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द्वितीय स्वरूप माता ब्रह्मचारिणी


करपद्माभ्यामक्षालाकमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि, ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।

मां दुर्गा की नवशक्तियों का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी हैं यहां ब्रह्म शब्द का अर्थ तपस्या है। ब्रह्मचारिणी अर्थात् तप का अचारण करने वाली ब्रह्मचारिणी देवी का स्वरूप् पूर्ण ज्योतिर्मय एवं अत्यंत भव्य है। पूर्व जन्म में जब ये हिमालय के घर पुत्र रूप में उत्पन्न हुई थी, तब इन्होंने नारद के उपदेष से भगवान शंकरजी को प्राप्त करने के लिए अत्यंत कठिन तपस्या की थी। इसी तपस्या के कारण इन्हें तपश्चारिणी अर्थात ब्रह्मचारिणी नाम से अभिहित किया गया।


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