दिल्ली में M.O.C कैंसर केयर का नया सेंटर, पूसा रोड में : विशेषज्ञ उपचार अब और नज़दीक, एनसीआर में 10 सेंटर्स की योजना
नई दिल्ली : भारत के प्रमुख विशेषीकृत ऑन्कोलॉजी नेटवर्क में से एक एम।ओ।सी कैंसर सेंटर ने पूसा रोड़, नई दिल्ली में अपने नए सेंटर के उद्घाटन के साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अपनी उपस्थिति का विस्तार किया है। सेंटर का उद्घाटन मुख्यातिथि प्रो. डॉ. उन्नत पी. पंडित, कंट्रोलर जनरल ऑफ पेटेंट्स, डिजाइन्स एंड ट्रेड मार्क्स, डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड, वाणिज्य मंत्रालय की उपस्थिति में हुआ। नया सेंटर ऑन्कोलॉजी और हेमेटोलॉजी सेवाएँ प्रदान करेगा, जिनमें कीमोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और होलिस्टिक सेवाएँ शामिल हैं। यह सेवाएँ सेमी-आईसीयू-सक्षम सेटअप में उपलब्ध होंगी, जिसे इस तरह तैयार किया गया है कि मरीजों को कई प्रकार के उपचार के लिए 24 घंटे अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता न पड़े। दिल्ली के एक केंद्रीय और आसानी से जुड़े क्षेत्र में स्थित यह सेंटर एम।ओ।सी कैंसर केयर के मूल दृष्टिकोण मरीजों के घर के करीब विशेषीकृत कैंसर देखभाल उपलब्ध कराने पर आधारित है। इसका उद्देश्य उपचार के दौरान बार-बार यात्रा से जुड़े लॉजिस्टिक, आर्थिक और भावनात्मक बोझ को कम करना है। प्रो. डॉ. उन्नत पी पंडित ने कहा, “कैंसर की देखभाल केवल अस्पताल या सेंटर में दिए जाने वाले उपचार तक सीमित नहीं है। यह इस बात से भी जुड़ी है कि मरीज उस देखभाल तक कितनी आसानी से पहुँच सकते हैं और अपने पूरे उपचार के दौरान उसे कितनी निरंतरता के साथ प्राप्त कर सकते हैं। दिल्ली में हर वर्ष लगभग 30,000 नए कैंसर मामलों और करीब 15,000 कैंसर से संबंधित मौतों के साथ, तथा 2026 में नए मामलों की अनुमानित संख्या लगभग 35,000 तक पहुँचने की संभावना को देखते हुए, विशेषीकृत देखभाल की पहुँच को मजबूत करने की आवश्यकता स्पष्ट है।” कैंसर के उपचार में कई महीनों तक परामर्श, जाँच और कई उपचार सत्र शामिल हो सकते हैं, ऐसे में मरीजों के लिए उपचार की सुविधा का घर के करीब होना उनके पूरे उपचार अनुभव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है। दिल्ली में कैंसर का बोझ लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है। पिछले पाँच वर्षों में यह बोझ लगभग 13 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि दिल्ली पॉपुलेशन-बेस्ड कैंसरी रजिस्ट्री ने 2026 में लगभग 35,000 नए कैंसर मामलों का अनुमान लगाया था। इस क्षेत्र में जीवनकाल में कैंसर विकसित होने का जोखिम पुरुषों में लगभग छह में से एक और महिलाओं में सात में से एक अनुमानित है। यह आँकड़े उपचार की बेहतर पहुँच के साथ-साथ रोकथाम और शुरुआती पहचान के प्रयासों को मजबूत करने की बढ़ती आवश्यकता को दर्शाते हैं। कैंसर का यह बोझ पुरुषों और महिलाओं में अलग-अलग प्रकार के कैंसर के रूप में भी दिखाई देता