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जहाँ धर्म और विज्ञान दोनों मिल जाते हैं, वह दुर्लभ दर्शन है – आशुतोष राणा

दुर्लभ दर्शन: आशुतोष राणा लॉन्च करेंगे दुनिया का पहला 6D आध्यात्मिक अनुभव दिल्ली : अब भक्तगण एक जगह बैठ कर ही देश के प्रसिद्ध मंदिरों का दर्शन एवं वहाँ होने वाले समस्त पूजा-अनुष्ठान देख पाएँगे, और वह भी मंदिर में अपनी प्रत्यक्ष उपस्थिति जैसे अनुभव के साथ। दुर्लभ दर्शन द्वारा तैयार की गई विशेष 6D VR टेक्नोलॉजी के जरिए यह सब अनुभव संभव हो पाएगा। विशेष बात यह होगी कि इस वर्चुअल रियलिटी में आप 3D दृश्य के साथ-साथ मंदिर के वातावरण में मौजूद जल, वायु और सुगंध की भी हुबहू अनुभूति कर सकेंगे। इस अनुभव को जीवंत कराने के लिए प्रख्यात फ़िल्म अभिनेता आशुतोष राणा बतौर ब्रांड एंबेसडर और मेंटर, दुर्लभ दर्शन से जुड़ गए हैं। दुर्लभ दर्शन, आशुतोष राणा के साथ मिल कर, विश्व के पहले 100 से अधिक 6D अनुभव वाले केंद्र खोलेगा। फिलहाल इस सुविधा का आनंद देश के ग्यारह प्रसिद्ध मंदिरों में लिया जा सकेगा। दिल्ली में हुई एक प्रेस कांफ्रेंस में आशुतोष राणा ने दुर्लभ दर्शन के बारे में बात करते हुए बताया कि “धर्म का अपना विज्ञान होता है और विज्ञान का अपना धर्म, पर जहाँ धर्म और विज्ञान दोनों मिल जाते हैं, वह दुर्लभ दर्शन है। यह विश्व का पहला 6D आध्यात्मिक अनुभव होगा, जिसका आनंद आप VR टेक्नोलॉजी के माध्यम से कहीं भी बैठ कर ले सकेंगे। हर मंदिर के अनुभव में उस मंदिर की पौराणिक कहानियाँ व आध्यात्मिक महत्व के साथ मंदिर में होने वाली प्रत्येक पूजा-पद्धति व आरती इत्यादि की भी सूक्ष्म जानकारी सीधी-सरल भाषा में होगी।” अभिनेता आशुतोष राणा अब ब्रांड एंबेसडर और मेंटर के रूप में ‘दुर्लभ दर्शन’ से जुड़े हैं। यह विश्व का पहला 6D VR आधारित आध्यात्मिक प्लेटफॉर्म है, जहाँ एक जगह बैठकर देश के प्रसिद्ध मंदिरों के दर्शन, पूजा-अनुष्ठान और आरती का जीवंत अनुभव लिया जा सकेगा। दुर्लभ दर्शन की खास 6D टेक्नोलॉजी में 3D विज़ुअल के साथ-साथ मंदिर के वातावरण का जल, वायु और सुगंध भी महसूस होगी। फिलहाल देश के 11 प्रसिद्ध मंदिरों से इसकी शुरुआत हो रही है। 1 जुलाई से “श्रीराम की अयोध्या” और “उज्जैयिनी के महाकाल” अनुभव आम लोगों के लिए खुलेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में आशुतोष राणा ने कहा, “धर्म का अपना विज्ञान होता है और विज्ञान का अपना धर्म। पर जहाँ धर्म और विज्ञान दोनों मिल जाते हैं, वह दुर्लभ दर्शन है।” हर मंदिर के अनुभव में पौराणिक कथाएँ, आध्यात्मिक महत्व और पूजा-पद्धति की जानकारी सरल भाषा में दी जाएगी। अभिनेता आशुतोष राना बतौर प्रस्तोता (एंकर) इन प्रमुख मंदिरों का महत्व व मंदिरों से जुड़ी कहानियाँ बताएँगे और दर्शन कराएँगे। इन ग्यारह आध्यात्मिक कहानियों को साहित्यकार आलोक श्रीवास्तव ने लिखा है। आलोक श्रीवास्तव पहले शिव तांडव स्तोत्र का भावानुवाद भी कर चुके हैं जो आशुतोष राना के स्वर में अत्यंत लोकप्रिय है। ग्यारह आध्यात्मिक यात्राओं के 6D VR अनुभव दुर्लभ दर्शन और TechXR Innovations के Founder, IIT Kanpur Alumnus और पूर्व IRS अधिकारी प्रशान्त मिश्रा ने बताया कि ‘सुप्रसिद्ध अभिनेता और ‘राम राज्य’ जैसी चर्चित पुस्तक के