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भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में मुख्य आकर्षण का केंद्र है, ‘सरस’


  • आंध्रा का लड्डू और गोवा का ड्राई फ्रूट्स का लोग मेला में जमकर कर रहे खरीदारी….
  • अलग अलग चीजों से बने विभिन्न प्रकार के लड्डूओं से जी मचल जाए… पल्ली का लड्डू , मिलेट्स का लड्डू, बायोटीन लड्डू, मल्टीशीड प्रोटीन लड्डू…. 

 नई दिल्ली : भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में जहां सैकड़ों व्यापारिक कंपनियाँ और मंत्रालय व विभिन्न राज्यों के स्टाल लगे हैं वहीं प्रगति मैदान के बीचोंबीच हॉल नंबर सात में सरस आजीविका मेले की आबोहवा देखते ही बनती है। विशाल गेट, स्टालो की सजावट, शानदार थीम पवेलियन और सायंकाल को होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बदौलत सरस आजीविका मेला दर्शकों की पहली पसंद बन गया है। प्रगति मैदान में प्रवेश करते ही दर्शकों की पहली पसंद सरस का भ्रमण होता है। 24राज्यों की स्वयं सहायता समूहों की 300 महिलाएँ 150 के करीब स्टॉलों परदेश भर के ग्रामीण उत्पादों से मेले की रौनक़ बनाए हुए हैं।

सरस आजीविका मेला में जहां पारंपरिक कलाओं को देखने व खरीदने के लिए लोग आ रहे हैं, वहीं नेचुरल फूड भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। आंध्र प्रदेश के अनकापल्ली जिले से आई हुईं श्री दुर्गा एसएचजी ग्रुप की सुजाता श्रीनिवास जो कि अपनी एसएचजी ग्रुप की अध्यक्षा हैं, बताती हैं कि पिछले सात वर्षों से एसएचजी ग्रुप चलाती हैं जिनमें तकरीबन बीस महिलाएं हैं। उनके स्टॉल नंबर 91 पर आप को गुड़ से बने हुए विभिन्न प्रकार के लड्डू मिल जाएंगे जिसमें कि तील का लड्डू, पल्ली का लड्डू (पीनट), मिलेट्स का लड्डू, उड़द दाल के लड्डू, कुलथी का लड्डू, रागी का लड्डू, बायोटीन लड्डू, मल्टीशीड प्रोटीन लड्डू, नारियल का लड्डू, फ्लैक सीड्स का लड्डू, अंजीर ड्राईफ्रूट लड्डू, गोंद का लड्डू आपको इस स्टॉल पर मिल जाएंगे। वहीं, गुड़ से बने हुए आचार भी लोगों को काफी लुभा रहा है। यहां आप को80रुपये से लेकर300रुपये तक के सामान मिल जाएंगे।

वहीं, साउथ गोवा की पोंडा तालुका से पहली बार आईं हुई निशा विष्णु दास फड़ते गावकर बताती हैं कि वह पहली बार इस मेले में आई हैं। नवदुर्गा एसएचजी ग्रुप की मेंबर निशा बताती हैं कि उसने अपने पति को दिखाने के लिए यह काम शुरू किया था, 50हजार रुपये लोन लेकर पहली बार 2015 में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी और पहले तो गोवा के ही आस पास के जगहों पर घर घर जाकर सामान बेचना शुरू किया बाद में अपना दुकान खोला और आज वो यहां आकर बहुत ही खुश हैं। उनके इस खुशी का कारण उनके पति विष्णु दास का भी साथ आना और काम में सहयोग करना है। निशा के स्टॉल नंबर 89पर आप कोकाजू साल्टेड, रोस्टेड, छिलके वाला काजू, पोटैटो चिप्स, चकड़ी आदि मिल जाएंगे। यहां आप को 50रुपये से लेकर650रुपये तक के सामान उपलब्ध हैं।

ज्ञात हो कि दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित 41वें विश्व व्यापार मेले में एक बार फिर परंपरा, क्राफ्ट,कला एवं संस्कृति से सराबोर “वोकल फॉर लोकल, लोकल टू ग्लोबलथीम के साथ, 14नवंबर से  27नवंबर  तक  प्रसिद्ध सरस आजीविका मेला 2022 का आयोजन कियाजारहाहै।केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय और राष्ट्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर) द्वारा आयोजित इस सरस आजीविका मेला2022 में ग्रामीण भारत की शिल्पकलाओं का  मुख्य रूप से प्रदर्शन किया जा रहा है।14नवंबर से27नवंबर तक चलने वाले इस उत्सव में 300 के करीब म हिलाशिल्पकलाकार, 150 के करीबस्टॉलों पर अपनी अपनी उत्कृष्टप्रदर्शनी का प्रदर्शन करेंगे।

