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September 20, 2026

Cultural Journeys

लव कुश रामलीला कमेटी का भूमि पूजन समारोह लाल किला मैदान पर संपन्न हुआ

नई दिल्ली : देश की प्रख्यात लव कुश रामलीला कमेटी का भूमि पूजन समारोह भव्य रूप से लालकिला मैदान में संपन्न हुआ। लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष श्री अर्जुन कुमार ने बताया कि इस वर्ष का भव्य रामलीला मंचन 11 से 21 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा तथा दशहरा पर्व 20 अक्टूबर 2026 को पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा। भूमि पूजन कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद श्री प्रवीण खंडेलवाल, सांसद श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी, लव कुश रामलीला के अध्यक्ष अर्जुन कुमार के साथ वृंदावन, मथुरा और दिल्ली के विद्वान ब्राह्मणों द्वारा मंत्रोच्चार और विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना सम्पन्न की गई। इस अवसर पर सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज ने अपने संबोधन में कहा—“लव कुश रामलीला कमेटी भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखे हुए है। यह न केवल प्रभु श्रीराम की लीला करती है बल्कि अनेक सामाजिक, धार्मिक कार्य में सलंग्न रहती हैं| श्री अर्जुन कुमार ने यह भी कहा कि घर-घर राम, घर-घर तुलसी अभियान के तहत 5100 जेन जी को तुलसी के पौधे वितरित किए जाएंगे, दशहरा पर्व के अवसर पर एक लाख दीपों से प्रभु श्री राम का चित्र बनाया जाएगा, इस वर्ष रामलीला हाईटेक डिजिटल मंचन के साथ होगी। लगभग 100 देशी-विदेशी टीवी चैनलों पर इसका सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) किया जाएगा। इस बार बॉलीवुड के लगभग 40 फिल्म कलाकार मंचन करेंगे। कमेटी के महासचिव श्री सुभाष गोयल ने बताया कि इस अवसर पर सुश्री बांसुरी स्वराज सांसद, श्री योगेंद्र चंदोलिया सांसद, श्री प्रवीण खंडेलवाल सांसद, श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी सांसद, श्री अशोक गोयल देवरहा विधायक, श्री अनिल शर्मा विधायक, श्री विशेष रवि विधायक, श्री रामनिवास गोयल पूर्व विधान सभा अध्यक्ष दिल्ली, श्री वीरेंद्र सचदेवा पूर्व अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश, श्री एम. एस .बिट्टा अध्यक्ष अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी विरोधी मोर्चा, श्री अरविंद गर्ग जिला अध्यक्ष चांदनी चौक, सुश्री मोनिका पंत उप महापौर, दिल्ली नगर निगम, सुश्री सत्या शर्मा अध्यक्ष स्टैंडिंग कमेटी दिल्ली नगर निगम, श्रीमती उषा शर्मा अध्यक्ष,सिटी एसपी जोन, श्री सुमन गुप्ता निगम पार्षद, श्री विकास टांक, निगम पार्षद, पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज, पूर्व विधायक पहलाद सिंह साहनी, पूर्व महापौर जयप्रकाश जेपी, पूर्व निगम पार्षद श्री रघुवंश सिंगल, पूर्व निगम पार्षद गुरचरण सिंह राजू, पुलिस अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भूमि पूजन समारोह में कमेटी के पदाधिकारी सत्यभूषण जैन, श्री संदीप भूटानी, अंकुर गोयल, राजकुमार गुप्ता, गौरव सूरी, लोकेश बंसल, राजेश वर्मा, अनिल गुप्ता, अशोक कटारिया विशाल गुप्ता, राजकुमार कश्यप, संजय वर्मा, मदन अग्रवाल, प्रवीण सिंघल, वीरू सिंधी अतुल गुप्ता, मुकुल गुप्ता, संजय जैन, प्रशांत मलिक, दीनानाथ सोनकर, सुनील कुमार, निशांत गुप्ता, राजा पांडे सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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छेड़ा’स ने लालबागचा राजा के दरबार में मनाया गणेश उत्सव, केसर मोदक का भोग लगाया

