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November 2, 2026

Cultural Journeys

राजधानी दिल्ली में पहले ‘चीनी फिल्म महोत्सव 2026’ का भव्य समापन; ‘द कंपोज़र’ बनी बेस्ट फिल्म, जल्द ही बीजिंग में सजेगा ‘इंडियन फिल्म फेस्टिवल’ का मंच

राजधानी दिल्ली में पहले ‘चीनी फिल्म महोत्सव 2026’ का भव्य समापन; ‘द कंपोज़र’ बनी बेस्ट फिल्म, जल्द ही बीजिंग में सजेगा ‘इंडियन फिल्म फेस्टिवल’ का मंच • सिनेमा बना भारत-चीन के बीच ऐतिहासिक सांस्कृतिक पुल; फिल्म डिवीजन ऑडिटोरियम में दो दिवसीय सिनेमाई मेले का सफल समापन • अगले संस्करण की बड़ी घोषणा: दिल्ली में जल्द होगा ‘2nd चीनी फिल्म महोत्सव’ और इसी तर्ज पर चीन के बीजिंग में आयोजित होगा ‘इंडियन फिल्म फेस्टिवल’ • बीजिंग में होने वाले इस ऐतिहासिक भारतीय फिल्म महोत्सव का आयोजन इंडियन एंबेसी (भारतीय दूतावास) और दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (DIFF) के विशेष सहयोग से किया जाएगा • चीनी दूतावास के मिनिस्टर काउंसलर ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD), संस्कृति मंत्रालय और सूचना व प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry) के बेमिसाल सहयोग के लिए जताया विशेष आभार • सभी श्रेणियों के विजेताओं और उत्कृष्ट प्रतिभाओं को आधिकारिक ट्रॉफी के साथ स्वर्ण पदक (Gold Medal) और प्रमाण पत्र (Certificate) देकर किया गया सम्मानित नई दिल्ली, सिनेमा, रंगमंच और कला के माध्यम से भारत और चीन के द्विपक्षीय व सांस्कृतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देते हुए, देश की राजधानी में आयोजित दो दिवसीय “1st Delhi International Film Festival चीनी फिल्म महोत्सव 2026” का आज पुरस्कार वितरण समारोह और भविष्य की दो बड़ी ऐतिहासिक घोषणाओं के साथ भव्य समापन हो गया। द एंबेसी ऑफ द पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना, दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (DIFF) और संस्कृति मंत्रालय की स्वायत्त संस्था नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) के विशेष सहयोग से आयोजित यह महोत्सव महादेव रोड स्थित फिल्म्स डिवीजन ऑडिटोरियम (FDA) में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सूचना और प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry) द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के तहत आयोजित इस फेस्टिवल में दोनों देशों की 10 से ज्यादा बेहतरीन फ़िल्में दिखाई गईं, जिन्हें दर्शकों और कला प्रेमियों का भरपूर प्यार मिला। इस भव्य आयोजन को सुचारू रूप से प्रबंधित करने में ‘बीट लाइफ एंटरटेनमेंट’ की मुख्य भूमिका रही, जिसके कर्ता-धर्ता पीयूष सागर ने बतौर संयोजक और ऑपरेशनल हेड अपनी शानदार प्रतिभा का परिचय दिया। भविष्य के सिनेमाई सफर की दो बड़ी घोषणाएं: इस महोत्सव की सबसे बड़ी उपलब्धि इसके समापन पर सामने आई, जहां भारत और चीन के सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं: 1. राजधानी दिल्ली में जल्द ही “2nd चीनी फिल्म महोत्सव” (2nd Chinese Film Festival) की तारीखों की घोषणा की जाएगी। 