नई दिल्ली : अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव दिल्ली (IFFD) 2026 में आयोजित मास्टरक्लास विद बोमन ईरानी एक अविस्मरणीय सत्र साबित हुआ। इस सत्र में बोमन ईरानी ने अपनी जीवन यात्रा, अभिनय की कला और अपने प्रतिष्ठित किरदारों के पीछे की सोच को साझा किया।
उन्होंने बताया कि अभिनय केवल संवाद बोलने की कला नहीं है, बल्कि यह चरित्र निर्माण, कहानी कहने और अनुशासन का गहरा संगम है। बोमन ईरानी ने अपने अनुभवों से यह स्पष्ट किया कि हर किरदार को जीवंत बनाने के लिए कलाकार को गहन अध्ययन, संवेदनशीलता और निरंतर अभ्यास की आवश्यकता होती है।
सत्र के दौरान उन्होंने यह भी समझाया कि अभिनय में अनुशासन का महत्व कितना बड़ा है। उन्होंने कहा कि एक अभिनेता को अपने काम के प्रति ईमानदार रहना चाहिए और हर किरदार को पूरी निष्ठा से निभाना चाहिए। उनकी बातें न केवल अभिनय की तकनीक पर प्रकाश डालती हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि सिनेमा समाज और दर्शकों पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।
यह मास्टरक्लास न केवल उभरते कलाकारों के लिए प्रेरणा बना बल्कि फिल्म निर्माताओं और सिनेमा प्रेमियों के लिए भी ज्ञानवर्धक रहा। बोमन ईरानी की सहज शैली और गहन विचारों ने इस सत्र को विशेष बना दिया।
मुख्य बिंदु:
- बोमन ईरानी ने अपनी अभिनय यात्रा और दर्शन साझा किया।
- चरित्र निर्माण और कहानी कहने की कला पर गहन चर्चा।
- अभिनय में अनुशासन और ईमानदारी का महत्व बताया।
- सत्र ने उभरते कलाकारों और फिल्मकारों को प्रेरित किया।
यह मास्टरक्लास IFFD 2026 की एक प्रमुख आकर्षण रहा, जिसने अभिनय की कला को नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर दिया।









