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फोर्टिस शालीमार बाग ने एडवांस हार्ट फेलियर से पीड़ित 47-वर्षीय मरीज का सफल हृदय प्रत्यारोपण कर उन्हें सौंपा नए जीवन का उपहार, उत्तरी और पश्चिमी दिल्ली का पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट

हृदय प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ता चंचल यादव (केंद्र में)। फोर्टिस हॉस्पिटल, शालीमार बाग के डॉक्टरों ने 47 वर्षीय चंचल यादव का सफल हृदय प्रत्यारोपण कर उन्हें नया जीवन प्रदान किया। यह उत्तरी और पश्चिमी दिल्ली का पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट है।

डोनर हार्ट को पीजीएमआईएस रोहतक से फोर्टिस शालीमार बाग पहुंचाया गया, हरियाणा और दिल्ली पुलिस की मदद से तैयार ग्रीन कॉरिडोर की मदद से कुल 95 किलोमीटर का सफर मात्र 63 मिनट में पूरा किया गया

नई दिल्ली : फोर्टिस हॉस्पीटल, शालीमार बाग के डॉक्टरों ने 47-वर्षीय मरीज श्री चंचल यादव का सफल हृदय प्रत्यारोपण (हार्ट ट्रांसप्लांट) कर उन्हें नया जीवन सौंपा है। यह उत्तरी और पश्चिमी दिल्ली में पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट है। मरीज श्री यादव पिछले कई वर्षों से एडवांस हार्ट फेलियर की समस्या से जूझ रहे थे। इस दौरान मिले बेहतरीन मेडिकल उपचार के बावजूद उनके हृदय की पम्पिंग क्षमता लगातार कमजोर पड़ती रही थी, जिसके कारण वह बिस्तर तक सिमटकर रह गए थे और बहुत अधिक सांस फूलने तथा बार-बार, जीवनघाती हार्ट शॉक की समस्या से पीड़ित थे, जिसके लिए उन्हें इमरजेंसी डिवाइस इंप्लांटेशन की आवश्यकता थी। उनकी हालत इतनी बिगड़ चुकी थी कि पारंपरिक दवाएं भी काम नहीं कर रही थी, ऐसे में उन्हें बचाने के लिए हार्ट ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प बचा था। डॉ दिनेश कुमार मित्तल, सीनियर डायरेक्टर एंड एचओडी, कार्डियोथोरेसिक एंड वास्क्युलर सर्जरी, फोर्टिस हॉस्पीटल, शालीमार बाग के नेतृत्व में डॉक्टरों की मल्टीडिसीप्लीनरी टीम ने हार्ट ट्रांसप्लांट की जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक निभाया।

चित्र में (बाएं से दाएं): अजेय महाराज, हेड – कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस, महिपाल सिंह भनोट, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं रीजनल डायरेक्टर, ऑपरेशंस और ऑपरेशंस लीड – एनसीआर प्रोजेक्ट्स, डॉ. दिनेश कुमार मित्तल, सीनियर डायरेक्टर एवं विभागाध्यक्ष, कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (CTVS), डॉ. नरेश कुमार गोयल, प्रिंसिपल डायरेक्टर एवं विभागाध्यक्ष, कार्डियोलॉजी एवं हार्ट फेलियर प्रोग्राम, नवीन शर्मा, वाइस प्रेसिडेंट एवं फैसिलिटी डायरेक्टर, डॉ. अमित प्रकाश, डायरेक्टर एवं विभागाध्यक्ष, कार्डियक एनेस्थीसिया।

इस मामले में महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब पीजीआईएमएस रोहतक, हरियाणा में एक डोनर हार्ट उपलब्ध हुआ। इस संबंध में जानकारी मिलते ही, फोर्टिस शालीमार बाग की ट्रांसप्लांट टीम ने तत्काल डोनर हार्ट को प्राप्त करने और समय पर उसके रिट्रीवल तथा ट्रांसपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके बाद, भरपूर प्लानिंग और तालमेल के साथ, एक राज्य से दूसरे

राज्य तक इस डोनर हार्ट को पहुंचाने के लिए समय के साथ होड़ शुरू हुई। इस पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए, अस्पताल प्रशासन, ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर्स, NOTTO, SOTTO के अलावा हरियाणा एवं दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर ऑर्गेन एलॉकेशन, रिट्रीवल तथा ट्रांसपोर्टेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। डोनर हार्ट को हरियाणा से दिल्ली लाने के लिए एक ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया, जिसकी बदौलत रोहतक से फोर्टिस शालीमार बाग के बीच 95 किलोमीटर की दूरी महज़ 63 मिनट में तय की गई। इस तालमेल ने यह सुनिश्चित किया कि डोनर हार्ट बेहद कम समय में, यानी महत्वपूर्ण विंडो के दौरान, ट्रांसप्लांट सेंटर तक पहुंचे, ताकि कार्डियाक टीम को बिना देरी किए हार्ट ट्रांसप्लांट करने का मौका मिले।