2. इसी तर्ज पर, चीन की राजधानी बीजिंग (Beijing) में भी बहुत जल्द एक भव्य ‘इंडियन फिल्म फेस्टिवल’ (Indian Film Festival) आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक महोत्सव का आयोजन चीन स्थित इंडियन एंबेसी (भारतीय दूतावास) और दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (DIFF) के विशेष आपसी सहयोग और तालमेल से किया जाएगा, ताकि भारतीय सिनेमा की खुशबू चीनी दर्शकों तक पहुंच सके। पुरस्कार, स्वर्ण पदक और प्रमाण पत्र वितरण (Awards & Honors): समारोह के मुख्य आकर्षण के रूप में जूरी और सिलेक्शन कमेटी द्वारा घोषित किए गए विजेताओं को प्रतिष्ठित ट्रॉफी के साथ-साथ स्वर्ण पदक (Gold Medal) और प्रमाण पत्र (Certificate) वितरित कर सम्मानित किया गया। ‘चीनी फिल्म महोत्सव 2026’ के आधिकारिक पुरस्कारों की सूची: • बेस्ट फीचर फिल्म (Best Feature Film): ‘द कंपोज़र’ (निर्देशक: ज़िएरझाती याहेफू) • सिलेक्शन कमिटी चॉइस अवार्ड (Selection Committee Choice Award): ‘द सिंकिंग ऑफ द लिस्बन मारू’ (निर्देशक: मिंग फैन, लिली गोंग, फैंग ली) • फीचर फिल्म के लिए बेस्ट डायरेक्टर (Best Director – Feature): यिहुई शाओ (फिल्म: ‘हर स्टोरी’) • फीचर फिल्म के लिए बेस्ट एक्टर (Best Actor – Feature): हू जुन (फिल्म: ‘द कंपोज़र’ / निर्देशक: ज़िएरझाती याहेफू) • फीचर फिल्म के लिए बेस्ट एक्ट्रेस (Best Actress – Feature): ‘नाइट रेड’ (एक्सिस ऑफ वॉर: नाइट रेड FF) • बेस्ट शॉर्ट फिल्म (Best Short Film): ‘अ पासिंग क्लाउड्स’ (निर्देशक: पेइयान तांग) • बेस्ट चाइल्ड एक्ट्रेस (Best Child Actress): आराध्या (फिल्म: ‘द गर्ल विद क्लोज लिप्स’ / निर्देशक: रामकिशोर पारचा) भारत-चीन संबंधों और मंत्रालयों के सहयोग पर आधिकारिक विचार (Official Versions): महोत्सव के सफल आयोजन और इसके गहरे प्रभाव पर चीनी दूतावास के प्रतिनिधियों और भारत के कला दिग्गजों ने अपने आधिकारिक विचार साझा किए: चीनी दूतावास के मिनिस्टर काउंसलर श्री वांग शिनमिंग ने भारत-चीन फिल्म जगत के साझा विजन पर प्रकाश डालते हुए और भारतीय मंत्रालयों व संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “सिनेमा एक ऐसा प्रभावशाली और जीवंत माध्यम है जो बिना किसी भौगोलिक सीमा के दो महान सभ्यताओं के लोगों के दिलों को सीधे जोड़ता है। भारत और चीन दोनों की सांस्कृतिक जड़ें बेहद गहरी हैं। हम इस ऐतिहासिक महोत्सव को सफल बनाने के लिए नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD), संस्कृति मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry) के अद्भुत और सुचारू सहयोग के लिए दिल से विशेष आभार (Special Thanks) व्यक्त करते हैं। यह आदान-प्रदान दोनों देशों के बीच आपसी समझ, विश्वास और दोस्ती के स्थायी बंधन को और मजबूत करेगा।” इससे पूर्व, चीनी दूतावास के फर्स्ट सेक्रेटरी डॉ. झांग हाइलिन ने भी सिनेमा की भूमिका की सराहना करते हुए कहा, “यह फिल्म फेस्टिवल हमारी गहरी सांस्कृतिक जड़ों का प्रमाण है। सिनेमा के प्रभावशाली माध्यम से, हम भारत और चीन के लोगों के बीच आपसी समझ को बढ़ावा दे सकते हैं, सांस्कृतिक दूरियों को पाट सकते हैं और दोस्ती के स्थायी बंधन बना सकते हैं।” वहीं इस ऐतिहासिक सांस्कृतिक पहल की सराहना करते हुए महोत्सव के जूरी हेड और प्रख्यात थिएटर डायरेक्टर श्री अरविंद गौड़ ने कहा, “सिनेमा और रंगमंच सीमाओं से परे जाकर संवाद का सबसे मजबूत सेतु तैयार करते हैं। भारत और चीन जैसे दो बड़े पड़ोसियों के बीच ऐसे फिल्म महोत्सवों का होना बहुत जरूरी है, क्योंकि कला ही वो जरिया है जो दोनों देशों के लोगों को एक-दूसरे के इतिहास, जीवनशैली और संवेदनाओं को गहराई से समझने का मौका देती है। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) का इस फेस्टिवल के साथ जुड़ना देश के इतिहास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।” DIFF के संस्थापक अध्यक्ष व फेस्टिवल डायरेक्टर श्री रामकिशोर पारचा ने भी सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और देश के इतिहास में पहली बार नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) के इस फिल्म फेस्टिवल के साथ जुड़ने को ऐतिहासिक करार दिया।

