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12 अक्टूबर से डाक भवन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का ऐलान

• आरएमएस बंद करने के प्रस्ताव के खिलाफ कर्मचारियों में आक्रोश
• ट्रांजिट सेक्शन खत्म करने की प्रक्रिया रोकने की मांग
• निजी व्यवस्था से डाक सेवा महंगी और धीमी होने की आशंका
• निजी आरटीएन के बजाय विभागीय मेल मोटर सेवा मजबूत करने पर जोर
• कर्मचारियों की सेवा शर्तें और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग

नई दिल्ली : भारतीय डाक विभाग में आरएमएस कार्यालयों को बंद अथवा अन्य डिवीजनों में विलय करने, आरएमएस के ट्रांजिट सेक्शन समाप्त करने तथा मेल मोटर सेवा के स्थान पर निजी आरटीएन चलाने के प्रस्ताव के विरोध में भारतीय आरएमएस एवं एमएमएस कर्मचारी संघ वर्ग-III और भारतीय आरएमएस एवं एमएमएस मेलगार्ड एवं एमटीएस संघ ने आंदोलन का ऐलान किया है। दोनों संगठनों ने कहा है कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर 12 अक्टूबर से डाक भवन, नई दिल्ली में अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।

नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में भारतीय डाक कर्मचारी महासंघ के महासचिव अनंत कुमार पाल, भारतीय आरएमएस एवं एमएमएस कर्मचारी संघ वर्ग-III के राष्ट्रीय महामंत्री राजेश कुमार, भारतीय आरएमएस एवं एमएमएस मेलगार्ड एवं एमटीएस संघ के राष्ट्रीय महामंत्री त्रिलोकी टंडन तथा भारतीय डाक कर्मचारी महासंघ के संरक्षक व पूर्व महासचिव संतोष कुमार सिंह ने आंदोलन के संबंध में जानकारी दी।

भारतीय डाक कर्मचारी महासंघ के महासचिव अनंत कुमार पाल ने कहा कि विभाग द्वारा आरएमएस कार्यालयों को बंद करने या अन्य डिवीजनों में मिलाने की प्रक्रिया तत्काल रोकी जानी चाहिए। आरएमएस के ट्रांजिट सेक्शनों को समाप्त करने के प्रस्ताव को वापस लेने और मेल मोटर सेवा के स्थान पर निजी आरटीएन चलाने की प्रक्रिया पर पुनर्विचार की भी मांग की गई।

भारतीय आरएमएस एवं एमएमएस कर्मचारी यूनियन क्लास-III के राष्ट्रीय महामंत्री राजेश कुमार ने कहा कि यदि सरकार का निजी आरटीएन के माध्यम से डाक भेजने का प्रस्ताव लागू होता है तो इसका असर केवल कर्मचारियों पर नहीं पड़ेगा, बल्कि डाक उपभोक्ताओं पर भी आर्थिक दबाव बढ़ेगा और सेवाओं को पहुंचाने में अधिक समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के माध्यम से डाक भेजने की व्यवस्था शुरू होने पर डाक की सुरक्षित डिलीवरी भी एक बड़ी चिंता का विषय होगी। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षित ढंग से गंतव्य तक पहुंचाने में वर्तमान डाक व्यवस्था का रिकॉर्ड अच्छा रहा है। ऐसे में इस व्यवस्था को कमजोर करने के बजाय और मजबूत किया जाना चाहिए। हाल के नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले ने परीक्षा प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर चिंता को और गंभीर बना दिया है। उन्होंने कहा कि आरएमएस और मेल मोटर सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के पद, सेवा शर्तें, वरिष्ठता तथा भविष्य की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

भारतीय आरएमएस एवं एमएमएस मेल गार्ड एवं एमटीएस यूनियन के राष्ट्रीय महामंत्री, त्रिलोकी टंडन ने कहा कि ट्रांजिट सेक्शनों को समाप्त करने तथा मेल मोटर सेवा की जगह निजी व्यवस्था लागू करने के प्रस्ताव पर तत्काल रोक लगाकर विभागीय व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित मुद्दों पर दोनों संगठनों के साथ तत्काल द्विपक्षीय वार्ता की मांग की।

भारतीय डाक कर्मचारी महासंघ के संरक्षक व पूर्व महासचिव संतोष कुमार सिंह ने कहा कि संघों ने विभाग के समक्ष अपनी मांगें कई बैठकों में रखी हैं। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन का निर्णय लिया गया है। नेताओं ने विभाग से समय रहते सकारात्मक निर्णय लेने और प्रस्तावों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो 12 अक्टूबर से डाक भवन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।

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