खादी वाली दिवाली’ थीम पर आयोजित ‘खादी फेस्ट-2026’ का उद्घाटन केवीआईसी अध्यक्ष मनोज गोयल ने किया
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ के आह्वान को जेन-जी तक पहुंचाने के उद्देश्य से दिल्ली के कनॉट में ‘खादी दिवाली फेस्ट-2026’ का आयोजन. ‘खादी वाली दिवाली’ थीम पर आयोजित ‘खादी फेस्ट-2026’ का उद्घाटन केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने किया. ‘बात खादी की’ पॉडकास्ट के माध्यम से जेन-जी को खादी एवं स्वदेशी आंदोलन से जोड़ने की पहल। अध्यक्ष केवीआईसी ने कहा, “त्योहारों के अवसर पर खादी, स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों की खरीद से मजबूत होगा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ का संकल्प.” प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित एनडीएमसी पालिका पार्क, रीगल सिनेमा के सामने ‘खादी दिवाली फेस्ट-2026’ का आयोजन किया। कार्यक्रम में मीडिया जगत के प्रतिनिधियों के साथ विशेष संवाद एवं दिवाली मिलन आयोजित किया गया। केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज गोयल मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित रहे। ‘खादी वाली दिवाली’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य दीपावली एवं अन्य त्योहारों के अवसर पर देशवासियों को खादी और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के लिए प्रेरित करना, भारतीय कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों के उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाना तथा विशेष रूप से युवा पीढ़ी को स्वदेशी आंदोलन से जोड़ना है। इस अवसर पर केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने खादी को केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि स्वावलंबन, स्वाभिमान और आर्थिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनाया था। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खादी और स्वदेशी आंदोलन को नई ऊर्जा और व्यापक जनभागीदारी मिली है। प्रधानमंत्री जी का ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ का आह्वान केवल स्वदेशी वस्तुओं की खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय उत्पादों के प्रति गर्व की भावना विकसित करने, स्थानीय उत्पादकों को प्रोत्साहित करने और देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का एक व्यापक अभियान है। श्री गोयल ने कहा कि त्योहारों का समय भारतीय अर्थव्यवस्था, स्थानीय बाजारों और कारीगरों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि प्रत्येक परिवार त्योहारों के अवसर पर खादी और अन्य स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देता है, तो इसका सीधा लाभ देश के लाखों कारीगरों, बुनकरों, ग्रामीण उद्यमियों और उनके परिवारों तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों की खरीद केवल एक उपभोक्ता विकल्प नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार को मजबूत करने में नागरिकों की महत्वपूर्ण भागीदारी है। केवीआईसी अध्यक्ष ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी और जेन-जी (Gen-Z) से स्वदेशी अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि आज का युवा फैशन, डिजाइन, तकनीक और नए विचारों के प्रति जागरूक है। खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों को आधुनिक डिजाइन, आकर्षक प्रस्तुतीकरण, बेहतर ब्रांडिंग और समकालीन जीवनशैली से जोड़कर युवाओं के बीच और अधिक लोकप्रिय बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि युवा केवल स्वदेशी उत्पादों के उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि उनके ब्रांड एंबेसडर, डिजाइनर, डिजिटल प्रमोटर और उद्यमी भी बन सकते हैं। श्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल टू ग्लोबल’ के विजन को साकार करने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स, डिजिटल मार्केटिंग और स्टार्टअप के माध्यम से युवा खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी नई पहचान दिला सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत@2047’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के विजन को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए केवीआईसी ने ‘बात खादी की’ पॉडकास्ट की शुरुआत की है। इसके माध्यम से खादी की विरासत, आधुनिक फैशन, नवाचार और युवा उद्यमिता जैसे विषयों पर बातचीत कर जेन-जी को खादी और स्वदेशी आंदोलन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। यह पहल नई पीढ़ी के बीच खादी को लोकप्रिय बनाने और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने में सहायक होगी। मीडिया जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद करते हुए श्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और नीतियों के परिणामस्वरूप खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति की है। वित्त वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र का कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जबकि इस क्षेत्र के माध्यम से 2.04 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में यह क्षेत्र 2.51 लाख करोड़ रुपये के कारोबार के लक्ष्य को भी प्राप्त करेगा। 31 अक्टूबर से शुरु हुए खादी दिवाली फेस्ट-2026 में खादी उत्पादों पर 20 प्रतिशत तथा ग्रामोद्योग उत्पादों पर 10 प्रतिशत की विशेष छूट दी जा रही है। ये महोत्सव इस संदेश को सशक्त करता है कि इस दीपावली हम केवल घरों में दीपक ही नहीं जलाएं, बल्कि खादी और स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर देश के लाखों कारीगरों और ग्रामीण परिवारों के जीवन में भी खुशियों का प्रकाश फैलाएं।










