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October 9, 2026

Cultural Journeys

रावण के 11 किलो के चमचमाते मुकुट और रौबदार आवाज के बीच लव कुश रामलीला की फुल ड्रेस रिहर्सल

लालकिला मैदान में 11 अक्तूबर से होगा भव्य रामलीला मंचन श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान और रावण के किरदार निभाने वाले कलाकारों ने दिखाया अपने अभिनय का दम । नई दिल्ली : लालकिला मैदान में आयोजित होने वाली लव कुश रामलीला की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई है। शुक्रवार को रामलीला के प्रमुख किरदारों की फूल ड्रेस रिहर्सल के दौरान रावण का भारी-भरकम मुकुट, भव्य वेशभूषा और उसकी रौबदार आवाज आकर्षण का केन्द्र रही। वहीं, श्रीराम के किरदार में कलाकार की निश्चल, सौम्य और प्रभावशाली प्रस्तुति ने रामायण के दिव्य प्रसंगों को जीवंत कर दिया । इस अवसर पर लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने मीडिया को रामलीला के प्रमुख किरदार निभाने वाले कलाकारों से रूबरू करवाया। इस वर्ष रामलीला में फिल्म और टेलीविजन जगत के माध्यम से रामायण के प्रमुख प्रसंगों को मंच पर साकार करेंगे। एक्टर देवेश शर्मा श्री राम प्रमुख श्रीराम की भूमिका निभा रहे देवेश शर्मा टेलीविजन के लोकप्रिय धारावाहिक साम दाम दंड सहित कई परियोजनाओं में काम कर चुके हैं। वह युग के 251 एपिसोड में मुख्य भूमिका भी निभा चुके है। देवेश शर्मा ने कहा, मैं अपने आपको सौभाग्यशाली मानता हूँ कि देश की प्रसिद्ध लव कुश रामलीला कमेटी ने मुझे लालकिला मैदान में प्रभु श्रीराम का किरदार निभाने के लिए चुना है। श्रीराम का चरित्र निभाना मेरे लिए केवल अभिनय नहीं, बल्कि आस्था, जिम्मेदारी और सौभाग्य का विषय है। एक्ट्रेस कावेरी प्रियम माता सीता माता सीता की भूमिका निभा रही कावेरी प्रियम ये रिश्ते हैं प्यार के दिल माने ना, गुम है किसी के प्यार में, शक्ति और जिद्दी जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों के साथ-साथ कई ओटीटी परियोजनाओं में अहम भूमिकाएं निभा चुकी है। कावेरी प्रियम माता सीता की भूमिका को अपने अभिनय करियर की एक बड़ी उपलब्धि मानती है। उनके अनुसार माता सीता का चरित्र धैर्य, त्याग, मर्यादा और शक्ति का प्रतीक है, जिसे मंच पर निभाना उनके लिए विशेष अनुभव है। एक्टर टाइगर पंकज कामद महाबली हनुमान । महाबली हनुमान की भूमिका निभा रहे टाइगर पंकज कामद छोटे पर्दे पर अंगद, इन्द्रदेव, रानी की प्रेम कहानी, परशुराम और युधिष्ठिर जैसे धारावाहिकों में प्रमुख किरदार निभा चुके है। पंकज कामद के अनुसार, विशाल मंच पर हजारों दर्शकों के सामने हनुमान जी का किरदार पूरी उर्जा और भावनाओं के साथ निभाना एक बड़ी चुनौती है। वह इसे अपने अभिनय करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण और यादगार अनुभवों में से एक मानते हैं। एक्टर राजप्रेमी लंकापति रावण रावण की भूमिका निभा रहे राजप्रेमी हिन्दी फिल्म जगत और टेलीविजन के जाने-माने कलाकार है, वह सलमान खान की फिल्म वीर, सनी देओल की सुपरहित फिल्म गदर और संजय खान के मेगा धारावाहिक महाबली हनुमान सहित कई चर्चित परियोजनाओं में काम कर चुके हैं। राजप्रेमी के लिए रायण का किरदार निभाना विशेष उपलब्धि है। रावण की प्रभावशाली आवाज, व्यक्तित्य वेशभूषा और मंच पर उसके रौबदार अंदाज को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए विशेष तैयारी की गई है। मुंबई के अनुभवी कास्ठयूम डिजाइनर तैयार कर रहें है भव्य वेशभूषा रामलीला के प्रमुख कलाकारों की वेशभूषा तैयार करने की जिम्मेदारी अनुभवी कॉस्टयूम डिजाइनर विष्णु पाटिल और उनकी टीम संभाल रही है। बी.