सरस आजीविका मेला 2022 में कुछ उत्कृष्ट प्रदर्शन जो विभिन्न राज्यों से हैं वो इस प्रकार हैं – अंडमान एंड निकोबार से बैंबू प्रोडक्ट,  अरुणाचल प्रदेश से पारंपरिक कपड़े, बैंबू प्रोडक्ट्स, आसाम से असामीज कपड़े के मेटेरियल, वाटर हायसिन्थ प्रोडक्ट्स, केन एंड बैंबू प्रोडक्ट्स, आंध्रप्रदेश से साउथ इंडियन पिकल, तेल, हर्बल हनी, वुडेन हेंडीक्राफ्ट, साड़ी और सॉफ्ट खिलौने आदि रहेंगे। बिहार से मधुबनी पेंटिंग, सिल्क साड़ी, सोलर टार्च, लाह की चूड़ियां और प्राकृतिक शहद रहेंगे। छत्तीसगढ़ से कॉटन सूट, फुलकारी सूट, सिल्क साड़ी, मेटल आर्ट, बेल मेटल, ड्राई फ्रूट्स और स्नैक्स, पापड़, आम के अचार और हल्दी पाउडर वहीं, गुजरात से मिस्लेनियस हेंडलूम आइटम, सिल्क साड़ी, दुपट्टा, बेल मेटल, गारलेंड्स, वुडेन हेंडीक्राफ्ट, पैटचित्रा के साथ साथ बेड डेकोरेटिव आइटम रहेंगे। जबकि गोवा से कुची हेंडीक्राफ्ट्स और स्नैक्स रहेंगे। हरियाणा से कॉटन सूट, साड़ी, दुपट्टा, टेराकोटा आइटम, क्लाउथ मेटेरियल, ड्रेस मेटेरियल, ज्वेलड़ी, स्नैक्स में मशहूर महुआ लड्डू। हिमाचल प्रदेश से मिस्लेनियस हेंडलुम आइटम, साक्स, हेंडबैग, साबुन वहीं, जम्मु कश्मीर से गोल्डन ग्रास प्रोडक्ट, कुची हेंडीक्राफ्ट, क्लाउथ मेटेरियल आदि।

झारखंड से ट्राइबल ज्वेलरी, हनी, मिक्स अचार, दाल, आम के अचार, फ्लोर, आर्गेनिक वेजीटेबल और मशाले, चावल, दाल, साबुन के साथ ही स्नैक्स में हाथ के बनाए हुए चॉकलेट मशहूर रहेंगे। कर्नाटका से वुडेन खिलौने, पेपर, कॉफी पाउडर, कार्डामॉम क्लाउथ मेटेरियल, हनी,मिक्सड पीकल, जैगरी, पेंटिंग, वुडेन हेंडीक्राफ्ट. साथ ही केरला से कोकोनट ऑयल, कार्डामॉम,पेपर, मिस्लेनियस हेंडलुम आइटम, बनाना चिप्स, स्नैक्स, हेडमेड चॉकलेट, मशाले, क्ले डेकोरेटिव आइटम। लद्दाख से ड्राई फ्रूट्स, हेंड एमब्रोडरी वर्क, कार्पेट, लेदर पर्स और तेल। मध्य प्रदेश से मिस्लेनियस हेंडलुम आइटम, चंधेरी साड़ी, जैगरी, बैंबू प्रोडक्ट, दुपट्टा, गोंद, डेकोरेटिव आइटम। महाराष्ट्र से एमब्रोडरी ड्रेस, वुडेन खिलौने, लेमन पिकल। मणीपुर से वाटर हायसिन्थ प्रोडक्ट, मिजोरम से कड़ी पाउडर, ब्लैक पेपड़, नागालैंड से बासकेट, सैंडल, ट्राइबल ज्वेलरी, ओडिशा से सबाई हेंडीक्राफ्ट, काश ग्रास, तासर साड़ी, पंजाब से जूट बैग, कुशा मैट्स, कुची हेंडीक्राफ्ट, वुलेन जैकट। पुडुचेड़ी से बेड्स ज्वेलड़ी, इमीटेशन ज्वेलड़ी।

राजस्थान से ब्लॉक प्रिंटेड बेडसीट, आर्टीफैक्ट्स और आयरन टुल्स प्रोडक्ट, तमिलनाडु के पारंपरिक कपड़े और स्पेशल साड़ी आदि। तेलंगाना से स्पेशल साड़ी, त्रिपुड़ा के पारंपरिक कपड़े। उत्तराखंड के आर्गेनिक दालें, ग्रास बॉक्स, टेराकोटा आइटम, ब्लॉक प्रिंटेड बेडशीट, आयरन टुल्स प्रोडक्ट। उत्तर प्रदेश से हेंड एमब्रोडरी वर्क, पॉटरी वर्क, स्टोल, डिजायनर बेडशीट, शिल्क साड़ी, मेटल डेकोरेटिव आयटम। वेस्ट बंगाल से होम डेकोर प्रोडक्ट, बैंगल, ज्वेलड़ी, कांथा स्टीच आदि हैं।

इसके साथ ही प्राकृतिक खाद्य पदार्थ भी फूडस्टाल पर मौजूद हैं, प्राकृतिक खाद्यपदार्थों के रूप मेंअदरक, चाय, दाल,कॉफी, पापड़, एपल जैम और अचार आदि उपलब्धर हेंगे।

सरस आजीविका मेला के दौरान देश भर के 24राज्यों के हजारों उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री होगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा यह एक मुहिम की शुरुआत की गई है जिससे कि हमारे देश के हस्तशिल्पियों और हस्तकारों को कोरोना के बाद एक बार फिर से अपनी रोजगार शुरु करने का मौका मिल सके।


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