है। दिल्ली में पुरुषों में फेफड़ों, ओरल कैविटी और प्रोस्टेट कैंसर मिलकर सभी कैंसर मामलों का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा हैं, जबकि महिलाओं में स्तन, सर्वाइकल और ओवेरियन कैंसर मिलकर लगभग 40 प्रतिशत कैंसर मामलों में योगदान देते हैं। वायु प्रदूषण, बदलती जीवनशैली तथा पर्यावरणीय और आहार संबंधी जोखिम जैसे कारक भी कैंसर के जोखिम को लेकर सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बनते जा रहे हैं। पूसा रोड़ सेंटर, एनसीआर में एम।ओ।सी कैंसर केयर का चैथा सेंटर है और यह संगठन की दिल्ली में पाँच सेंटर स्थापित करने की व्यापक विस्तार योजना का हिस्सा है। आगामी प्रीत विहार सेंटर से शहर में नेटवर्क की पहुँच और मजबूत होने की उम्मीद है। भारत में 32 सेंटर्स और 62 ओंकोलॉजिस्ट्स के साथ एम।ओ।सी कैंसर केयर एक ऐसे जुड़े हुए नेटवर्क का निर्माण कर रहा है, जिसका उद्देश्य क्लिनिकल विशेषज्ञता को कम्युनिटी-बेस्ड कैंसर केयर की सुविधा के साथ जोड़ना है। डॉ. तनवी सिंह, मेडिकल ओंकोलॉजिस्ट, एम।ओ।सी कैंसर केयर, पूसा रोड़ ने कहा, “कैंसर का उपचार करा रहे मरीजों के लिए उपचार का घर के करीब उपलब्ध होना एक महत्वपूर्ण अंतर पैदा कर सकता है। जब देखभाल घर के नजदीक उपलब्ध होती है, तो मरीज अपनी उपचार टीम के साथ बेहतर निरंतरता बनाए रख सकते हैं और बार-बार यात्रा के कारण होने वाली परेशानियों को कम कर सकते हैं। एम।ओ।सी में यह दृष्टिकोण ऐवीडेंस एंड बेस्ड ट्रीटमेंट, मल्टीडिसिप्लीनरी केयर और निरंतर सीखने पर हमारे फोकस से समर्थित है।” यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है जब कैंसर की रोकथाम और शुरुआती पहचान पर देशभर में अधिक ध्यान दिया जा रहा है। यूनियन हेल्थ मिनीस्ट्री द्वारा हाल ही में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और स्क्रीनिंग को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिए जाने के बीच, एम।ओ।सी कैंसर केयर उपचार-केंद्रित कैंसर देखभाल से आगे बढ़कर रोकथाम, जागरूकता, स्क्रीनिंग और शुरुआती निदान पर अधिक जोर देने की दिशा में व्यापक बदलाव में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। अपने बढ़ते नेटवर्क के माध्यम से संगठन का उद्देश्य न केवल उपचार को, बल्कि शुरुआती पहचान और कैंसर की रोकथाम से जुड़े संवाद को भी समुदायों के लिए अधिक सुलभ बनाना है। आदित्य बहादुर, चीफ ऑपरेटिंग ऑफीसर – नॉर्थ इंडिया, एम।ओ।सी कैंसर केयर ने कहा, “हमारे सेंटर्स ओंकोलॉजिस्ट्स के सामूहिक क्लिनिकल अनुभव को व्यापक, व्यक्तिगत और होलिस्टिक कैंसर केयर के साथ जोड़ते हैं और यह सुविधा उन समुदायों के और करीब उपलब्ध कराते हैं, जिनकी हम सेवा करते हैं। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और स्क्रीनिंग को मजबूत करने पर हालिया राष्ट्रीय फोकस के साथ, निवारक कैंसर देखभाल को केवल जागरूकता तक सीमित न रखकर जमीन पर अधिक सुलभ बनाना और भी महत्वपूर्ण हो गया है।”










