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April 17, 2026

Business Buzz

बेंगलुरु टेक समिट 2026 की तैयारी शुरू; दिल्ली में ‘ओपन डायलॉग’ के लिए जुटे उद्योग जगत के दिग्गज

मुख्य बिंदु: • कर्नाटक सरकार द्वारा नई दिल्ली में उद्योग जगत के साथ ओपन डायलॉग का आयोजन • बेंगलुरु टेक समिट 2026 का कर्टेन रेज़र कार्यक्रम • आईटी उद्योग के प्रमुखों ने श्री प्रियांक खड़गे के साथ संवाद किया • स्टार्टअप्स, निवेशक और उद्योग संघों की सक्रिय भागीदारी • नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देने पर फोकस • बीटीएस 2026 में 1800+ प्रदर्शक, 20,000+ प्रतिनिधि और 75+ देशों से 60,000+ आगंतुकों के शामिल होने की उम्मीद नई दिल्ली : एशिया के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड टेक्नोलॉजी इवेंट, ‘बेंगलुरु टेक समिट’ (बीटीएस) 2026 का 29वां संस्करण 17 से 19 नवंबर, 2026 तक बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्ज़िबिशन सेंटर (बीआईईसी) में आयोजित किया जाएगा। इस साल समिट की थीम ‘एआई एंड बियॉन्ड’ रखी गई है। बीटीएस 2026 के ‘कर्टेन रेज़र’ के रूप में, कर्नाटक सरकार ने आज नई दिल्ली के ताज पैलेस में उद्योग जगत के साथ एक ‘ओपन डायलॉग’ का आयोजन किया। इसमें दिल्ली-एनसीआर के टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम के प्रमुख स्टेकहोल्डर्स शामिल हुए। इस कार्यक्रम में आईटी, बायोटेक और ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग के माननीय मंत्री श्री प्रियांक खड़गे मुख्य रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद किया। इस चर्चा में आईटी, डीपटेक, ईएसडीएम और लाइफ साइंसेज क्षेत्रों के उद्योगपति, स्टार्टअप फाउंडर्स, यूनिकॉर्न लीडर्स, निवेशक और आरएंडडी विशेषज्ञ शामिल हुए। साथ ही एसटीपीआई, नैसकॉम, आईईएसए, टीआईई, आईवीसीए और एबीएलई जैसे प्रमुख उद्योग संगठनों ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने भारत के टेक परिदृश्य से जुड़े अवसरों और चुनौतियों पर कर्नाटक सरकार के नेतृत्व के साथ अपने विचार साझा किए। चर्चा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, फिनटेक, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों पर विशेष ध्यान दिया गया। श्री प्रियांक खड़गे ने कर्नाटक को वैश्विक नवाचार केंद्र बताते हुए सभी स्टेकहोल्डर्स को बीटीएस 2026 के माध्यम से तकनीकी बदलाव की अगली लहर का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया। कर्नाटक सरकार की आईटी, बायोटेक और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव डॉ. एन मंजुला (आईएएस) ने राज्य के टेक इकोसिस्टम की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री अतीश कुमार सिंह, बायोकॉन ग्रुप की चेयरपर्सन डॉ. किरण मजूमदार-शॉ, एसटीपीआई के महानिदेशक श्री अरविंद कुमार और नीति आयोग की सुश्री देबजानी घोष ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में कर्नाटक इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी सोसाइटी के प्रबंध निदेशक श्री राहुल संकनूर (आईएएस), कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन के सीईओ श्री संजीव गुप्ता और एमएम एक्टिव साई-टेक कम्युनिकेशंस के कार्यकारी अध्यक्ष जगदीश पटणकर भी उपस्थित रहे। कर्नाटक सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, बायोटेक