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शाम-ए-अख्तरी’ में फिर गूंज उठी बेगम अख्तर की रूह, पद्मश्री डॉ. सोमा घोष की गायकी ने किया मंत्रमुग्ध

बेगम अख्तर की 52वीं पुण्यतिथि पर संगीत और सिनेमा का अनूठा संगम, शुभंकर घोष की फिल्म के साथ सोमा घोष ने सुरों में जीवंत की मलिका-ए-ग़ज़ल की दास्तान नई दिल्ली, ग़ज़ल की दुनिया में अपनी मखमली आवाज़ और दर्द भरी गायकी से अमिट छाप छोड़ने वाली पद्म भूषण बेगम अख्तर की 52वीं पुण्यतिथि पर राजधानी दिल्ली में एक यादगार संगीतमय शाम सजी। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के समवेत सभागार में आयोजित विशेष कार्यक्रम ‘शाम-ए-अख्तरी’ में पद्मश्री डॉ. सोमा घोष ने अपनी भावपूर्ण गायकी से सुरों की मल्लिका बेगम अख्तर को ऐसी श्रद्धांजलि दी कि श्रोता भावविभोर हो उठे। इस संगीतमय आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता संगीत और सिनेमा का अनूठा प्रयोग रहा। मधु मूर्च्छना की संस्थापिका डॉ. सोमा घोष एवं प्रो. शुभंकर घोष द्वारा निर्मित फिल्म के माध्यम से बेगम अख्तर के जीवन के अनछुए पहलुओं, संघर्ष, संगीत साधना और उनकी गायकी के बदलते स्वरूप को प्रस्तुत किया गया। पर्दे पर बेगम अख्तर की जिंदगी की कहानी आगे बढ़ती रही और उसके साथ सोमा घोष अपनी आवाज़ से उन भावनाओं को जीवंत करती रहीं। फिल्म और लाइव गायन की इस अद्भुत जुगलबंदी ने दर्शकों को ऐसा अनुभव कराया, मानो बेगम अख्तर एक बार फिर उनके बीच मौजूद हों। उनके जीवन के उतार-चढ़ाव के साथ गायकी में आए बदलावों को सोमा घोष ने बेहद संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया। इस अभिनव प्रयोग को उपस्थित संगीत प्रेमियों ने खूब सराहा। हमारी कोशिश नई पीढ़ी को महान संगीत विभूतियों से जोड़ने की है : सोमा घोष इस अवसर पर पद्मश्री डॉ. सोमा घोष ने कहा, “आज की पीढ़ी धीरे-धीरे भारतीय शास्त्रीय संगीत की महान विभूतियों और उनकी विरासत से दूर होती जा रही है। मेरी हमेशा कोशिश रही है कि उस्ताद बिस्मिल्लाह खान और बेगम अख्तर जैसी महान हस्तियों के जीवन और संगीत को युवाओं के सामने नए अंदाज़ में प्रस्तुत कर सकूं।” उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “आज गायन के दौरान एक पल के लिए मुझे ऐसा महसूस हुआ जैसे बेगम अख्तर स्वयं मेरे सामने आकर खड़ी हो गई हों। मैंने उनके गीतों को केवल गाने के बजाय उनकी जिंदगी की कहानी के साथ जोड़कर प्रस्तुत करने की कोशिश की है। उम्मीद है कि हमारा यह प्रयास सभी के दिलों तक पहुंचा होगा।” दिग्गज हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति इस विशेष अवसर पर प्रख्यात शास्त्रीय नृत्यांगना एवं राज्यसभा की पूर्व सांसद पद्म विभूषण डॉ. सोनल मानसिंह, वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक हेमंत शर्मा तथा संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त सचिव अरविन्द कुमार सहित कला, साहित्य और संस्कृति जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का आयोजन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के कला दर्शन विभाग की अध्यक्ष प्रो. डॉ. ऋचा काम्बोज के नेतृत्व एवं विभाग के सहयोग से किया गया। इन कलाकारों ने सजाई सुरों की महफिल ‘शाम-ए-अख्तरी’ में डॉ. सोमा घोष के साथ कई प्रतिभाशाली कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से शाम को यादगार बनाया। तबले पर नवाज़िश जब्बार हुसैन खान, हारमोनियम पर परमिता मुखर्जी, कीबोर्ड पर उमेश कुमार साहू, सारंगी पर काशिफ निज़ामी तथा साइड रिदम पर पंकज बनई ने संगीत की खूबसूरत संगत की। वहीं सुश्री आस्था गुप्ता एवं आंचल शर्मा ने अपनी नृत्य प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चांद लगाए। कार्यक्रम का संचालन विशाल पांडे ने किया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित संगीत प्रेमियों ने डॉ. सोमा घोष और उनकी पूरी टीम के इस अभिनव प्रयोग की सराहना की। ‘शाम-ए-अख्तरी’ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि महान कलाकार भले ही दुनिया से विदा हो जाएं, लेकिन उनकी आवाज़ और कला सदियों तक लोगों के दिलों में जिंदा रहती है।