इस मामले की विस्तार से जानकारी देते हुए, डॉ दिनेश कुमार मित्तल, सीनियर डायरेक्टर एंड एचओडी, कार्डियोथोरेसिक एंड वास्क्युलर सर्जरी, फोर्टिस हॉस्पीटल, शालीमार बाग ने कहा, “हार्ट ट्रांसप्लांट को मेडिकल क्षेत्र में समय के लिहाज से काफी नाजुक प्रक्रिया माना जाता है, जिसमें एक-एक मिनट अंतिम परिणाम को प्रभावित करता है। रोहतक में डोनर हार्ट को निकाले जाने से लेकर यहां हमारे मरीज के शरीर में रक्त प्रवाह की बहाली करने तक, हर कदम पर हमने सावधानीपूर्वक प्लानिंग की और इसे सटीक तरीके से अंजाम दिया। हमारी ऑर्गेन रिट्रीवल, ट्रांसप्लांट सर्जरी, एनेस्थीसिया, परफ्यूज़न और क्रिटिकल केयर टीमों के बीच बेहतरीन तालमेल तथा तत्परता के साथ एक उद्देश्य के लिए कार्य भावना ने तथा टीमभावना ने इस चुनौती को सफलतापूर्वक पूरा किया। हमें खुशी है कि उक्त मरीज ट्रांसप्लांट के बाद स्वास्थ्यलाभ कर रहे हैं। मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए, ट्रांसप्लांटेशन काफी नाजुक और जीवन-रक्षक प्रक्रिया थी, लेकिन डोनर हार्ट उपलब्ध नहीं होने पर मरीज की हालत में कोई खास सुधार नहीं हो सकता था।”

हृदय प्रत्यारोपण के बाद चंचल यादव ने कहा, “मेरे पास फोर्टिस शालीमार बाग के डॉक्टरों, नर्सों और पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए पर्याप्त शब्द नहीं हैं जिन्होंने मुझे दूसरा जीवन दिया है। जब मुझे पता चला कि मुझे हार्ट ट्रांसप्लांट करवाना जरूरी है, तो मैं और मेरे परिजनों के मन में डर और अनिश्चितता बढ़ गई। लेकिन अस्पताल की टीम ने जिस तत्परता और देखभाल की भावना तथा समर्पण के साथ इस पूरी प्रक्रिया में हमारा साथ दिया, उससे हमारी ताकत और उम्मीद बढ़ी। मैं डोनर परिवार के लिए भी हृदय से आभारी हूं, जिनके निःस्वार्थ और परोपकारी फैसले ने मुझे एक नया जीवन दिया है और मैं आगे की जिंदगी को लेकर आशावान हूं।”

डॉ नरेश कुमार गोयल, प्रिंसीपल डायरेक्टर एंड एचओडी, कार्डियोलॉजी एंड हार्ट फेलियर प्रोग्राम, फोर्टिस हॉस्पीटल, शालीमार बाग, ने कहा, “मरीज को जब अस्पताल लाया गया था तो वह हार्ट फेलियर की एडवांस स्टेज में पहुंच चुके थे जिसमें ऑप्टिमल मेडिकल थेरेपी और एआईसीडी से उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हो सकता था। ऐसे में, हार्ट ट्रांसप्लांटेशन ही सबसे कारगर उपचार विकल्प रह गया था जिससे उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता था। हम डोनर परिवार की उदारता के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं, उनके इस परोपकार की बदौलत ही मरीज को स्वास्थ्यलाभ के साथ-साथ अधिक लंबा, और सक्रिय जीवन जीने का अवसर मिला है।”

श्री महिपाल भनोत, सीनियर वाइस प्रेसीडेंट एंड रीजनल डायरेक्टर, ऑपरेशंस एंड ऑपरेशंस लीड – एनसीआर प्रोजेक्ट्स, फोर्टिस हेल्थकेयर ने कहा, “इस सफल प्रत्यारोपण ने एक बार फिर हमारी असाधारण क्लीनिकल क्षमताओं, चौबीसों घंटे कार्यरत समर्पित टीमों की योग्यता, तथा हमारी मल्टीडिसीप्लीनरी टीमों के आपातकालीन परिस्थितियों में भरपूर तालमेल को प्रमाणित किया है। अब जबकि दिल्ली में SOTTO लॉन्च किया जा चुका है, इस तरह की महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं लोगों को अंगदान के बारे में जागरूक बनाने और समुदाय के लिए वर्ल्ड-क्लास हेल्थकेयर प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को मजबूती देती हैं।”

श्री नवीन शर्मा, वाइस प्रेसीडेंट एंड फेसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस शालीमार बाग, ने कहा, “इस मामले में, NOTTO, हमारे ट्रांसप्लांट समन्वयकों, तथा दिल्ली एवं हरियाणा पुलिस अधिकारियों के बीच तालमेल रीढ़ की हड्डी की तरह मजबूत आधार साबित हुआ। सतर्कता और तत्परता ऐसे मामलों में डोनर ऑर्गेन को निर्धारित मंजिल तक समय पर पहुंचाने और उसके समुचित तरीके से इस्तेमाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिसने इस जटिल और विभिन्न चरणों में लगातार पेश आने वाली चुनौतियों को पार कर हमारी टीम भावना को और मजबूती दी है।”

फोर्टिस हेल्‍थकेयर लिमिटेड : फोर्टिस हेल्‍थकेयर लिमिटेड ने भारत के अग्रणी एकीकृत स्‍वास्‍थ्‍य सेवा प्रदाता के तौर पर अपनी पहचान बनायी है। कंपनी के हेल्थकेयर वर्टिकल्स में प्रमुख रूप से अस्पतालों के अलावा, डायग्नॉस्टिक्स तथा डे केयर विशेषज्ञ सेवाएं शामिल हैं। फिलहाल देश भर के 12 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में कंपनी अपनी कुल 36 हेल्थकेयर सुविधाओं )जिनमें जेवी और ओ एंड एम शामिल हैं) का संचालन करती है। कंपनी नेटवर्क में 6,150 से अधिक ऑपरेशनल बेड्स (ओ एंड एम समेत) तथा ~400 डायग्नॉस्टिक्स लैब्स शामिल हैं।

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