विभाग द्वारा आयोजित बीटीएस 2026 में 1,800 से अधिक प्रदर्शक, 25,000+ प्रतिनिधि, 1,000+ स्टार्टअप और 75 से अधिक देशों के 60,000+ बिजनेस विजिटर्स के शामिल होने की उम्मीद है। यह तीन दिवसीय समिट 16 अलग-अलग थीम पर आधारित होगी, जिनमें एआई एंड डीपटेक, फिनटेक, हेल्थ व बायोटेक, स्पेसटेक, इंडिया इनोवेशन कॉन्क्लेव और ग्लोबल कोलैबोरेशन जैसे प्रमुख विषय शामिल होंगे। साथ ही डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर, सर्कुलर इकोनॉमी, ऑरेंज इकोनॉमी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे उभरते क्षेत्रों पर भी विशेष फोकस रहेगा। इस बार समिट का एक मुख्य आकर्षण पहली बार आयोजित होने वाला ‘एम्बेडेड वर्ल्ड इंडिया’ होगा। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर से जुड़े विशेष कॉन्फ्रेंस ट्रैक और एग्ज़िबिशन पैवेलियन शामिल होंगे। ‘न्यूर्नबर्गमेस इंडिया’ के सहयोग से आयोजित यह पहल वैश्विक हार्डवेयर इनोवेशन और भारत के तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर व इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम के बीच तालमेल को और मजबूत करेगी। यह समिट एक बड़े स्तर पर ‘मल्टी-पैवेलियन’ प्रदर्शनी की मेजबानी करेगी, जहाँ विभिन्न क्षेत्रों के क्रांतिकारी नवाचारों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही, यहाँ विशेष नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म, निवेशकों से जुड़ने के अवसर और वैश्विक साझेदारियों को बढ़ावा देने वाली पहलें भी देखने को मिलेंगी। कार्यक्रम का एक और बड़ा आकर्षण ‘फ्यूचर मेकर्स’ प्रोग्राम होगा। इसे विशेष रूप से उभरते हुए स्टार्टअप्स को पहचान दिलाने और उन्हें निवेशकों, मेंटर्स व वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए तैयार किया गया है। इस प्रोग्राम में इन्वेस्टर पिचिंग सेशन, वन-ऑन-वन मेंटरिंग क्लिनिक्स, स्केलिंग और फंडरेजिंग पर आधारित चर्चाएं और ‘फ्यूचर मेकर्स कॉन्क्लेव’ शामिल होंगे, जो फाउंडर्स, इनोवेटर्स और बदलाव लाने वाले दिग्गजों को एक मंच पर लाएंगे। अपने विस्तृत स्वरूप और भविष्यवादी एजेंडा के साथ, बीटीएस 2026 नवाचार को गति देने, सहयोग को बढ़ावा देने और व्यापारिक अवसरों को तेज करने वाले एक प्रमुख प्लेटफॉर्म के रूप में अपनी भूमिका जारी रखेगा। यह समिट टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कर्नाटक की वैश्विक स्थिति को और मजबूत करेगी और डिजिटल अर्थव्यवस्था के भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाएगी। नई दिल्ली में आयोजित ‘ओपन डायलॉग फॉर इंडस्ट्री’ बीटीएस 2026 की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इसने उद्योग जगत की भागीदारी को और गहरा करने के लिए आधार तैयार किया है और टेक्नोलॉजी, इनोवेशन व निवेश के वैश्विक केंद्र के रूप में कर्नाटक की पहचान को और पुख्ता किया है।

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व्यापार दिल्ली 2026 का नई दिल्ली में सफल समापन; ऑटो रिटेल, सरकार एवं OEM नेतृत्व ने हरित और समावेशी मोबिलिटी परिवर्तन की दिशा तय की

