Hot News

May 29, 2026

Technology & AI

Review: ‘रिटर्न ऑफ द जंगल’: संघर्ष से स्क्रीन तक

रिटर्न ऑफ द जंगल एनिमेटिड फिल्म “रिटर्न ऑफ द जंगल” – 15 साल की मेहनत से बनी लेखक, निर्माता ,  निर्देशक : वैभव कुमारेश, सेंसर: यू , अवधि : 124 मिनट रेटिंग 3 .5 स्टार देश विदेश में अपनी अलग इमेज बना चुके प्रख्यात एनीमेटर वैभव कुमारेश के निर्देशन में बनी यह फिल्म भारतीय एनीमेशन इन्डस्ट्री को नई दिशा देती है.इस फिल्म को मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में पेश किया गया, जहां इसे सभी ने खूब सराहा। फिल्म में वीएफएक्स का काम अव्वल दर्जे का है ,इस फिल्म को आप स्कूली बच्चों को एक नई दिशा , और भारतीय संस्कृति और किसी भी खेल में जीत हार के अनुभवों को किस तरह से लिया जाए यही सब बिग स्क्रीन बड़े पर दिखाने का नेक और अच्छा प्रयास है स्टोरी प्लॉट केंद्रीय विद्यालय के कुछ बच्चों के जीवन और उनके अटूट विश्वास पर राह में आने वाली चुनौतियों को खेल और प्रतियोगिता के माध्यम से पेश किया गया है । जहां इस स्कूल में राहुल मल्होत्रा खुद को स्पाइडर मैन से कम नहीं मानता और स्कूल में होने वाली सभी प्रतियोगिताओं को जीतता है वहीं दूसरी क्लास के छात्र भी इस बार छोटू के नेतृत्व में स्कूल की सभी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का फैसला करते है और इन सब के साथ थाथा का आशीर्वाद है , फैशन शो से क्रिकेट तक के मुकाबले फिल्म में है तो वहीं इस फिल्म में इन सभी की पक्की दोस्ती, चुनौतियो को दिखाया गया है. फिल्म में ‘थाथा’ का किरदार जो हर मुश्किल वक़्त में इन बच्चों का साथ और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है पारंपरिक पंचतंत्र शैली की कहानियों से लिया गया है । ओवर ऑल 15 साल की मेहनत : आप हैरान होंगे बिना स्टार कास्ट के करीब दो घंटे की इस फिल्म को बनाने में फिल्म के निर्माता और उनकी पूरी टीम की करीब 15 साल का वक्त लग गया ।यह फिल्म टीम के लंबे संघर्ष का परिणाम है। इस फिल्म को तैयार करने में लगभग 15 साल का समय लगा है, मेरी नजर में यह फिल्म एनीमेशन जगत में युवा फिल्म मेकर्स ने बढ़ रहे आत्मविश्वास का संकेत है, जहां वैभव कुमारेश ने अपनी पहचान स्थापित करने की अच्छी कोशिश की है । यह केवल बच्चों के लिए है नहीं है बल्कि पूरे परिवार के लिए बनी है , तो इस बार अपने सोनू मीनू के साथ अपने पास के सिनेमा में यह फिल्म देखने जाये यकीनन आप सब की कसौटी पर फिल्म खरी उतरेगी ।

Trending Now

गुरुग्राम में सैमसंग ने लॉन्च की नई Micro RGB TV सीरीज़, प्रीमियम एंटरटेनमेंट का नया दौर शुरू

गुरुग्राम, सैमसंग ने गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट के फ्लैगशिप स्टोर में अपनी नई माइक्रो RGB TV सीरीज़ लॉन्च की। इस सीरीज़ में R95H और R85H मॉडल शामिल हैं, जो 55 इंच से 115 इंच तक के स्क्रीन साइज में उपलब्ध हैं। नई टीवी सीरीज़ में माइक्रो RGB तकनीक, AI आधारित फीचर्स और Glare Free टेक्नोलॉजी दी गई है, जो बेहतर कलर, ब्राइटनेस और देखने का शानदार अनुभव प्रदान करती है। इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट के सी.ओ.ओ करण बजाज ने कहा कि यह लॉन्च ग्राहकों को प्रीमियम टीवी सेगमेंट में नया अनुभव देगा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने टीवी के लाइव डेमो का भी आनंद लिया।

World News

जापान ने 20 साल बाद फिर लगाया भारतीय आमों पर प्रतिबंध

नई दिल्ली : जापान द्वारा भारतीय आमों पर दो दशकों बाद पुनः लगाया गया प्रतिबंध भारत के लिए कृषि व्यापार और कूटनीतिक संबंधों पर गहरा असर डाल सकता है। निर्यात पर असर: भारत हर साल जापान को सीमित मात्रा में उच्च गुणवत्ता वाले आम भेजता था। यह प्रतिबंध किसानों और निर्यातकों के लिए आर्थिक झटका है। गुणवत्ता और मानक: जापान ने यह कदम कथित तौर पर फाइटोसैनिटरी (कीट और रोग नियंत्रण) मानकों के आधार पर उठाया है। कूटनीतिक संकेत: यह निर्णय भारत-जापान व्यापारिक रिश्तों में तनाव का संकेत माना जा रहा है, खासकर तब जब दोनों देश रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों की चिंता: महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के आम उत्पादक किसानों को अब वैकल्पिक बाजार तलाशने होंगे। वैश्विक छवि: भारतीय आमों की पहचान “फलों का राजा” के रूप में है। ऐसे प्रतिबंध भारत की कृषि निर्यात छवि को प्रभावित कर सकते हैं। यह प्रतिबंध केवल व्यापारिक नुकसान नहीं है, बल्कि भारत के कृषि उत्पादों की वैश्विक स्वीकार्यता और मानकों पर भी सवाल खड़ा करता है। आने वाले समय में भारत को अपने निर्यात मानकों को और सख्त करना होगा ताकि ऐसे प्रतिबंधों से बचा जा सके।

Scroll to Top