- बोमन ईरानी ‘द मेहता बॉयज़’ की स्क्रीनिंग में भी शामिल हुए।
नई दिल्ली : अभिनेता, फिल्म निर्माता और मेंटर बोमन ईरानी ने इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल दिल्ली (IFFD) 2026 में एक सत्र के दौरान पटकथा लेखन की कला पर अपने विचारों से लोगों को प्रेरित किया। इस दौरान वे अपनी फिल्म ‘द मेहता बॉयज़’ की स्क्रीनिंग में भी उपस्थित रहे।
अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने विचारों को प्रभावशाली पटकथा में बदलने की चुनौती पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि बेहतर कहानियों की कमी नहीं है, लेकिन असली चुनौती उन्हें सिनेमा के लिए प्रभावी ढंग से संरचित करने में होती है।
अपने ‘स्पाइरल बाउंड’ पहल के माध्यम से बोमन ईरानी ने पिछले छह वर्षों में उभरते लेखकों के लिए 800 से अधिक निःशुल्क मेंटरशिप सत्र आयोजित किए हैं। महामारी के दौरान एक छोटे प्रयास के रूप में शुरू हुई यह पहल आज कहानी कहने की प्रतिभा को निखारने के लिए एक सशक्त मंच बन चुकी है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर सफल फिल्म की शुरुआत एक सशक्त पटकथा से होती है। निर्देशन और अभिनय, ये सभी लिखित शब्द से ही आकार लेते हैं।
सत्र के दौरान उन्होंने कहा, “हमारे देश में बेहतरीन कहानियों की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्हें पटकथा में ढालने का एक विज्ञान होता है। इसके बिना कुछ भी आगे नहीं बढ़ता।”
उन्होंने उभरते लेखकों के लिए कार्यशालाओं और वैश्विक स्तर पर मिल रहे अवसरों को अपनाने पर जोर दिया ताकि भारतीय सिनेमा में कहानी कहने की बुनियाद को और मजबूत किया जा सके।









