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भारत मंडपम में ईएडब्ल्यू ग्लोबल एक्वा एक्सपो 2026 का आगाज़

नई दिल्ली :  भारत में जल सुरक्षा, जल संरक्षण और सतत जल प्रबंधन को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित ईएडब्ल्यू ग्लोबल एक्वा एक्सपो 2026 का गुरुवार को भारत मंडपम में शुभारंभ हुआ। अर्थ वाटर फाउंडेशन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय यह आयोजन “नवाचार, सतत विकास और सहयोग के माध्यम से जल के भविष्य को आकार देना” विषय पर आधारित है। एक्सपो में देश-विदेश के नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, तकनीकी विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और जल क्षेत्र से जुड़े हितधारकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्घाटन भारत सरकार के केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। कार्यक्रम की शुरुआत जल कलश समारोह से हुई, जिसके बाद ‘इंडिया वाटर मैंडेट 2030’ विषय पर उद्घाटन सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान देश की जल प्राथमिकताओं, जल प्रबंधन, नई तकनीकों, नीतिगत सुधारों और सतत विकास पर व्यापक चर्चा हुई।

उद्घाटन सत्र की शुरुआत अर्थ वाटर फाउंडेशन की संस्थापक सुश्री शिवानी घोरावत के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद एसोचैम की सहायक महासचिव डॉ. अंबिका शर्मा ने नेतृत्व संबोधन दिया। एसोचैम नेशनल काउंसिल ऑन वाटर के सह-अध्यक्ष एवं किशोर पंप्स के संयुक्त प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ के. देसाई ने विषय की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि **एसोचैम नेशनल काउंसिल ऑन वाटर के सह-अध्यक्ष तुर्बाशु भट्टाचार्य ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

इस अवसर पर भारत सरकार के केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में जल सुरक्षा की केंद्रीय भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए सरकार, उद्योग, तकनीकी विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और समाज को मिलकर टिकाऊ, सशक्त और भविष्य उन्मुख जल प्रबंधन प्रणाली विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि नवाचार, प्रभावी नीतियां और सर्कुलर वाटर मैनेजमेंट देश की दीर्घकालिक जल सुरक्षा और समावेशी विकास की मजबूत आधारशिला बनेंगे।

अर्थ वाटर फाउंडेशन की संस्थापक सुश्री शिवानी घोरावत ने कहा कि जब इस मंच की शुरुआत हुई थी, तब देश में जल से जुड़े मुद्दों पर अलग-अलग स्तर पर चर्चा होती थी। आज 21 वर्षों बाद ईएडब्ल्यू ऐसा मंच बन चुका है, जहां नीति-निर्माता, उद्योग जगत, तकनीकी विशेषज्ञ और जल क्षेत्र के पेशेवर एक साथ आकर विचार-विमर्श करते हैं और उन्हें व्यावहारिक समाधान में बदलने का प्रयास करते हैं।

एक्सपो के पहले दिन एसोचैम वाटर लीडर्स समिट का आयोजन भी किया गया, जिसका विषय था “नेविगेटिंग इंडियाज़ वाटर ट्रांजिशन: टेक्नोलॉजी, पॉलिसी एंड सर्कुलैरिटी”। इसमें औद्योगिक जल सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित जल प्रबंधन, सर्कुलर वाटर इकोनॉमी, कौशल विकास और जलवायु अनुकूल जल अवसंरचना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

इसी क्रम में आयोजित सीईओ वाटर लीडरशिप फोरम में आईओटीए ग्रुप, डब्ल्यूओजी ग्रुप, वीए टेक वाबाग और माइक्रोफिल्टर पॉलिमर्स लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। फोरम में औद्योगिक जल सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए तकनीक, नवाचार और सहयोग की भूमिका पर विचार साझा किए गए।

ईएडब्ल्यू ग्लोबल एक्वा एक्सपो 2026 के तहत प्रदर्शनी, सम्मेलन, बिजनेस नेटवर्किंग, मार्केट एक्सेस और नॉलेज जैसे पांच प्रमुख प्लेटफॉर्म के माध्यम से जल क्षेत्र के विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाया गया है। ग्लोबल वाटर बिजनेस लाउंज में यूटिलिटी कंपनियों, ईपीसी कंपनियों, निवेशकों, निर्यातकों और तकनीकी प्रदाताओं के बीच व्यावसायिक संवाद हो रहे हैं, जबकि इनोवेशन स्पॉटलाइट एरीना** में नई जल तकनीकों, उत्पाद लॉन्च और स्टार्टअप नवाचारों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

आगामी दो दिनों में एक्सपो के दौरान वर्ल्ड सस्टेनेबल वाटर समिट का आयोजन होगा, जिसमें जल अवसंरचना, वित्तपोषण, वर्षा जल संचयन, जल पुनर्चक्रण, दक्षिण एशियाई सहयोग और जल लचीलापन जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही ईएडब्ल्यू वाटर अकादमी के तहत ईटीपी, एसटीपी और जेडएलडी डिजाइन एवं ट्रबलशूटिंग पर विशेष तकनीकी मास्टरक्लास भी आयोजित किए जाएंगे।

देश-विदेश के नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स, एमएसएमई, जल विशेषज्ञों और तकनीकी कंपनियों की भागीदारी वाला यह आयोजन जल क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने, साझेदारी को मजबूत करने और भारत के लिए टिकाऊ जल समाधान विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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