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February 21, 2026

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इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 : वैश्विक सहयोग की नई दिशा

नई दिल्ली में 18-21 फरवरी को आयोजित इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 अभूतपूर्व सफलता के साथ संपन्न हुआ। इस शिखर सम्मेलन का सबसे बड़ा परिणाम रहा नई दिल्ली घोषणा का सर्वसम्मति से अंगीकरण, जिसे 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन प्राप्त हुआ। यह घोषणा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण के लिए उपयोग करने पर वैश्विक सहमति का प्रतीक है। यह दर्शाता है कि दुनिया एआई को केवल तकनीकी प्रगति का साधन नहीं, बल्कि मानवता के साझा हितों के लिए एक शक्ति मान रही है। “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” (सबका कल्याण, सबकी खुशी) के सिद्धांत से प्रेरित यह घोषणा इस बात पर ज़ोर देती है कि एआई के लाभों को पूरी मानवता के साथ समान रूप से साझा किया जाए। मुख्य बिंदु: 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन आर्थिक विकास और सामाजिक भलाई पर केंद्रित दृष्टिकोण एआई के लाभों का समान वितरण सुनिश्चित करने का संकल्प भारतीय दर्शन से प्रेरित वैश्विक सहयोग का संदेश

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AI SUMMIT : एआई के क्षेत्र में बिहार के नवाचार देखकर दुनिया दंग

एक बड़े तकनीकी विकास की तरफ अग्रसर हो चुका है बिहार केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने भी की सराहना नई दिल्ली : देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान करते हुए बिहार ने टेक्नोलाजी की दुनिया में भी बेहद मजबूती के साथ अपना कदम रखा है। नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में बिहार पैवेलियन न सिर्फ देश के विकसित राज्यों के, बल्कि दुनिया भर से आए टेक विशेषज्ञों के बीच आकर्षण का केंद्र बन चुका है। यहाँ एआई के इस्तेमाल की जो झलक पेश की गई है, उसे देखकर दुनिया दंग है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो 2026 के समापन दिवस पर शनिवार को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के माननीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार पैवेलियन का दौरा किया। अपने भ्रमण के दौरान माननीय मंत्री ने राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार द्वारा प्रदर्शित एआई-सक्षम चुनावी नवाचारों की सराहना की। इन नवाचारों में सुरक्षित ई-वोटिंग समाधान तथा नागरिक-केंद्रित मोबाइल अनुप्रयोग विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहे। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी आधारित पारदर्शी और सुरक्षित चुनावी प्रणाली लोकतंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बिहार द्वारा प्रस्तुत डिजिटल पहलों से यह स्पष्ट है कि राज्य सुशासन और तकनीकी नवाचार के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी एवं सहभागी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का दायरा अब केवल तकनीक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह भारत के बुनियादी क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेने अमेरिका के कैलिफोर्निया से आए महेश ने विभिन्न क्षेत्रों में एआई के भविष्य और इसके सामाजिक प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की। महेश बिहार के नवगछिया के रहने वाले हैं और उनका जन्म से लेकर उनकी शिक्षा-दीक्षा बिहार में ही हुई है। उनकी कंपनी टाइगर एनालिटिक्स के साथ बिहार सरकार ने विगत मंगलवार को ही एमओयू पर हस्ताक्षर किये हैं। उन्होंने कहा कि एआई के जरिये बिहार मुख्यत: कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़े बदलाव की तरफ बढ़ चुका है। बिहार के किसान करेंगे अब “स्मार्ट खेती” महेश बताते हैं कि कृषि के लिए बिहार अब “स्मार्ट खेती” की तरफ अग्रसर है। एआई किसानों के लिए एक डिजिटल सलाहकार के रूप में उभर रहा है। सेंसर और सैटेलाइट डेटा के जरिए किसान मिट्टी की नमी, पोषक तत्वों और फसल के स्वास्थ्य की रीयल-टाइम निगरानी कर सकेंगे। किसान ई-मित्र जैसे एआई चैटबॉट और मोबाइल ऐप फोटो के जरिए फसल की बीमारियों को पहचान कर उनका समाधान बता रहा है। इतना ही नहीं, एआई आधारित मॉडल मौसम की सटीक भविष्यवाणी करते हैं और किसानों को बाजार भाव का पूर्वानुमान बताकर बेहतर कमाई में मदद करेंगे। एआई से होगी बीमारियों की पहचान और इलाज इसी तरह स्वास्थ्य के क्षेत्र में “हर घर तक इलाज” के लिए एआई अस्पताल की दूरी और सुविधाओं की कमी को खत्म कर रहा है। अब बीमारियों का त्वरित इलाज के लिए उपकरण जैसे एक्सरे और सीटी स्कैन का कुछ क्षणों में ही विश्लेषण कर टीबी और फेफड़ों के कैंसर जैसी बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। इसी तरह, एआई संचालित स्टेथोस्कोप और थर्मल इमेजिंग से ग्रामीण क्षेत्रों में हृदय रोग और ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती जांच संभव हो रही है। एआई से बढ़ेगी छात्रों में सीखने की क्षमता एक अन्य प्रतिभागी दीपक बताते हैं कि शिक्षा के क्षेत्र में एआई हर छात्र की सीखने की क्षमता के हिसाब से बदलाव ला रहा है। उन्होंने बताया कि बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों और पोलिटेक्निक संस्थानों के 10 से 20 हजार छात्रों को एआई के क्षेत्र में दक्ष बनाया जाएगा। उन्हें इंटर्नशिप देकर कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में एआई के इस्तेमाल के लिए तैयार किया जाएगा। बहुभाषी रोबोट देगा किसी भी भाषा में आपके सवालों का जवाब बिहार पैवेलियन में बहुभाषी रोबोट सबके आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस रोबोट के जरीय रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों या होटलों में रेसेप्सनिस्ट का काम लिया जा सकता है। यह रोबोट दुनिया की किसी भी भाषा में बात कर सकता है और उससे बात करने वालों के सभी सवालों का उनकी ही भाषा में जवाब दे सकता है। बिहार पैवेलियन में एआई के ऐसे संसाधन भी मौजूद हैं जो बिना बिना मानव बल के कचरा साफ़ करने, बड़े-बड़े नालों की सफाई में सक्षम है। लोकतंत्र का आधुनिकीकरण बिहार पैवेलियन में मौजूद बिहार सरकार के निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने लोकतंत्र के सबसे बड़े त्यौहार यानी चुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष बनाने में एआई के इस्तेमाल की जानकारी देते हुए बताया कि चुनाव में मतगणना को लेकर कई तरह के आरोप-प्रत्यारोप से अब जल्द ही मुक्ति मिलने वाली है। उन्होंने मतगणना में एआई के इस्तेमाल की जानकारी देते हुए बताया कि मतगणना को निष्पक्ष बनाने के लिए बिहार एआई के इस्तेमाल के लिए तैयार है। इसमें एआई के जरिये मतगणना स्थल के अंदर की सभी जानकारी मतगणना स्थल के बाहर खड़े लोग देख सकते हैं। इतना ही नहीं, मतदान केंद्रों पर विसंगतियों और सुरक्षा की निगरानी के लिए भी अब एआई आधारित सर्विलांस का उपयोग किया जा सकता है।

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