोध एवं शैक्षणिक निकायों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ-साथ कारीगरों और किसानों ने भी भाग लिया। संगोष्ठी ने सभी हितधारकों को एक साझा मंच पर लाकर दिल्ली के ऋण ढांचे को मजबूत करने की दिशा में सहयोगात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक श्री नवीन कुमार राय ने अपने संबोधन में समावेशी और साक्ष्य-आधारित ऋण योजना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि दिल्ली एनसीटी के लिए प्राथमिकता क्षेत्र ऋण क्षमता 2.62 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा एमएसएमई क्षेत्र का है, जो दिल्ली की अर्थव्यवस्था में ऋण वृद्धि का मुख्य चालक माना जा रहा है। कृषि क्षेत्र के लिए 4284.20 करोड़ रुपये की क्षमता का अनुमान लगाया गया है, जिसमें फसल ऋण, कृषि बुनियादी ढांचे और सहायक गतिविधियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा आवास, निर्यात ऋण, नवीकरणीय ऊर्जा और सामाजिक बुनियादी ढांचे को भी प्राथमिकता क्षेत्रों में रखा गया है। भारतीय रिजर्व बैंक के मुख्य महाप्रबंधक ने संगोष्ठी को दिल्ली के ऋण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हितधारकों के अभिसरण का महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने एमएसएमई और सेवा क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने डिजिटल समाधानों जैसे TReDS प्लेटफॉर्म और Unified Loan Interface (ULI) को अपनाने की वकालत की, ताकि एमएसएमई वित्तपोषण और ऋण वितरण अधिक सहज और पारदर्शी हो सके। मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री श्री रविंद्र सिंह (इंद्राज) ने संगोष्ठी को दिल्ली के ऋण और सहकारी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने पारंपरिक शिल्प और जीआई-टैग वाले उत्पादों के पुनरुद्धार और प्रचार की आवश्यकता पर बल दिया। मंत्री ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक संपत्तियों में अपार आर्थिक मूल्य छिपा है, जिसे बेहतर विपणन, ब्रांडिंग और प्लेटफॉर्म निर्माण के माध्यम से उजागर किया जा सकता है। उन्होंने सभी हितधारकों से सामूहिक प्रयास और सहयोग की भावना के साथ काम करने का आग्रह किया। इस अवसर पर कई पहलें शुरू की गईं, जिनमें दिल्ली के लिए पहला राज्य फोकस पेपर (SFP) 2026-27 जारी करना, विरासत उत्पादों के जीआई पंजीकरण को बढ़ावा देना, ग्रामीण युवाओं के लिए ईवी कौशल विकास और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम शामिल थे। साथ ही, डिजिटल कैटलॉग “कला कुंभ – परंपरा से रोशन प्रगति पथ” और नाबार्ड के दिवाली हाट पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में आयोजित पैनल चर्चा का विषय था – “एमएसएमई, एसएचजी और युवाओं के माध्यम से समावेशी विकास: नैनो और मिनी उद्यमों पर फोकस”। इस चर्चा ने अंतिम छोर तक ऋण वितरण और समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ाने के लिए मूल्यवान सुझाव दिए। कुल मिलाकर, यह संगोष्ठी दिल्ली के क्रेडिट आर्किटेक्चर को मजबूत करने, एमएसएमई और विरासत-आधारित आजीविका को बढ़ावा देने तथा समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हुई।

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