- खादी उत्कृष्टता केंद्र (CoEK) द्वारा विकसित ‘स्वधा‘ वेलनेस वियर कलेक्शन का शुभारंभ केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने किया।
- केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने कहा, “योग और खादी, दोनों भारतीय जीवन दर्शन तथा स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली के प्रतीक हैं।”
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने शुक्रवार को ‘स्वधा’ (Svadha) नामक विशेष वेलनेस वियर कलेक्शन का शुभारंभ किया। खादी उत्कृष्टता केंद्र (CoEK) द्वारा विकसित यह कलेक्शन योग, स्वास्थ्य एवं संतुलित जीवनशैली की भारतीय अवधारणा को आधुनिक परिधान शैली के साथ जोड़ने का एक अभिनव प्रयास है। शुभारंभ समारोह का आयोजन नई दिल्ली के हौज खास स्थित राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) परिसर में केवीआईसी के सहयोग से स्थापित खादी उत्कृष्टता केंद्र (CoEK) के मुख्य कार्यालय में किया गया।

इस अवसर पर केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वर्ष 2014 में घोषित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस प्रतिवर्ष 21 जून को विश्वभर में मनाया जाता है। यह दिवस योग की उस प्राचीन भारतीय परंपरा का उत्सव है, जो शरीर, मन और आत्मा के मध्य सामंजस्य स्थापित कर समग्र स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देती है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए आगामी 21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए ‘स्वधा‘ वेलनेस वियर कलेक्शन तैयार किया गया है, जो योग और खादी जैसी भारत की दो महत्वपूर्ण विरासतों को एक सूत्र में पिरोता है।
श्री गोयल ने कहा कि पूज्य बापू कि विरासत खादी केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, स्वदेशी चेतना, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण सशक्तिकरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ‘स्वधा‘ वेलनेस वियर कलेक्शन योग और खादी जैसी भारत की दो महान परंपराओं का समन्वित स्वरूप प्रस्तुत करता है। उन्होंने बताया कि ‘स्वधा‘ शब्द अथर्ववेद से लिया गया है, जिसका अर्थ है सहजता, आराम और आत्मिक संतुष्टि। इसी भावना को आधार बनाकर तैयार किए गए इस कलेक्शन में सादगी, आराम और बहुउपयोगिता को प्राथमिकता दी गई है। यह कलेक्शन योगाभ्यास के साथ-साथ दैनिक जीवन के लिए भी उपयुक्त है तथा आधुनिक जीवनशैली की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
इस कलेक्शन में नौ विशेष परिधान शैलियां शामिल हैं, जिन्हें सहज गतिशीलता और पूरे दिन आराम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। अधिकांश परिधान फ्री-साइज़ और जेंडर-न्यूट्रल हैं। इनमें प्रयुक्त खादी वस्त्र अपनी वायु पारगम्यता, हल्केपन, कोमलता और प्राकृतिक आराम के कारण वेलनेस वियर के रूप में विशेष रूप से उपयुक्त हैं। ‘स्वधा‘ कलेक्शन के निर्माण में देश की तीन प्रतिष्ठित खादी संस्थाओं- गांधीग्राम खादी एंड वी.आई. पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट (तमिलनाडु), पय्यानूर फिरका ग्रामोदय खादी संघ (केरल) तथा क्षेत्रीय पंजाब खादी मंडल (पंजाब)- द्वारा उत्पादित खादी का उपयोग किया गया है।
केवीआईसी अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल‘, ‘आत्मनिर्भर भारत‘ और ‘लोकल टू ग्लोबल‘ के विजन ने खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र को नई ऊर्जा और नई पहचान प्रदान की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने 1.87 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड बिक्री कर नया इतिहास रचा है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देशभर के लाखों कारीगरों, बुनकरों, ग्रामीण उद्यमियों तथा खादी संस्थाओं के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने आगे कहा कि खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने अब 2.51 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह क्षेत्र विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाएगा। श्री गोयल ने यह भी बताया कि वर्तमान में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र के माध्यम से देशभर में लगभग 2.04 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि खादी उत्कृष्टता केंद्र (CoEK) की स्थापना वर्ष 2021 में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग तथा राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) के सहयोग से की गई थी। यह केंद्र खादी क्षेत्र में डिजाइन, नवाचार, ब्रांड निर्माण तथा बाजारोन्मुखी हस्तक्षेपों के माध्यम से खादी को समकालीन स्वरूप प्रदान करने की दिशा में कार्य कर रहा है। ‘स्वधा’ वेलनेस वियर कलेक्शन इसी प्रयास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो स्वास्थ्य, परंपरा और स्थायी जीवन मूल्यों को एक साथ लेकर चलती है। इस अवसर पर केवीआईसी, सीओईके और निफ्ट के कर्मचारी और अधिकारी उपस्थित रहे।