छेड़ा स्पेशलिटीज फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के घरेलू फूड ब्रांड छेड़ा’स ने मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के साथ गणेश उत्सव मनाते हुए व्रत के पसंदीदा स्नैक्स, नए फ्लेवर और पारंपरिक मिठाइयों की खास रेंज पेश की है। “छेड़ा’स वेलकम्स यू बप्पा” की थीम के साथ लगाए गए ब्रांड के स्टॉल पर त्योहार के पसंदीदा स्नैक्स के साथ छेड़ा’स के नए प्रोडक्ट्स भी पेश किए गए हैं। स्टॉल पर सेंधा नमक से बने येलो बनाना चिप्स और फराली चिवड़ा जैसे व्रत के पसंदीदा स्नैक्स के साथ केसर मोदक, असॉर्टेड मोदक और काजू कतली भी उपलब्ध हैं। इस दौरान नए लॉन्च किए गए चीज़ जलापेनो बनाना चिप्स, पेरी पेरी बनाना चिप्स, मैक्सिकन टोमैटो पोटैटो चिप्स और चिली फ्लेमिन’ पोटैटो चिप्स भी खास आकर्षण का केंद्र हैं। भक्त गणेश उत्सव के दौरान छेड़ा’स के इन नए फ्लेवर का स्वाद ले सकते हैं। गणेश उत्सव के तहत छेड़ा’स की ओर से लालबागचा राजा को केसर मोदक का भोग भी लगाया जाएगा। इसके जरिए ब्रांड मुंबई की सबसे खास गणेश उत्सव परंपराओं में शामिल हो रहा है और पंडाल में अपनी मौजूदगी को एक खास जुड़ाव दे रहा है। धार्मिक छेड़ा, डायरेक्टर – स्ट्रैटेजी एंड ऑपरेशंस, छेड़ा स्पेशलिटीज फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, ने कहा, “गणेश उत्सव उन खास मौकों में से एक है, जब खाना, परिवार और परंपरा अपने आप एक साथ जुड़ जाते हैं। लालबागचा राजा के साथ हमारी मौजूदगी हमें इस अनुभव का हिस्सा बनने का मौका देती है। हमने अपने स्टॉल पर ऐसे व्रत के पसंदीदा स्नैक्स रखे हैं, जिन्हें लोग बचपन से खाते आए हैं। इसके साथ नए फ्लेवर और त्योहार की मिठाइयां भी हैं, ताकि दर्शन के लिए आने वाले हर व्यक्ति के लिए कुछ न कुछ खास हो। बप्पा को केसर मोदक का भोग लगाना हम सभी के लिए इस मौके को और भी खास बनाता है।” यह जुड़ाव ऐसे समय में हुआ है जब छेड़ा’स अपनी मिठाइयों की रेंज पर ज्यादा ध्यान दे रहा है और गणेश उत्सव के दौरान मोदक को खास जगह दी गई है। मिठाइयों की इस रेंज में केसर मोदक, 3 फ्लेवर में असॉर्टेड मोदक, काजू कतली और कई तरह की अन्य मिठाइयां शामिल हैं, जो महाराष्ट्र के इस बड़े त्योहार के दौरान सीधे ग्राहकों के लिए उपलब्ध रहेंगी। इस पहल के जरिए छेड़ा’स अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को लगातार आगे बढ़ा रहा है, साथ ही उन स्वादों और परंपराओं से भी जुड़ा हुआ है, जिन्होंने सालों से ब्रांड को पहचान दी है।

Cultural Journeys

लालबागचा राजा के दरबार में नेस्ले इंडिया का साथ, ‘गुड फूड, गुड लाइफ’ से महका मुंबई का गणेशोत्सव

