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June 4, 2026

Bollywood Beats

‘पेद्दि’ देखते ही झूम उठे फैंस, थिएटर्स पर छाया राम चरण स्टारर ब्लॉकबस्टर का क्रेज

‘पेद्दि’ में जाह्नवी कपूर के चार्म और राम चरण के दमदार अंदाज ने जीता फैंस का दिल, सिनेमाघरों में दिख रही है दीवानगी ​राम चरण और जाह्नवी कपूर स्टारर मच-अवेटीड स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म ‘पेद्दि’ 4 जून को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है। बुच्ची बाबू सना के निर्देशन में बनी यह फिल्म काफी समय से चर्चा में है क्योंकि इसकी कहानी ‘पेद्दि राजू’ नाम के एक छोटे लड़के से प्रेरित है। पेद्दि राजू अपने गाँव में कंस्ट्रक्शन साइट्स (निर्माण स्थलों) पर काम करने वाला एक दिहाड़ी मजदूर है। फिल्म मेकर उसकी इसी प्रेरणादायक कहानी को ‘पेद्दि’ के जरिए बड़े पर्दे पर लेकर आ रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर शेयर किए जा रहे पोस्ट्स से साफ है कि नेटिजन्स (इंटरनेट यूजर्स) इस फिल्म और इसके कलाकारों की एक्टिंग की जमकर तारीफ कर रहे हैं। ​सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक पोस्ट में ‘पेद्दि’ को “प्योर सिनेमैटिक फायर” (सिनेमा के पर्दे पर आग) बताया गया है। इसमें राम चरण की तारीफ करते हुए लिखा गया है कि उन्होंने “अपने करियर की सबसे इंटेंस और बेहतरीन परफॉर्मेंस दी है, और अपनी अनमैच्ड स्क्रीन प्रेजेंस से हर फ्रेम पर राज किया है, वहीं जाह्नवी कपूर कहानी में चार्म, इमोशन और गहराई लेकर आई हैं।” पोस्ट में आगे लिखा है, “फिल्म के एक्शन सीन्स दमदार हैं, इमोशन्स सीधे दिल को छूते हैं और बैकग्राउंड स्कोर हर बड़े सीन को अगले लेवल पर ले जाता है। यह मास एंटरटेनमेंट और दिल छू लेने वाली स्टोरीटेलिंग का एक ऐसा पावरफुल कॉम्बिनेशन है जो आपको शुरू से अंत तक बांधे रखता है। यह बड़े पर्दे का एक असली नजारा है और इस साल के सबसे यादगार थिएट्रिकल एक्सपीरियंसेज में से एक है।” एक दूसरे पोस्ट में लिखा है, “#Peddi का पहला हाफ बेहद एंगेजिंग है और हर मामले में एकदम सटीक बैठता है। इसका बैकग्राउंड स्कोर बहुत बढ़िया काम करता है। ‘राई राई रा रा’ गाना और उसके विजुअल्स थिएटर्स में एकदम धमाकेदार हैं। फर्स्ट हाफ में कई क्वालिटी सीन्स हैं, खासकर वो ‘एक रुपये वाला सीन’। क्या स्क्रीन प्रेजेंस और ऑरा है, एकदम टॉप-नॉच। शिवराज कुमार सिर्फ दो सीन्स में नजर आते हैं, लेकिन उनकी परफॉर्मेंस बेहद पावरफुल है और पहले हाफ में एक गहरी छाप छोड़ती है। फिल्म में कई इमोशनल हिस्से हैं जो बहुत खूबसूरती से काम करते हैं और दर्शकों से सीधा जुड़ाव बनाते हैं… और यह काफी रिलेटेबल भी है। खासकर प्री-इंटरवल और इंटरवल का सीक्वेंस बहुत शानदार लिखा गया है।” एक और वायरल पोस्ट में लिखा है, “#PEDDI ब्लॉकबस्टर फर्स्ट हाफ। प्री-इंटरवल से लेकर इंटरवल तक पूरी तरह से रोंगटे खड़े कर देने वाला एक्सपीरियंस है। ग्लोबल स्टार राम चरण की परफॉर्मेंस लाजवाब है और बुच्ची बाबू का डायरेक्शन बहुत बढ़िया है। हर तरफ फिल्म को लेकर बहुत पॉजिटिव बातें चल रही हैं।” ​पेद्दि एडवांस बुकिंग अपडेट: ​4 जून को रिलीज होने जा रही राम चरण की ‘पेद्दि’ ने एडवांस बुकिंग के मामले में बेहद शानदार शुरुआत की है। 3 जून को चुनिंदा स्क्रीन्स पर फिल्म के कई पेड प्रीमियर भी रखे गए थे। इंडस्ट्री ट्रैकर सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने बिना ब्लॉक बुकिंग के एडवांस बुकिंग के शुरुआती दिनों में ही 9.82 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। अगर इसमें ब्लॉक बुकिंग को भी शामिल कर लिया जाए, तो बुधवार दोपहर तक यह आंकड़ा 16.66 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। वहीं ग्लोबल बॉक्स ऑफिस की बात करें, तो फिल्म ने दुनिया भर में एडवांस सेल्स के जरिए 35 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है।

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मूवी रिव्यू : गाँव से मैदान तक संघर्ष, पहचान और आत्मसम्मान के लिए – पेड्डी की कहानी