Business Buzz

वर्ल्ड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने नई दिल्ली में आयोजित किया कॉर्पोरेट गवर्नेस एक्सीलेंस समिट एंड अवॉर्डस 2026

नई दिल्लीः वर्ल्ड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने 30 अक्टूबर को नई दिल्ली में कॉर्पोरेट गवर्नेस एक्सीलेंस समिट एंड अवॉर्ड्स 2026 का आयोजन किया। सम्मेलन का उद्देश्य कॉर्पोरेट प्रशासन, जिम्मेदार नेतृत्व और बोर्डरूम मानकों को मजबूत करना था। वर्ल्ड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन डायरेक्टर्स इंस्टीट्यूट वर्ल्ड काउंसिल ऑफ डायरेक्टर्स के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में वर्ल्ड एसोसिएशन फॉर स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (WASME) ने सहयोग किया। सम्मेलन की थीम विश्वसनीय वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जिम्मेदार बोर्डों का निर्माण’ रही। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण 100 भावी निदेशकों को ‘सर्टिफाइड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर’ और ‘सर्टिफाइड इंटरनेशनल कॉर्पोरेट डायरेक्टर’ की उपाधियां प्रदान करना रहा। इन प्रतिभागियों ने संस्थान का निर्धारित प्रशिक्षण और मूल्यांकन कार्यक्रम पूरा किया। इस अवसर पर अनुभवी निदेशकों और कार्यक्रम के स्नातकों को भी सम्मानित किया गया। वर्ल्ड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ श्री ज़ीशान पठान ने कहा, “विश्वास, पूंजी से भी तेज गति से आगे बढ़ता है। हम एक-एक तैयार बोर्डरूम के माध्यम से इस विश्वास का निर्माण कर रहे हैं और यूनेस्को में इसे दुनिया के सामने प्रस्तुत करेंगे।” डायरेक्टर्स इंस्टीट्यूट वर्ल्ड काउंसिल ऑफ डायरेक्टर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ डॉ. हेवल मेहता ने कहा, “बेहतरीन निदेशक बनने की तैयारी बोर्डरूम में पहुंचने से बहुत पहले शुरू होती है। हम उन्हें वर्षों का प्रशिक्षण देते हैं, ताकि जिम्मेदारी मिलने पर वे उसे निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हों।” वर्ल्ड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के सीएफओ एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, गवर्नेस एंड ऑपरेशंस स्ट्रैटेजी श्री अयूब शेख ने कहा, “किसी उपाधि का महत्व उसके पीछे निर्धारित मानकों से तय होता है। हम अपने मानकों की सावधानीपूर्वक रक्षा करते हैं, क्योंकि यही मानक प्रमाणन को विश्वसनीयता प्रदान करते हैं।” सम्मेलन में कॉर्पोरेट गवर्नेस और पर्यावरण, सामाजिक एवं प्रशासनिक (ESG) नेतृत्व पर चर्चा हुई। संस्थान के अनुसार, उसने भारत और मध्य पूर्व में 7,000 से अधिक निदेशकों एवं वरिष्ठ अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है। वर्ष 2025 के आयोजन के बाद आयोजित यह सम्मेलन कॉर्पोरेट गवर्नेस और जिम्मेदार नेतृत्व के लिए एक वार्षिक मंच विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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