आर. चोपडा के लोकप्रिय धारावाहिक महाभारत, देवों के देव महादेव जैसे बड़े टेलीविजन प्रोजेक्ट्स और कई फिल्मों के कलाकारों के लिए कॉस्टयूम तैयार कर चुके विष्णु पाटिल पिछले दो महीनों से लय कुश रामलीला के प्रमुख पात्रों की पोशाकों पर काम कर रहें है। विष्णु पाटिल ने बताया कि हर साल रावण के लिए नए अंदाज के अस्त्र-शस्त्र, मुकुट और विशिष्ट आभूषण तैयार करना सबसे बड़ी चुनौती होती है। श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता की वेशभूषा के लिए बनारस और कांचीपुरम की पांरपरिक पोशाकों से प्रेरणा ली जाती है, जबकि रावण की पोशाक के लिए मुंबई और राजस्थान से विशेष सामग्री व डिजाइन तैयार करवाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार रावण के लिए गहरे काले रंग की भारी-भरकम पोशाक तैयार की गई है। इसके साथ लगभग 11 किलोग्राम वजन का चमचमाता मुकुट भी बनाया गया है, जो मंच पर रावण के भव्य और प्रभावशाली व्यक्तित्व को और उभारता है। रामायण सहित कई फिल्मों और धारावाहिकों के मेकअप डिजाइनर संवारेंगे कलाकारों का रूप प्रमुख कलाकारों के मेकअप, स्टाइल और लुक को आकर्षक बनाने की जिम्मेदारी अनुभवी मेकअप डिजाइनर पंकज जीवराज चौटलिया संभाल रहे हैं। बुलेट राजा, रागिनी एमएमएस सहित कई फिल्मों और टेलीविजन परियोजनाओं से जुड़े पंकज जीवराज चौटलिया पिछले करीच तीन दशकों से मनोरंजन जगत में सक्रिय है। उन्होंने अरूण गोविल, दीपिका, दारा सिंह, सोनाक्षी सिन्हा, राज बब्बर, मनोज तिवारी और विद्युत जामवाल सहित अनेक कलाकारों के साथ काम किया है। इस बार वह मुंबई से अपनी टीम के साथ लव कुश रामलीला के प्रमुख कलाकारों के लिए विशेष मेकअप और अलग-अलग लुक तैयार कर रहे हैं, ताकि हर पात्र अपने वास्तविक चरित्र के अनुरूप दिखाई दें। 140 फुट लंबे भव्य मंच पर साकार होगा मीनाक्षी मंदिर लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि इस वर्ष रामलीला के मंचन के लिए लगभग 140 फुट लंबे, 60 फुट चौड़े और 45 फुट उंचे मंच पर भव्य मीनाक्षी मंदिर का सेट तैयार लिया गया है। इस विशाल सेट के निर्माण में गुजरात, कोलकाता, महाराष्ट्र, मयुरा और दिल्ली के करीब 40 कुशल कारीगर जुटे रहें है। उनका उद्देश्य दर्शकों को ऐसा भब्य दृश्य अनुभव देना है, जिसमें रामायण के प्रसंगों के साथ भारतीय मंदिर स्थापत्य और पारंपरिक कला की झलक भी दिखाई दें। अर्जुन कुमार ने कहा कि लव कुश रामलीला कमेटी इस वर्ष भी दर्शकों को भव्य मंच सज्जा, प्रभावशाली अभिनय आकर्षक वेशभूषा और आधुनिक तकनीक के समन्वय के साथ रामायण की दिव्य गाथा प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध है। लव कुश रामलीला कमेटी के महासचिव श्री सुभाष गोयल ने कहा कि रामलीला 11 से 21 अक्तूबर 2026 तक होगी एवं दशहरा पर्व 20 अक्तूबर 2026 को पूरे देश में मनाया जाएगा। रामलीला का भव्य मंच, अत्याधुनिक लाईटिंग, शानदार सेट, फिल्म एवं टीवी कलाकारों की मौजूदगी तया भारतीय संस्कृति की झलक दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र रहेगी, 11 अक्तूबर को लीला का शुभारंभ के अवसर पर गणपति पूजन माननीय श्री ओम बिरला, लोक सभा अध्यक्ष एवं माननीय सांसद श्री प्रवीण खण्डेलवाल के कर कमलों से सम्पन्न होगा ।