लेखक आशुतोष राना, हमारे devotional platform दुर्लभ दर्शन के ब्रांड एम्बेसडर और मेंटर के तौर पर अब हमें मार्गदर्शित करेंगे। दुर्लभ दर्शन ने भारत के प्रमुख मंदिरों में immersive experience centers – दुर्लभ दर्शन केंद्र की स्थापना की है जिसमें मंदिर विशेष में होने वाले गर्भगृह के अनुष्ठान, आरतियों की अनुभूति ऐसे होगी, जैसे आप स्वयं वहाँ उपस्थित हों। साथ ही दुर्लभ दर्शन मोबाइल VR किट द्वारा घर बैठे 60 से अधिक दिव्य स्थलों की यात्रा का अनुभव किया जा सकता है। दुर्लभ दर्शन अब आशुतोष राणा जी के साथ 11 दिव्य आध्यात्मिक स्थलों की इमर्सिव यात्रायों की सीरीज ला रहा है जिस में आप दुर्लभ दर्शन केंद्रों में बैठ कर 6D VR तकनीक के माध्यम से जल वायु एवं सुगंध की अनुभूति के साथ, वहाँ होने वाले अनुष्ठानों का अनुभव कर सकेंगे, वहाँ अपनी उपस्थिति अनुभव कर सकेंगे एवं मंदिर से संबंधित पौराणिक महत्व और कहानियों को जान सकेंगे। आशुतोष राना और दुर्लभ दर्शन का यह अपने तरीके का पहला प्रयोग है जिसमें आध्यात्मिक अनुभव को VR में इतना सजीव दिखाया जा रहा है। यह साझेदारी भारत की आध्यात्मिक भावना और आधुनिक टेक्नोलॉजी को साथ लेकर चलने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। Durlabh Darshan का उद्देश्य है — हर भक्त तक “मन भर दर्शन” पहुँचाना। भक्ति-गीतों, भजनों और अद्भुत दृश्यों के रोमांचित अनुभव से भरी इन फिल्मों का संगीत युवा संगीतकार सौरभ मेहता ने दिया है।’ कंपनी का लक्ष्य विश्व के पहले 100 से अधिक 6D अनुभव केंद्र खोलना है। क्या है Durlabh Darshan और यह किस समस्या का समाधान करता है भारत के प्रसिद्ध मंदिरों में हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालु इस भावनाओं के साथ पहुँचते हैं कि उन्हें अपने आराध्य के समीप से मनभर दर्शन हो सके और निर्बाध रूप से उनकी प्रार्थना कर सकें, लेकिन अत्यधिक भीड़ के चलते प्रत्येक श्रद्धालु को इस तरह के दर्शन हो पाना संभव नहीं होता है। अक्सर श्रद्धालुओं को क्षणिक एवं दूर से दर्शन करने पर ही संतोष करना पड़ता है एवं उनके मन में कहीं न कहीं ये इच्छा होती है कि कुछ और समय अपने आराध्य का साथ मिल जाता, निकट से दर्शन हो जाते। भक्तों की इस आंतरिक इच्छा की पूर्ति करने का विनम्र प्रयास है दुर्लभ दर्शन। 100 प्रतिशत मेड इन इंडिया टेक्नोलॉजी है 6D दुर्लभ दर्शन की 6D technology 100 प्रतिशत मेड इन इंडिया है एवं इसका पेटेंट का आवेदन भी दिया जा चुका है, जो किसी भी साइज के अनुभव केंद्र को 6D immersive अनुभव केंद्र में परिवर्तित कर सकती है। durlabh darshan ki yah 6D machines, VR headset से जुड़ जाती हैं और समय विशेष पर जल, वायु एवं सुगंध का अनुभव जोड़ देती हैं। ये दुर्लभ दर्शन केंद्र भारत के प्रमुख मंदिरों के सहयोग से मंदिर परिसर के प्रांगण अथवा समीप स्थान पर खोले गए हैं, जहाँ पर श्रद्धालु 10 से 15 मिनट तक ऐसा महसूस करता है जैसे वह मंदिर विशेष के गर्भगृह में स्वयं उपस्थित है।। Durlabh Darshan अब तक लाखों भक्तों को सेवा दे चुका है और इसके अनेक केंद्र अभी तक देश के राज्यों में संचालित हैं, जिनमें प्रमुख हैं- श्री काशी विश्वनाथ, Varanasi श्री महाकालेश्वर, उज्जैन माँ वैष्णो देवी राजद्वार पार्क , हनुमान गढ़ी