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जानिए स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी है ‘हुंजा चाय’


Credit by : Health Today

स्तनपान करने वाली माँ को और गर्भवती स्त्री को दूध की चाय ज्यादा नहीं पीनी चाहिए तो दूध की चाय की जगह क्या पिए जो स्वास्थ्यवर्धक भी हो और आपको वह स्वाद में भी अच्छी लगे इसका उपाय है हुंजा चाय.

हुंजा टी के बहुत सारे फायदे है और इसको पीने से आपको कोई साइड इफ़ेक्ट भी नहीं होगा.

हुंजा चाय हर्बल चाय के समान है जो तुलसी के पत्ते, पुदीना, इलायची, दालचीनी, गुड़, अदरक और नींबू जैसी सामग्री का उपयोग करके बनाई जाती है.

हुंजा चाय की उत्पत्ति:

हुंजा घाटी की चमत्कारी चाय है जो पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र की एक पहाड़ी घाटी है. हुंजा समुदाय पृथ्वी पर सबसे स्वस्थ और लंबे समय तक जीवित रहने वाली सभ्यता है, हुंजा लोग 110 साल की उम्र तक जीवित रहते हैं. वे अपने आहार में विशेष चाय को शामिल करते हैं जिसे हुंजा चाय कहा जाता है. यह चाय अपने एंटी-एजिंग के साथ-साथ कई अन्य स्वास्थ्य लाभों के लिए जानी जाती है.

हुंजा समुदाय के लोग अपने स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए पूरी दुनिया में बहुत प्रसिद्ध हैं. हुंजा समुदाय के लोगो को कैंसर, हृदय रोग, जैसे किसी भी बीमारी जो प्रमुख या मामूली हो वह नहीं होती हैं. न केवल वे बीमारी से बचते हैं, बल्कि यह भी नहीं जानते कि सिरदर्द या थकान कैसे महसूस होती है. वे बुढ़ापे में भी सारे काम करते हैं, अभिनय करते हैं और सोचते हैं जैसे वे अपने तीसवें और चालीसवें वर्ष में है.

हुंजा चाय के 1 कप में चाय में 2 कैलोरी होती है. हुंजा चाय में बहुत कम कैलोरी होती है, इसलिए आप कह सकते हैं कि हुंजा चाय कैलोरी मुक्त है.

हुंजा चाय की रेसिपी बहुत ही सरल है.

सामग्री:

2 कप पानी

6 पुदीने के पत्ते

4 तुलसी के पत्ते

2 हरी इलायची

1/8 इंच दालचीनी या 1⁄4 चम्मच दालचीनी पाउडर

10 ग्राम ताजा अदरक या 1 चम्मच कसा हुआ अदरक

10 ग्राम गुड़ या 2 चम्मच गुड़ पाउडर

नींबू का रस स्वाद के लिए

विधि:

एक चाय के बर्तन में 2 कप पानी डालें. पानी में सभी सामग्री डालें. मध्यम आंच पर ढक्कन लगाकर 5-7 मिनट के लिए चाय को उबालें.

बाद में चाय को कप में डालें. और स्वाद के लिए नींबू का रस डालें और परोसें.

आप हुंजा चाय दिन में एक या दो बार पी सकते हैं.

सुबह- दूध की चाय (चाय) के बजाय आप हुंजा चाय पी सकते हैं. सुबह 6-9 AM चाय पीने के लिए सबसे उपयुक्त समय है.

शाम- आप शाम को भी हुंजा चाय पी सकते हैं, शाम का नाश्ता करने के बाद आप हुंजा चाय पी सकते हैं. 4–6 बजे शाम को हुंजा चाय पीने का सबसे अच्छा समय है.

हुंजा चाय में एंटी-एजिंग गुण होते हैं. इसमें एंटीऑक्सिडेंट और मूत्रवर्धक गुण होते है जो ब्लड प्रेशर को कम कर सकते हैं. ये चाय वजन कम करने में मदद करती है. ये कैलोरी में कम है. शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद करती है. बदहजमी अपाचन से राहत पाने में मदद करती है.

यह शरीर के हीमोग्लोबिन स्तर को बनाए रखने में मदद करती है, क्योंकि गुड़ आयरन का एक अच्छा स्रोत है.

ये जीर्ण रोगों से बचाता है. यह डायबिटीज के लिए फायदेमंद है क्योंकि यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करती है. ये गठिया के लिए भी मदद करती है.

वैसे तो हुंजा चाय के कोई दुष्प्रभाव नहीं हैं, लेकिन अगर आप अधिक मात्रा में कुछ भी लेते हैं, जिससे आपके शरीर को नुकसान हो सकता है, तो दिन में 4-5 बार से ज्यादा हुंजा चाय का सेवन न करें.

Health & wellness वेबसाइट : http://www.healthsiswealth.com/


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