Expert Opinion

हेल्थकेयर सेक्टर में कौशल विकास और मरीजों की देखभाल में निरंतरता के लिए भारत-यूके के बीच सहयोग की पहल

मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स और बैपियो ट्रेनिंग एकेडमी ने आयुष मंत्रालय के सहयोग से आयुष डॉक्टरों के प्रशिक्षण के लिए विशेष पहल की घोषणा की दिल्ली : मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स और बैपियो (BAPIO) ट्रेनिंग एकेडमी ने भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के साथ मिलकर आज दिल्ली में आयोजित इंडो-यूके हेल्थकेयर कॉन्क्लेव के दूसरे संस्करण में आयुष डॉक्टरों (बीएचएमएस और बीएएमएस) के क्लीनिकल कौशल को उन्नत करने की दिशा में कदम उठाने की घोषणा की। कॉन्क्लेव का उद्घाटन भारत सरकार के आयुष राज्य मंत्री श्री प्रतापराव गणपतराव जाधव ने किया। कॉन्क्लेव में स्ट्रक्चर्ड एजुकेशन, सुपरवाइज्ड क्लीनिकल ट्रेनिंग और एसेसमेंट के माध्यम से हेल्थकेयर सेक्टर में कौशल विकास और मरीजों की देखभाल में निरंतरता पर फोकस किया गया। इन पहलों में आयुष के स्नातक और स्नातकोत्तर डॉक्टरों के लिए छह-छह महीने के दो सर्टिफिकेट प्रोग्राम शामिल हैं। इनका उद्देश्य डॉक्टरों के क्लीनिकल कौशल को बढ़ाना, मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और हेल्थकेयर सिस्टम के भीतर देखभाल की निरंतरता (कॉन्टिन्यूटी ऑफ केयर) बनाए रखने में मदद करना है। “स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और नवाचार के बीच सेतु” (ब्रिजिंग हेल्थकेयर, एजुकेशन एंड इनोवेशन) विषय पर आयोजित दो दिवसीय कॉन्क्लेव में भारत और ब्रिटेन के नीति-निर्माता, चिकित्सक, शिक्षाविद, स्वास्थ्य क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी और नवाचार से जुड़े विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। यह कॉन्क्लेव 2025 में ब्रिटेन में आयोजित पहले संस्करण की अगली कड़ी है। पहले संस्करण की अध्यक्षता सांसद और इंडो-यूके हेल्थकेयर अलायंस के चेयर डॉ. संजय जायसवाल ने की थी। इस पहल का जोर विचार-विमर्श को व्यावहारिक कार्यक्रमों और दीर्घकालिक संस्थागत साझेदारियों में बदलने पर है। इस अवसर पर भारत सरकार के आयुष राज्य मंत्री श्री प्रतापराव गणपतराव जाधव ने कहा, “इंडो-यूके हेल्थ कॉन्क्लेव 2026 भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच दीर्घकालीन मित्रता, परस्पर सम्मान तथा निरंतर सुदृढ़ होती राजनीतिक साझेदारी का प्रतीक है। भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच चिकित्सा, शिक्षा तथा वैज्ञानिक प्रगति के क्षेत्र में सहयोग का एक समृद्ध इतिहास रहा है। हमारी सरकार का विशेष ध्यान स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता, वहनीयता (अफॉर्डेबिलिटी), गुणवत्ता, निवारक स्वास्थ्य सेवाओं (प्रिवेंटिव हेल्थकेयर) तथा आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग पर केंद्रित है। भारत के पास पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की एक अनूठी और अमूल्य विरासत है। आयुष मंत्रालय का दायित्व संभालते हुए मेरा दृढ़ विश्वास है कि जब इन पद्धतियों को वैज्ञानिक, अनुसंधान, उपयुक्त चिकित्सकीय प्रमाण, गुणवत्ता मानकों तथा जिम्मेदार समन्वय का समर्थन प्राप्त होता है, तब वे विश्वभर में निवारक स्वास्थ्य सेवाओं और समग्र कल्याण को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।” उन्होंने आगे कहा कि यह सम्मेलन इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। बैपियो ट्रेनिंग एकेडमी और मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल ग्रुप के संयुक्त सहयोग से आयुष चिकित्सकों के लिए एक सुव्यवस्थित प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है। इसका उद्देश्य आयुष चिकित्सकों की नैदानिक दक्षताओं को सुदृढ़ करना एवं उनकी व्यावसायिक क्षमताओं का विस्तार करना है। यूके के पास क्लीनिकल गवर्नेंस, व्यावसायिक जवाबदेही, मरीजों की सुरक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सुव्यवस्थित प्रणालियों को विकसित करने का व्यापक अनुभव है। वहीं भारत के पास व्यापक चिकित्सकीय अनुभव, तकनीकी नवाचार, उच्च प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों का विशाल समूह तथा बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की क्षमता है। यदि हम दोनों देशों की इन पूरक क्षमताओं को एक साथ लाएं तो ऐसी संस्थागत व्यवस्थाएं विकसित की जा सकती हैं, जो अधिक प्रभावी, मरीज केंद्रित, जवाबदेह तथा समाज की वास्तविक स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप हों। आयुष पेशेवरों के लिए सर्टिफिकेट प्रोग्राम : आयुष डॉक्टरों के क्लीनिकल कौशल से जुड़ी इस पहल में छह-छह महीने के दो सर्टिफिकेट प्रोग्राम तैयार किए गए हैं। इनमें ‘एक्यूट केयर एंड इमरजेंसी सपोर्ट’ और ‘लाइफस्टाइल हेल्थ एंड वेल-बीइंग काउंसलिंग एंड प्रैक्टिस’ सर्टिफिकेट प्रोग्राम शामिल हैं। दोनों प्रोग्राम आयुष के स्नातक और स्नातकोत्तर डॉक्टरों के लिए तैयार किए गए हैं। इनमें व्यवस्थित शिक्षण के साथ सुपरवाइज्ड प्रैक्टिकल ट्रेनिंग कराई जाएगी। एक्यूट केयर प्रोग्राम का उद्देश्य डॉक्टरों की क्षमताओं को विकसित करना तथा उन्हें इमरजेंसी विभागों एवं क्रिटिकल केयर यूनिटों में क्लीनिकल, प्रशासनिक और नेतृत्व संबंधी भूमिकाओं के लिए तैयार करना है। प्रशिक्षण में मरीज की स्थिति बिगड़ने के संकेतों को पहचानने, समय पर वरिष्ठ विशेषज्ञों तक मामले को रेफर करने, कम्युनिकेशन, डॉक्युमेंटेशन, मरीजों की सुरक्षा, इमरजेंसी रूम एवं क्रिटिकल केयर मैनेजमेंट के साथ-साथ मल्टीडिसिप्लिनरी टीम का हिस्सा बनकर ऑपरेशनल असिस्टेंस देने में सक्षम बनाने जैसे कदम शामिल हैं। लाइफस्टाइल हेल्थ प्रोग्राम में प्रिवेंटिव हेल्थ (निवारक स्वास्थ्य) और एविडेंस-इन्फॉर्म्ड काउंसिलिंग (प्रमाण-आधारित परामर्श) पर फोकस किया गया है। इसमें पोषण, शारीरिक गतिविधि, वेलनेस एवं