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प्रोटीन की कमी से मुकाबला : भारतीयों के पोषण में पॉल्ट्र प्रोटीन की महत्वपूर्ण भूमिका


पोल्ट्री प्रोटीन से दूर होगी कमजोरी, शरीर होगा तंदुरुस्त

भारतीयों में प्रोटीन की कमी के गंभीर मुद्दे के हल के लिए पॉल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया (पीएफआई) ने यूएसए पॉल्ट्री एंड एग्स एक्सपोर्ट काउंसिल (यूएसएपीईईसी) के समर्थन से हाल ही में नई दिल्ली में 18 मई 2024 को सेशन की मेजबानी की। भारत की पोषण संबंधी चुनौतियों से निपटने में पोल्ट्री प्रोटीन की प्रमुख भूमिका के बारे में लोगों को शिक्षित करने के लिए इंडस्ट्री के विशेषज्ञों को इस सेशन में आमंत्रित किया गया। इस सेशन में इंडस्ट्री के मशहूर विशेषज्ञों ने भागीदारी की। इससे यह सेशन लोगों के भोजन में खासतौर से पोल्ट्री प्रॉडक्ट्स से प्रोटीन बढ़ाने की वकालत करने वाला प्रमुख प्लेटफॉर्म बन गया। इन पोल्ट्री प्रॉडक्ट्स में चिकन, बतख, टर्की और अंडे शामिल हैं।

पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया (पीएफआई) और यूएसए पोल्ट्री एंड एग एक्सपोर्ट काउंसिल (यूएसएपीईईसी) ने हाल ही में पोल्ट्री प्रोटीन को बढ़ावा देने के लिए साझेदारी की थी। यह साझेदारी रोजाना के भोजन में एक अहम घटक के रूप में पोल्ट्री प्रोटीन को लेकर जागरुकता बढ़ाने एवं इन उत्‍पादों के उपभोग में वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण कदम का संकेत है।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने जोर देकर कहा है कि प्रोटीन की कमी अभी भी भारत में गंभीर चिंता का विषय है। आदर्श सेहत के लिए उचित मात्रा में प्रोटीन की खपत पर जोर देने की कई सिफारिशें की गई। इसके बावजूद देश में लगातार भारतीयों के भोजन में प्रोटीन की मात्रा मान्यता प्राप्त स्तर से भी कम होती जा रही है। इंडियन मार्केट रिसर्च ब्यूरो (आईएमआरबी) के हाल ही में किए गए सर्वे के अनुसार 73 फीसदी शहरी और  भावशाली लोग प्रोटीन की कमी से जूझ रहे हैं, जबकि कई भारतीय रोजमर्रा के भोजन में प्रोटीन की जरूरत या विभिन्न खाद्य पदार्थों से मिलने वाली प्रोटीन की मात्रा से अनजान है।

पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट श्री रणपाल ढांडा, पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया के सचिव श्री रविंदर सिंह संधू, पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया के खजांची श्री रिकी थापर, आर्टिमस अस्पताल में न्यूट्रिशनिस्ट और डाइटीशियन श्री प्रतिभा दीक्षित, वर्ल्ड वेटनेरी पोल्ट्री एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. अजीत राणाडे और यूएसएपीएईईसी के श्री रिवेन खन्ना इस सेशन के प्रमुख वक्ताओं में से एक थे, जिन्होंने सेशन में अपने विचारों को साझा किया।

पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट श्री रणपाल ढांडा ने भारत में प्रोटीन की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा, “हमें पोल्ट्री प्रोडक्ट से सेहत को होने वाले लाभ के लिए लोगों में जागरूकता जगाने के लिए यूएसएपीईईसी से भागीदारी कर बेहद खुशी हो रही है। दोनों संगठनों के साझा ज्ञान से हमारा उद्देश्य पोल्ट्री प्रॉडक्ट्स के पोषण संबंधी लोभ के लिए आम जनता की समझ को बढ़ाना है और स्वास्थ्य और तंदुरुस्‍ती के मानदंड को बढ़ाना है।’’

पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया के खजांची श्री रिकी थापर ने कहा कि चिकन के मीट और अंडे को रेडमीट का सेहतमंद विकल्प माना जाता है और इससे इनकी मांग बढ़ रही है। पोल्ट्री प्रॉडक्ट्स दूसरे प्रोटीन के स्त्रोतों से कहीं ज्यादा किफायती है। इससे आबादी के बड़े हिस्से तक इस वर्ग की पहुंच बढ़ती है। थापर ने आगे कहा, कोविड19 के बाद के दौर में शरीर को प्रोटीन प्रदान करने वाले भोजन जैसे पोल्ट्री मीट और अंडों की मांग तेजी से बढ़ी है। अच्छी सेहत और बेहतर रहन-सहन के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता प्रोटीन से भरपूर भोजन की मांग को और बढ़ाया है।

पोल्ट्री प्रोटीन के सेशन में डॉ. प्रतिभा दीक्षित ने रोजाना पोषण के लिए प्रोटीन की आवश्यकता के बारे में जागरूकता जगाने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने शरीर के लिए जरूरी प्रोटीन को रोजमर्रा के भोजन में लेने की आवश्यकता पर लोगों को शिक्षित करने की जरूरत पर जोर दिया। इसके अलावा उन्होंने प्रोटीन के अलग-अलग स्त्रोतों के बारे में भी बताया। पोल्ट्री प्रॉडक्ट्स एक संपूर्ण और जैविक रूप से उपलब्ध प्रोटीन की जरूरत के रूप में उभऱा है। यह लोगों को उनकी पूर्ण सेहत के लिए जरूरी पोषक पदार्थ उपलब्ध कराते हैं।

वर्ल्ड वेटेनरी पोल्ट्री एसोसिएशन (इंडिया) के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. जितेंद्र वर्मा ने चिकन मीट से सेहत को होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि चिकन मीट में हाई क्वॉलिटी प्रोटीन होता है, इसमें नौ जरूरी अमीनो एसिड उचित मात्रा में होता है। यह उच्च पोषण घनत्व के साथ लीन प्रोटीन है, जिसमें फैट और कोलेस्ट्रोल वाकई कम होता है। यह उपभोक्ताओं को जरूर विटामिन और खनिज प्रदान करता है। इसमें बी कॉम्प्लेक्स विटामिन, सेरेनियम, फास्फोरस और नियासिन भी शामिल होते है। चिकन प्रोटीन मांसपेशियों को दुरुस्त रखने और बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। इसलिए एथलीट्स और उन लोगों के लिए बेहतर पसंद है, जो मसल मास बनाने के लिए विकल्प की तलाश कर रहे हैं।

वर्ल्ड वेटेनरी पोल्ट्री एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. अजीत राणाडे ने प्रोटीन के संपूर्ण स्त्रोत के रूप में पोल्ट्री प्रोटीन के पोषण संबंधी गुणों पर और गहराई से प्रकाश डाला। उन्होंने शरीर में रोग से लड़ने की शक्ति बढ़ाने और तंदुरुस्ती के लिए पोल्ट्री प्रोटीन में मौजूद सेहतमंद प्रोटीन, फैट्स और सूक्ष्म पोषक तत्वों को सेहत के लिए बेहतरीन बताया।

इस सेशन में मौजूद लोगों को प्रोटीन की खपत की बारीकियों और लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को गहराई से जानने का अवसर मिला। सेशन में हुई चर्चा पोल्ट्री प्रॉडक्ट्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने, खाने में तरह-तरह के पोषक पदार्थों को शामिल करने के लिए पोल्ट्री प्रॉडक्ट्स को आसानी से उपलब्ध कराने के इर्द-गिर्द केंद्रित रही।

पीएफआई और यूएसएपीईईसी के बीच साझेदारी में किए गए ये प्रयास बहुआयामी नजरिए की ओर संकेत देते हैं, जिसमें शिक्षा, रिसर्च, डिवेलपमेंट और पोषण संबंधी जागरूकता शामिल है। दोनों संगठनों की विशेषज्ञता के मिश्रण से यह पहल भारतीयों में प्रोटीन की कमी को दूर करने के लिए की गई। इसका लक्ष्य पोल्ट्री प्रोटीन को संतुलित और पोषक आहार के रूप में स्थापित करना है। कुल मिलाकर यह सेशन प्रोटीन की कमी से निपटने में हितधारकों को प्रेरित करने का महत्वपूर्ण क्षण था। पोल्ट्री प्रोटीन भारतीयों के पोषण को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।


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