रिव्यू : कभी कभी एक दिन हमारी पूरी जिंदगी का रुख बदल सकता है
फिल्म : ‘एक दिन’ निर्माता : आमिर खान प्रोडक्शन डायरेक्टर : सुनील पांडे मुख्य कलाकार : जुनैद खान, साई पल्लवी, कुणाल कपूर,केविन डेव अवधि : 2 घंटे 5 मिनट रेटिंग : 3 स्टार आमिर खान के प्रोडक्शन और सुनील पांडे के निर्देशन में बनी ‘एक दिन’ फिल्म दो किरदारों की जिंदगी को बदल देने वाली फिल्म है, जिसमें दिनेश उर्फ डीनो (जुनैद खान) का किरदार एक युवा व्यक्ति का है, जो एक आईटी कंपनी में काम करते हुए अपने सपनों और जिम्मेदारियों के बीच उलझा हुआ है। वहीं उसके आॅफिस में एक लड़की मीरा (साई पल्लवी)एक संवेदनशील, दृढ़ और भावनात्मक महिला के रूप में सामने आती हैं, जिसकी उपस्थिति कहानी को गहराई देती है। दिनेश उर्फ डीनो मीरा का मन ही मन चाहता है, लेकिन खुद को उसके लायक नहीं समझता, इसलिए वह मीरा से सीधे अपने मन की बात नहीं कह पाता। आगे चलकर फिल्म की कहानी आॅफिस से सीधे जापान की यात्रा पर निकलती है, जो जुनैद खान और साई पल्लवी की कहानी में एक दिन का उतार-चढ़ाव आता है। आमिर खान के प्रभावशाली व्यक्तित्व और उनके दमदार अभिनय से प्रेरित हो उनके बेटे जुनैद खान ने भी फिल्मों में अपनी यात्रा शुरू कर दी है। इससे पहले भी वे ‘महाराज’ और ‘लवयापा’ जैसी फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं, और इस बार अमिर खान प्रोडक्शन द्वारा निर्मित फिल्म ‘एक दिन’ में लीड रोल में दर्शकों के सामने आए हैं। यह फिल्म जुनैद खान के अभिनय यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने अपने किरदार में सहजता और ईमानदारी दिखाई है। उनकी बॉडी लैंग्वेज और संवाद अदायगी में एक नया आत्मविश्वास झलकता है। वहीं साई पल्लवी की अदाकारी और भावनाओं को अभिव्यक्त करने की क्षमता फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण है। वह हर दृश्य में दर्शकों को अपने साथ जोड़ लेती हैं। निर्देशन और प्रस्तुति की बात करें तो आमिर खान प्रोडक्शन की पहचान हमेशा से गहन और विचारशील सिनेमा रही है। ‘एक दिन’ भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाती है। फिल्म का निर्देशन संवेदनशील है, जापान के खूबसूरत दृश्यों और कैमरे का इस्तेमाल कहानी को और प्रभावशाली बनाता है। फिल्म के संगीत और तकनीकी पक्ष के चलते फिल्म का संगीत भावनाओं को और गहराई देता है। बैकग्राउंड स्कोर दृश्यों की नाटकीयता को बढ़ाता है, जबकि गाने कहानी के प्रवाह में सहजता से घुल जाते हैं। सिनेमैटोग्राफी में रोजमर्रा की जिंदगी को खूबसूरती से कैद किया गया है। ‘एक दिन’ सिर्फ एक फिल्म ही नहीं, बल्कि एक अनुभव है, जो हमें याद दिलाती है कि कभी-कभी एक ही दिन हमारी पूरी जिंदगी का रुख बदल सकता है। जुनैद खान और साई पल्लवी की जोड़ी ताजगी भरी है और दर्शकों को लंबे समय तक याद रहेगी। यहां बात सिर्फ रिव्यू पढ़ने की है और रिव्यू पढ़ने से ज्यादा कुछ समझ में नहीं आने वाला क्योंकि पढ़ने से ज्यादा जब कहानी पर्दे पर चलती है, तो आप दृश्यों और कलाकारों से ज्यादा जुड़ाव महसूस होता है। तो देर किस बात की इस वीकेंड को हाथ से न जाने दें और जल्द से जल्द देख आएं इस बेहतरीन फिल्म को, जो एक दिन में आपके अंदर भी कुछ बदलता हुआ महसूस कराएगी।