लंबी उम्र तक स्वस्थ रहने, नींद, स्ट्रेस मैनेजमेंट, व्यवहार में बदलाव, हेल्थ चेक-अप और जरूरत पर मरीज को अन्य विशेषज्ञों के पास भेजने जैसे विषय शामिल हैं। इसका उद्देश्य अस्पतालों की वेलनेस सर्विसेज, प्रिवेंटिव हेल्थ डिपार्टमेंट और कॉरपोरेट या कम्युनिटी वेलनेस प्रोग्राम में सहयोग देना है। इस पहल पर मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स के संस्थापक सदस्य, ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ डॉ. राजीव सिंघल ने कहा, “हमारे लिए इस साझेदारी की अहमियत इस बात में है कि इससे मरीजों और हेल्थकेयर टीमों के लिए क्या बदलाव आता है। हमारा उद्देश्य हेल्थकेयर सिस्टम को लगातार मजबूत करना, भारत एवं ब्रिटेन के अनुभवों को साझा करना, इलाज के मानकों (स्टैंडर्ड ऑफ केयर) को बेहतर बनाना और गुणवत्ता तथा गवर्नेंस को मजबूत करना है, ताकि इसका अंतिम लाभ मरीजों को मिले। इस तरह के मंचों के माध्यम से होने वाली किसी भी साझेदारी की असली कसौटी यही है। आज घोषित की गई इस पहल में स्ट्रक्चर्ड क्लीनिकल ट्रेनिंग, सुपरवाइज्ड प्रैक्टिस और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया है। ‘टीच, ट्रेन, ट्रीट’ यानी ‘सिखाना, प्रशिक्षित करना और इलाज करना’ की हमारी क्लीनिकल कॉरिडोर फिलॉसफी के माध्यम से हम इमरजेंसी एवं क्रिटिकल केयर के मामले में दीर्घकालिक क्षमता विकसित करने, प्रिवेंटिव केयर में सहयोग करने और ज्ञान के आदान-प्रदान से अधिक सुरक्षित मेडिकल केयर एवं नतीजे देने के लिए प्रयासरत हैं।” बैपियो ट्रेनिंग एकेडमी के सीईओ एवं इंडो-यूके हेल्थकेयर अलायंस के वाइस चेयर प्रो. पराग सिंघल ओबीई ने कहा, “भारत और ब्रिटेन दोनों के पास एक-दूसरे से सीखने के लिए बहुत कुछ है। हमारा उद्देश्य अस्पतालों में ट्रेनिंग, साझा शिक्षण, कठोर मूल्यांकन और क्लीनिकल सहयोग के माध्यम से इस आदान-प्रदान को व्यावहारिक बनाना है। इन पहलों को इस तरह से तैयार किया गया है, जिससे

Expert Opinion

फोर्टिस शालीमार बाग ने एडवांस हार्ट फेलियर से पीड़ित 47-वर्षीय मरीज का सफल हृदय प्रत्यारोपण कर उन्हें सौंपा नए जीवन का उपहार, उत्तरी और पश्चिमी दिल्ली का पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट

हृदय प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ता चंचल यादव (केंद्र में)। फोर्टिस हॉस्पिटल, शालीमार बाग के डॉक्टरों ने 47 वर्षीय चंचल यादव का सफल हृदय प्रत्यारोपण कर उन्हें नया जीवन प्रदान किया। यह उत्तरी और पश्चिमी दिल्ली का पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट है। डोनर हार्ट को पीजीएमआईएस रोहतक से फोर्टिस शालीमार बाग पहुंचाया गया, हरियाणा और दिल्ली पुलिस की मदद से तैयार ग्रीन कॉरिडोर की मदद से कुल 95 किलोमीटर का सफर मात्र 63 मिनट में पूरा किया गया नई दिल्ली : फोर्टिस हॉस्पीटल, शालीमार बाग के डॉक्टरों ने 47-वर्षीय मरीज श्री चंचल यादव का सफल हृदय प्रत्यारोपण (हार्ट ट्रांसप्लांट) कर उन्हें नया जीवन सौंपा है। यह उत्तरी और पश्चिमी दिल्ली में पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट है। मरीज श्री यादव पिछले कई वर्षों से एडवांस हार्ट फेलियर की समस्या से जूझ रहे