नई दिल्ली : फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) ने आज नई दिल्ली स्थित ली मेरिडियन होटल में व्यापार दिल्ली के तृतीय संस्करण और 22वें व्यापार कॉन्क्लेव का राष्ट्रीय स्तर पर सफल आयोजन किया। “व्यापार दिल्ली – बदलती दिल्ली” की थीम पर आयोजित इस उच्चस्तरीय उद्योग मंच में 200 से अधिक ऑटोमोबाइल डीलरों, वरिष्ठ नीतिनिर्माताओं, OEM नेतृत्व, वित्तीय संस्थानों और विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में ऑटोमोबाइल रिटेल एवं मोबिलिटी के भविष्य पर गहन विचारविमर्श करना था। इस कॉन्क्लेव की शोभा सुश्री रेखा गुप्ता, माननीय मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार, ने मुख्य अतिथि के रूप में बढ़ाई। उन्होंने दिल्ली की आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, सड़क सुरक्षा तथा पर्यावरणीय परिवर्तन में ऑटोमोबाइल रिटेल क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। नीति, अनुपालन और ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस पर केंद्रित संवाद व्यापार दिल्ली 2026 में नीतिकेंद्रित सत्रों और फायरसाइड चर्चाओं के माध्यम से राजधानी में ऑटोमोबाइल डीलरों के समक्ष उपस्थित प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की गई, जिनमें शामिल हैं: • मसौदा दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) नीति • वाहन स्क्रैपेज नीति • MCD द्वारा वर्कशॉप का औद्योगिक बनाम वाणिज्यिक वर्गीकरण • लंबे समय से लंबित कंपनसेशन सेस का मुद्दा कंपनसेशन सेस पर एक समर्पित तकनीकी सत्र आयोजित किया गया, जिसमें डीलरों को कानूनी स्पष्टता प्रदान करते हुए आगे की रणनीति पर प्रकाश डाला गया, ताकि उनके वैध वित्तीय क्रेडिट की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। ‘बदलती दिल्ली’: यात्री मोबिलिटी की नई परिकल्पना कॉन्क्लेव का एक प्रमुख आकर्षण पैनल चर्चा रही — “बदलती दिल्ली: भारत की राजधानी में यात्री मोबिलिटी की पुनर्कल्पना”। इस चर्चा में JSW मोटर्स, वोल्वो कार इंडिया, होंडा कार्स इंडिया, BYD इंडिया और निसान मोटर इंडिया सहित प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माताओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। पैनल में उपभोक्ताओं की बदलती अपेक्षाओं, विद्युतीकरण के मार्ग, उत्पाद रणनीतियों और भारत के मोबिलिटी परिवर्तन में डीलरों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। सुश्री रेखा गुप्ता, माननीय मुख्यमंत्री, दिल्ली सरकार ने कहा: “हम ‘स्वच्छ दिल्ली, हरित दिल्ली और स्मार्ट दिल्ली’ के मिशन के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। हमारी सरकार ने देश की सबसे व्यापक इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति लागू की है, जिसके अंतर्गत अगले चार वर्षों में ₹4,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से सब्सिडी, कर छूट और स्क्रैपेज प्रोत्साहन देकर हरित मोबिलिटी को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदूषण को जड़ से समाप्त करने हेतु हम परिवहन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं—मेट्रो विस्तार और स्वचालित फिटनेस केंद्रों की स्थापना के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि दिल्ली की सड़कों पर चलने वाला हर वाहन फिट और उत्सर्जनमुक्त हो। 