मुंबई : नेस्ले इंडिया ने इस गणेश उत्सव में मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के साथ अपनी वार्षिक सहभागिता जारी रखी। इस दौरान दिग्विजय मिल में खास उपभोक्ता अनुभव के जरिए भोजन, समुदाय और मुंबई की उत्सवी भावना को एक साथ जोड़ा गया। गणेश उत्सव के दौरान जब भक्त और लोग बड़ी संख्या में एक साथ आए, तब नेस्ले इंडिया ने मैगी, किटकैट, मंच और नेस्कैफे जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स के लिए खास उपभोक्ता ज़ोन बनाए। इन जगहों पर लोगों को अपने पसंदीदा प्रोडक्ट्स का आनंद लेने और उत्सव की चहल-पहल के बीच तरोताजा होने का मौका मिला। इस पहल में लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इसके जरिए नेस्ले इंडिया को मुंबई की संस्कृति और उत्सवी माहौल से गहराई से जुड़े इस अवसर पर उपभोक्ताओं के साथ जुड़ने का मौका मिला। मिल्कमेड से बना खास उत्सवी प्रसाद इस अवसर को और खास बनाते हुए नेस्ले इंडिया ने मिल्कमेड से तैयार किए गए पारंपरिक मोदक लालबागचा राजा को अर्पित किए। मोदक गणेश चतुर्थी के उत्सव में विशेष महत्व रखता है और भगवान गणेश से गहराई से जुड़ा हुआ है। इस भोग के जरिए इस प्रिय उत्सवी परंपरा को मिल्कमेड के परिचित स्वाद के साथ जोड़ा गया, जो उत्सव में नेस्ले इंडिया की निरंतर सहभागिता को एक खास रूप देता है। मिल्कमेड कई पीढ़ियों से भारतीय घरों में जाना-पहचाना नाम रहा है और इसका इस्तेमाल पारंपरिक और आधुनिक मिठाइयों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। मोदक बनाने में मिल्कमेड के इस्तेमाल ने इस लोकप्रिय उत्सवी मिठाई में नेस्ले का एक खास स्पर्श जोड़ा। उत्सव में ‘गुड फूड, गुड लाइफ’ का अनुभव नेस्ले इंडिया के लिए लालबागचा राजा के साथ जुड़ाव ऐसे उत्सव का हिस्सा बनने का अवसर है, जो मुंबई और आसपास के क्षेत्रों से लोगों को एक साथ लाता है। यह कंपनी के उपभोक्ताओं के साथ जुड़ाव को दर्शाता है और भोजन, पसंदीदा स्वादों और साथ मिलकर मनाए जाने वाले खास मौकों से जुड़े अनुभव तैयार करता है। यह जुड़ाव नेस्ले के “गुड फूड, गुड लाइफ” के उद्देश्य से भी जुड़ा है। यह इस बात को दर्शाता है कि भोजन किस तरह खुशी, जुड़ाव और रोजमर्रा की अच्छी जिंदगी के पल बनाने में भूमिका निभा सकता है। दिग्विजय मिल में बनाए गए नेस्ले के ज़ोन ने अलग-अलग प्रोडक्ट्स के जरिए इस सोच को लोगों तक पहुंचाया। मैगी और नेस्कैफे से लेकर किटकैट और मंच तक, इन ब्रांड्स ने उत्सवी माहौल में लोगों को अपने परिचित स्वादों का आनंद लेने का मौका दिया और उनके लिए तरोताजा होने और खुशी के छोटे-छोटे पल बनाए। मुंबई की उत्सवी भावना का जश्न लालबागचा राजा लंबे समय से मुंबई के गणेश उत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और यहां शहर के साथ-साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से भी भक्त और लोग आते हैं। यह अवसर परंपरा, आस्था और उत्सव के जरिए लोगों को एक साथ लाता है और मुंबई की खास ऊर्जा और एकजुटता को दर्शाता है। उत्सव में नेस्ले इंडिया की लगातार मौजूदगी शहर और उसके उपभोक्ताओं के साथ कंपनी के जुड़ाव को दर्शाती है। दिग्विजय मिल में आयोजित इस अनुभव में उपभोक्ताओं के साथ जुड़ाव को उत्सवी माहौल के साथ जोड़ा गया, वहीं मिल्कमेड से बने मोदक के भोग ने इस जुड़ाव में पारंपरिक रंग जोड़ा। रोहित जैन, नेस्ले इंडिया के एक्टिवेशन हेड, ने ब्रांड के उपभोक्ता जुड़ाव से जुड़े प्रयासों में योगदान दिया और उत्सव के दौरान लोगों के साथ ब्रांड की मौजूदगी और जुड़ाव को मजबूत करने में सहयोग किया। जैसे ही मुंबई गणेश उत्सव के रंग में रंगी, नेस्ले इंडिया ने भी पसंदीदा स्वादों, उत्सवी परंपराओं और आपसी जुड़ाव के पलों को एक साथ लाकर इस जश्न में हिस्सा लिया। दिग्विजय मिल में अपने उपभोक्ता अनुभव और खास मिल्कमेड मोदक के भोग के जरिए कंपनी ने मुंबई के सबसे प्रमुख वार्षिक उत्सवों में से एक के साथ अपनी सहभागिता जारी रखी। नेस्ले इंडिया मुंबईवासियों, भक्तों और शहरभर में गणेश उत्सव मनाने वाले सभी लोगों को खुशहाल और सुरक्षित उत्सवी मौसम की हार्दिक शुभकामनाएं देता है।

