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एच.सी.एल. फाउंडेशन ने नोएडा में माई ई-हाट डिस्प्ले सेंटर शुरू किया


 एच.सी.एल.टेक की सी.एस.आर. शाखा एच.सी.एल. फाउंडेशन ने नोएडा, यू.पी., भारत में अपनी तरह के पहले माई ई-हाट डिस्प्ले सेंटर की शुरुआत की। डॉ. निधि पुंढीर, उपाध्यक्ष एवं निदेशक, एच.सी.एल. फाउंडेशन और सुश्री एओइफ़े वॉल्श, वरिष्ठ निदेशक, ग्लोबल थॉट लीडरशिप, एच.सी.एल. टेक ने इस डिस्प्ले सेंटर का उद्घाटन किया।

 यह डिस्प्ले सेंटर एच.सी.एल. फाउंडेशन द्वारा वर्ष 2021 में शुरू किए गए एक ऑनलाइन कॉमर्स पोर्टल, माई ई-हाट का विस्तार है, जो कारीगरों और समुदाय के सदस्यों को अपने उत्पादों का प्रदर्शन और उन्हें बेचने और मूल्य श्रृंखला के बीचो-बीच मौजूद रहने में मदद करता है। यह पोर्टल कारीगरों की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और कारीगर से ग्राहक और कारीगर से व्यवसाय के मॉडल के सिद्धांत का विकास करने के लिए समर्पित है। माई ई-हाट पोर्टल कारीगरों और प्रमुख उत्पादकों के लिए अपने उत्पादों का प्रदर्शन करना संभव बनाता है, जिससे अनौपचारिक बिचौलियों को कम किया जा सकता है और देश भर में महिलाओं और कारीगरों के स्वयं सहायता समूह को सशक्त बनाया जा सकता है।

 माई ई-हाट डिस्प्ले सेंटर में पूरे देश के कारीगरों और समुदायों की कहानियों का प्रचार करने के लिए 1000 से अधिक उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। इस सुविधा में हथकरघा से बुनाई, मधुबनी कला जैसे अन्य हस्तशिल्प, कारीगरों द्वारा क्रोशीए से बनाई गए सामान और एच.सी.एल. फाउंडेशन के सामुदाय क्राफ्ट्स प्रोडक्ट्स के लिए एक विशेष कोने का लाइव प्रदर्शन भी किया गया है।

 यह डिस्प्ले सेंटर कारीगरों का प्रशिक्षण और कौशल को बेहतर बनाने की कार्यशालायें भी आयोजित करता है। यह केंद्रीकृत माल-सूची में सहयोग और उत्पाद की गुणवत्ता पर नियंत्रण में समर्थन की सुविधा प्रदान करता है और इसमें एक विशेष फोटोग्राफी स्टूडियो भी उपलब्ध है। माई ई-हाट ने कारीगर कार्ड के लिए 1000 से अधिक कारीगरों के पंजीकरण की भी सुविधा प्रदान की है, जो ऋण तक आसान पहुँच, डिज़ाइन में सहयोग, प्रदर्शनी के अवसर और अन्य सरकारी योजनाओं के लिए योग्यता सहित कई तरह के लाभ प्रदान करता है।

 पहले चरण के भाग के तौर पर, पाँच माई ई-हाट समूहों को क्राफ्ट मार्क सर्टिफिकेशन तक पहुँच प्राप्त हो रही है, एक ऑडिट-आधारित प्रमाणिकरण प्रणाली जो सही-तौर-तरीकों, नैतिक प्राप्ति और प्रामाणिक शिल्प प्रक्रियाओं पर गहन जांच के बाद वास्तविक हस्तशिल्प को प्रमाणित करती है। इसके अतिरिक्त, कोशा, ब्लॉकचेन तकनीक, आई.ओ.टी., ए.आई. और क्लाउड कंप्यूटिंग का उपयोग करने वाली एक टेक्नोलॉजी-आधारित शिल्प प्रमाणिकरण प्रणाली, ग्राहक को जियो-मूवमेंट ट्रैकिंग, क्राफ्टिंग की समय अवधि और उत्पाद बनाने वाले के बारे में जानकारी प्रदान करती है। ये प्रमाणन ग्राहकों का विश्वास प्राप्त करने में मदद करते हैं और कारीगरों से बने उत्पादों की पहुँच का व्यापक बाज़ारों तक विस्तार करते हैं।

 यह सेंटर शिल्पकारों को व्यवसाय और इस उद्योग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करने के लिए चल रही वेबिनार श्रृंखला शिल्पचर्चा में भाग लेने की सुविधा भी प्रदान करेगा। माई ई-हाट का उद्देश्य शिल्प-आधारित उद्यमों के लिए स्थायी बनने और भारतीय हस्तशिल्प क्षेत्र को मजबूत करने के लिए एक परिवेश का निर्माण करना भी है।

डॉ. निधि पुंढीर, उपाध्यक्ष एवं निदेशक, एच.सी.एल. फाउंडेशन का उद्धरण।

“हम माई ई-हाट डिस्प्ले सेंटर के शुभारंभ की घोषणा करते हुए खुश हैं और उन सभी कारीगरों को हार्दिक बधाई देते हैं जो अपने उत्पादों को प्रदर्शित कर रहे हैं। उन्हें इन पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों का निर्माण करते हुए देखकर खुशी हो रही है, जिसका उपयोग करने के लिए हर कोई उत्सुक रहता है। माई ई-हाट का यह प्रयास कला और संस्कृति को बढ़ावा देने में मदद करेगा और महिलाओं के बीच सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता स्थापित करने में मदद करेगा। हम एच.सी.एल. फाउंडेशन में, सामाजिक सुरक्षा को अपनी योजनाओं में सर्वोपरि रखते हैं। हम आत्मानिर्भर भारत के विजन में योगदान देने के लिए और अधिक महिला उद्यमियों और कारीगरों का एच.सी.एल. फाउंडेशन के साथ मिलकर काम करने के लिए स्वागत करना चाहते हैं।”


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