मूवी रिव्यू: पेड्डी  निर्देशक: बुच्ची बाबू सना कलाकार: राम चरण, जाह्नवी कपूर, बोमन ईरानी, दिव्येंदु शर्मा, शिवराजकुमार संगीत: ए. आर. रहमान रेटिंग : ⭐⭐⭐⭐ (4/5) एक साहासिक और ऊर्जा से भरा खिलाड़ी पेद्दी, जिसके क्रिकेट खेला, जिसने कुश्ती खेली, जिसने किस्मत और समय से हार न मानते हुए अपने एक पैर को गवां कर भी दौड़ में गोल्ड मेडल जीता, वो भी अपने गांव और गांव के लोगों को पहचान दिलाने के लिए। खेलों के किरदारों को लेकर इतिहास में अभी तक जितनी भी बाॅयोपिक फिल्में बनी हैं, शायद यह पेद्दी के संघर्ष को दिखाती यह फिल्म सबसे ज्यादा दमदार फिल्म है। अगर पेद्दी की जीत और संघर्ष की कहानी को इस फिल्म के माध्यम से नहीं दिखाया जाता तो, देश के इस युवा खिलाड़ी द्वारा लड़ी जंग को कोई समझ और जान नहीं पाता। धन्य हैं, वे निर्माता और निर्देशक जिन्होंने पेद्दी फिल्म को बनाकर अपनी मेहनत को बड़े पर्दे पर साकार किया। असल में कहानी यह है कि फिल्म पेड्डी एक ऐसे युवा खिलाड़ी की गाथा है जो खेल के माध्यम से अपने गाँव और समुदाय को पहचान दिलाने की कोशिश करता है। विजयनगरम का ‘आटा कूली’ यानी किराए पर खेलने वाला पहाड़िया खिलाड़ी पेद्दी (राम चरण) सिर्फ जीत का प्रतीक नहीं है, बल्कि अपने लोगों की अस्मिता और अस्तित्व की लड़ाई का चेहरा भी है। क्रिकेट से लेकर कुश्ती और दौड़ तक, उसका संघर्ष सिर्फ खेल का नहीं बल्कि सम्मान और पहचान का है। उसने अपने पूरे जीवन में अपने अस्तित्व और गांव और वहां के लोगों के आत्मसम्मान के लिए और गांव को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए जो लड़ाई लड़ी है। वह अद्वित्य है। पेड्डी नेे खेल के जरिए अपने गाँव और समुदाय को पहचान दिलाने का सपना देखा तो उसको पूरा भी किया। यह सिर्फ जीत की लड़ाई नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और अस्मिता की गाथा है। जहां एक खेल का मैदान उसके लिए जीवन का प्रतीक बन जाता है, जहाँ हर संघर्ष उसे सम्मान की ओर ले जाता है। अभिनय: राम चरण ने इस फिल्म में अपने करियर का सबसे दमदार प्रदर्शन दिया है। उनकी बॉडी लैंग्वेज, इमोशन और दृढ़ संकल्प हर फ्रेम में झलकता है। जाह्नवी कपूर का किरदार सीमित है, लेकिन उनकी मौजूदगी कहानी में एक भावनात्मक परत जोड़ती है। दिव्येंदु शर्मा का यह पहला तेलुगू डूब्यू है, उनका किरदार भी आकर्षक है। बोमन ईरानी ने मिस्टर पैस्वाल का किरदार निभाया है, जो युवा मामलों और खेल मंत्रालय से जुड़े अधिकारी हैं। वे विजयनगरम पहुँचकर पेड्डी (राम चरण) की असाधारण खेल प्रतिभा को देखते हैं और उसकी कहानी को सामने लाने का प्रयास करते हैं। वहीं केसरी पहलवान के रूप में शिवराजकुमार ने भी शानदार काम किया है। संगीत: ए. आर. रहमान का संगीत फिल्म की आत्मा है। रहमान का दिल छू लेने वाला संगीत, बैकग्राउंड स्कोर हर सीन को और भी गहराई देता है। सिनेमैटोग्राफी हरे-भरे जंगल के दृश्य, गाँव की मिट्टी खेल के जुनून को बड़े परदे पर जीवंत बना देती है। खासियत: जहां इस फिल्म में खेल और इमोशन का बेहतरीन तालमेल मिलता है, वहीं राम चरण का करिश्माई अभिनय दर्शकों को जरूर भाएगा। फिल्म द्वारा एक विजेता खिलाड़ी ने किस तरह अपने गाँव की पहचान के लिए अपना जीवन दांव पर लगा दिया यह उसी जीवन को दर्शाती एक जमीनी कहानी है। कमजोरियाँ: फिल्म की लंबाई (3 घंटे से अधिक) दर्शकों को भारी लग सकती है। असल में कहानी के दृश्य फास्ट हैं, तो कहीं-कहीं आपको कुछ बोरियत सी हो सकती है। लेकिन अभिनत्री जाह्नवी का किरदार और भी मजबूत लिखा जा सकता था। उनके किरदार के आकर्षण में कमी देखने को मिलती है। पेड्डी सिर्फ एक स्पोर्ट्स ड्रामा नहीं, बल्कि संघर्ष, पहचान और आत्मसम्मान की कहानी है। यह फिल्म दर्शकों को भावनात्मक रूप से झकझोरती है और खेल के मैदान से बाहर भी एक गहरी सोच छोड़ जाती है। तो देर किस बात की है कल रिलीज हो रही है। अपने दोस्तों और अपने परिवार के साथ जाकर यह फिल्म जरूर देख कर आएं।

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