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फिल्म रिव्यू: “दायरा” : एक दमदार, ईमानदार और लंबे समय तक असर छोड़ने वाली फिल्म

फिल्म : दायरा कलाकार:  करीना कपूर खान, पृथ्वीराज सुकुमारन, जितेंद्र जोशी और क्षिती जोग लेखक : यश केसवानी , सीमा अग्रवाल और मेघना गुलजार निर्देशक : मेघना गुलजार निर्माता : विनीत जैन , धवल गाडा और अमृता पांडे रेटिंग : 3 स्टार मेघना गुलज़ार की फिल्म ‘दायरा’ सिर्फ एक क्राइम थ्रिलर नहीं, बल्कि हमारे समय के सबसे जटिल सवालों को सामने रखने वाली एक बेहद संवेदनशील और विचारोत्तेजक फिल्म है। इस फिल्म का स्पेशल प्रिव्यू देखने के बाद यह साफ हो जाता है कि यह कहानी किसी एक अपराध की नहीं, बल्कि उस अपराध के बाद समाज और सिस्टम के भीतर उठने वाले तूफान की है। फिल्म की कहानी एक जघन्य अपराध से शुरू होती है, जो दर्शकों को तुरंत भावनात्मक रूप से झकझोर देती है। लेकिन दायरा यहां रुकती नहीं—यह उस दर्द, गुस्से और बेचैनी के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा करती है: क्या त्वरित न्याय ही असली इंसाफ है? और कानून की सीमा आखिर कहां तक है? फिल्म देखते हुए हैदराबाद के चर्चित गैंगरेप और एनकाउंटर केस की याद बार-बार आती है। हालांकि मेघना गुलज़ार ने इसे सीधे तौर पर किसी वास्तविक घटना पर आधारित नहीं बताया है, लेकिन उस घटना की छाया फिल्म पर स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। यही वजह है कि फिल्म और भी प्रासंगिक और असरदार बन जाती है। निर्देशन की बात करें तो मेघना गुलज़ार यहां पूरी तरह अपने फॉर्म में नजर आती हैं। वह दर्शकों को कोई आसान जवाब नहीं देतीं, बल्कि उन्हें एक असहज स्थिति में खड़ा कर देती हैं, जहां भावनाएं और कानून आमने-सामने आ जाते हैं। दायरा कोर्टरूम ड्रामा से ज्यादा एक इन्वेस्टिगेशन और नैतिक संघर्ष की कहानी है, जहां हर परत खुलने के साथ सवाल और गहरे होते जाते हैं। करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन दोनों ही अपने किरदारों में बेहतरीन नजर आते हैं। करीना एक सख्त लेकिन संवेदनशील अधिकारी के रूप में प्रभाव छोड़ती हैं, वहीं पृथ्वीराज का दृढ़ और तीखा किरदार फिल्म को मजबूती देता है। दोनों के बीच का वैचारिक टकराव फिल्म की जान है, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखता है। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी ईमानदारी है। यह न तो अपराध की भयावहता को कम करती है और न ही भीड़ के गुस्से को पूरी तरह सही ठहराती है। इसके बजाय यह दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है कि अगर कानून पर भरोसा कमजोर पड़ने लगे, तो क्या हम न्याय के नाम पर उसी कानून को तोड़ सकते हैं? निष्कर्ष : दायरा एक ऐसी फिल्म है जो मनोरंजन से ज्यादा आपको सोचने के लिए मजबूर करती है। इसका असर फिल्म खत्म होने के बाद भी लंबे समय तक आपके साथ बना रहता है। मेघना गुलज़ार ने एक बार फिर साबित किया है कि सिनेमा सिर्फ कहानी नहीं, बल्कि समाज का आईना भी हो सकता है।

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