थे। इस दौरान मिले बेहतरीन मेडिकल उपचार के बावजूद उनके हृदय की पम्पिंग क्षमता लगातार कमजोर पड़ती रही थी, जिसके कारण वह बिस्तर तक सिमटकर रह गए थे और बहुत अधिक सांस फूलने तथा बार-बार, जीवनघाती हार्ट शॉक की समस्या से पीड़ित थे, जिसके लिए उन्हें इमरजेंसी डिवाइस इंप्लांटेशन की आवश्यकता थी। उनकी हालत इतनी बिगड़ चुकी थी कि पारंपरिक दवाएं भी काम नहीं कर रही थी, ऐसे में उन्हें बचाने के लिए हार्ट ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प बचा था। डॉ दिनेश कुमार मित्तल, सीनियर डायरेक्टर एंड एचओडी, कार्डियोथोरेसिक एंड वास्क्युलर सर्जरी, फोर्टिस हॉस्पीटल, शालीमार बाग के नेतृत्व में डॉक्टरों की मल्टीडिसीप्लीनरी टीम ने हार्ट ट्रांसप्लांट की जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक निभाया। इस मामले में महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब पीजीआईएमएस रोहतक, हरियाणा में एक डोनर हार्ट उपलब्ध हुआ। इस संबंध में जानकारी मिलते ही, फोर्टिस शालीमार बाग की ट्रांसप्लांट टीम ने तत्काल डोनर हार्ट को प्राप्त करने और समय पर उसके रिट्रीवल तथा ट्रांसपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके बाद, भरपूर प्लानिंग और तालमेल के साथ, एक राज्य से दूसरे राज्य तक इस डोनर हार्ट को पहुंचाने के लिए समय के साथ होड़ शुरू हुई। इस पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए, अस्पताल प्रशासन, ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर्स, NOTTO, SOTTO के अलावा हरियाणा एवं दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर ऑर्गेन एलॉकेशन, रिट्रीवल तथा ट्रांसपोर्टेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। डोनर हार्ट को हरियाणा से दिल्ली लाने के लिए एक ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया, जिसकी बदौलत रोहतक से फोर्टिस शालीमार बाग के बीच 95 किलोमीटर की दूरी महज़ 63 मिनट में तय की गई। इस तालमेल ने यह सुनिश्चित किया कि डोनर हार्ट बेहद कम समय में, यानी महत्वपूर्ण विंडो के दौरान, ट्रांसप्लांट सेंटर तक पहुंचे, ताकि कार्डियाक टीम को बिना देरी किए हार्ट ट्रांसप्लांट करने का मौका मिले। इस मामले की विस्तार से जानकारी देते हुए, डॉ दिनेश कुमार मित्तल, सीनियर डायरेक्टर एंड एचओडी, कार्डियोथोरेसिक एंड वास्क्युलर सर्जरी, फोर्टिस हॉस्पीटल, शालीमार बाग ने कहा, “हार्ट ट्रांसप्लांट को मेडिकल क्षेत्र में समय के लिहाज से काफी नाजुक प्रक्रिया माना जाता है, जिसमें एक-एक मिनट अंतिम परिणाम को प्रभावित करता है। रोहतक में डोनर हार्ट को निकाले जाने से लेकर यहां हमारे मरीज के शरीर में रक्त प्रवाह की बहाली करने तक, हर कदम पर हमने सावधानीपूर्वक प्लानिंग की और इसे सटीक तरीके से अंजाम दिया। हमारी ऑर्गेन रिट्रीवल, ट्रांसप्लांट सर्जरी, एनेस्थीसिया, परफ्यूज़न और क्रिटिकल केयर टीमों के बीच बेहतरीन तालमेल तथा तत्परता के साथ एक उद्देश्य के लिए कार्य भावना ने तथा टीमभावना ने इस चुनौती को सफलतापूर्वक पूरा किया। हमें खुशी है कि उक्त मरीज ट्रांसप्लांट के बाद स्वास्थ्यलाभ कर रहे हैं। मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए, ट्रांसप्लांटेशन