2047 तक ‘विकसित भारत’ का सपना तभी साकार होगा जब ‘विकसित दिल्ली’ बनेगी। मैं ऑटोमोबाइल डीलरों से आह्वान करती हूँ कि वे स्वच्छ ऊर्जा की ओर नागरिकों को प्रेरित करने में सरकार के ‘कार्यशील हाथ’ बनें। हम पंजीकरण प्रक्रियाओं को सरल और दक्ष बना रहे हैं ताकि दिल्लीवासियों को विश्वस्तरीय, पर्यावरणअनुकूल अनुभव मिल सके। मिलकर हम दिल्ली को सतत शहरी जीवन का प्रतीक बनाएँगे।” श्री सी. एस. विग्नेश्वर, अध्यक्ष, FADA ने दिल्ली के परिवर्तन के लिए संतुलित और समावेशी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा: “दिल्ली केवल अपनी सड़कों पर ही नहीं, बल्कि अपने संकल्पों में भी निरंतर आगे बढ़ रही है। FADA का मानना है कि ऑटोमोबाइल डीलरों को इस परिवर्तन का पूर्ण भागीदार होना चाहिए। हम हरित भविष्य और मसौदा EV नीति का पूर्ण समर्थन करते हैं, किंतु यह भी आवश्यक है कि इस बदलाव में दिल्ली के ऑटोमोटिव इकोसिस्टम से जुड़े 17,500 प्रशिक्षित पेशेवरों की आजीविका सुरक्षित रहे। हमारी ‘बदलती दिल्ली’ की परिकल्पना वह है, जहाँ सक्षम बनाना, दंडात्मक कार्रवाई से पहले हो; जहाँ आर्थिक विकास, सड़क सुरक्षा—जैसे CPR प्रशिक्षण एवं ‘बकल अप’ अभियान—और पर्यावरणीय जिम्मेदारी साथसाथ आगे बढ़ें।” उन्होंने नीतिनिर्माताओं के साथ सतत संवाद, FADA अकादमी, GenX एवं Women in FADA के माध्यम से नेतृत्व विकास तथा कंपनसेशन सेस से जुड़े कानूनी प्रयासों को भी दोहराया। कॉन्क्लेव में AIआधारित डीलरशिप परिवर्तन, भविष्यसक्षम रिटेल प्रथाओं पर सत्र तथा प्रमुख वित्तीय और तकनीकी भागीदारों द्वारा प्रस्तुतियाँ भी शामिल रहीं। पूरे कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा एक प्रमुख विषय के रूप में उभरा, जिसमें FADA ने हेलमेट और सीटबेल्ट जागरूकता, ज़िम्मेदार ड्राइविंग व्यवहार तथा डीलरशिप स्तर पर CPR एवं फर्स्टरिस्पॉन्स प्रशिक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। श्री शैलेन्द्र लूथरा, चेयरपर्सन, FADA दिल्ली ने कहा: “आज का यह आयोजन बदलती दिल्ली और विकसित होते ऑटो रिटेल व्यापार को दर्शाता है। यह क्षेत्र पाँच वर्ष पूर्व की तुलना में पूरी तरह रूपांतरित हो चुका है। मार्च 2026 तक दिल्ली में वाहन बिक्री में 17% की वृद्धि दर्ज की गई है, और वार्षिक नए वाहन पंजीकरण लगभग 8 लाख यूनिट तक पहुँच चुके हैं। 550 डीलरशिप आउटलेट्स के साथ यह उद्योग 55,000 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान कर रहा है और मोटर वाहन कर एवं GST के माध्यम से दिल्ली की अर्थव्यवस्था में लगभग ₹7,150 करोड़ का योगदान दे रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर अब भारत में बहस नहीं, बल्कि वास्तविक स्वीकार्यता दिखाई दे रही है—विशेष रूप से इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों और दोपहिया EV में 62% की वृद्धि इसके प्रमाण हैं। FADA ने दिल्ली सरकार को अपने खर्च पर 150 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही ITI में स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स और वाहन स्क्रैपेज केंद्र की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा गया है। हम केवल वाहन नहीं बेच रहे—हम भविष्य की मोबिलिटी को आकार दे रहे हैं।” व्यापार दिल्ली 2026 ने नीति निर्माण में रचनात्मक भागीदार के रूप में FADA की भूमिका, पर्यावरणीय लक्ष्यों के समर्थन, सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा आजीविकाओं की रक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया—यह सुनिश्चित करते हुए कि जैसेजैसे दिल्ली आगे बढ़े, उसकी मोबिलिटी इकोसिस्टम भी जिम्मेदारी और समावेशिता के साथ विकसित हो।

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