काफी नाजुक और जीवन-रक्षक प्रक्रिया थी, लेकिन डोनर हार्ट उपलब्ध नहीं होने पर मरीज की हालत में कोई खास सुधार नहीं हो सकता था।” हृदय प्रत्यारोपण के बाद चंचल यादव ने कहा, “मेरे पास फोर्टिस शालीमार बाग के डॉक्टरों, नर्सों और पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए पर्याप्त शब्द नहीं हैं जिन्होंने मुझे दूसरा जीवन दिया है। जब मुझे पता चला कि मुझे हार्ट ट्रांसप्लांट करवाना जरूरी है, तो मैं और मेरे परिजनों के मन में डर और अनिश्चितता बढ़ गई। लेकिन अस्पताल की टीम ने जिस तत्परता और देखभाल की भावना तथा समर्पण के साथ इस पूरी प्रक्रिया में हमारा साथ दिया, उससे हमारी ताकत और उम्मीद बढ़ी। मैं डोनर परिवार के लिए भी हृदय से आभारी हूं, जिनके निःस्वार्थ और परोपकारी फैसले ने मुझे एक नया जीवन दिया है और मैं आगे की जिंदगी को लेकर आशावान हूं।” डॉ नरेश कुमार गोयल, प्रिंसीपल डायरेक्टर एंड एचओडी, कार्डियोलॉजी एंड हार्ट फेलियर प्रोग्राम, फोर्टिस हॉस्पीटल, शालीमार बाग, ने कहा, “मरीज को जब अस्पताल लाया गया था तो वह हार्ट फेलियर की एडवांस स्टेज में पहुंच चुके थे जिसमें ऑप्टिमल मेडिकल थेरेपी और एआईसीडी से उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हो सकता था। ऐसे में, हार्ट ट्रांसप्लांटेशन ही सबसे कारगर उपचार विकल्प रह गया था जिससे उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता था। हम डोनर परिवार की उदारता के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं, उनके इस परोपकार की बदौलत ही मरीज को स्वास्थ्यलाभ के साथ-साथ अधिक लंबा, और सक्रिय जीवन जीने का अवसर मिला है।” श्री महिपाल भनोत, सीनियर वाइस प्रेसीडेंट एंड रीजनल डायरेक्टर, ऑपरेशंस एंड ऑपरेशंस लीड – एनसीआर प्रोजेक्ट्स, फोर्टिस हेल्थकेयर ने कहा, “इस सफल प्रत्यारोपण ने एक बार फिर हमारी असाधारण क्लीनिकल क्षमताओं, चौबीसों घंटे कार्यरत समर्पित टीमों की योग्यता, तथा हमारी मल्टीडिसीप्लीनरी टीमों के आपातकालीन परिस्थितियों में भरपूर तालमेल को प्रमाणित किया है। अब जबकि दिल्ली में SOTTO लॉन्च किया जा चुका है, इस तरह की महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं लोगों को अंगदान के बारे में जागरूक बनाने और समुदाय के लिए वर्ल्ड-क्लास हेल्थकेयर प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को मजबूती देती हैं।” श्री नवीन शर्मा, वाइस प्रेसीडेंट एंड फेसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस शालीमार बाग, ने कहा, “इस मामले में, NOTTO, हमारे ट्रांसप्लांट समन्वयकों, तथा दिल्ली एवं हरियाणा पुलिस अधिकारियों के बीच तालमेल रीढ़ की हड्डी की तरह मजबूत आधार साबित हुआ। सतर्कता और तत्परता ऐसे मामलों में डोनर ऑर्गेन को निर्धारित मंजिल तक समय पर पहुंचाने और उसके समुचित तरीके से इस्तेमाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिसने इस जटिल और विभिन्न चरणों में लगातार पेश आने वाली चुनौतियों को पार कर हमारी टीम भावना को और मजबूती दी है।” फोर्टिस हेल्‍थकेयर लिमिटेड : फोर्टिस हेल्‍थकेयर लिमिटेड ने भारत के

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